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महुली हादसे के पीड़ित परिवार से मिले भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा, जताई गहरी संवेदना

August 8, 2026

महुली हादसे के पीड़ित परिवार से मिले भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा, जताई गहरी संवेदना

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP

प्रतापगढ़। महुली मोहल्ले में जर्जर मकान गिरने से एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने का सिलसिला जारी है। शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा करीब 11:30 बजे महुली पहुंचे और हादसे में जान गंवाने वाले प्रमोद श्रीवास्तव समेत परिवार के पांच अन्य सदस्यों के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।

डॉ. रोहित मिश्रा ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने हादसे में परिवार के एकमात्र बचे सदस्य अमन श्रीवास्तव से भी मुलाकात कर उसका हाल जाना और इस बेहद कठिन समय में उसे ढांढस बंधाया। परिवार को एक साथ छह सदस्यों को खोने का गहरा सदमा है।

इस दौरान डॉ. रोहित मिश्रा ने कहा कि महुली का हादसा बेहद हृदयविदारक और दुखद है। इतनी बड़ी जनहानि ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में भारतीय जनता पार्टी और उसका पूरा संगठन परिवार के साथ खड़ा है।

उन्होंने पार्टी की ओर से परिवार को हर संभव मदद और सहयोग का भरोसा दिलाया। साथ ही प्रदेश सरकार से भी पीड़ित परिवार को आवश्यक आर्थिक एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।

डॉ. रोहित मिश्रा ने कहा कि सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार को इस कठिन परिस्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

वहीं, मौके पर मौजूद सदर विधायक राजेंद्र मौर्या ने भी पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अमन श्रीवास्तव से मुलाकात कर उसका हाल जाना और परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

महुली हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी शोक का माहौल है। एक ही परिवार के छह लोगों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं के पीड़ित परिवार से लगातार मिलने से परिवार को इस मुश्किल समय में भावनात्मक और सामाजिक संबल मिल रहा है।

प्रतापगढ़ में दीवार गिरने से बुजुर्ग की मौत

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP

छप्पर के नीचे सो रहे थे 70 वर्षीय नासिर अली, अचानक भरभराकर गिरी दीवार; मलबे में दबे, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम

प्रतापगढ़। लालगंज क्षेत्र के मोंठिन गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग के ऊपर अचानक दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में बुजुर्ग मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों और परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, मोंठिन गांव निवासी नासिर अली (70) पुत्र महबूब अली रोज की तरह शनिवार सुबह घर के बाहर बने छप्पर के नीचे सो रहे थे। सुबह करीब 5 बजे अचानक एक दीवार भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े।
ग्रामीणों ने देखा कि बुजुर्ग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। इसके बाद लोगों ने तत्काल राहत-बचाव का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर नासिर अली को बाहर निकाला गया। हादसे में उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई थी।
परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए लालगंज ट्रामा सेंटर ले जाने की तैयारी की गई। परिजन उन्हें लेकर अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में असरही गांव के पास उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।

परिजन जब उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत होने के कारण परिजन शव को वापस घर लेकर लौट आए।

खेती-किसानी कर परिवार का करते थे भरण-पोषण
मृतक नासिर अली खेती-किसानी का काम करते थे। बताया गया कि खेती के सहारे ही वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके तीन बेटे सब्बीर, सकील और अफसर हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। वहीं उनकी बेटी सारजहां का भी निकाह हो चुका है।

अचानक हुए इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बुजुर्ग की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार उनके घर पहुंचने लगे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में पसरा मातम
एक बुजुर्ग की इस तरह अचानक मौत से पूरे मोंठिन गांव में शोक की लहर है। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं।

