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अंकिता भंडारी केस की हो सकती है सीबीआई जांच?

January 7, 2026

अंकिता भंडारी केस की हो सकती है सीबीआई जांच?

उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी

देहरादून, 07 जनवरी 2026, अंकिता भंडारी मामले पर मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेस वार्ता के बाद यह माना जा रहा है कि सीबीआई जांच हो सकती है।
मुख्य मंत्री धामी ने मंगलवार को हुई प्रेस वार्ता में सीबीआई जांच के सवाल पर इनकार नहीं किया। बल्कि उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे अंकिता के माता पिता से बात करने के बाद निर्णय लेंगे। परिजन जिस जांच को कहेंगे , वह कराई जाएगी।
उन्होंने कहा जिस ऑडियो के बाद इस मामले को तूल दिया गया है। उसकी सत्यता की जांच कराई जा रही है। इसमें एक जगह अंकिता की हत्या की बात कही जा रही है, वहीं एक जगह आत्महत्या कहा गया है। पूरे प्रकरण के एक एसआईटी बना दी गई है।
श्री धामी ने अंकिता प्रकरण पर कहा कि यह भावनात्मक मुद्दा है। हम अंकिता के परिजनों की संवेदनाओं के साथ हैं।

January 6, 2026

SIR एसआईआरः यूपी में हटे 2.89 करोड़ मतदाता, पहली ड्राफ्ट सूची जारी

लखनऊ,06 जनवरी, 2026, उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में से एसआईआर प्रक्रिया में 2 करोड़  89 लाख मतदाताओं के नाम हटे हैं। अब सूची में 12 करोड़ 55 लाख मतदाता हैं। इसके पहले मतदाताओं की संख्या 15 करोड़ 30 हजार 92 थी। यह जानकारी आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा CEO UP NAVDEEP RINVA IAS ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने इसके साथ ही पहली ड्राफ्ट सूची भी जारी कर दी।

श्री रिणवा ने बताया विशेष  गहन पुनरीक्षण के दौरान 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाये गए हैं। छह फरवरी तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगीं। जबकि अंतिम मतदाता सूची छङ मार्च को जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण के बाद 18 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कट गए हैं। उन्होंने कहा कि जनके नाम पहली ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं वे 6 फरवरी तक फार्म 6 भरकर जमा कर सकते हैं। ताकि उनका नाम जोड दिया जाए। अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तिथि 6 मार्च है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी रिणवा ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को प्रक्रिया शुरु हुई थी। पहला चरण 4 नवम्बर से शुरु हुआ, उस वक्त प्रदेश में 15 करोड़ 30 हजार 92 मतदाता थे। उन्होंने बताया कि मतदाता निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/download-eroll  https://voters.eci.gov.in/download-eroll पर अपने नाम देख सकते हैं।

उन्होंने बताया कि जो नाम कटे हैं उनमें मृतक वोटरों की संख्या 46.23 लाख है, स्थानान्तरित वोटर की संख्या 2.17 करोड़ है। वहीं जो एक से ज्यादा स्थान पर नाम पाये गए उनकी संख्या 25.47 लाख है। जिनका नाम इस ड्राफ्ट में नहीं आया है उनकी कुल संख्या 2.89 करोड़ है।

ANKITA Bhandari अंकिता भंडारी केसः भाजपा नेता दुष्यंत गौतम ने किया मानहानि का मुकदमा

नई दिल्ली, 06 जनवरी 2026, उत्तराखंड के अंकिता भंडारी मामले में नाम घसीटे जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम Bharatiya Janata Party National General Secretary Dushyant Gautam ने अदालत का रुख किया है। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में कांग्रेस, आप और अन्य विपक्षी नेताओं समेत एक महिला नेता उर्मिला सनावर Urmila Sanavar के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। श्री गौतम ने आरोप लगाया है कि उनका नाम इस मामले में जानबूझकर घसीटा गया है। इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। न तो एसआईटी जांच में और न ही चार्चशीट में उनका नाम है, और न ही वे घटना के समय उस स्थान पर मौजूद थे। इस मामले में उनका नाम लिये जाने से उनकी मानहानि हुई है। उन्होंने दो करोड़ रूपये की मानहानि का मुकदमा किया है। साथ ही मांग की है कि सोशल मीडिया से वे सभी पोस्ट हटाए जाएं जिनमें उनका नाम लिया गया है।

