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एटा में भाकियू ने भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना देकर तहसील परिसर में किया प्रदर्शन

May 1, 2026

एटा में भाकियू ने भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना देकर तहसील परिसर में किया प्रदर्शन

एटा 30 अप्रैल उप्रससे। जनपद के जलेसर में भारतीय किसान यूनियन किसान ने तहसील परिसर में भ्रष्टाचार और विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन ठाकुर के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

धरना प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से तहसील प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया रहा। यूनियन ने आरोप लगाया कि लेखपाल हरिओम ने पीड़ित भानु शाह से ‘फोन पे’ के माध्यम से 20,000 रुपये की रिश्वत ली। इसके अतिरिक्त, बाबू रविन्द्र कुमार के 3,500 रुपये के लेनदेन का ऑडियो वायरल होने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर भी आक्रोश व्यक्त किया गया। किसानों ने निजी स्कूलों में मनमानी फीस रोकने और एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की। उन्होंने बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे ओवरलोड ट्रकों पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की। बिजली विभाग से संबंधित मांगों में स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड से बदलकर पुनः पोस्टपेड करने पर जोर दिया। साथ ही, ब्लॉकों में फर्जी फर्म बनाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की कड़ी जांच की मांग की गई। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी जलेसर और उपखण्ड अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की सभी मांगों को सुना और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर शीघ्र दंडात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद किसान संगठन ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन ठाकुर, प्रत्येन्द्र शाह, दीपक चौहान, हरिओम मिश्रा, विपिन कुमार, मोनू गौतम, सत्येन्द्र सिंह, गवेन्द्र पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पवन ठाकुर ने कहा, “भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जल्द ही भ्रष्ट लेखपाल और बाबू पर कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।”

April 28, 2026

एटा में बिजली कटौती को लेकर किसानों ने अलीगंज उपकेंद्र घेरा

अधिकारी ने दिया आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया

एटा 28 अप्रैल उप्रससे। जनपद की अलीगंज तहसील क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने और लो वोल्टेज की समस्या से हजारों बीघा फसलें सूखने से नाराज किसानों ने नारेबाजी कर अलीगंज देहात स्थित विद्युत उपकेंद्र पर दर्जनों किसानों ने घेराव किया। साथ ही लो वोल्टेज की और आपूर्ति सुचारू करने की भी मांग उठाई।

अलीगंज स्थित विद्युत उपकेंद्र पर किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर पहुंचे और बिजली घर का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया। यह विरोध ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही विद्युत कटौती और कम वोल्टेज के कारण उत्पन्न हुई समस्याओं को लेकर था। इन दिनों मक्का, मूंगफली और मूंग जैसी फसलें तैयार खड़ी हैं, जिन्हें पानी की अत्यधिक आवश्यकता है। भीषण गर्मी और लू के कारण ये फसलें सूखने की कगार पर हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। किसानों ने पहले बेमौसम बारिश से गेहूं की फसलें गंवाई थीं, अब बिजली संकट से दूसरी फसलों पर खतरा मंडरा रहा है। अलीगंज विकास खंड क्षेत्र के गुनामई, नगला भग्गू, नगला अचल, पलरा और फर्दपुरा सहित कई गांवों के किसान इस समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों के पहुंचने की सूचना मिलते ही उपकेंद्र अधिकारी अलीगंज मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाया बुझाया और जल्द ही विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन दिया।

गुनामई गांव निवासी पंकज लोधी ने बताया कि उनके गांव में बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है, जिससे फसलें सूख रही हैं। मुश्किल से दो घंटे बिजली मिलती है, वह भी कम वोल्टेज पर, जिससे नलकूप और ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं।

उपकेंद्र अधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि गर्मी के कारण पावर हाउस पर लोड काफी बढ़ गया है। ट्रांसमिशन से भी कम वोल्टेज मिल रहा है, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है और जल्द ही समस्या का समाधान कर विद्युत आपूर्ति सुचारू की जाएगी।

