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जन्मदिवस पर उमडा जन सैलाब , गोप के वर्चस्व को और मजबूत कर गया

May 4, 2026

जन्मदिवस पर उमडा जन सैलाब , गोप के वर्चस्व को और मजबूत कर गया

2027 विधानसभा चुनाव में अरविंद सिंह गोप की होगी अहम भूमिका

Dileep Shrivastava Journalist
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी। जिस जोश,उत्साह व भव्यता के साथ जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप का जन्म दिवस सपाईयों द्वारा जश्न व उत्सव के रूप मे मनाया गया । उससे स्पष्ट संदेश जाता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव मे गोप की अहम व महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस कार्यक्रम को राजनीतिक पंडित शक्ति प्रदर्शन भी बताते हैं।
इसमें कोई शक नहीं कि जनपद में गोप जैसा लोकप्रिय, जनप्रिय एवं कुशल दोस्तों शुभचिन्तको के हर दुख सुख में खडा रहने वाला गोप जैसा कोई अन्य नेता नहीं है।
करीब तीन माह पूर्व पूर्व एमएलसी राजेश यादव द्वारा खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया जिसमें जनता के साथ ही प्रदेश के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया गया था। तथा खिचड़ी भोज के सहारे अपनी शक्ति प्रदेश नेतृत्व को दिखाने का प्रयास किया गया था।यह शक्ति प्रदर्शन बाराबंकी सदर सीट के टिकट के लिए बताया जाता है। राजनीतिक पंडितों का यह भी कहना है की राजेश यादव के भले सपा प्रमुख अखिलेश यादव से अच्छे संबंध हो किंतु वर्तमान तीन बार के विधायक सुरेश यादव का टिकट काटना सपा के लिए आसान नहीं होगा। बाकी राजनीति मे कुछ भी असंभव नहीं है।
जिले की सपा में क्या खिचड़ी पक रही है यह तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ही जाने किंतु जनपद में अरविंद सिंह गोप का जलवा बरकरार है तथा आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में उनकी अहम भूमिका होगी। जिले में विकास पुरुष स्वर्गीय बेनी प्रसाद वर्मा के निधन के बाद अरविंद सिंह गोप जिले मे सपा के सर्वमान्य नेता माने जाते हैं।
समाजवादी पार्टी में गोप का वर्चस्व व जलवा इसलिए भी कायम है कि तमाम दिक्कतों व समस्याओं के बाद भी कई राजनीतिक दलों के कुर्सी व पद के ऑफर के बाद भी उन्होंने सपा का दामन नहीं छोड़ा। उनका यह कहना कि जब तक जान है तब तक वह अखिलेश यादव के साथ है वह कभी भी अखिलेश यादव का साथ नहीं छोड़ेंगे यही उनकी पहचान है।

May 1, 2026

चुनौती: बाराबंकी को अतिक्रमण मुक्त,जाम से निजात दिलाना

नवागत जिलाधिकारी के सामने होगी बडी चुनौती
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी। शहर की सड़को पर दिन पर दिन बढ़ते जा रहे अवैध अतिक्रमण से प्रतिदिन आमजन परेशान व बेहाल है। किसके कारण प्रायः शहर की सड़कों पर जाम लगा रहता है, जिससे निजात दिलाना नवागत जिलाधिकारी की प्रथम चुनौती होगी।
रेलवे स्टेशन से घंटाघर, तहसील से रामनगर तिराहा, धनोखर चौराहे से सतरिख नाका, छाया से पीरबटन, कोतवाली से धनोखर तक दुकानदारों के सड़क तक अवैध कब्जे, सड़क तक दुकान का फैला सामान तथा सड़क पर खडी गाडियां जाम का प्रमुख कारण होती है।
यातायात व्यवस्था सुधार के लिए जिलाधिकारी का पैदल मार्च
शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारु एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने हाल ही पटेल तिराहा, पुराना बस स्टैंड, छाया चौराहा, नेबलेट चौराहा तथा धनोखर क्षेत्र सहित जाम प्रभावित स्थानों का पैदल स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यातायात अवरोध के कारणों, सड़क किनारे अतिक्रमण, ई-रिक्शा संचालन, वेंडिंग जोन की स्थिति तथा चौराहों पर यातायात दबाव की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख मार्गों पर पूर्व से लागू वन-वे व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराया जाए ।
छाया चौराहा एवं वेंडिंग जोन क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जाम प्रभावित क्षेत्रों में सड़क किनारे संचालित प्रतिष्ठानों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर यातायात सुधार के लिए व्यावहारिक एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अतिक्रमण नियंत्रण, यातायात संकेतकों, पार्किंग प्रबंधन एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े बिंदुओं पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कंपनी बाग चौराहे से छाया तक दर्जनों चिकित्सकों के क्लीनिक हॉस्पिटल तथा पैथोलॉजी संचालित होती है, किंतु किसी के पास वाहन पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण छोटे-बड़े सभी वहां सड़कों पर खड़े रहते हैं जिसके कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं शहर में करीब एक दर्जन से अधिक मैरिज लान, लाज एवं गेस्ट हाउस मौजूद है । सहालक के समय शादी विवाह एवं अन्य उत्सव के समय इन मैरिज लानो के वाहन सड़कों पर ही खड़े होते हैं, और आवागमन ठप कर देते क्योंकि इन लोगों के पास वाहन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर जाम से जूझता रहता और जिम्मेदार नगर पालिका प्रशासन व यातायात पुलिस कमीँ सब कुछ देख समझ कर भी अनदेखा कर देते हैं।
जिला प्रशासन के निर्देश पर कभी-कभार नगर पालिका प्रशासन शहर में अतिक्रमण अभियान चलता है जो मात्र खानापूरी ही साबित होता। क्योंकि नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई हमेशा गरीब ठेला,गुमटी वालों तक ही सीमित रहती है। बड़े दुकानदारों पर कार्रवाई करने से कटराती है। जिसके कारण अतिक्रमण जस का तस बना रहता है।
शहर मे जाम का दूसरा कारण ऑटो व बैटरी रिक्शा है जिनका कोई रूट निर्धारित न होने के कारण यह हर चौराहा, गली पर खड़े रहते। इन ऑटो बैटरी रिक्शा का कोई स्टैंड ना होने के कारण यह लोग जहां मन करता है वही अपना रिक्शा खड़ा कर देते हैं।
नवागत जिलाधिकारी से शहर का आम नागरिक मांग करता है कि शहर में वाहन पार्किंग स्थल का निर्माण कराया जाए, सड़कों पर दुकानदारों के अवैध कब्जे हटाए जाए, ऑटो व बैट्री रिक्शा वालों का रूट निर्धारित कर इनका स्टैंड बनवाया जाए। तथा शहर में स्थित सभी मैरिज लान, गेस्ट हाउस, चिकित्सकों के क्लीनिक, पैथोलॉजी,अल्ट्रासाउंड सेंटर,व लाजो को नोटिस देकर वाहन पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं । तभी शहर को जाम से निजात मिलेगी।

