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एटा में मंदिर निर्माण के दौरान करंट लगने से मजदूर की मौत

June 2, 2026

एटा में मंदिर निर्माण के दौरान करंट लगने से मजदूर की मौत

Posted on 02.06.2026, Time 10.44 PM

एटा 02 जून उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में मंगलवार सुबह मंदिर निर्माण कार्य के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।

बिजोरा गांव निवासी विश्वजीत (35) गांव में चल रहे एक मंदिर निर्माण कार्य में लगा हुआ था। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट मे आ गया और वह गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उसे एटा जिला मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक के दोस्त अजीत ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान अचानक हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से यह हादसा हुआ। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और साथ आए लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद परिजन शव को अपने साथ घर ले गए। पुलिस मामले की आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है।

June 1, 2026

एटा में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला को मारी गोली

गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर

एटा 01 जून उप्रससे। जिले के जसरथपुर थाना क्षेत्र के दहेलिया पूठ गांव में सोमवार की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली एक महिला को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद महिला ने दो हमलावरों को पहचानने का दावा किया है। पुलिस ने घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज पहुंचाया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

घायल महिला साधना मिश्रा (40) पत्नी राजेश मिश्रा ने बताया कि वह रोज की तरह सोमवार को भी सुबह टहलने निकली थीं। गांव के सचिवालय के पास पहुंचने पर एक गाड़ी आकर रुकी, जिसमें से तीन-चार लोग उतरे और उनका पीछा करने लगे। कुछ दूरी पर पांच-छह अन्य लोग भी दिखाई दिए। जब पीछे मुड़कर देखा तो दो लोगों को पहचान लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने उन्हें पकड़ लिया और फिर गोली चला दी। उन्होंने एक मोटे व्यक्ति का नाम बल्लू और दूसरे पतले व्यक्ति का नाम गुलबहार बताया।

थाना जसरथपुर के थानाध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि आज सुबह करीब 5:10 बजे डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्तियों ने एक महिला को गोली मारकर घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को उपचार के लिए सीएचसी अलीगंज भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। फिलहाल अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

सीएचसी अलीगंज के चिकित्सा अधिकारी डॉ. शक्ति मीणा ने बताया कि सुबह करीब 5:40 बजे पुलिस द्वारा एक घायल महिला को अस्पताल लाया गया था। महिला के शरीर पर गोली लगने जैसे घाव पाए गए, जिससे यह मामला गन शॉट का प्रतीत हुआ। प्राथमिक उपचार देने के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

May 22, 2026

एटा में युवतियों ने पुलिसकर्मियों पर पीछा करने और अभद्रता का आरोप लगाते हुए सड़क पर किया बवाल

एटा 22 मई उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में युवतियों ने पुलिसकर्मियों पर पीछा करने और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। सड़क पर हंगामे के बाद मामले ने तूल पकड़ लिय।

शहर के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में गुरुवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब स्कूटी से घर लौट रही दो युवतियों ने कार सवार पुलिसकर्मियों पर पीछा करने, टक्कर मारने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए जीटी रोड पर हंगामा कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है।

जानकारी के मुताबिक दोनों युवतियां रोडवेज बस स्टैंड से स्कूटी द्वारा अपने घर जा रही थीं। तभी पीछे से आ रही एक कार लगातार हॉर्न बजाते हुए उनका पीछा कर रही थी। युवतियों ने रास्ता खाली होने पर आगे निकल जाने की बात कही, लेकिन कार सवार युवक लगातार उनके पीछे चलते रहे। आरोप है कि वी-मार्ट के पास कार ने स्कूटी में टक्कर मार दी, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।
युवतियों का आरोप है कि कार सवार लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उन्हें धमकाया और अभद्रता की। इसी दौरान एक युवती ने कथित तौर पर एक अधेड़ व्यक्ति का पुलिस पहचान पत्र छीन लिया। पहचान पत्र में नाम धर्मेन्द्र सिंह बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर काफी देर तक बहस और हंगामा चलता रहा। राहगीरों की भीड़ जमा हो गई और लोगों ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई।

बताया जा रहा है कि कार में सवार लोगों में सब इंस्पेक्टर राहुल वालियान और हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र सिंह शामिल थे, जो एटा में ही तैनात हैं। सूचना पर पहुंची कोतवाली नगर पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। वहीं पीड़िता द्वारा शराब पीकर ड्राइविंग करने व छेड़छाड़ कर अभद्रता करने वाले पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने और गाड़ी सीज करने की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर प्रेमपाल सिंह ने घटना की जांच कर कार्रवाई किये जाने की बात कही है।

वर्जन
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय ने कहा कि फिलहाल पीड़ित पक्ष द्वारा कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

एटा में ट्यूबवेल के कमरे में फंदे से लटका मिला युवक का शव

एटा 22 मई उप्रससे। जनपद में जलेसर कोतवाली क्षेत्र के गांव क्यार के बाहर एक ट्यूबवेल के कमरे में 26 वर्षीय युवक दिनेश का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह और जलेसर थाना प्रभारी संजय राघव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमों को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। फिलहाल युवक की मौत को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और यह रहस्य बना हुआ है कि उसने यह कदम क्यों उठाया।

