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एटा में अज्ञात वाहन से टकराकर पलटी कार पलटी, चालक घायल अस्पताल में भर्ती

July 10, 2026

एटा में अज्ञात वाहन से टकराकर पलटी कार पलटी, चालक घायल अस्पताल में भर्ती

एटा 10 जुलाई उप्रससे। जनपद के पिलुआ थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर बाद एक कार अज्ञात वाहन से टकराकर पलट गई। इस हादसे में कार चालक घायल हो गया, जिसे मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया।

यह घटना हाईवे स्थित गांव सुना नहर पुल से एक किलोमीटर दूर स्थित बड़ागांव फ्लाइओवर के पास हुई। शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे गाजियाबाद निवासी दीपक पुत्र रामदास पाल अपनी कार (UP14EF8196) से गाजियाबाद से एटा की ओर जा रहे थे। बड़ागांव पुल के ऊपर उनकी कार किसी अज्ञात वाहन से टकरा गई, जिससे वह अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने कार में फंसे घायल चालक दीपक को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस की मदद से जिला मेडिकल कॉलेज एटा भेजा। क्षतिग्रस्त कार को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया गया।

थाना पिलुआ प्रभारी संदीप सिंह राणा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने बताया कि अज्ञात वाहन की तलाश सीसीटीवी कैमरों की मदद से की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

बिहार विधानसभा के प्रबोधन कार्यक्रम में शामिल होंगे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना

हिमाचल प्रदेश की सार्वजनिक उपक्रम समिति का उत्तर प्रदेश विधान सभा का भ्रमण

विधायकों को संसदीय परंपराओं एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती का देंगे संदेश

लखनऊ/पटना । बिहार विधानसभा के नवनिर्वाचित एवं वर्तमान सदस्यों के लिए गया जी स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) में आयोजित होने वाले दो दिवसीय ‘प्रबोधन कार्यक्रम’ में उत्तर प्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री सतीश महाना भी शामिल होंगे।
बिहार विधानसभा सचिवालय, लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (PRIDE) तथा बिहार सरकार के बिपार्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम 11 एवं 12 जुलाई, 2026 को संपन्न होगा। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा किया जाएगा।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बिहार विधान परिषद के सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना कार्यक्रम में विधायकों को संबोधित करते हुए संसदीय परंपराओं, सदन की गरिमा, विधायी प्रक्रियाओं और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे।
श्री महाना ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए आवश्यक है कि जनप्रतिनिधि संविधान की भावना, संसदीय मर्यादाओं और सदन की कार्यप्रणाली को गहराई से समझें। प्रबोधन जैसे कार्यक्रम विधायकों को न केवल विधायी कार्यों की जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रभावी जनसेवा के लिए भी प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि यह जनता की आकांक्षाओं को अभिव्यक्ति देने और लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत करने का सर्वोच्च माध्यम है। सदन की गरिमा, अनुशासन और सकारात्मक चर्चा लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाती है।
प्रबोधन कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में विधायकों को सदन की कार्यवाही, प्रश्नकाल, विधायी प्रक्रिया, संसदीय शिष्टाचार, समितियों की भूमिका तथा जनप्रतिनिधि के रूप में उनके दायित्वों से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना द्वारा विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए किए गए नवाचारों—ई-विधान व्यवस्था, डिजिटल सुविधाओं और सदन की कार्यक्षमता बढ़ाने के प्रयासों को देशभर में सराहा गया है। उनके अनुभव इस प्रबोधन कार्यक्रम में भाग लेने वाले विधायकों के लिए उपयोगी और प्रेरणादायी होंगे।

साहित्य वही, जो सीधे हृदय तक पहुँचे: कुंवर मानवेंद्र सिंह

श्री कृष्ण प्रताप सिंह, जयंती पर आयोजित हुई 23वीं अध्यात्म चिंतन व्याख्यानमाला

साहित्य, संस्कृति और समाजसेवा क्षेत्र की विभूतियों का हुआ सम्मान, तीन पुस्तकों का लोकार्पण

‘संत विवेक’ विशेषांक
समाज को दिशा देने वाली विभूतियों का सम्मान हमारी सांस्कृतिक परंपरा : कुंवर मानवेंद्र सिंह

