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इंडियन कम्यूनिटी इवेंट के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन

June 19, 2026

इंडियन कम्यूनिटी इवेंट के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन

Posted Date:- Jun 18, 2026

नमस्ते!
बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।

 

प्रधानमंत्री ने पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित किया

Posted Date:- Jun 18, 2026

प्रधानमंत्री ने 18 जून 2026 को पेरिस में भारतीय समुदाय के एक विशाल जनसमूह को संबोधित किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर, प्रधानमंत्री का गर्मजोशी और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया, जो अपनी मातृभूमि के प्रति प्रवासी भारतीयों के गहरे लगाव को दर्शाता है।

अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने फ्रांस के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय समुदाय के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय नवाचार और विचारों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्वीकार किया। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत और फ्रांस के बीच लोगों के आपसी संबंध बढ़े हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र, प्रोफेशनल और पर्यटक फ्रांस को अपना गंतव्य बना रहे हैं। उन्होंने लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की। फ्रांस में यूपीआई के बढ़ते प्रभाव के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन के प्रवाह को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने भारत में हो रहे परिवर्तनकारी बदलावों के बारे में बात की, जिसमें समावेशी विकास और महिला-नेतृत्व वाले विकास से लेकर मानव-केंद्रित एआई और अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में हुई प्रगति शामिल है। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले 12 वर्षों में, भारत ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने उल्लेख किया कि यूके और यूरोपीय संघ के साथ संपन्न व्यापार समझौते भारतीय श्रमिकों, किसानों, इनोवेटर्स और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलेंगे। नीस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ और पेरिस में ‘विवटेक 2026’ में भारत की भागीदारी का जिक्र करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत वैश्विक समुदाय के लिए प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पसंदीदा भागीदार बनता जा रहा है। ‘भारत इनोवेट्स’ की सफलता के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि यह मंच इनोवेशन डिप्लोमेसी का एक मॉडल है। एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी पर विस्तार से चर्चा करते हुए, उन्होंने कहा कि भारत विश्वास आधारित अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनाने के लिए दृढ़ता से खड़ा है, जहाँ ‘ग्लोबल साउथ’ को एक समान भागीदार के रूप में माना जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की प्रतिभा, कौशल और नवाचार डिजिटल युग की चुनौतियों का समाधान खोजने में दुनिया की मदद कर रहे हैं। अंत में, उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत की प्रगति में योगदान देने और ‘विकसित भारत’ की यात्रा में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया।

यह संवाद भारत और फ्रांस के बीच मौजूद गहरे जन-संबंधों को दर्शाता है, और दुनिया भर में अपने प्रवासी भारतीयों के कल्याण, हितों और उनके साथ जुड़ाव के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।

प्रधानमंत्री ने वीवाटेक 2026 में भाग लिया

Posted Date:- Jun 18, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति महामहिम श्री इमैनुएल मैक्रों के साथ आज पेरिस में यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आयोजन वीवाटेक 2026 में भाग लिया।

प्रौद्योगिकी उद्यमियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और उद्योग जगत के नेताओं की सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अग्रणी प्रौद्योगिकियों के लिए भारत के विज़न तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग के विस्तृत होते दायरे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी ने भारत में व्यापक परिवर्तन संभव किए हैं, जिनमें डिजिटल भुगतान, एआई-सक्षम कृषि प्रगति से लेकर अत्याधुनिक स्‍पेस एप्‍लीकेशंस तक शामिल हैं। मुख्य संबोधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने भारतीय स्टार्टअप्स तथा नवोन्मेषकों से संवाद किया, जो उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, सतत् विकास और गतिशीलता के लिए अग्रणी प्रौद्योगिकियों एवं व्यावहारिक समाधानों का प्रदर्शन कर रहे थे।

