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नितिन नबीन अब हुए बीजेपी के नए सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष

January 19, 2026

नितिन नबीन अब हुए बीजेपी के नए सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली, 19 जनवरी 2026, भाजपा को नवीन अध्यक्ष के रूप में युवा नितिन नहीं मिल गए हैं। उनका निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। घोषणा कल होगी।

37 सेट पूरे देश से युवा नितिन नबीन के पक्ष में बीजेपी के केंद्रीय मंत्री , मुख्य मंत्री और वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने दाखिल किये।

आज बीजेपी मुख्यालय में राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण ने 5 बार के विधायक 45 वर्षीय

नितिन नबीन को विधिवत राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया।

नितिन नबीन के पक्ष में पूरे देश से बीजेपी केंद्रीय मंत्री , मुख्य मंत्री और वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने 37 सेट निर्वाचन हेतु दाखिल किये गए

किन्तु उनके विरोध में कोई प्रत्याशी नहीं उतरा। इस प्रकार निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण ने बिहार से 5 बार के विधायक नितिन नबीन

को सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया है।

अब बीजेपी की राष्ट्रिय कार्य समिति की बैठक में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के निर्वाचन का अनुमोदन किया जाना शेष रह गया

है। राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया में बीजेपी के वरिष्ठ नेता पूर्व अध्यक्ष जे पी नड्डा , अमित शाह , राजनाथ सिंह , किरन रिजिजू  आदि

वरिष्ठ नेता नितिन नबीन के नाम का प्रस्ताव करने मौजूद रहे।

45 वर्षीय इंजीनियर नितिन नबीन बिहार में अजेय विधायक और मंत्री के नाम से जाने जाते हैं। बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश और राष्ट्रिय अध्यक्ष की

भूमिका निभा चुके युवा नितिन नबीन विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को नई सोच, नई दिशा और संकल्प देने की पारी शुरू करेंगे।

उनके पिता स्वर्गीय नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी कई बार विधायक रह चुके हैं।

_ भूपत सिंह बिष्ट स्वतंत्र पत्रकार।

विधायिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेही: सतीश महाना

86th AIPOC Inaugurated in Vidhan Bhawan Lucknow

पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में स्मारिका का विमोचन करते हुए राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल और लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला

लखनऊ, 19 जनवरी 2026, उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राज्य को 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) तथा विधानमंडलों के सचिवों के 62वें सम्मेलन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन संसदीय लोकतंत्र की गरिमा, विधायी मर्यादाओं और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच है।
विधानसभा अध्यक्ष ने सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और संरक्षण में उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का विशेष स्वागत करते हुए कहा कि संसदीय नवाचारों, तकनीकी समावेशन और लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त करने में उनका योगदान देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहनीय है।
श्री महाना ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय सहित देशभर से पधारे सभी पीठासीन अधिकारियों, उप पीठासीन अधिकारियों, सचिवों एवं प्रतिनिधियों का हार्दिक अभिनंदन किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक चेतना और सेवा भाव से है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विगत वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आधारभूत ढांचे और निवेश वातावरण में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, जिससे प्रदेश की छवि राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर सशक्त हुई है।
उन्होंने कहा कि विधायिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेही है। संविधान ने विधायिका को व्यापक अधिकार दिए हैं, लेकिन उनके साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया—सभी लोकतंत्र के स्तंभ हैं और अपनी-अपनी सीमाओं में रहकर परस्पर सहयोग, सम्मान और संतुलन से ही लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है।
श्री महाना ने कहा कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन में विधायिका की जनता के प्रति जिम्मेदारी, प्रभावी संसदीय कार्यप्रणाली, तथा डिजिटल तकनीक और नवाचारों के जनहित में उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा होगी। इन विचार-विमर्शों से निकले निष्कर्ष देश की सभी विधानसभाओं और विधान परिषदों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सम्मेलन के अवसर पर विधान भवन में आयोजित लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से उत्तर प्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपरा, लोकतांत्रिक यात्रा और संवैधानिक विकास को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
अंत में श्री महाना ने माननीय प्रधानमंत्री द्वारा भेजे गए संदेश का उल्लेख करते हुए सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि यह सम्मेलन सार्थक, उद्देश्यपूर्ण और ऐतिहासिक सिद्ध होगा।

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Varanasi झूठ के सहारे सहानुभूति बटोरने की साजिश उजागर, दो सांसदों समेत आठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मणिकर्णिका घाट प्रकरण