ज्ञातव्य है कि यह मामला वर्ष 2022 का है। उस समय 18 सितम्बर 2022 को उत्तराखंड के ऋषिकेश में वनंतरा रिजोर्ट में रिशेप्सिनिस्ट अंकिता भंडारी (19) की हत्या हो गई थी। इस मामले में हुई जांच में रिजोर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। इन्हें निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

लेकिन गत 24 दिसम्बर को भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की स्वयं को पत्नी बताने वाली महिला एक्ट्रेस उर्मिला सनावर ने एक वीडियो वायरल किया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले से एक वीआईपी का सम्बन्ध है। इस वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने से इनकार करने के कारण ही अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। बाद में उर्मिला सनावर ने एक और वीडिया जारी कर वीआईपी के रूप में भाजपा नेता का नाम घसीट दिया। इससे पूरे उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया।

मामले को कांग्रेस ने राजनीतिक मुद्दा बना दिया। भावनात्मक मुद्दा होने के कारण कांग्रेस को इस मुद्दे पर समर्थन मिलता दिखायी दिया तो उसने इसे पूरे देश में चर्चा लाने का फैसला कर दिया। इसी के मद्देनजर सोमवार को लखनऊ में कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी मामले में कार्रवाई की मांग और सीबीआई जांच की मांग कर दी।

उत्तराखंड कांग्रेस ने रविवार को उत्तराखंड की राजधानी में परेड ग्राउण्ड से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। इस मार्च में भारी जनसमूह उमड़ा, पहाड़ के अन्य जिलों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे। अब कांग्रेस ने 11 जनवरी को देहरादून बंद का आह्वान किया है।

नवागत थाना प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार ने लिया बलदेव में चार्ज

मथुरा। पुष्पेंद्र कुमार को थाना बलदेव का थाना प्रभारी बनाया गया है। चार्ज लेने के बाद उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए थाना क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रात्रि गश्त को बढ़ाया जाएगा।

थाना प्रभारी ने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य आम जनता में विश्वास और अपराधियों में भय का माहौल बनाना है। थाने में आने वाले परिवादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका समय पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की है कि थाना क्षेत्र में कहीं भी कोई अपराध होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस मौके पर पहुंचकर तुरंत कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण, शांति व्यवस्था कायम रखना व नागरिकों के बीच पुलिस की बेहतर कार्य कुशलता व छवि प्रस्तुत करना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। स्थानीय व्यापारी नेता विनोद मोदी,युवा नेता मोहित चौधरी,शुभम चौधरी,आचार्य मनीष गर्गाचार्य, सुजीत वर्मा,आदि ने नवागत थाना प्रभारी का सम्मान कर बधाई दी।

कार्मशियल सम्पत्तियों के पारिवारिक दान विलेखों पर भी स्टाम्प शुल्क में भी छूट

लखनऊ,06 जनवरी 2026, उत्तर प्रदेश सरकान ने व्यवसायिक और औद्योगिक सम्पत्तियों पर पारिवारिक दान विलेख में भी स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान कर दी है। अब केवल पांच हजार रूपये शुल्क देकर इन परिसम्पत्तियों का विलेख पारिवारिक सदस्य के नाम में किया जा सकेगा। यह व्यवस्था पूर्व में केवल निजी सम्पत्तियों के लिये लागू की गई थी। अब इसे औद्योगिक और व्यवसायिक सम्पत्तियों में भी लागू कर दिया गया है। यह फैसला सरकार ने आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में लिया।

