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बिजली का खंभा गिरने से घायल रिटायर पीसीएस अधिकारी का निधन

August 6, 2026

बिजली का खंभा गिरने से घायल रिटायर पीसीएस अधिकारी का निधन

अयोध्या, 06 अगस्त 2026, उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी से सेवानिवृत्त हुए 1993 बैच के PCS अफसर इंद्रभूषण वर्मा का निधन हो गया है वह ADM के पद से रिटायर होने के बाद जिला समन्वयक इकाई अयोध्या जल जीवन मिशन के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर के पद पर कार्यरत थे…वह CRO प्रतापगढ़ ADM मऊ SDM लखनऊ,गोंडा,बहराइच लखीमपुर में तैनात रहे हैं उनका निधन सरकारी कार्यो का निर्वहन करते हुआ है वह बेहद हँसमुख और मिलनसार अफसर थे

निधन का कारण

वह रुदौली ब्लॉक में जल जीवन मिशन के कार्य के लिए मुज्जपरपुर जलालपुर योजना के वीडियोग्राफी के लिए गए थे वही गाँव में पुराना गूलर का वृक्ष बिजली के तार पर गिरा जिसके भार के कारण एक बिजली का खंबा वर्मा जी के ऊपर गिर गया और वे घायल हो गए उन्हें तत्काल CHC रुदौली ले जाया गया और वहाँ पर डॉक्टर ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया वहाँ से उन्हें मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ ले जाया गया वहाँ पर डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया ।

मुख्यमंत्री योगी से मिले सदर विधायक रामरतन कुशवाहा

ललितपुर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे

उप्रससे, अजय बरया
उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने मुलाक़ात कर ललितपुर विधानसभा के विकास एवं जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान विधायक ने क्षेत्र की आधारभूत संरचना, शिक्षा, कानून-व्यवस्था एवं आवागमन को सुदृढ़ करने से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

विधायक रामरतन कुशवाहा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पंचमुखी हनुमान जी मंदिर के समीप शहजाद नदी पर दीर्घ सेतु का निर्माण क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता है। इसके निर्माण से क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।

उन्होंने पूराकला राजकीय इंटर कॉलेज के विकास एवं वहां आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार का विषय भी प्रमुखता से रखा, जिससे ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।

क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विधायक ने बांसी एवं विरधा पुलिस चौकी को पूर्ण थाना बनाए जाने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था मजबूत होगी तथा आमजन को त्वरित सुरक्षा एवं न्याय मिल सकेगा।

इसके अतिरिक्त विधायक ने जखौरा–तालबेहट मार्ग को बेहतर बनाने तथा खेडर नदी पर दीर्घ सेतु के निर्माण का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, आवागमन सुगम होगा तथा विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरतापूर्वक सुना और सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि ललितपुर में चहुँमुखी विकास के लिए प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने संबंधित प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।

भेंट के उपरांत विधायक रामरतन कुशवाहा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के सहयोग से ललितपुर जिला विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा तथा क्षेत्रवासियों की अपेक्षाओं के अनुरूप जनहित के कार्य निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

