Web News

www.upwebnews.com

बाढ़ से पांच हजार की आबादी हुई प्रभावित

August 25, 2026

बाढ़ से पांच हजार की आबादी हुई प्रभावित

बाढ़ पीढ़ियों के लिए अब तक नही हुई नाव की व्यवस्था,बाढ़ पीड़ितों से मिलने नही पहुंचा जिला प्रशासन।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 24/08/2026

एंकर – बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र के चांद दियर में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है।घाघरा नदी के जलस्तर बढ़ने से लगभग पांच हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो गई है पांच हजार की आबादी में घाघरा नदी का पानी चारो तरफ गांवों में घुस गई है लोगों के आने जाने के लिए कोई साधन नहीं है एक प्राइवेट नाव है जिससे लोग आ जा रहे है।वही प्राथमिक विद्यालय पलटू नगर ब्लॉक मुरली छपरा में चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है विद्यालय परिसर में पानी ही पानी है विद्यालय में पानी होने से बच्चो की पढ़ाई बाधित हो गई है।पानी बढ़ने के बाद विद्यालय को बंद कर दिया गया है।वही चांद दियर का पूरा इलाका पानी पानी दिखाई दे रहा है लेकिन सांसे बड़ी बात तो यह है कि यहां अभी तक जिला प्रशासन के लोग देखने तक नही आए की घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गांवों की हालत क्या है और बाढ़ से कितने गांव प्रभावित हो गए है। बाढ़ पीढ़ियों का आरोप है कि यहां प्रशासन के लोग नही आए है और नही कोई नाव व्यवस्था की गई है एक प्राइवेट नाव है जिससे लोग अपने संसाधन जुटाने के लिए आ रहे और जा रहे है। नाव वाले पिछले साल बाढ़ आई थी तो नाव लेकर आए थे लेकिन इस बार कोई नाव नही ला रहा है क्योंकि अब तक उन नाविकों का भुगतान तक नही किया गया है।

बाइट – लालमती बाढ़ पीड़ित।

August 23, 2026

रसोइयों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सौगात

*कैशलेस चिकित्सा कार्ड पाकर खिले चेहरे, परिवहन मंत्री बोले—रसोइयों का योगदान अमूल्य*

बलिया। गंगा बहुउद्देशीय सभागार में रविवार को पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना के तहत परिषदीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के सम्मान और कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रसोइयों ने हिस्सा लिया। लखनऊ से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के हित और सम्मान के लिए काम कर रही है। विद्यालयों में बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने अब उनके स्वास्थ्य की चिंता करते हुए कैशलेस चिकित्सा कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र रसोइयों और उनके परिवार को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए पांच लाख रुपये तक के मुफ्त कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। बीमारी के समय उपचार का खर्च गरीब और सामान्य परिवारों के लिए बड़ी चिंता होता है। ऐसे में यह सुविधा रसोइयों और उनके परिवार के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

*लखनऊ से हुआ राज्यव्यापी शुभारंभ*

रसोइयों के लिए इस अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से किया। प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कराया गया। बलिया में भी रसोइयों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कार्यक्रम स्थल पर रसोइयों में खासा उत्साह नजर आया। रसोइयों ने कहा कि चिकित्सा सुविधा मिलने से बीमारी की स्थिति में इलाज के खर्च को लेकर होने वाली आर्थिक परेशानी काफी हद तक कम होगी।

*बच्चों के पोषण में अहम भूमिका*

परिवहन मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में रसोइया केवल भोजन तैयार करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जिम्मेदारी भी निभाती हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चों के लिए भोजन तैयार कर उसे समय से उपलब्ध कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। उनके इस योगदान का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली रसोइयों को सम्मानित किया। पात्र रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए गए। कार्ड मिलने के बाद रसोइयों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।

*परिवार को भी मिलेगा लाभ*

योजना की खास बात यह है कि पात्रता के अनुसार चिकित्सा सुविधा रसोइयों के परिवार को भी मिल सकेगी। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि यह पहल रसोइयों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के साथ उनके सम्मान को भी मजबूत करेगी। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव, सीडीओ आलोक कुमार, एडीएम अनिल कुमार, बीएसए मनीष कुमार सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