वीवाटेक 2026 में भारत ‘एआई कंट्री पार्टनर’ है। यह वीवाटेक में भारत की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी भी है। इसके अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, हेल्थ-टेक, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों, गतिशीलता, उन्नत संगणन (कंप्‍यूटिंग) तथा अन्य क्षेत्रों में भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित करने के लिए मंडप स्थापित किए गए हैं। इस आयोजन में भारत की 80 से अधिक डीप-टेक कंपनियाँ और स्टार्टअप्स भाग ले रहे हैं।

वीवाटेक में प्रधानमंत्री की भागीदारी से भारत और फ्रांस के प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच साझेदारी और अधिक सुदृढ़ होने की अपेक्षा है। पिछले कुछ वर्षों में वीवाटेक के साथ भारत की सहभागिता निरंतर बढ़ी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने वर्ष 2021 में वीवाटेक में मुख्य भाषण दिया था; वर्ष 2022 में भारत वीवाटेक का पहला ‘कंट्री ऑफ द इयर’ बना था; और हाल ही में वीवाटेक ने बेंगलुरु टेक समिट के साथ औपचारिक सहयोग स्थापित किया है। इस वर्ष भारत की भागीदारी का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि दोनों देश वर्ष 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में मना रहे हैं।

पेरिस में विवाटेक 2026 के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ

Posted Date:- Jun 18, 2026

 सम्‍मानित अतिथिगण,

नवप्रवर्तक, उद्योग जगत के अग्रणी नेतागण, प्रौद्योगिकी के उत्साही साथियों, स्टार्टअप जगत से जुड़े लोगों, देवियो और सज्जनो,

नमस्कार।

बों जू,

विवाटेक के दसवें संस्करण में पेरिस आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। यह यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी आयोजन है। विवाटेक की सफलता के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों और इसके आयोजकों को बधाई देता हूँ।

मित्रो,

वर्ष 2026 भारत और यूरोप—दोनों के लिए एक विशेष वर्ष है। वर्ष की शुरुआत में हमने ऐतिहासिक भारत–यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया। यह समझौता हमारे व्यापार और निवेश को बढ़ाएगा। साथ ही, यह प्रतिभा, प्रौद्योगिकी और पर्यटन के आदान-प्रदान के लिए अनेक द्वार खोलेगा।

इस वर्ष भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष के शुभारंभ के साथ, फ्रांस एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा रहा है, जो भारत और यूरोप के प्रौद्योगिकी इको-सिस्‍टम को करीब ला रहा है। कुछ दिन पहले नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ से लेकर आज पेरिस में आयोजित विवाटेक तक, हमारे स्टार्टअप अनेक नई साझेदारियाँ स्थापित कर रहे हैं।

मित्रो,

वर्ष 2021 में, जब मैंने विवाटेक को संबोधित किया था, तब दुनिया कोविड-19 महामारी की वजह से उत्‍पन्‍न विध्‍नों का सामना कर रही थी। आज, दुनिया अलग तरह के विध्‍नों का सामना कर रही है। और मैं वही बात दोहराना चाहता हूँ जो मैंने तब विवाटेक 2021 में कही थी: जब पारंपरिक तरीके विफल हो जाते हैं, तब नवाचार मदद कर सकता है।

मित्रो,

पिछले दशक में, टेक्नोलॉजी की ताकत से भारत ने तेज़ी से बदलाव अनुभव किया है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणाली बनाने से लेकर विश्व के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान मंचों में से एक के विकास तक, हम वित्तीय समावेशन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन, कृषि और अनेक अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

डिजिटल भुगतान पर ही गौर करिए। हमारे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस या यूपीआई के कारण आज दुनिया में होने वाले वास्तविक समय के कुल डिजिटल लेन-देन का लगभग आधा भारत में होता है। अब आप फ्रांस में भी—एफिल टॉवर और पेरिस हवाई अड्डे जैसे स्थानों पर—यूपीआई का उपयोग कर सकते हैं।