घेराव करने वालो के शेरसिंह शिवचरण, प्रमोद, प्रदीप कुमार साधू सिंह, अरविंद कुमार शिवराम, रामनरेश, विजेंद्र सिंह केशव सिंह सत्यराम, राजूपाल, विजेंद्र सिंह पंकज परसादीलाल सहित दर्जनों की संख्या में किसान मौजूद रहे हैं

April 27, 2026

एटा में खेत में शौच करने गई किशोरी से दुष्कर्म, आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

एटा 27 अप्रैल उप्रससे। जनपद में अलीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में खेत में शौच करने गई किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। गांव के ही एक युवक पर यह आरोप लगा है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

पीड़िता का काल्पनिक नाम जमालो खेत में शौच के लिए गई थी। तभी गांव के ही आरोपी शिवम गुप्ता पुत्र संतोष गुप्ता ने उसे अकेला देखकर खेत में खींच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर भागी और उसने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई।

अलीगंज थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता के भाई की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दविश दी जा रही हैं।

April 26, 2026

बिना पंजीकरण चल रहे स्विमिंग पूल

एटा 25 अप्रैल उप्रससे। जनपद में गर्मी शुरू होते ही स्विमिंग पूलों का कारोबार तेजी से फल-फूलने लगा है। इन स्विमिंग पूलों की चमक-दमक के पीछे लापरवाही की एक चिंताजनक तस्वीर छिपी है। कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में कई स्विमिंग पूल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं।

कूल कारोवार में न सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, न साफ-सफाई के मानक और न ही संचालन के लिए आवश्यक नियमों का पालन। ऐसे में गर्मी से राहत की तलाश में पहुंच रहे बच्चे, युवा और परिवार अनजाने में अपनी सेहत और सुरक्षा को जोखिम में डाल रहे हैं।
मारहरा कस्बे में कई स्विमिंग पूल बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित किए जा रहे हैं। नियमों को दरकिनार कर चल रहे इन पूलों पर प्रशासनिक निगरानी की कमी साफ दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग की अनदेखी के चलते यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है।

गर्मी से राहत पाने को पूलों पर उमड़ रही जनमानस की भीड़

भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए इन दिनों स्विमिंग पूलों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। खासकर एटा नगर में, मारहरा-मिरहची मार्ग, हनुमान चौक-कचौरा मार्ग और पिदोरा मार्ग पर स्थित पूलों में बच्चों और युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। छुट्टियों के चलते परिवार भी बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं।
इन पूलों में सुरक्षा के नाम पर स्थिति बेहद चिंताजनक है। अधिकांश स्थानों पर प्रशिक्षित लाइफगार्ड की व्यवस्था नहीं है। न तो आपातकालीन बचाव उपकरण उपलब्ध हैं और न ही दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था। बच्चों के लिए अलग सुरक्षा प्रोटोकॉल भी नजर नहीं आते।

लोगों का कहना है कि कई स्विमिंग पूलों में पानी की नियमित जांच और दैनिक साफ-सफाई नहीं की जा रही है। पानी की गुणवत्ता खराब होने से त्वचा रोग, आंखों में संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी ऐसे पूलों के उपयोग में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

चिंता जताते हुए रसीदपुर माफी गांव निवासी अवधेश शर्मा ने कहा कि स्विमिंग पूल मनोरंजन और राहत का अच्छा साधन हैं, लेकिन सुरक्षा और स्वच्छता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि पूलों में साफ-सफाई, सुरक्षा मानकों और संचालन नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

वर्जन
उप जिला क्रीड़ा अधिकारी पूजा भट्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा है कि अवैध रूप से संचालित सभी स्विमिंग पूलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आर्ष गुरुकुल स्थापना दिवस: नवीन छात्रावास की सार्थक पहल – डाॅ०राकेश सक्सेना