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लगाया झूठ फैलाकर माहौल बिगाडने का आरोप

Manikarnika Ghat Varanasi

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट का विहंगम दृध्य

वाराणसी, 19 जनवरी 2026, मणिकर्णिका घाट Manikarnika Ghat प्रकरण में विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस द्वारा फैलाया गया झूठ उजागर हो गया है। मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खुद सामने आने और पत्रकार वार्ता करने के बाद झूठ की परतें खुलने लगी हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ARTIFICIAL Intellegence (AI) जनरेटेड वीडियो और फोटाग्राफ्स जारी करके केन्द्र और प्रदेश सरकार को बदनाम करने की गहरी साजिश रची गई थी। मामले में चौक पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें कांग्रेस समर्थित बिहार निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, आप के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह, पंजाब की कांग्रेस नेता समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। इन लोगों ने एक एआई जेनरेटेड फोटो एक्स पर शेयर करके आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्द्धार के नाम पर मन्दिरों को तोड़ा गया है, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़ दी गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि शेयर फोटो और वीडियो एआई से बनाये गए थे। ये फोटो कुंभ महादेव मन्दिर के हैं, जिसे क्षतिग्रस्त दिखाया गया है। जबकि यह मन्दिर काशी विश्वनाथ कारोडोर में है और पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि काशी की आस्था और विश्वास से जुड़े इस स्थल पर अनेक मढियां स्थापित होने की बात प्रशासन और प्रदेश के मंत्री, विधायक, मेयर ने  स्वीकार की है। उन्होंने यह भी माना है कि एक मढ़ी को शिफ्ट करते हुए ड्रिलिंग के कंपन से मढी की दीवार पर बनी कलाकृतियों को कुछ नुकसान पहुंचा है। लेकिन, किसी भी तरह से मन्दिर को क्षतिग्रस्त नहीं किया गया है।

दरअसल यह मामला चर्चा में तब आया जब 16 जनवरी की रात लगभग 10 बजे आशुतोष नामक एक्स यूजर के हैंडल से एक फोटो शेयर की गई। इसमें कहा गया कि मणिकर्णिका घाट पर प्रशासन ने मन्दिरों पर बुलडोजर चला दिया है। मन्दिर तोड़ दिये गए हैं, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़ दिया गया है। इस एक्स ट्बीट पर पप्पू यादव, संजय सिंह और कई लोगों ने शेयर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की तुलना औरंगंजेब और महमूद गजनवी की सरकार से कर दी। इसके बाद मामला गर्मा गया। वीडियो और फोटो की जांच की गई तो पता चला कि वह एआई से बनाया गया है। इस फर्जीवाडे की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस सक्रिय हुई। जांच की गई तो पता चल गया कि वीडियो और फोटो सब एआई से बने हुए हैं। जिस कुंभ महादेव के मन्दिर को क्षतिग्रस्त दिखाया गया और उसे मणिकर्णिका घाट पर बताया गया वह उस स्थान से 250 मीटर दूर है और पूरी तरह से सुरक्षित है। अब चौक पुलिस ने मामले में आप सांसद संजय सिंह, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और छह अन्य को नोटिस जारी कर 72 घंटे में जवाब मांगा है और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में पेश होने को कहा है।

मामले की जानकारी के अनुसार 23 जुलाई 2023 को मणिकर्णिका घाट पर सौन्दर्यीकरण और पुनर्रुद्धार के लिए 26.50 करोड़ स्वीकृत किये गए थे। इस धनराशि से घाट पर विस्तारित श्मसान बनाये जाने हैं। यहां 30 नए प्लेटफार्म बनाये जाने हैं क्योंकि शवदाह के लिए स्थान कम होने के कारण जनता को असुविधा होती है। प्रतीक्षा भी करनी पड़ती है। इसके साथ अन्य सुविधाओं का भी विकास किया जाना है। इसके लिए कुछ छोटी छोटी मढियों को शिफ्ट किये जाने की आवश्यकता है। इसी क्रम में जब काम शुरु हुआ तो एक मढ़ी क्षतिग्रस्त हुई. मशीन के कंपन से दीवार पर कलाकृति भी क्षतिग्रस्त हुईं, यह बात प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने स्वीकार की है। मढ़ी में स्थापित मूर्ति को अन्यत्र संरक्षित रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि उक्त मूर्तियों को फिर से उचित स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा।