Ballia युकेश सिंह के भाजपा में आने की बढ़ी उम्मीद, मंत्री ने दिए संकेत

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 08/08/2026

बलिया, उत्तरप्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने दिवंगत उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह को राजनीत में आने को लेकर बलिया में बड़ा बयान दिया कहा, दलीय सीमाओं को लांघकर बहुत सारे लोगों की संवेदनाएं उमाशंकर के परिवार को मिली है उम्मीद है कि जिसे छोटा बच्चा कहा जा रहा है सभी की दुआएं और शुभकामनाओं के बल बूते एक दिन युकेश बड़ा उमाशंकर बनेगा।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह बलिया के ब्यासी घाट पर उमाशंकर सिंह के अंत्येष्टि कार्यक्रम में पहुंचे थे और वो काफी भावुक थे उन्होंने सांकेतिक शब्दों में कहा कि उमाशंकर सिंह को किसी सीमा में नहीं बांध सकते, बहन जी के प्रति धन्यवाद के भाव हैं लेकिन देश के गृह मंत्री अमित शाह ने अमेरिका तक उनका पल-पल इलाज कराने में अपनी पूरी भूमिका का निर्वहन किया। प्रधानमंत्री की भी उमाशंकर सिंह के साथ संवेदनाएं थी। PMO कार्यालय लगातार हमेशा संपर्क में रहा कि उनकी अच्छी चिकित्सा हो सके। उन्होंने कहा उत्तरप्रदेश में राजनीत करने वाले कोई ऐसे दल के लोग नहीं है जो उमाशंकर सिंह के जाने से आज दुखी न हों। रसड़ा का भगवान नहीं रहा, बलिया का भगवान नहीं रहा ऐसा नसीब कम ही लोगों का होता है। दरअसल बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ स्थित उमाशंकर सिंह के आवास पर श्रद्धांजलि देने के बाद उनके बेटे प्रिंस युकेश को लेकर बयान दिया था कि बसपा पार्टी पूरी तरह से उनके परिवार के साथ है अगर परिवार के लोग चाहते हैं कि युकेश सिंह राजनीत में आए तो मैं उनके साथ हु और पार्टी उनके साथ है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में युकेश सिंह को राजनीती में आने को लेकर तरह तरह की चर्चाएं चलने लगी थी।

बलिया में नाबालिग के साथ पड़ोसी युवक ने किया दुष्कर्म

Uttar Pradesh Map

UTTAR pRADESH

Posted on 08.08.2026 Time 06.05 PM, Ballia News, UP News

बलिया, 08 अगस्त 2026, सुखपुरा थाना क्षेत्र में पड़ोसी युवक के द्वारा अपने  नाबालिग लड़की को बहला फुसला कर गांव से बाहर ले जाकर किया दुष्कर्म किया गया। लड़की ने अपने परिजनों से बताई आपबीती।

परिजनों की तहरीर पर पड़ोसी युवक पर मुकदमा हुआ दर्ज हुआ है। मौके से पड़ोसी युवक फरार हो गया है , पुलिस तलाश में जुटी।

Ballia, August 08, 2026: A minor girl was lured out of her village and raped by a neighbour in Sukhpura police station area. The girl reported the matter to her family. A case has been registered against the neighbour based on the family’s complaint. The neighbour has fled the spot and police are looking for him.

खोजी ए आईः वायरस बनाम बैक्टीरिया

Editorial 08.08.2026 BY SARVESH KUMAR SINGH

Editorial

सर्वेश कुमार सिंह

ए आई अब केवल सूचना देने, आपके प्रश्नों के उत्तर देने या किसी समाधान का रास्ता बताने तक का सीमित साधन नहीं रहा है, बल्कि इससे आगे यह मानव जीवन को प्रभावित करने वाला खोजी टूल बन गया है। खोज भी ऐसी जो भौतिक विज्ञान से आगे रसायन और जैव विज्ञान के क्षेत्र में है। यह केवल निर्जीव वस्तुओं की खोज नहीं है, बल्कि जैविक खोज तक पहुंच गई है। जो मानव जीवन को प्रभावित करने की क्षमता रखती है, दोनों तरह से सकारात्मक भी और नकारात्मक भी। यानि कि यह लाभ भी पहुंचाएगी और कभी गलत हाथों में गई तो भारी हानि भी करेगी।

ऐसी ही खोज हाल ही में अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और कैलीफोर्निया के आर्क इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने ए आई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से एक वायरस को तैयार किया है। यह वायरस ए आई द्वारा कृत्रिम जीनोम (जैनेटिक कोड) तैयार करने के बाद लैब में सिंथेटिक्स वायरस के रूप में बनाया गया। वायरस को इस प्रकार ट्रेंड किया गया कि वह रोग के कारण बैक्टीरिया पर हमला कर सके और उसे नष्ट कर दे। इस प्रयोग में वैज्ञानिकों को सफलता मिली है। इसे बैक्टीरियोफेज नाम दिया गया है। यह खतरनाक बैक्टारिया को खोजने और मारने में सक्षम है।