लखनऊ, 10 जुलाई। ‘कृष्णप्रताप विद्याविन्दु लोकहित न्यास’, ‘शिव सिंह सरोज स्मारक समिति’ और ‘अखिल भारतीय साहित्य परिषद’ के संयुक्त तत्वावधान में गोमती नगर स्थित सीएमएस विशाल खंड के सभागार में श्री कृष्ण प्रताप सिंह की जयंती के अवसर पर 23वीं अध्यात्म चिंतन व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। स्वर्गीय कृष्ण प्रताप सिंह एवं अखंड प्रताप सिंह के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि साहित्य का वास्तविक उद्देश्य केवल शब्दों का सृजन नहीं, बल्कि मनुष्य के हृदय तक पहुंचकर उसे संवेदनशील और संस्कारित बनाना है। उन्होंने यह विचार ‘श्री कृष्ण प्रताप विद्या विन्दु लोकहित न्यास’ एवं ‘श्री शिव सिंह सरोज स्मारक समिति’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन धर्म, संस्कृति, समाज, संस्कार और सेवा की भावना को सशक्त करते हैं तथा नई पीढ़ी को भारतीय चिंतन और मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि ‘संत विवेक-2026’ का विशेषांक भक्ति काव्य, भारतीय आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत का समृद्ध दस्तावेज है। उन्होंने डॉ. विद्या विन्दु के संपादकीय की सराहना करते हुए कहा कि इसमें भारतीय संस्कृति, भक्ति और पारिवारिक मूल्यों का गहन एवं प्रेरणादायी चित्रण है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के प्रति श्रद्धा ही ईश्वर भक्ति का प्रथम सोपान है और यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विशेषांक पाठकों को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ते हुए समाज में सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करेगा। समारोह को विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने साहित्यकारों का अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया।
शिव सिंह सरोज स्मारक समिति की अध्यक्ष रमा सिंह ने संगोष्ठी की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह में पद्मश्री अनिल रस्तोगी, डॉ. आनंद प्रकाश माहेश्वरी, डॉ. दिनेश प्रताप सिंह, चंद्रशेखर वर्मा, डॉ. मांडवी सिंह, सरिता सिंह, डॉ. शुभदा पाण्डेय, डॉ. मीनू खरे, पद्मश्री डॉ राम कठिन सिंह, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, इन्द्रासन सिंह ‘इन्दु’ अर्चना शुक्ला हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट तथा डॉ. दिवाकांत मिश्र सहित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को स्मृति सम्मान से अलंकृत किया गया। साथ ही अनेक युवा प्रतिभाओं को प्रमाणपत्र, मेडल, अंगवस्त्र, बैग एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान तीन पुस्तकों का लोकार्पण भी हुआ। समारोह का संचालन डॉ. भारती सिंह, अर्चना सतीश एवं विजय कृष्ण सिंह मानक ने किया। राष्ट्रगान एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Firozabad: डेढ़ वर्षीय मासूम की हत्या के आरोपी को फांसी की सजा

Posted on 10.07.2026, Time 03.39 PM, Firozabad, Shikohabad, Miner child murder case, death sentence to criminal yooth, UP Breaking News

जिला जज ने एक महीने में किया फैसला, दी कठोरतम सजा, दुर्लभ श्रेणी का माना गया मामला

उमेश बाबू राठौर

फिरोजाबाद, 10 जुलाई 2026 (उप्र समाचार सेवा)। डेढ़ साल के मासूम की हत्या के आरोप में जेल अदालत ने अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक कल गुरुवार को मामले में दोषी करार दिया गया था। डेढ़ साल के मासूम आरव की पटक पटक कर हत्या कर दी गई थी।