मृतक के भाई ने बताया कि दिनेश खेत पर पानी भरने गया था और उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है।

क्षेत्राधिकारी जलेसर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का कारण स्पष्ट हो पाएगा।

May 20, 2026

भारतीय संग्रहालय: इतिहास, संस्कृति और ज्ञान संरक्षण के केन्द्र – डाॅ० राकेश सक्सेना

Rakesh Saxena

एटा 20 मई उप्रससे। संग्रहालय ऐसी इमारतें या संस्थाएँ हैं जिनमें विविध कलात्मक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, पारम्परिक और वैज्ञानिक वस्तुओं को रखकर दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाता है और यह बताया जाता है कि समय के साथ मानवता अपने परिवेश में कैसे जीवित रही है। ये हमारी विरासत के प्रचार और सोच-समझ को बढ़ाने में सहायता प्रदान करते हैं। इन संग्रहालयों को इतिहास का भंडार, सभ्यता की स्मृति तथा ज्ञान का जीवंत केन्द्र कहा जाता है। भारत विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। यहाँ सिन्धु घाटी की सभ्यता से लेकर वैदिक, मौर्य, गुप्तकालीन, मुगल आदि समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराएँ रहीं हैं। इस धरोहर को सुरक्षित रखने में संग्रहालयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत में इस संग्रहण परम्परा के केन्द्र राजदरबार, किले, मंदिर-मठ, नालंदा, तक्षशिला आदि होते थे किन्तु पुरातत्व विषय अवशेषों को संग्रहित करने की सबसे पहले 1796 ई० में आवश्यकता महसूस की गई जब बंगाल की एशियाटिक सोसाइटी ने पुरातत्वीय, नृजातीय, भूवैज्ञानिक, प्राणिविज्ञान दृष्टि से महत्व रखने वाले विशाल संग्रह को एक स्थान पर एकत्र करने की आवश्यकता महसूस की। यह पहला संग्रहालय 1814 ई० में प्रारम्भ किया गया तदन्तर अनेक राज्यों में इनकी स्थापना हुई।
भारत में ये संग्रहालय पुरातात्विक, कला, विज्ञान, लोक एवं जनजातीय, स्मारक, प्राकृतिक आदि विभिन्न विषयों पर स्थापित किए गए हैं। दिल्ली, सारनाथ, मथुरा के राष्ट्रीय संग्रहालयों में प्राचीन सभ्यताओं, मूर्तियों, सिक्कों व शिलालेखों के संरक्षण, सालारजंग, राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालयों में चित्रकला, मूर्तिकला, वस्त्रकला, आधुनिक कला को, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, नेहरू विज्ञान केन्द्र मुम्बई में विज्ञान व तकनीक को, शिल्प संग्रहालय दिल्ली, जनजातीय संग्रहालय भोपाल में लोक संस्कृति, जनजातीय जीवन आदि परम्पराओं को सुरक्षित रखने हेतु स्थापना हुई। इसी भाँति गाँधी स्मृति, नेता जी संग्रहालय दिल्ली में महापुरुषों व ऐतिहासिक घटनाओं के लिए बनाए गए,जिनमें उपलब्ध सामग्री अनुसंधान व अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है। भारत के स्थापित इन संग्रहालयों में रखी मोहन जोदड़ो की नृत्यांगना प्रतिमा, अशोक स्तंभ, बुद्ध की प्राचीन मूर्तियाँ, मुगलकालीन चित्रकला, राजस्थानी लघुचित्र, प्राचीन सिक्के, ताड़पत्र पांडुलिपियाँ , जनजातीय कलाकृतियाँ आदि धरोहर भारत जैसे गौरवशाली देश के अतीत की साक्षी हैं। आज की आधुनिक तकनीक में अनेक संग्रहालय अपनी सामग्री को डिजिटल रूप में उपलब्ध करा रहे हैं। इन संग्रहालयों के समक्ष वित्तीय अभाव, तकनीक सुविधाओं का न होना, प्रशिक्षित कर्मचारियों का अभाव एवं आम जनमानस में मनोरंजन स्थलों की अपेक्षा संग्रहालयों में कम रुचि लेने जैसी आज भी अनेक चुनौतियाँ हैं, जिनकी ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।
सारत: भारतीय संग्रहालय इतिहास, संस्कृति और ज्ञान संरक्षण के महत्वपूर्ण केन्द्र हैं। ये समाज को उसकी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं तथा ये शिक्षा,अनुसंधान, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक संवाद के सशक्त माध्यम भी हैं। आज के युग में जब वैश्वीकरण और तकनीक परिवर्तन के कारण सांस्कृतिक मूल्यों पर संकट उत्पन्न हो रहा है तब अपनी धरोहर और विरासत को सुरक्षित रखने व सशक्त बनाने की हम सभी की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है।

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