Rakesh Saxena

एटा 25 अप्रैल उप्रससे। गंगा-यमुना की अंतर्वेदी में स्थित एटा जनपद सदियों से ऐतिहासिक, पौराणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक व साहित्यिक गाथा को अपने अंदर समाहित किए हुए है। अनेक राजवंशों का उत्थान-पतन हो या मुगल काल के आरम्भिक वर्षों में वल्लभाचार्य, विट्ठलनाथ, गोकुलनाथ, महात्मा बुद्ध, दयानंद सरस्वती, स्वामी विरजानंद दण्डी का आगमन। प्रख्यात साहित्यकारों की जन्मस्थली हो या मराठों का प्रवेश आदि अनेक घटनाओं से इस जनपद की विशिष्ट पहचान रही है। सन् 1852 ई० के अंत में मि०एफ०ओ० मेनी डिप्टी कलेक्टर तथा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पटियाली के स्थान पर एटा मुख्यालय को जिला बनाया था। इस मुख्यालय पर कैलाश मंदिर व आर्ष गुरुकुल मुख्य आकर्षण के केन्द्र बिन्दु हैं। संवत् 2005 सन् 1948 ई० में आर्य जगत के सुप्रसिद्ध विद्वान स्वामी ब्रह्मानंद दण्डी महाराज ने यहाँ पर ‘ चतुर्वेद ब्रह्म पारायण यज्ञ ‘ आयोजित किया था। यज्ञ के अवसर पर गुरुकुल की इस पुण्यभूमि पर तीन विशाल यज्ञशालाओं तथा 108 यज्ञकुण्डों का निर्माण कराया गया था और चौदह दिनों तक यज्ञ कर्म चलता रहा। वेदध्वनि अनवरत गूँजती रहे, भारतीय संस्कृति रक्षित रहे, इस भाव को साकार रूप देने के लिए स्वामी ब्रह्मानंद दण्डी महाराज ने वैशाख शुक्ल 2 संवत् 2005 ( 26 अप्रैल 1948ई० ) को इसी पुण्य भूमि पर आर्ष गुरुकुल की स्थापना कर दी थी।
‘ आर्ष ‘ शब्द ऋषि से व्युत्पन्न है , जिसका अर्थ है– ऋषियों से प्राप्त या ऋषियों द्वारा स्थापित। अत: आर्ष गुरुकुल का आशय ऐसी शिक्षा प्रणाली से है जो वेदों,उपनिषदों और ऋषि परम्परा पर आधारित हो। इस प्रकार यहाँ की शिक्षा वैदिक ज्ञान के प्रचार के साथ भारतीय संस्कृति का संरक्षण करते हुए नैतिक और चरित्रवान नागरिकों का निर्माण कर रही है। इसके विकास में आचार्यों और विद्वानों का अभूतपूर्व योगदान रहा है। इन आचार्यों ने वैदिक शिक्षा को जीवित रखा, छात्रों में संस्कारों का विकास तथा समाज में नैतिकता का संदेश दिया है। यहाँ का छात्र वेद, छन्द, ज्योतिष, निरुक्त का अध्ययन करके वैदिक धर्म का प्रचार करता है। इस संस्था में अध्ययनरत छात्र का जीवन जटा, शिखा धारण कर अत्यन्त अनुशासित और सादगीपूर्ण होता है। वे स्वयं दैनिक कार्य करते हैं, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता का विकास होता है।
आज जब पाश्चात्य शिक्षा प्रणाली का प्रभाव बढ़ रहा है तब इस गुरुकुल के वर्तमान प्रधान योगराज अरोड़ा के अथक श्रम व योगदान की सराहना करनी होगी, जिन्होंने महात्मा प्रभु आश्रित छात्रावास का निर्माण करवाकर 26 अप्रैल 2026 गुरुकुल स्थापना दिवस पर इसका विधिवत उद्घाटन कराने का निर्णय लिया है। गुरुकुल का हरा-भरा रमणीक वातावरण, व्यवस्थित छात्रावास, आचार्य, ब्रह्मचारी, आश्रम व्यवस्था गुरुकुल की संरचना को समयानुकूल ढालने का प्रशंसनीय रचनात्मक प्रयास है। आर्ष गुरुकुल जैसे संस्थानों की आज के समय में विशेष आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति और वैदिक परम्परा के इस जीवंत केन्द्र को यदि इसी भाँति उचित संसाधन और समर्थन प्राप्त होता रहे तो भारतीय संस्कृति के संरक्षण में, युवाओं को नैतिक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में आर्ष गुरुकुल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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