नवागत जिलाधिकारी के सामने होगी बडी चुनौती
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी। शहर की सड़को पर दिन पर दिन बढ़ते जा रहे अवैध अतिक्रमण से प्रतिदिन आमजन परेशान व बेहाल है। किसके कारण प्रायः शहर की सड़कों पर जाम लगा रहता है, जिससे निजात दिलाना नवागत जिलाधिकारी की प्रथम चुनौती होगी।
रेलवे स्टेशन से घंटाघर, तहसील से रामनगर तिराहा, धनोखर चौराहे से सतरिख नाका, छाया से पीरबटन, कोतवाली से धनोखर तक दुकानदारों के सड़क तक अवैध कब्जे, सड़क तक दुकान का फैला सामान तथा सड़क पर खडी गाडियां जाम का प्रमुख कारण होती है।
यातायात व्यवस्था सुधार के लिए जिलाधिकारी का पैदल मार्च
शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारु एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने हाल ही पटेल तिराहा, पुराना बस स्टैंड, छाया चौराहा, नेबलेट चौराहा तथा धनोखर क्षेत्र सहित जाम प्रभावित स्थानों का पैदल स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यातायात अवरोध के कारणों, सड़क किनारे अतिक्रमण, ई-रिक्शा संचालन, वेंडिंग जोन की स्थिति तथा चौराहों पर यातायात दबाव की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख मार्गों पर पूर्व से लागू वन-वे व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराया जाए ।
छाया चौराहा एवं वेंडिंग जोन क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जाम प्रभावित क्षेत्रों में सड़क किनारे संचालित प्रतिष्ठानों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर यातायात सुधार के लिए व्यावहारिक एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अतिक्रमण नियंत्रण, यातायात संकेतकों, पार्किंग प्रबंधन एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े बिंदुओं पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कंपनी बाग चौराहे से छाया तक दर्जनों चिकित्सकों के क्लीनिक हॉस्पिटल तथा पैथोलॉजी संचालित होती है, किंतु किसी के पास वाहन पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण छोटे-बड़े सभी वहां सड़कों पर खड़े रहते हैं जिसके कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं शहर में करीब एक दर्जन से अधिक मैरिज लान, लाज एवं गेस्ट हाउस मौजूद है । सहालक के समय शादी विवाह एवं अन्य उत्सव के समय इन मैरिज लानो के वाहन सड़कों पर ही खड़े होते हैं, और आवागमन ठप कर देते क्योंकि इन लोगों के पास वाहन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर जाम से जूझता रहता और जिम्मेदार नगर पालिका प्रशासन व यातायात पुलिस कमीँ सब कुछ देख समझ कर भी अनदेखा कर देते हैं।
जिला प्रशासन के निर्देश पर कभी-कभार नगर पालिका प्रशासन शहर में अतिक्रमण अभियान चलता है जो मात्र खानापूरी ही साबित होता। क्योंकि नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई हमेशा गरीब ठेला,गुमटी वालों तक ही सीमित रहती है। बड़े दुकानदारों पर कार्रवाई करने से कटराती है। जिसके कारण अतिक्रमण जस का तस बना रहता है।
शहर मे जाम का दूसरा कारण ऑटो व बैटरी रिक्शा है जिनका कोई रूट निर्धारित न होने के कारण यह हर चौराहा, गली पर खड़े रहते। इन ऑटो बैटरी रिक्शा का कोई स्टैंड ना होने के कारण यह लोग जहां मन करता है वही अपना रिक्शा खड़ा कर देते हैं।
नवागत जिलाधिकारी से शहर का आम नागरिक मांग करता है कि शहर में वाहन पार्किंग स्थल का निर्माण कराया जाए, सड़कों पर दुकानदारों के अवैध कब्जे हटाए जाए, ऑटो व बैट्री रिक्शा वालों का रूट निर्धारित कर इनका स्टैंड बनवाया जाए। तथा शहर में स्थित सभी मैरिज लान, गेस्ट हाउस, चिकित्सकों के क्लीनिक, पैथोलॉजी,अल्ट्रासाउंड सेंटर,व लाजो को नोटिस देकर वाहन पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं । तभी शहर को जाम से निजात मिलेगी।