April 28, 2026

जिले की कमान जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने संभाली

बाराबंकी। मंगलवार को नवागत जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने जनपद की कमान संभाली है। उन्होने जनपद में 65वें जिलाधिकरी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। नवागत जिलाधिकारी 2017 बैच के आई0ए0एस0 अधिकारी है। इससे पहले वे विशेष सचिव, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन के पद पर तैनात थे।
जिले की कमान संभालने के पश्चात जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जनपद में सुशासन एवं पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि वह जनपद में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने, विकास कार्यों की गति तेज करने तथा शिकायतों के प्रभावी समाधान पर विशेष ध्यान देंगे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री अन्ना सुदन, अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह,अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजकुमार सिंह, एसडीएम नवाबगंज/जॉइंट मजिस्ट्रेट सुश्री गुंजिता अग्रवाल,वरिष्ठ कोषाधिकारी अमित सिंह सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

March 10, 2026

नोडल अधिकारी नीना शर्मा ने जनपद में विकास व स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा

निर्माणाधीन 50 सैया क्रिटिकल केयर अस्पताल का निरीक्षण, आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी की निदेशक एवं जनपद  की नोडल अधिकारी नीना शर्मा ने सोमवार को जनपद के विभिन्न स्थलों का एकदिवसीय निरीक्षण कर विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत जिला अस्पताल के पास बेगमगंज में निर्माणाधीन 50 शैय्या क्रिटिकल केयर अस्पताल से हुई। नोडल अधिकारी ने निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण करते हुए अस्पताल के सभी कमरों में आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक बेड तक ऑक्सीजन गैस की सुव्यवस्थित आपूर्ति के लिए पाइपलाइन व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा। साथ ही फायर सेफ्टी और जल निकासी से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उन्होंने जिला अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन गैस प्लांट का भी अवलोकन किया।  अस्पताल में भर्ती मरीजों और तीमारदारों से बातचीत कर उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी पर जोर
नोडल अधिकारी ने राजकीय कार्यालय परिसर में बने ट्रांजिट हॉस्टल तथा नवाबगंज विस्तारित क्षेत्र में निर्माणाधीन कल्याण मंडप का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता बनाए रखते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कल्याण मंडप परिसर में पेयजल गौ संरक्षण केंद्र और देवा सीएचसी का निरीक्षण
नोडल अधिकारी ने जहांगीराबाद स्थित बृहद गौ संरक्षण केंद्र (निबलेट) का भी निरीक्षण किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधिवत पूजन कर गौवंश को गुड़-चना खिलाया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से उन्होंने बरगद का पौधा भी रोपा। इसके बाद उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मुजीब पर का निरीक्षण किया। यहां बच्चों को दिए जा रहे भोजन व शिक्षण संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की और बच्चों से संवाद किया। यहां शिक्षकों से बातचीत के दौरान विद्यालय की शिक्षिका प्रियंका सिंह और रूबी प्रभाकर ने नोडल अधिकारी को अवगत कराया कि विद्यालय के पास स्थित फैक्ट्री से यहां का वातावरण दूषित है और सभी को तेज दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा का निरीक्षण कर ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने एक्स-रे रूम, वीएनबीएसयू वार्ड और परिसर में बने ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने देवा नगर पंचायत की पेयजल योजना का भी निरीक्षण किया।
इस  दौरान जिलाधिकारी  शशांक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सूदन, एडीएम  निरंकार सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सिरौलीगौसपुर  तेजस के, एसडीएम नवाबगंज  आनंद तिवारी, सीएमओ डॉ. अवधेश यादव, सहित संबधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