शोधकर्ताओं ने जेनरेटिव ए आई माडल ( ईवो-1 और ईवो-2) का इस्तेमाल करके 16 ऐसे नये सिंथेटिक वायरस बनाये हैं जो प्रकृति में पहले से मौजूद नहीं हैं। प्रयोग में ये ई कोलाई बैक्टीरिया को नष्ट करने में पूरी तरह सफल रहे। भविष्य में इस तकनीक के प्रयोग से दवाएं और खासकर ऐसी दवाएं जो एंटीबायोटिक हैं और बेसर हो चुकी हैं, उनको फिर से कारगर करने या बनाने में प्रयोग किया जाएगा।

आम नागरिकों की जिज्ञासा यह है कि यह वायरस कम्यूटर ने कैसे तैयार कर लिया। इस बारे में गहराई से अध्ययन करने से पता चला कि कम्यूटर ने ए आई के माध्यम से सिर्फ जीनोम कोड तैयार किया। यह बहुत सारे पहले से मौजूद कोडों के अध्ययन के  बाद ए आई ने तैयार किया। ए आई ने एक नये वायरस का डीएनए कोड (ब्लू प्रिंट) तैयार किया। वैज्ञानिकों ने पहले ईवो नाम के ए आई माडल को लाखों जीवों के डीएनए कोड और आरएनए कोड की भाषा सिखायी। इससे ए आई ने यह समझ लिया कि एक वायरस को जीवित रहने और बैक्टीरिया पर हमला करने के लिए किस प्रकार के जैनेटिक कोड की जरूरत होती है। फिर ए आई ने खुद से 16 वायरस का जीनोम (जैनेटिक कोड) तैयार कर दिया। यह कोड एकदम नया था। फिर इस डिजिटल कोड को असली में बदला गया। इसके लिए प्रयोगशाला (लैब) का इस्तेमाल किया गया। यह कार्य मानवीकृत रूप से सम्पन्न हुआ। वैज्ञानिकों ने डिजीटल कोड को रसायनों के माध्यम से इसे जैविक और असली डीएनए में बदल दिया। इस कृत्रिम डीएनए को एक वायरस के खाली खोल (सेल) में डाल दिया गया। इसके बाद यह एक जीवित बैक्टीरियोफेज के रूप में काम करने लगा। प्रयोग के लिए इस बैक्टीरियोफेज को एक डिश में रखकर ई-कोलाई बैक्टीरिया के साथ छोड़ा गया तो इसने खतरनाक बैक्टीरिया की पहचान कर ली और यह उसकी दीवार को भेदकर उसके अंदर प्रवेश कर गया, यानि अपना डीएनए वहीं छोड दिया। यहां उसने लाखों वायरस के रूप में खुद को परिवर्तित किया । इसने अपने स्वरूप की लाखों की संख्या में बनी कापियों को एक साथ नष्ट किया जिससे बैक्टीरिया फट कर नष्ट हो गया।

ये तकनीक भविष्य की चिकित्सा सुविधाओं और चिकित्सा विज्ञान की दिशा बदल देगी। इसका सबसे बड़ा लाभ कैंसर चिकित्सा में हो सकता है। क्योंकि खराब कैंसर कोशिकाओं को ए आई की मदद से जन्मे बैक्टीरियोफेज आसानी से नष्ट कर सकते हैं। लेकिन, इस तकनीक और खोज के खतरे भी इतने ही बड़े हैं। यह तकनीक यदि आतंकवादियों और कुछ कमजोर राष्ट्रों के हाथों में पड़ गई तो जैविक हथियार के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है। इससे जैविक युद्ध का नया खतरा जन्म ले रहा है। इसलिए सतर्कता जरूरी है। वर्ष 2019 में कोविड महामारी का एक महत्वपूर्ण कारक भी चीन की प्रयोगशाला में निर्मित कृत्रिम वायरस ही था। यह वायरस वैज्ञानिकों की असावधानी अथवा उनके द्वारा स्वयं ही लैब से बाहर निकाल दिया गया, यह अभी तक पता नहीं चला है। लेकिन, इस महामारी ने पूरी दुनिया को हलकान कर दिया। कई लाख लोगों को इस महामारी से जान गंवानी पड़ी थी। इसलिए इस नई खोज का स्वागत करने के साथ-साथ इसकी सुरक्षा के उपायों पर भी गंभीरता से चिंतन और रणनीति बनाने की जरूरत है।

लेखक परिचयः स्वतंत्र पत्रकार, लखनऊ

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