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एटा में कृषि भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा व्यक्ति

May 20, 2026

एटा में कृषि भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा व्यक्ति

, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

एटा 20 मई उप्रससे। जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर एक व्यक्ति अपनी कृषि भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है। पीड़ित का आरोप है कि प्रशासन ने उसकी पूर्व की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

फिरोजाबाद जिले के जोधपुर गांव निवासी उमेश कुमार (38 वर्ष) पुत्र भूरे सिंह ने अपनी कृषि भूमि पर अवैध कब्जा और जबरन फसल काटने का आरोप लगाया है। यह भूमि एटा जिले की मुजफ्फरपुर हिरौती, परगना एटा सकीट, तहसील एवं जिला एटा में स्थित है। उमेश कुमार ने कहा है कि वह इस भूमि का असली स्वामी है और राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि का समतलीकरण भी कराया और अपने खेत में गेहूं की फसल बोई थी। कुछ लोगों ने खेत में घुसकर जबरन गेहूं की फसल काट ली।

इस मामले में प्रवीन पुत्र लज्जाराम, पिंकी पत्नी प्रवीन, हरदेवी पत्नी लज्जाराम (निवासी शीतलपुर, थाना कोतवाली नगर एटा) तथा सचिन पुत्र रायसिंह और संदेश पुत्र रायसिंह (निवासी शाह आलमपुर) पर खेत पर कब्जा करने और फसल काटने का आरोप लगाया गया है।
उमेश कुमार का आरोप है कि उसने इस संबंध में जिलाधिकारी एटा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार एटा, क्षेत्राधिकारी सकीट और थाना मलावन प्रभारी सहित कई संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। विपक्षी लोग खेत को जबरन जोत रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि यदि जमीन उनके नाम नहीं की गई तो वे खेत नहीं छोड़ेंगे।
पीड़ित ने जिला प्रशासन से अवैध कब्जाधारियों को हटाकर उसे उसकी वैध भूमि का कब्जा दिलाने की मांग की है। उसने चेतावनी भी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह धरना जारी रखेगा। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

May 18, 2026

एटा में बंटवारे को लेकर हो रही पंचायत में चले लाठी-डंडे, तीन लोग घायल

एटा 18 मई उप्रससे। जनपद में अवागढ़ थाना क्षेत्र के नगला राजा गांव में हिस्सा बंटवारे को लेकर हो रही पंचायत के दौरान दो पक्षों में जमकर संघर्ष हो गया। इस दौरान लाठी-डंडे चले, जिसमें एक पक्ष के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

दोनों पक्ष एक ही परिवार के हैं और उनके बीच लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत के दौरान ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और बात मारपीट तक पहुंच गई।

मारपीट में घायल हुए लोगों में एक पक्ष से वीरेश 52 वर्ष पुत्र घनश्याम सिंह, देवराज सिंह 32 वर्ष पुत्र वीरेश और त्रिवेणी देवी 50 वर्ष पत्नी वीरेश शामिल हैं। इन सभी को गंभीर चोटें आई हैं।

घायल पक्ष के सदस्य विष्णु ने बताया कि उनके बीच जमीनी विवाद चल रहा था जिसको लेकर पंचायत हो रही थी, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। तीन लोगों को चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया है। गंभीर चोटों के कारण वे सीधे अस्पताल आए हैं और उपचार के बाद थाने जाकर पुलिस से शिकायत दर्ज कराएंगे।

अवागढ़ थाना प्रभारी अखिलेश दीक्षित ने बताया कि एक पक्ष से दो घायल लोग थाने पर आए थे। उनकी लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है।

May 15, 2026

एटा में विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान

एक साल पहले हुई थी शादी, मायके वालों ने हत्या का लगाया आरोप

एटा 15 मई उप्रससे। जनपद में मिरहची थाना क्षेत्र के गांव हजरतपुर एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले मुख्यालय भेजकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

मृतका के भाई रामू पुत्र भूदेव, निवासी भागपुर थाना बागवाला ने बताया कि 23 वर्षीय बहन राधा की शादी एक वर्ष पूर्व हजरतपुर थाना मिरहची निवासी सोनू के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार हिन्दू रीति-रिवाज के साथ की थी। और कहा मिरहची थानाध्यक्ष नीतू वर्मा को फोन कर बहन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना दी। उन्होंने हत्या किए जाने की आशंका जताई।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष नीतू वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ। सीओ संकल्पदीप कुशवाहा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। घटना के समय मृतका के परिवार के लोग भी मौके पर मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि पंचायतनामा की कार्रवाई मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराई जाएगी, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई है।

मृतका के भाई भूदेव ने बताया कि राधा ने गृह क्लेश के चलते आत्महत्या की है।
वहीं, थानाध्यक्ष नीतू वर्मा ने कहा कि अभी तक मायके पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर हत्या के आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एटा में सड़क किनारे खड़े युवक को ऑटो ने मारी टक्कर,

अस्पताल ले जाते समय हुई मौत

एटा 15 मई उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में शिकोहाबाद रोड पर सड़क हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक जितेंद्र फिरोजाबाद जिले के बार्थरा गांव का निवासी है। जितेंद्र ऑटो में बैठकर घर लौट रहा था। मुस्तफाबाद के पास ऑटो से उतरकर वह सड़क किनारे खड़ा था, तभी एक ऑटो ने उसे टक्कर मार दी। इस घटना में जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने तत्काल परिवार के सदस्यों को सूचना दी और जितेंद्र को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
जितेंद्र के भाई अंशुल ने बताया कि उनका भाई मौसी के घर से लौट रहा था। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर सभी परिवारीजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक जितेंद्र की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

कोतवाली नगर प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

चकबंदी प्रक्रिया रद्द करने की मांग

एटा में चकबंदी अनियमितता पर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से लगाई गुहार,

एटा 15 मई उप्रससे। जनपद में अखतौली गांव के सैकड़ों ग्रामीण शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने चकबंदी कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए लिखित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने चकबंदी अधिकारी और कर्मचारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए पूरी चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण नहीं किया, जबकि वास्तविक स्थिति जानने के लिए यह जरूरी था। और प्रभावित किसानों के बिना बयान किए गए पूरी जांच केवल अधूरे अभिलेखों के आधार पर पूरी कर दी गई।

ग्रामीणों ने लगाया प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा की गई अनियमितताओं को अप्रत्यक्ष रूप से सही ठहराने और उनका बचाव करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी को इस मामले में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। चकबंदी योजना के तहत प्रभावशाली लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसके लिए गरीब और कमजोर वर्ग के किसानों की सड़क किनारे स्थित तथा आबादी से लगी बेशकीमती मूल जोतों पर जानबूझकर चक प्रस्तावित किए गए। बंदोबस्त अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में प्रस्तावित चकबंदी योजना को त्रुटिपूर्ण मानते हुए सहायक चकबंदी अधिकारी को दोबारा चक निर्माण के लिए वापस भेजने का उल्लेख किया था। बावजूद इसके, रिपोर्ट के अंत में परिवाद को निस्तारित करने योग्य बताते हुए मामले को समाप्त करने का प्रयास किया गया, जिसे ग्रामीणों ने भ्रामक बताया।
जांच अधिकारी ने ग्राम प्रधान द्वारा पूर्व में चकबंदी समाप्त कराए जाने के तथ्य को भी दर्ज किया, लेकिन इस पर कोई आगे की कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा चकबंदी अधिकारी द्वारा तैयार और बंदोबस्त अधिकारी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पूरी तरह सतही, अस्पष्ट और अधूरी है। इसमें वास्तविक तथ्यों की अनदेखी की गई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है।

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