हमारे पास विश्वस्तरीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के ऐसे अनेक उदाहरण हैं। डिजिलॉकर दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल दस्तावेज़ भंडार में से एक है। डिजिलॉकर के माध्यम से 70 करोड़ (700 मिलियन) उपयोगकर्ता कभी भी, कहीं भी मूल स्रोत से प्रमाणित दस्तावेज़ प्राप्त कर सकते हैं। हमने डिजिलॉकर मंच पर 2,000 से अधिक मानक दस्तावेज़ों को एकीकृत किया है। इसके कारण अब भारत में ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र जैसे कागजी दस्तावेज़ों को साथ रखने या उन्हें ढूँढ़ने की आवश्यकता नहीं रह गई है।

एक अन्य उदाहरण ‘गतिशक्ति’ प्लेटफ़ॉर्म है। टेक्नोलॉजी की मदद से, हमने जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित मानचित्र पर 1,600 से अधिक भौगोलिक डेटा परतों (जियोग्राफिक डेटा लेयर्स) को एक साथ जोड़ा है। हमने बुनियादी ढांचा विकास के लिए एक समेकित, डेटा-संचालित और संपूर्ण-सरकार की योजना पर आधारित योजना मंच तैयार किया है। अब जिन परियोजनाओं के सर्वेक्षण में पहले कई महीने लग जाते थे, वे कुछ ही सप्ताह में पूरे हो सकते हैं।

मित्रो,

छह वर्ष पहले हमने ‘स्वामित्व’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। यह इस बात का सशक्त उदाहरण है कि किस प्रकार प्रौद्योगिकी लोगों को सम्मान और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। ‘स्वामित्व’ कार्यक्रम में ड्रोन, भू-स्थानिक मानचित्रण (जियोस्पेशियल मैपिंग) और आधुनिक सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का आधिकारिक अभिलेख उपलब्ध कराया जाता है। अब तक लगभग दो लाख गाँवों में 3 करोड़ 10 लाख (31 मिलियन) से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। इससे परिवारों को अपनी संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग करने में सहायता मिल रही है।

जहाँ एक ओर सरकार बड़े पैमाने पर जनहितकारी डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध करा रही है, वहीं दूसरी ओर हमारे स्टार्टअप हर क्षेत्र में लोगों के जीवन में बदलाव ला रहे हैं।

मित्रो,

‘सरलाबेन’ नामक एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित एप्‍लीकेशन लाखों महिला दुग्ध उत्पादक किसानों से उनकी अपनी भाषा में संवाद करता है और उन्हें पशुओं के स्वास्थ्य तथा पशुपालन प्रबंधन से संबंधित विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करता है।

भारत में महिलाओं को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे उर्वरकों का छिड़काव और फसलों की निगरानी कर सकें। वहीं, उपग्रहों से प्राप्त आँकड़ों के आधार पर लाखों मछुआरों को सबसे संभावनाशील मत्स्य क्षेत्रों की जानकारी दी जा रही है। इससे ईंधन और समय की बचत होती है और मछली पकड़ने की मात्रा में भी वृद्धि होती है।

हमारे प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान जमीनी स्तर तक समृद्धि पहुँचा रहे हैं

मित्रो,

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से लेकर परमाणु ऊर्जा तक, भारत मानव क्षमता की नई-नई सीमाओं का विस्तार कर रहा है।

भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफलतापूर्वक उतरने वाला विश्व का पहला देश बना। हाल ही में भारत के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकेलिटी’ (महत्त्वपूर्ण परिचालन अवस्था) प्राप्त की है। यह उपलब्धि हमें हमारी त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा परिकल्पना को साकार करने के और अधिक निकट ले आई है, जिसमें हमारे विशाल थोरियम भंडार का उपयोग भी शामिल है।

मित्रो,

दो लाख से अधिक स्टार्टअप्स के साथ भारत दुनिया के सबसे जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक है। मैं आप सभी से भारत पवेलियन का अवश्य दौरा करने का आग्रह करता हूँ।