शिकोहाबाद के बहुचर्चित डेढ़ वर्षीय मासूम आरव हत्याकांड में गुरुवार को जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख तय की थी।
यह मामला 30 मई का है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। अभियोजन के अनुसार, बदायूं के शेखूपुर निवासी विराज एकतरफा प्यार में महिला पर शादी का दबाव बना रहा था। प्रस्ताव ठुकराए जाने से नाराज होकर उसने महिला के डेढ़ वर्षीय बेटे आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले जाकर सुनसान गली में जमीन पर कई बार पटक दिया, जिससे मासूम की मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया था। बाद में पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि इस चर्चित मुकदमे में पुलिस और अभियोजन ने तेजी से पैरवी करते हुए मात्र छह दिनों में 13 गवाहों की गवाही पूरी कराई। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी विराज को दोषी करार दिया।

जिला जज ने मामले में तत्परता से सुनवाई करते हुए अभियुक्त को एक महीने में ही सजा सुना दी।

ओसीएफ के कनिष्ठ कार्य प्रबन्धक समेत दो ठिकानों पर सीबीआई की रेड

शाहजहांपुर — ( संजीव गुप्त द्वारा )

–12 करोड़ के फर्जी टेंडर घोटाले में कार्रवाई
कनिष्ठ प्रबन्धक दीपेश गुप्ता व ठेकेदार कपिल पांडेय के घर पहुंचे अधिकारी, दीपेश गुप्ता का आवास सीज

शाहजहांपुर, 10 जुलाई 2026, फिरोजाबाद स्थित आयुध उपकरण निर्माणी (ओईएफ) में करीब 12 करोड़ रुपये के फर्जी टेंडर घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, गाजियाबाद की टीम ने बुधवार सुबह शाहजहांपुर में दो स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। टीम ने आयुध वस्त्र निर्माणी (ओसीएफ) में तैनात कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता के सरकारी आवास और सदर बाजार थाना क्षेत्र के चिनौर निवासी कपिल कुमार पांडेय के घर पर दबिश दी। हालांकि, दोनों आरोपी आवास पर नहीं मिले। काफी देर तक तलाश के बाद भी उनके नहीं मिलने पर सीबीआई ने दीपेश गुप्ता का आवास सीज कर दिया। सीबीआई ने फिरोजाबाद के हजरतपुर स्थित आयुध उपकरण निर्माणी में वर्ष 2022 से 2025 के बीच हुए करीब 12 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। मामले में तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अमित सिंह, तत्कालीन कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता समेत 10 लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर चहेती और डमी कंपनियों को करोड़ों रुपये के फर्जी टेंडर आवंटित किए गए।

!!सरकारी कंप्यूटरों से डाले गए टेंडर!!

सीबीआई जांच में सामने आया कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान कारखाने के सरकारी कंप्यूटर और इंटरनेट नेटवर्क का उपयोग किया गया। फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों के आधार पर डमी कंपनियों को पात्र दिखाकर टेंडर दिलाए गए। इसके एवज में अधिकारियों को लाखों रुपये की रिश्वत दी गई। साथ ही दक्षिण कोरिया के सियोल की हवाई यात्रा के टिकट और परिजनों के खातों में धनराशि ट्रांसफर किए जाने के भी आरोप हैं।

!!दीपेश पर 38.44 लाख रिश्वत लेने का आरोप!!
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में ओसीएफ शाहजहांपुर में तैनात कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता पर टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी कर 38.44 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। वहीं तत्कालीन जेएलएम मनोज कुमार पर 21.41 लाख रुपये रिश्वत लेने तथा तत्कालीन सीजीएम अमित सिंह और उनकी पत्नी नीलम सिंह के लिए दक्षिण कोरिया के सियोल की हवाई यात्रा के टिकट बुक कराने का आरोप लगाया गया है।

!!डमी कंपनी बनाकर हासिल किए गए टेंडर!!

जांच एजेंसी के मुताबिक मैसर्स एमएमएसएम एंटरप्राइजेज के नाम पर कागजों में संतोष कुमार को प्रोपराइटर दिखाया गया, जबकि कंपनी का वास्तविक संचालन कारखाने के अधिकारियों के इशारे पर किया जा रहा था। जेम पोर्टल पर सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हासिल किए गए। मामले में तत्कालीन सीजीएम अमित सिंह, दीपेश गुप्ता, मनोज कुमार, ठेकेदार संतोष कुमार और मुख्य सूत्रधार कपिल कुमार पांडेय सहित कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है।

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