February 15, 2026

संस्थागत डिलीवरी कराए, गर्भावस्था के समय दवाओ से करे परहेज- डॉ आरती यादव (मनो चिकित्सक)

Dr Arti Yadav, Barabanki

डा आरती यादव से भरता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार दिलीप कुमार श्रीवास्तव

Posted on 15..02.2026 Sunday, Time 10.33 AM Barabanki, Dr Arti Yadav, Dilip Kumar Shrivastava

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या बहुत अधिक है और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की संख्या भी बड़ी है, इसलिए सीपी प्रभावित बच्चों की संख्या भी अन्य राज्यों की तुलना में अधिक होने की संभावना व्यक्त की जाती है।
सेरेब्रल पाल्सी (CP) बच्चों की संख्या में वृद्धि होने के कारण प्रतिदिन बाराबंकी जिला अस्पताल में स्थित मनो चिकित्सा विभाग की ओपीडी में 25 से 30 CP बच्चे इलाज के लिए आते हैं। शनिवार को हमारे संवाददाता दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने मनोचिकित्सक डॉ आरती यादव से सेरेब्रल पाल्सी CP बच्चों के बारे में वार्ता की और इसके कारण निवारण की को समझा उसी के कुछ अंश प्रस्तुत है। मनो चिकित्सक डॉ आरती यादव से जो पूछा गया कि सीपी बच्चों का जन्म किन कारणो से होता है, तो उन्होंने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी (CP) मुख्य रूप से जन्म से पहले, या तुरंत बाद मस्तिष्क के अविकसित रहने या क्षति पहुँचने के कारण होती है। प्रमुख कारणों में ऑक्सीजन की कमी, संक्रमण, समय से पहले जन्म, कम वजन, भ्रूण आघात और जेनेटिक म्यूटेशन ढशामिल हैं, जो बच्चे की हलचल और मांसपेशियों के नियंत्रण को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि मां को रूबेला, ज़ीका वायरस, या अन्य गंभीर संक्रमण होना.
मस्तिष्क का असामान्य विकास गर्भ में बच्चे के मस्तिष्क का सही से विकसित न हो पाना।
जेनेटिक उत्परिवर्तन में बदलाव जो मस्तिष्क विकास को रोकते हैं ।
जन्म के समय दम घुटना या ऑक्सीजन न पहुंचना, गर्भनाल गले में फंसना,डिलीवरी के दौरान मस्तिष्क में चोट लगना आदि कारण हो सकते है। मेनिन्जाइटिस या एन्सेफलाइटिस जैसे गंभीर इन्फेक्शन,शिशु के सिर में आघात, गिरने या दुर्घटना से चोट. मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बाधित होना.
मुख्य जोखिम कारण होते है।
समय से पहले पैदा हुए बच्चो का
जन्म के समय वजन 1.5 कि0ग्रा से कम होना.गर्भ मे एक से अधिक बच्चो का होना CP का कारण हो सकता।
डॉक्टर यादव बताती है कि सीपी का कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होता और कई मामलों में यह जन्मजात मस्तिष्क विकृतियों से जुड़ा होता है।
जब उनसे पूछा गया की क्या सावधानी बरती जाए कि CP बच्चों का जन्म रोका जा सके। तो उन्होंने बताया कि संस्थागत डिलीवरी ही कराई जाए,गर्भावस्था में बिना चिकित्सक की सलाह के किसी भी दवा का प्रयोग न किया जाए, गर्भावस्था में अगर मां को तेज बुखार आ रहा है साथ ही शरीर में दाने निकले हुए हैं तो तत्काल डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। जिन माताओ गर्भावस्था के समय थायराइड या शुगर की समस्या होती है, उन्हें सेरेब्रल बच्चे होने की संभावनाएं अधिक होती है।
डॉ आरती यादव रहती हैं कि सेरेब्रल बच्चों को दवाओ से अधिक योगा ,सर्जरी तथा फिजियोथैरेपी की आवश्यकता होती है जिससे तमाम बच्चे चलने,समझने, अपना कार्य स्वयं करने में सक्षम पाए जाते हैं।
ऐसे बच्चों को पारिवारिक, सामाजिक प्यार सम्मान तथा देख-रेख की अत्यधिक आवश्यकता होती है। और अब तो सरकार भी इन बच्चों पर अधिक ध्यान दे रही है, इनके इलाज की समुचित व्यवस्था के साथ ही इन्हें समझ में जोड़ने के लिए कई योजना चल रही है।

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