इसी विकास कार्य को लेकर कांग्रेस ने बवाल खड़ा कर दिया है। मन्दिरों को तोड़ने का आरोप लगा दिया। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं यहां पहुंच गए और सर्किट हाउस में पत्रकार  वार्ता कर स्थित स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि झूठे फोटो से फर्जी पोस्टें की गई हैं। कांग्रेस माहौल बिगाडना चहती है।

 

January 18, 2026

ब्राह्मण समाज एकजुट होकर उत्पीड़न का करेगा मुकाबला

Mitresh Chaturvedi, Mathura

    अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी का स्वागत करते ब्राह्मण समाज के लोग

राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी का स्वागत करते विप्रजन

हाथरस।राष्ट्रीय विप्र एकता मंच द्वारा हाथरस जंक्शन स्थित ओम वाटिका गेस्टहाउस में ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने कहा कि ब्राह्मण सदैव से सनातन धर्म का ध्वजवाहक रहा है और धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए हर युग में संघर्ष करता आया है। उन्होंने कहा कि शासन सत्ता की लालसा ब्राह्मण समाज का उद्देश्य कभी नहीं रहा, लेकिन सनातन धर्म को कमजोर करने के प्रयासों में सबसे पहले ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया जाता रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में ब्राह्मणों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं और सनातन व राष्ट्र विरोधी शक्तियां समाज को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे में सभी भेदभाव भूलकर ब्राह्मण समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने आरक्षण और एससी एक्ट को समाज की गंभीर समस्याएं बताते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो इनके विरोध में आंदोलन भी किया जाएगा। संगठन द्वारा सदस्यता अभियान चलाकर प्रत्येक जिले में कम से कम 500 लोगों को जोड़ा जाएगा।
उन्होंने यूजीसी इक्विटी कमेटी में किए गए बदलावों को सवर्ण समाज के लिए घातक बताते हुए कहा कि इससे छात्रों में जातिगत भेदभाव की भावना पैदा होगी। इसके विरोध में 26 जनवरी 2026 को देशभर में हर घर लाल झंडा अभियान चलाया जाएगा। नीट पीजी में माइनस 40 अंक पर प्रवेश के प्रावधान का भी उन्होंने कड़ा विरोध किया।
सम्मेलन में एएमयू तिलक विवाद में जीत के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज में कार्यरत पंडित आशीष शर्मा का सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्मदेव शर्मा ने की तथा संचालन जिला अध्यक्ष धर्मेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर मंच के नवनियुक्त पदाधिकारियों का भी स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Hathras समाज कल्याण विभाग में फर्जी नियुक्ति, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस

फर्जी दस्तावेजों से नौकरी का मामला: जीजा-साले पर धोखाधड़ी का मुकदमा
हाथरस।समाज कल्याण विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जीजा-साले के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के विवेकानंद नगर कॉलोनी निवासी नीरज उपाध्याय ने अपने ससुर कोमल किशोर निवासी साकेत कॉलोनी तथा उसके जीजा रामेश्वर उपाध्याय, पूर्व सीओ पर आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी।
शिकायत के अनुसार, पूर्व में सीओ रहे रामेश्वर दयाल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने साले कोमल किशोर के शैक्षिक अभिलेखों में हेराफेरी कराई। वास्तविक जन्मतिथि 20 जनवरी 1958 के स्थान पर कूटरचित रूप से 20 जनवरी 1961 दर्शाकर फर्जी हाईस्कूल प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर समाज कल्याण विभाग में जूनियर क्लर्क के पद पर अनैतिक व फर्जी तरीके से नौकरी प्राप्त की गई और वेतन के रूप में सरकारी धनराशि प्राप्त की गई, जिससे सरकार व योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचा।
मामले की जांच के लिए समाज कल्याण आयुक्त इलाहाबाद के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय समिति ने जांच में पाया कि कोमल किशोर उक्त पद के लिए योग्य नहीं था। इसके बावजूद विभाग द्वारा न तो दस्तावेजों का समुचित सत्यापन किया गया और न ही उसे पदमुक्त किया गया। विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई न होने के आरोप भी लगाए गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस द्वारा भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों, जिनमें प्रमाण पत्र व आधार कार्ड की छायाप्रति शामिल है, के आधार पर प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए विवेचना आवश्यक बताई और पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
सीओ सदर योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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