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अंबेडकर का होर्डिंग फाड़े जाने से आक्रोश, गांव में तनाव

April 19, 2026

अंबेडकर का होर्डिंग फाड़े जाने से आक्रोश, गांव में तनाव

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हाथरस। थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव कछपुरा में अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर का होर्डिंग फाड़े जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और गांव में तनाव का माहौल बन गया।सूचना मिलते ही डायल 112 और थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। वहीं ग्रामीणों और अंबेडकरवादी संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

निर्भीक होकर तथ्य सामने लाएं पत्रकार: दयाशंकर सिंह

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 19/04/2026

बलिया, 19 अप्रैल 26, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा है कि पत्रकार निर्भीक होकर तथ्यों को सामने लाएं। पत्रकारिता चौथा स्तंभ है। इस जिम्मेदारी को निभाएं। वे यहां भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विचार व्यक्त कर रहे थे।

संघ के पदाधिकारियों ने यहां पहुंचे यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का माल्यार्पण और अंगवस्त्र से स्वागत किया। परिवहन मंत्री ने मंच से कहा कि समाज का चौथा स्तंभ पत्रकारिता है न्याय पालिका, कार्यपालिका उसी तरह से पत्रकारिता का एक अलग स्थान है तीनों अगर अपना काम सही ढंग से करें और उसपर अगर कोई अंकुश लगाने का कोई काम करता है जो पत्रकारिता का चौथा स्तंभ है वह कार्य करता है। पत्रकारिता में निर्भीक होकर सही तथ्यों को समाज के सामने लाना यही पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य होता है।समाज के हर क्षेत्र में गिरावट आई है चाहे कार्यपालिका हो,व्यवस्थापिका जो,या न्याय पालिका हो सब में कही न कही गिरावट है जो पत्रकारिता जगत भी कही अक्षुता नही है । अगर सही तथ्यों को उजागर करेंगे तो समाज में एक परिवर्तन आएगा।जब जब समाज में परिवर्तन आया है या बड़े से बड़े आंदोलन हुये  है वह पत्रकारिता के माध्यम से हुआ है और देश की आजादी की लड़ाई में भी पत्रकारिता का बहुत बड़ा सहयोग रहा है।

ईरान की नापाक हरकत से भारत नाराज

Article Posted on 19.04.2026, Time 09.23 PM, Sunday Writer Sarvesh Kumar Singh, Senior Journalist

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

अमेरिका, इजराइल और ईरान के युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नरम रुख अपनाए जाने के बाद भी ईरान की तरफ से कुछ ऐसी घटनाएं अंजाम दी जा रही हैं जो इस क्षेत्र में फिर से अशांति पैदा कर सकती है। भारत के साथ भी ईरान के संबंध तनावपूर्ण हो सकते यह घटनाक्रम कल हुआ है, जिससे भारत ईरान से बेहद नाराज है। अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए भारत के विदेश मंत्रालय ने, विदेश मंत्री विक्रम मिश्री ने कल ईरान के दिल्ली स्थित दूतावास से ईरान के राजदूत को तलब किया और अपनी नाराजगी जाहिर की।

Iran

घटना यह है कि कल हॉर्मूज जलडमरू मध्य मार्ग से भारत के 14 भारत आ रहे थे , जिसमें सात भारत के थे और बाकी कुछ दूसरे देशों के थे। लेकिन जो उसमें तेल, गैस और उर्वरक तीन चीजें लदी हुई थी। ये तीनों भारत ही आ रही थीं। यानी कि भारत के आपूर्ति की श्रंखला का यह हिस्सा थे। इनमें जो जहाज आ रहे थे उनको ईरान के (आईआरजीसी)  इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने अनुमति दी थी। लेकिन अचानक दो जहाजों पर ईरान की आईआरजीसी की नौकाओं ने लाइट मशीन गन से अटैक कर दिया। फायरिंग कर दी। इसमें एक जहाज को मामूली नुकसान भी हुआ।

लेकिन वो दोनों जहाज वापस लौट गए और दोनों ही नहीं लौटे। लगभग 13 जहाज जिसमें एलपीजी गैस, कच्चा तेल और यूरिया लगा हुआ था। ये फिर से फारस की खाड़ी की ओर वापस लौटने को मजबूर हुए। हालांकि भारतीय जहाज के जो नाविक थे, जहाज के कैप्टन थे उन्होंने आईआरजीसी से कहा कि हमें आपने पहले अनुमति दी अब आप अटैक क्यों कर रहे हैं? इसी बीच एक जहाज वहां से निकलने में सफल हो गया और वो भारत की ओर बढ़ रहा है। आ रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि एक जहाज इसमें ऐसा भी था जिसमें बहुत बड़ा टैंकर था और 20 लाख बैरल कच्चा तेल लदा था। यह इराक से भारत आ रहा था।

इसको भी वापस लौटना पड़ा। यह घटनाक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। भारत ने पश्चिम एशिया के युद्ध में अपना संतुलित दृष्टिकोण और समर्थन बनाए रखा है। भारत की विदेश नीति बिल्कुल सही दिशा में थी और उसका ईरान के साथ भी बातचीत का क्रम जारी था और इजराइल के साथ भी जारी था। अमेरिका के साथ भी जारी था। भारत का पूरा प्रयास था कि युद्ध बंद होना चाहिए। शांति प्रयास बहाल होने चाहिए। इसके लिए भारत लगातार सक्रिय था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर लगातार ईरान के विदेश मंत्री से और ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत कर रहे थे।

