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रवी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ खरीद तैयारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

March 12, 2026

रवी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ खरीद तैयारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

( संजीव गुप्ता द्वारा )
शाहजहाँपुर, 11 मार्च। रवी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जनपद में गेहूँ खरीद एवं भण्डारण व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी/जिला खरीद अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, समस्त मंडी सचिव तथा संबंधित सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधक उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम, बरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी क्रय संस्थाओं के जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में स्वीकृत 158 गेहूँ क्रय केन्द्रों को शीघ्र सक्रिय किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित संस्थाएं अपने क्षेत्रीय मंडी सचिवों से समन्वय स्थापित करते हुए सभी क्रय केन्द्रों पर आवश्यक उपकरण, अभिलेख एवं किसानों की सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि सभी केन्द्रों को 17 मार्च 2026 से पूर्व पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जा सके।
खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल https://fcs.up.gov.in/ पर गेहूँ विक्रय के लिए किसानों का पंजीकरण कार्य प्रारम्भ हो चुका है। किसानों से अपील की गई कि वे अपनी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए शीघ्र अपने मोबाइल फोन अथवा जनसुविधा केन्द्र के माध्यम से पंजीकरण कराएं, जिससे समय से सत्यापन होने के बाद उन्हें अपनी उपज के विक्रय में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। फसल की कटाई के पश्चात किसान अपनी सुविधा के अनुसार पंजीकरण प्रपत्रों सहित निकटतम गेहूँ क्रय केन्द्र से संपर्क कर टोकन प्राप्त करें तथा निर्धारित तिथि पर ही अपना गुणवत्तापरक गेहूँ विक्रय हेतु लेकर आएं।
सभी क्रय संस्थाओं को यह भी निर्देशित किया गया कि उनके केन्द्र प्रभारी 17 मार्च 2026 से प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक क्रय केन्द्रों पर उपस्थित रहकर गेहूँ खरीद का कार्य सुनिश्चित करेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि केन्द्रों पर आने वाले किसानों के साथ सौम्य एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
गेहूँ खरीद से संबंधित शिकायतों एवं सुझावों के लिए नियंत्रण कक्ष/हेल्प डेस्क नंबर 05842-221986 तथा व्हाट्सएप नंबर 95190-63411 जारी किए गए हैं, जिन पर किसान संपर्क कर सकते हैं। शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप गेहूँ न होने की स्थिति में उसकी नीलामी प्रतिदिन मंडी में व्यापारियों और केन्द्र प्रभारियों की उपस्थिति में दो बार बोली लगवाकर कराई जाएगी, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
जनपद के किसानों से यह भी अपील की गई कि वे शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार गेहूँ को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके ही क्रय केन्द्रों पर लाएं, जिससे सरकारी गेहूँ खरीद केन्द्रों पर विक्रय के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

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शाहजहांपुर में कानून व्यवस्था को लेकर डीएम ने की बैठक

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में आगामी अलविदा व ईद पर्व को लेकर शांति एवं कानून व्यवस्था संबंधी बैठक आयोजित
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर 11 मार्च, 2026। आगामी अलविदा तथा ईद के त्योहारों को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ईदगाह कमेटी के सदस्य, धर्मगुरु तथा शहर के संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान बताया गया कि 13 मार्च, शुक्रवार को जनपद की विभिन्न मस्जिदों सहित ईदगाहों में अलविदा की नमाज अदा की जाएगी तथा इसके उपरांत आगामी दिनों में ईद के अवसर पर ईद की नमाज का आयोजन जनपद की सभी मस्जिदों में किया जाएगा। अलविदा की नमाज रमज़ान माह के अंतिम शुक्रवार को अदा की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजी शामिल होते हैं। इसको दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में ईदगाह कमेटी के सदस्यों एवं धर्मगुरुओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने मस्जिदों एवं ईदगाहों के आसपास साफ-सफाई की व्यवस्था, छुट्टा पशुओं को नियंत्रित करने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल की समुचित व्यवस्था तथा नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त जिन स्थानों पर सड़कें खुदी हुई हैं, वहां धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव कराए जाने की भी मांग रखी गई।

जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि जनपद की प्रमुख मस्जिदों तथा ईदगाह, जामा मस्जिद के पहुंच मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा आसपास साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चुना छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए । जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि अलविदा के दिन सड़कों पर छुट्टा पशु न घूमने पाए इसके लिए नगर निगम आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही डेयरी संचालकों को भी निर्देशित किया जाए कि अलविदा के दिन अपने पशुओं को सड़कों पर न निकालें, जिससे आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि नमाज के समय किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए साथ ही शहर पेश इमाम हुजूर अहमद मंजरी से कहा कि किसी भी स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कॉल करके समस्या से अवगत करा सकते हैं। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे रमज़ान अलविदा एवं ईद का त्योहार जनपद में आपसी सौहार्द, शांति एवं भाईचारे के वातावरण में संपन्न हो सके।

बैठक के दौरान नगर आयुक्त डॉ विपिन कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र , अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, एसपी ग्रामीण सहित संबंधित अधिकारियों मौजूद रहे।
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गैस एजेंसियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