मंत्रिपरिषद ने व्यावसायिक एवं औद्योगिक सम्पत्तियों के पारिवारिक दान विलेखों पर भी स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। ज्ञातव्य है कि स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की अधिसूचना सं0- 18/2023/995/94-स्टा0नि0-2-2023-700 (29)/2021 दिनांक 03.08.2023 के माध्यम से अचल सम्पत्ति का दान यदि परिवार के सदस्यों के पक्ष में किया जाता है, तो उन पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान करते हुए अधिकतम स्टाम्प शुल्क 05 हजार रुपये लिये जाने की व्यवस्था प्रभावी है। यह छूट केवल कृष्य एवं आवासीय सम्पत्तियों के प्रभावी है।
वर्तमान प्रस्ताव के माध्यम से इस छूट को पारिवारिक सदस्यों के मध्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक सम्पत्तियों के दान हेतु भी प्रभावी किया जा रहा है। यह छूट सम्बन्धित अधिसूचना के गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। इसके अलावा पूर्व-निर्गत अधिसूचना दिनांक 03.08.2023 में इंगित सम्बन्धियों के सम्बन्ध में प्राविधानों तथा कतिपय अन्य प्राविधानों को और अधिक स्पष्ट किया गया है।
भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की अनुसूची 1-ख के अनुच्छेद-33 के प्राविधानों के अधीन उत्तर प्रदेश राज्य में दान विलेखों पर सम्पत्ति के मूल्य पर हस्तांतरण पत्र (Conveyance deed) की भाँति स्टाम्प शुल्क प्रभार्य है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा-17 के प्राविधानों के अधीन अचल सम्पत्ति के दान विलेख का रजिस्ट्रीकरण अनिवार्य है।

0प्र0 वैश्विक क्षमता केन्द्र नीति-2024 के

क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावली-2025 अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केन्द्र नीति-2024 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावली-2025 को अनुमोदित किया है। यह नियमावली उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केन्द्र नीति-2024 के प्रख्यापन की तिथि से प्रभावी होगी तथा राज्य सरकार द्वारा इसमें संशोधन अथवा समाप्ति तक प्रभावी रहेगी। इन्वेस्ट यू0पी0 इस नियमावली की नोडल एजेन्सी होगी।
वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) : किसी भारतीय/विदेशी कम्पनी द्वारा स्थापित एक कैप्टिव इकाई, जिसका उद्देश्य सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास, वित्त, मानव संसाधन, डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स तथा नॉलेज सर्विस जैसे रणनीतिक कार्यों का निष्पादन करेगी।
इस क्रियान्वयन नियमावली में वितीय प्रोत्साहन, जिसमें फ्रंट-एण्ड लैण्ड सब्सिडी (Front End Land Subsidy), स्टाम्प ड्यूटी छूट/प्रतिपूर्ति, पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, संचालन व्यय (ओपेक्स) सब्सिडी, पेरोल सब्सिडी, भर्ती सब्सिडी, ई0पी0एफ0 प्रतिपूर्ति, पात्र जी0सी0सी0 इकाइयों हेतु प्रतिभा विकास एवं कौशल प्रोत्साहन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार हेतु प्रोत्साहन एवं केस-टू-केस प्रोत्साहन के क्रियान्वयन का प्राविधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त, गैर-वित्तीय सहायता हेतु तकनीकी सहायता समूह, लिंकेज समर्थन, विनियामक समर्थन, आवेदन का प्रक्रमण एवं अनुमोदन एवं प्रोत्साहन वितरण प्रक्रिया का भी प्राविधान किया गया है।
इस नियमावली में निर्दिष्ट सभी प्रोत्साहन लाभ भारत सरकार की किसी भी योजना/नीति के अन्तर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों के अतिरिक्त प्राप्त किए जा सकते हैं। किसी भी विधिक विवाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्राधिकार केवल लखनऊ स्थित न्यायालयों को होगा। इस नियमावली के अन्तर्गत स्वीकृत राशि का वितरण वित्त विभाग के प्रचलित वित्तीय नियमों/शासनादेशों के अनुसार किया जाएगा।

जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में उपनिबन्धक कार्यालय भवन के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में उपनिबन्धक कार्यालय भवन के निर्माण हेतु ग्राम बसहिया उर्फ कप्तानगंज स्थित गाटा संख्या-3308मी/2.023 हे0 की रिक्त भूमि जो राजस्व अभिलेख में तहसील कप्तानगंज कार्यालय के नाम दर्ज है, में से 0.0920 हे0 भूमि स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को कतिपय शर्तों के साथ निःशुल्क आवंटित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
इन शर्तों के अनुसार भूमि का हस्तांतरण बिना मूल्य लिये किया जाएगा। इन मामलों में भूमि के बाजार मूल्य की सीमा पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा। जिस परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण किया जा रहा हो, वह एक अनुमोदित परियोजना हो और उसके लिये आवश्यक प्राविधान किया जा चुका हो। केवल उतनी ही भूमि का हस्तांतरण किया जाए, जितनी कार्य विशेष के लिये आवश्यक हो। भूमि पर कोई धार्मिक अथवा ऐतिहासिक महत्व की इमारत न हो।
हस्तांतरित भूमि यदि प्रस्तावित कार्य से भिन्न प्रयोजन के लिये उपयोग की जाए, तो उसके लिए राजस्व विभाग से पुनः अनुमोदन प्राप्त करना होगा। यदि भूमि की आवश्यकता न हो या 03 वर्षों तक हस्तांतरित भूमि प्रस्तावित कार्य के लिये उपयोग में नहीं लायी जाती, तो उसे राजस्व विभाग को वापस करना होगा।

उपनिबन्धक कार्यालय सदर व अभिलेखागार, जनपद झाँसी के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में

मंत्रिपरिषद ने जनपद झाँसी की तहसील सदर में उपनिबन्धक कार्यालय भवन एवं अभिलेखागार भवन के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराये जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। जनसामान्य को बेहतर सुविधा प्रदान किये जाने के दृष्टिगत उपनिबन्धक कार्यालय सदर व अभिलेखागार, जनपद झाँसी का निर्माण कराया जाना है।
मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार आराजी सं0-3035 रकबा 0.709 हे0 भूमि राज्य सरकार के नाम प्रबन्धक जिलाधिकारी दर्ज कागजात में से 0.0638 हे0 अर्थात 638 वर्ग मीटर भूमि स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को, सरकारी सम्पत्ति के प्रबन्ध से सम्बन्धित नियमावली 1987 यथासंशोधित नियमावली 2023 के प्राविधानों के अन्तर्गत, 90 वर्ष के पट्टे के माध्यम से कतिपय शर्तों के अधीन आवंटित/हस्तांतरित की जायेगी।
भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 की धारा 3 के परन्तुक में प्राविधानित है कि सरकार द्वारा या उसकी तरफ से या उसके पक्ष में निष्पादित किसी विलेख पर, जहाँ इस मुक्ति के अभाव में, उस विलेख पर प्रभार्य शुल्क अदा करने का दायित्व सरकार का होता है, कोई शुल्क प्रभार्य नहीं होगा। उपरोक्त प्राविधान के आलोक में राजस्व विभाग द्वारा स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के पक्ष में पट्टा विलेख पर स्टाम्प शुल्क की देयता से मुक्ति होगी।
रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 की धारा 78-क के अन्तर्गत पंजीकरण फीस से छूट प्रदान करने की शक्ति राज्य सरकार के पास निहित है। अतः राजस्व विभाग तथा स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के मध्य प्रश्नगत भूमि से सम्बन्धित पट्टा विलेख पर पंजीकरण फीस से पूर्ण रूपेण छूट प्राप्त होगी।

 

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