एसआईआर के तहत जारी किए जा रहे नोटिसों पर कांग्रेस ने जतायी आपत्ति

मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाया
जारी किए जा रहे नोटिसों में कारण का उल्लेख तक नहीं किया जा रहा है
फॉर्म-7 का दुरूपयोग रोकने के लिए वेरिफेकशन किया जाए-आलोक शर्मा
हरिद्वार, 6 अगस्त। एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिसों पर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को बिना स्पष्ट कारण बताए नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिससे आम लोगों में भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूरे प्रदेश में खलबली मची हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में चल रहे एसआईआर अभियान के दौरान सामने आ रही समस्याओं के बावजूद निर्वाचन आयोग आवश्यक सुधार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कई नोटिसों में त्रुटि का कारण तक का उल्लेख नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को भी नोटिस मिला है और हरिद्वार जिले के लक्सर विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर ही 800 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं। आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि दो माह तक चली निर्वाचन आयोग की कवायद के बाद इस तरह के नोटिस जारी होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि हरिद्वार जिले में कुछ स्थानों पर बीएलओ की सहमति के बिना मतदाता बनाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने बीएलओ से बिना किसी के दबाव में आए बिना काम करने की अपील करते हुए कहा कि बीएलओ की सहमति के बिना नए वोट ना बनाए जाएं। साथ ही फॉर्म-7 का दुरूपयोग रोकने के लिए फॉर्म लेने वाले व्यक्ति वेरिफिकेशन किया जाए। फॉर्म-7 के दुरूपयोग की जांच जिलाधिकारी स्वयं करें। उन्होंने भाजपा समर्थक नहीं माने जाने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया और प्रशासन एवं निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि बिना किसी स्पष्ट त्रुटि का उल्लेख किए मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे लोग अनावश्यक रूप से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन की कार्यप्रणाली से मतदाताओं में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज सैनी ने भी निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व राज्य मंत्री हाजी नईम कुरैशी ने बताया कि उनकी पुत्र वधु जो कि निर्वाचित पार्षद हैं। उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस की भाषा भी बेहद आपत्तिजनक है। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए। नईम कुरैशी ने एसआईआर के नाम पर एक खास वर्ग को टारगेट करने का आरोप भी लगाया। प्रदेश महासचिव एडवोकेट फुरकान अली और पार्षद अरशद ख्वाजा ने कहा कि नोटिस जारी होने और सही जानकारी नहीं मिलने से लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। पत्रकार वार्ता में नईम कुरैशी, फुरकान अली, विकास चंद्रा, अरशद ख्वाजा, कैलाश प्रधान सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बिजनौर में गंगा खतरे के निशान के पास

Posted On 06.07.2026, Time 04 pm
बिजनौर। (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा) आज बृहस्पतिवार 6 अगस्त 2026 को जनपद में अधिक बारिश होने से गंगा बैराज बिजनौर का जलस्तर खतरे के निशान से सट कर चल रहा है। कल बुधवार शाम से पहाड़ों पर लगातार बारिश होने के कारण गंगा नदी में जलस्तर बढ़ गया है। अगर इसी तरह पहाड़ों पर और जनपद में इसी तरह बारिश पड़ती रही तो खतरे के निशान के ऊपर गंगा का जलस्तर हो जाएगा।

बाढ़ व जलभराव से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

41 बाढ़ चौकियां और 14 सचल चिकित्सा दल तैनात

लखीमपुर-खीरी। बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। वर्तमान में जनपद के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित होते हैं जिन पर बाढ़ को लेकर तैयारी की गई है यहां मेडिकल टीम सहित अतिरिक्त इमरजेंसी दवाओं की व्यवस्था भी की गई है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता द्वारा बताया गया कि जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए 41 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जिनमें 32 अधिकारियों तथा 140 कर्मचारियों की तैनाती कर उन्हें सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद की 5 तहसीलों (लखीमपुर, पलिया, गोला, निघासन व धौरहरा) के 9 प्रभावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (नकहा, पलिया, निघासन, धौरहरा, बिजुआ, खमरिया/ईसानगर, फूलबेहड़, रमियाबेहड़ व गोला) पर त्वरित उपचार हेतु रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रभावित क्षेत्रों के लिए 14 सचल चिकित्सीय दल गठित किए गए हैं। दिनांक 05 अगस्त 2026 तक प्रभावित बाढ़ चौकी ग्रांट नं0 12 (फूलबेहड़) के ग्राम में कुल 970 प्रभावित जनसंख्या में से 247 मरीजों का उपचार किया जा चुका है तथा 1339 क्लोरीन टैबलेट व 657 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। जिले में सर्पदंश से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है।
​स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से वितरण हेतु मेडिसिन किट, ओआरएस पैकेट व क्लोरीन टैबलेट उपलब्ध करा दी गई हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में 24 घंटे 7 दिन संचालित बाढ़ एवं संक्रामक रोग कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सभी सीएचसी और केंद्रीय औषधि भंडार में जीवन रक्षक दवाओं के साथ-साथ एंटी स्नेक वेनम एवं एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। साथ ही, 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी प्रभावित ग्रामीणों के इलाज के लिए पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित हैं।

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