August 22, 2026

बलिया में गंगा नदी ने मचाई तभी शहर का निचला हिस्से घुसा बाढ़ के पानी, बाढ़ पीढ़ियों की बढ़ी मुश्किलें

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 22/08/2026
बलिया  ।  गंगा नदी ने तबाही मचाना शुरू कर दिया गंगा नदी खतरा बिंदु को 57.61 से बढ़कर 58.75 तक पहुंच गई है गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद शहर के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी आने से लोगो के घरों में घुस गया है। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुसाने के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ है बाढ़ पीड़ित अपने सामन को घरों के उपर सायकिल, और घर का पूरा सामान (छत) पर रखकर किसी तरह से समय काट रहे है यहां आने जाने वाले रास्ते पर बाढ़ का पानी आने से बाढ़ पीड़ित और मासूम बच्चे बाढ़ के पानी से होकर जाने को मजबूर है।यहां किसी तरह का जिला प्रशासन के द्वारा कोई सुविधा नहीं दी गई है जिसके चलते बाढ़ पीड़ित अपने सामानों को सुरक्षित जगह पहुंचा सकें।यहां पर कोई नाव की व्यवस्था तक नही है वही लोगों ने क्या कुछ कहा आइए सुनाते है।

August 21, 2026

– 15 अगस्त के दिन हुए लूटकांड की घटना का पुलिस ने किया खुलासा, 6 गिरफ्तार 3 की तलाश अभी भी जारी

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 21/08/2026

बलिया,- 15 अगस्त के दिन बलिया के नरही थाना अंतर्गत उजियार गांव के पास स्वर्ण व्यापारी से कुछ बाइक सवार बदमाशों ने जोर जबरदस्ती आभूषणों से भरा बैग और लाखों रुपए नगदी छीन लिया था और फरार हो गए थे जिसके बाद पुलिस ने तीन टीमों का गठन करके जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। आज पुलिस की सर्विलांस टीम और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डिजिटल साक्ष्यों की मदद से लूटकांड की घटना का खुलासा किया जिसमें 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए जबकि 3 आरोपी अभी भी फरार है। आरोपियों के कब्जे से मोटर साइकिल, मोबाइल, लुट के आभूषण और नगदी बरामद हुआ है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि सभी गिरफ्तार बदमाश गाजीपुर और बिहार के रहने वाले हैं इनके 3 साथी अभी भी फरार हैं। पुलिस टीम लगी हुई है जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Ballia गंगा का पानी उदई छपरा के दलित बस्ती में पहुंचा, 90 घर प्रभावित

दुबे छपरा । गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच शुक्रवार सुबह बाढ़ का पानी धीरे-धीरे रिसाव करते हुए उदई छपरा के दलित बस्ती में फैलना शुरू हो गया। देखते ही देखते करीब 90 घरों के आसपास पानी पहुंच गया। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बाढ़ के पानी की सूचना मिलते ही बैरिया तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार और नायब तहसीलदार अनिल यादव उदई छपरा पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए घरों के आसपास पहुंच रहे पानी की स्थिति देखी। तहसीलदार ने मौके पर मौजूद लेखपाल को प्रभावित परिवारों की सूची तत्काल तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।
इसके बाद अधिकारियों ने घाट के पास चल रहे कटानरोधी कार्य का भी निरीक्षण किया। तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि बाढ़ प्राकृतिक आपदा है, इसे पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसी भी व्यक्ति के जान-माल को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए प्रशासन की ओर से हर स्तर पर तैयारी की गई है।
लगातार पांचवें दिन बढ़ा गंगा का जलस्तर
उधर, गंगा नदी के जलस्तर में लगातार पांचवें दिन भी बढ़ोतरी जारी रही। केंद्रीय जल आयोग के गायघाट गेज के अनुसार शुक्रवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 58.430 मीटर दर्ज किया गया। नदी खतरा बिंदु 57.615 मीटर को पार कर चुकी है और अब मीडियम फ्लड लेवल 58.615 मीटर की ओर तेजी से बढ़ रही है। जलस्तर करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
गंगा की लहरों और लगातार बढ़ते पानी को लेकर दुबेछपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, सुघरछपरा, रामगढ़, प्रसाद छपरा, बुधनचक, पांडेपुर, टेगरही और टीएस बंधे तक के ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीण लगातार नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ का खतरा बरकरार रहने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।

« Newer PostsOlder Posts »