इसी बीच यह एक कष्टकारी और अप्रिय घटना भारत के सामने आई है। बताया ये जाता है कि जो शांति प्रयास चल रहे थे और लगभग युद्ध विराम की स्थिति थी तो ऐसे में ईरान ने अचानक स्टेट हॉर्मस को फिर से ब्लॉक क्यों कर दिया? और उसने यह रणनीति अपनाई है कि या तो टोल टैक्स दे या ईरान से अनुमति ले तब वहां से निकलेंगे। लेकिन सहमति यह हुई थी कि इसको निर्बाध आवाजाही के लिए खोल कर रखा जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने भी यही बात कही थी। लेकिन ईरान का कहना यह है कि उसकी नौसेना की नाकेबंदी अमेरिका ने शुरू कर दी है। इसके बदले में हमने यह कारवाई की है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अब इस युद्ध के बारे में अपना नरम रुख अपनाए हुए हैं। वे बार-बार कह रहे हैं कि युद्ध समाप्ति की ओर है। क्योंकि अब ईरान में लड़ने की क्षमता नहीं है। उनके पास नौसेना और वायु सेना नहीं है। नेतृत्व भी कोई बहुत मजबूत नहीं है। इसलिए युद्ध विराम बहुत जल्दी होगा और युद्ध समाप्त हो जाएगा। लेकिन ये जो कल की घटना है इससे तनावपूर्ण संबंध फिर से सामने आ सकते हैं और जैसा अटैक उन्होंने भारतीय जहाजों पर किया है, वो किसी और जहाज पर भी कर सकते हैं ।

इससे एक बार फिर पश्चिम एशिया में अशांति उत्पन्न हो जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी भारत सरकार लगातार बात कर रही है । हालांकि एक बड़ा हिस्सा तेल का हमारे पास जो आता है वो खाड़ी देशों से ही आता है लेकिन अब रूस से भी तेल की आपूर्ति फिर से शुरू हो रही है तो इसलिए भारत को बहुत ज्यादा चिंता की तो जरूरत नहीं है लेकिन ये जो खाड़ी देशों से तेल आता है बहुत सारे सभी देशों से लगभग जो खाड़ी के देश हैं तेल उत्पादक देश हैं। उनसे हमारे यहां एलपीजी गैस, कच्चा तेल और इसके अलावा नेफ़्था जिससे यूरिया बनता है वो भी वहां से आता है। यूरिया भी गल्फ के कई देशों से हम आयात करते हैं। क्योंकि हमारे कृषि क्षेत्र के में यूरिया की बड़ी खपत है और यह कृषि उत्पादन को प्रभावित करता है। इसलिए स्टेट हॉर्बोज का खुला रहना भी जरूरी है। क्योंकि हमें जो यूरिया मिलता है वह इन्हीं क्षेत्रों से मिलता है। नेफा भी मिलता है।

यह जो घटनाक्रम है । इस घटनाक्रम की पुनरावत्ति ना हो और भारत के जहाजों का निर्बाध आवागमन बना रहे। यह पूरे पश्चिम एशिया के हित में है और भारत के भी हित में है और ईरान भारत के संबंधों के लिए यह आवश्यक भी है। ईरान को यह भी याद रखना चाहिए कि जब अमेरिका ने ईरान के एक जहाज को हिंद महासागर में डुबो दिया, नष्ट कर दिया था तो दूसरे जहाज को भारत ने ही शरण दी। भारत ने उसे बचा लिया अमेरिका के हमलों से। बावजूद इसके कि यह बात अमेरिका को नागवार गुजरी होगी। लेकिन भारत ने अपना धर्म निभाया और ईरान की संकट की घड़ी में मदद भी की। तो ऐसी स्थिति में ईरान के नेतृत्व को विचार करना चाहिए और ये जो घटना हुई है इसकी फिर से पुनरावृत्ति ना हो। शांति बहाल हो। पूरे विश्व के लिए यही आवश्यक है।

एटा में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व शुरू

प्राचीन कैलाश मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और पूजन-अर्चना कर यात्रा रवाना

एटा 19 अप्रैल उप्रससे। जनपद में रविवार को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का शुभारंभहुआ। इस अवसर पर प्राचीन कैलाश मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन किया गया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सुधा गुप्ता, पंकज गुप्ता, सदर विधायक विपिन कुमार वर्मा ‘डेविड’, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अपर उप जिलाधिकारी राजकुमार मौर्य और अधिशासी अधिकारी निहाल सिंह ने संयुक्त रूप से किया। मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोषों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के बाद, एटा से 10 श्रद्धालुओं और कर्मचारियों का एक दल लखनऊ के लिए रवाना हुआ। इस दल ने राजधानी के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि यह यात्रा भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य समाज को अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ना और गौरवशाली विरासत के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता उत्पन्न करना है।

जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के निर्देशन में एटा का यह श्रद्धालु दल राज्य स्तरीय यात्रा के साथ गुजरात स्थित विश्वविख्यात सोमनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर चुका है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह जत्था 21 अप्रैल 2026 को सोमनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं पूजन-अर्चन करेगा।

Breaking News: तमिलनाडु में विस्फोट से 18 की मृत्यु, 6 घायल

चेन्नई, 19 अप्रैल 2026, विरुधुनगर में पटाखा फैक्टरी में आज हुए विस्फोट में 18 लोगों की मृत्यु हो गई है और 6 लोग घायल हुए है। दुर्घटना पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने शोक व्यक्त किया है।

पटाखा फैक्टरी में विस्फोट की सूचना मिलते ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने तत्काल दो मंत्रियों को मौके पर रवाना किया है। विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है।

 

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