*कालाबाजारी और अनियमितता के आरोप में दो गैस एजेंसियों के संचालकों पर एफआईआर*

गोरखपुर। जिले में रसोई गैस की कालाबाजारी और अनियमितता की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो गैस एजेंसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की है। जांच के दौरान सिलेंडरों की अवैध बिक्री और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के संचालकों, परिवहन ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पहला मामला आशीष इंडेन गैस सर्विस, पीपीगंज से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार 10 मार्च 2026 को बाटलिंग प्लांट गीडा से उक्त गैस एजेंसी के लिए 525 भरे हुए गैस सिलेंडर ट्रक संख्या WB 29C 1718 के माध्यम से भेजे गए थे। आरोप है कि गैस एजेंसी द्वारा इन सिलेंडरों को अपने गोदाम में उतारने के बजाय ट्रक को नौसढ़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे खड़ा कर दिया गया और वहां से सिलेंडरों को अवैध तरीके से अधिक कीमत पर बेचा जाने लगा।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जांच टीम ने इस गड़बड़ी को पकड़ लिया। इसके बाद 11 मार्च को गैस एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जहां स्टॉक में भी गड़बड़ी पाई गई। इस मामले में गैस एजेंसी के मालिक पवन वर्मा, संबंधित परिवहन ठेकेदार मैसर्स प्रेस्टिज मूवर्स, ट्रक चालक अली मोहम्मद तथा गैस एजेंसी के कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1966 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत थाना गोरखनाथ में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।
दूसरा मामला कन्हैया इंडेन गैस सर्विस, नौसढ़ से संबंधित है। 10 मार्च 2026 को नौसढ़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे एक पिकअप वाहन संख्या UP 53 GT 5254 में भरे घरेलू कुकिंग गैस सिलेंडर लावारिस हालत में पाए गए। वाहन पर कन्हैया इंडेन गैस सर्विस से संबंधित बैनर भी लगा हुआ था।
मौके पर मौजूद लोगों ने जांच टीम को बताया कि उक्त वाहन के माध्यम से गैस सिलेंडरों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था। हालांकि जांच टीम को देखकर गैस एजेंसी के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। इसके बाद 11 मार्च को संबंधित गैस एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों के स्टॉक में अनियमितता और गड़बड़ी पाई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि घरेलू उपयोग के गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग किया जा रहा था। इस मामले में मैसर्स कन्हैया इंडेन गैस सर्विस के प्रोपराइटर के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम 1965 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी गैस एजेंसी या उससे जुड़े व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले में गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

फैमिली आईडी योजना की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

एक परिवार एक पहचान’ के तहत सभी परिवारों का पंजीकरण कराने के निर्देश*

गोरखपुर। जिले में गोरखपुर फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) योजना की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने नगर निगम गोरखपुर के सदन हाल में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनपद के प्रत्येक परिवार को विशिष्ट परिवार पहचान दिलाने के लिए अभियान चलाकर पंजीकरण कार्य में तेजी लाई जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “एक परिवार एक पहचान” का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना के तहत जिले के अधिक से अधिक परिवारों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को एक विशेष फैमिली आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे उस परिवार की पहचान सुनिश्चित होगी और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ सीधे संबंधित परिवार तक पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि फैमिली आईडी के माध्यम से परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना, पेंशन योजनाएं, छात्रवृत्ति, शिक्षा से जुड़ी योजनाएं सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित होगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत परिवार के पति-पत्नी, बच्चों तथा अन्य आश्रित सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि पूरे परिवार का एकीकृत डाटा तैयार हो सके। इससे सरकार को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जरूरतमंदों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गोरखपुर के सभी निवासियों से अपील की कि वे अपने परिवार की विशिष्ट पहचान प्राप्त करने के लिए जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं। उन्होंने बताया कि इसके लिए नजदीकी जन सेवा केंद्रों (CSC) पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है, जहां जाकर परिवार के सदस्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं।
बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि फैमिली आईडी योजना के तहत पंजीकरण कार्य को तेजी से पूरा कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि जिले के सभी परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

*व्हाट्सएप कॉल कर खुद को अधिकारी बताकर बैंक खातों से उड़ाए थे पैसे*

गोरखपुर। साइबर अपराध के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर अपराध थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण में साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में वादिनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने व्हाट्सएप कॉल कर स्वयं को सरकारी अधिकारी बताते हुए उसे “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाया। आरोपियों ने उसे डराकर उसके बैंक खातों से आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़िता की तहरीर के आधार पर साइबर अपराध थाना गोरखपुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकास विश्वकर्मा पुत्र राधेश्याम विश्वकर्मा निवासी गणेशपुरी कॉलोनी नासिरपुर, थाना चितईपुर जनपद वाराणसी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2), 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
इस घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर खुद को पुलिस, बैंक अधिकारी या अन्य सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराने या लालच देने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज से सतर्क रहें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत कॉल या चैट बंद कर दें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है।

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