यहाँ आपको भारत की अपार ऊर्जा का अनुभव मिलेगा। चाहे वह दुनिया का पहला सिंगल-पीस 3डी प्रिंटेड रॉकेट इंजन हो, उन्नत जेनेटिक-इंजीनियरिंग आधारित उपचार हों, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का पता लगाने वाले एआई समाधान हों, या साइबर और नेटवर्क सुरक्षा को बेहतर बनाने वाली तकनीकें हों—स्वायत्त रोबोट, स्मार्ट शहर और मोबिलिटी समाधान भी शामिल हैं।

आप ये सभी नवाचार भारत पवेलियन में देखेंगे। विभिन्न क्षेत्रों में हमारे स्टार्टअप प्रेरणादायक तरीके से नवाचार कर रहे हैं।

मित्रो,

जब प्रौद्योगिकी की बात होती है, नवाचार के साथ-साथ सबसे महत्वपूर्ण उसकी पहुँच है। प्रौद्योगिकी तभी प्रगति का माध्यम बन सकती है जब उसका लोकतंत्रीकरण हो। भारत का मानना है कि व्यवधान के इस युग में प्रौद्योगिकी का लाभ सभी को मिलना चाहिए।

उदाहरण के तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को ही लें। एआई को जीवन को बेहतर बनाना चाहिए, पहुँच का विस्तार करना चाहिए, विकास को गति देनी चाहिए और साथ ही हमारे ग्रह को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायता करनी चाहिए। विवाटेक 2026 में एआई देश भागीदार के रूप में हमारी भागीदारी इसी कल्‍पना को दर्शाती है। भारत के लिए एआई का अर्थ है—“सभी को समाहित करने वाला (ऑल इन्क्लूसिव)”।

मित्रो,

भारत एक खुला समाज है और दुनिया का सबसे बड़ा प्रतिभा-समूह (टैलेंट पूल) है। हम नियमों को सरल बना रहे हैं और कारोबार में सुगमता सुनिश्चित कर रहे हैं। नवाचार से लेकर व्यावसायीकरण तक, हम 50 अरब डॉलर से अधिक के लक्षित प्रोत्साहनों के माध्यम से निजी उद्यमों को सहयोग दे रहे हैं। साथ ही, हम दुनिया के सबसे किफायती डेटा और कम लागत वाली हरित ऊर्जा भी उपलब्ध करा रहे हैं।

हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है। हमारी सरकार सक्षम बनाएगी और उद्योग नवाचार करेगा। स्टार्टअप्स परिवर्तन लाएंगे और वैश्विक साझेदार हमारे साथ मिलकर विस्तार करेंगे। साथ मिलकर हम पहले से कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ेंगे। मैं इस सभा में उपस्थित सभी लोगों से नेतृत्व करने का आह्वान करता हूँ।

भारत के साथ काम कीजिए और सभी के लिए परिणाम दीजिए।

धन्यवाद। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Varanasi:रेलवे स्टेशन विस्तार के लिए मस्जिद हटाने का नोटिस

News Varanasi Posted on 19.06.2026 Friday, Time 04.32 PM, Kashi Railway Station, Masjid

वाराणसी, 19 जून 2026 (उप्र समाचार सेवा)। काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार के लिए पास की मस्जिद को हटाने के लिए नोटिस दिया गया है। नोटिस को मस्जिद की दीवार पर चस्पा कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार स्टेशन विस्तार परियोजना के तहत रेलवे ने पास स्थित मस्जिद को खाली करने के लिए नोटिस जारी कर 20 जून तक परिसर खाली करने को कहा है।

उधर मस्जिद का प्रबंधन करने वाली संस्था इंतजामिया मस्जिद समिति ने नोटिस को गैर-कानूनी बताते हुए इसे अदालत में चुनौती देने की बात कही है।

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