*जिहादी मानसिकता से देश की सुरक्षा को खतरा, राष्ट्रव्यापी कठोर कानून जरूरी: विजय प्रताप*
लखनऊ। विकृत जिहादी मानसिकता के विरुद्ध विश्व हिंदू परिषद एवं युवा इकाई बजरंग दल लखनऊ विभाग का विशाल विरोध धरना प्रदर्शन राजधानी लखनऊ की पटेल प्रतिमा पर किया गया कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप एवं प्रांत मंत्री देवेंद्र और मुख्य वक्ता के तौर पर क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र ने जिहादी मानसिकता के विरुद्ध उग्रता से प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को अपने उद्बोधन में बताया मुस्लिम युवक युवतियों के माध्यम से टीसीएस जैसी अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक फैले धर्मांतरण व लव जिहाद की अनवरत कि टीसीएस नासिक में षड्यंत्र के उजागर होने के बाद पूरी दुनिया अचंभित है। उच्च पद पर एक मुसलमान के बैठते ही किस प्रकार वह अधिक से अधिक संख्या में अपने मुस्लिम सहयोगियों को भर्ती कर लेता है और उसके बाद बीसियों हिंदू लड़के और लड़कियों को अपने षड्यंत्र का शिकार बनाता है, यह अत्यंत गंभीर व आश्चर्यजनक है। उनको मुस्लिम तौर तरीका सिखाना, नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करना, गौ मांस खिलाना और जबरन धर्मांतरण करना घोर आपत्तिजनक है।
विश्व हिंदू परिषद बधाई देता है उन सात महिला पुलिसकर्मियों को जिन्होंने टीसीएस में ज्वाइन करके इस षड्यंत्र का पता लगाया और अधिक युवाओं को इस षड्यंत्र का शिकार होने से रोका।
जैसे ही यह षड्यंत्र उजागर होता है, ध्यान में आता है कि यह षड्यंत्र टीसीएस तक सीमित नहीं है अपितु, टेक महिंद्रा गोरेगांव जैसी दर्जनों अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी जिहादी षड्यंत्र का एक व्यापक जाल फैला हुआ है।
हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप ने भी अपने वक्तव्य में कहा जिम जिहाद, थूक जिहाद, सैलून जिहाद कोरियोग्राफर जिहाद आदि ही सामने आते थे और लगता था कम पढ़े लिखे लोग ही इस षड्यंत्र में शामिल हैं, लेकिन अलफलाह व केजीएमयू विश्वविद्यालय और उसके बाद इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अंदर काम करने वाले लोगों की इस धर्मांतरण के षड्यंत्र में संलिप्तता बताती है कि जिहादी षड्यंत्र केवल कम पढ़े लिखे लोगों के दिमाग की ही विकृति नहीं है अपितु, ज्यादा पढ़े लिखे लोगों के दिमाग में भी जिहादी कीड़ा उतना ही काम करता है और वे भी सभ्यता के सभी दायरे को तोड़कर जबरन धर्मांतरण करते हैं। व्यापारिक जगत का एक और षड्यंत्र सामने आया। मलेशिया स्थित एक कंपनी के मालिक संपूर्ण विश्व के व्यापारिक जगत में इस्लामी आधिपत्य स्थापित करना चाहते हैं।
आज संपूर्ण विश्व त्रस्त है और इससे मुक्ति का उपाय चाहता है। पत्रकार जगत में भी इस प्रकार के षड्यंत्र सामने आ रहे हैं । अगर कोई इन विषयों को रोक लगाना चाहता है और जिहादियों से कोई संबंध नहीं रखना चाहता तो अब उसे इस्लामिक फोबिया से त्रस्त नहीं कहा जा सकता। संपूर्ण विश्व का सभ्य समाज इस जिहादी षड्यंत्र से बचने के लिए छटपटा रहा है और इसके लिए उपाय भी कर रहा है। भारत में भी जिन राज्यों में सख्त कानून बने हैं और प्रभावी रूप से लागू हो रहे हैं, वहां इन षड्यंत्रों पर रोक लगी है।
देशव्यापी आंदोलन के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद की मांग है भारत के सभी राज्यों में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून बने। सभी राजनीतिक दल अपने राजनीतिक दायरे से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हितों की चिंता करें । टीसीएस षड्यंत्र की जांच एनआईए कर रहा है, इससे स्पष्ट है कि अब यह एक राज्य का विषय नहीं है अपितु, एक राष्ट्रव्यापी षड्यंत्र बन चुका है। इसको रोकने के लिए अब केंद्र सरकार को भी आगे आकर सख्त से सख्त कदम बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण विरोधी राष्ट्रव्यापी कानून बनाना चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा देश के समक्ष उपस्थिति इस चुनौती का प्रभावी मुकाबला करना चाहिए। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से संगठन मंत्री समरेंद्र, प्रांत प्रचार प्रमुख नृपेंद्र ,प्रांत सेवा प्रमुख धर्मेंद्र लखनऊ विभाग मंत्री योगेश विभाग संयोजक विजय बजरंगी सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के जिला एवं विभाग के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
*योगी सरकार का बड़ा एक्शन, श्रम कानून उल्लंघन पर
*गौतमबुद्धनगर में श्रमिक हितों की अनदेखी पर बड़ा एक्शन, 1.16 करोड़ की पेनल्टी का नोटिस*
*24 कारखानों के 203 संविदाकारों पर कार्रवाई, ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू*
*श्रमिकों को देय भुगतान न करने पर वसूली और मुकदमे की तैयारी*
*21% वेतन वृद्धि लागू, अप्रैल से प्रभावी दरों का मई में होगा भुगतान*
*गौतमबुद्धनगर, 17 अप्रैल।* उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार श्रमिकों के हितों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में गौतमबुद्ध नगर में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 कारखानों से जुड़े 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त करने, धनराशि की वसूली करने और संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अपर श्रमायुक्त गौतमबुद्धनगर राकेश द्विवेदी के अनुसार, जिन संविदाकारों के श्रमिकों द्वारा हालिया आंदोलन में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, उनमें कई संविदाकारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। साथ ही जिन संविदाकारों ने श्रम कानूनों का पालन नहीं करते हुए श्रमिकों को उनके देय हित लाभों से वंचित रखा, उनके विरुद्ध 1 करोड़ 16 लाख 5 हजार 67 रुपये की पेनल्टी का नोटिस जारी किया गया है, जिसे श्रमिकों को भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि शेष संविदाकारों की भी पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार की मंशा स्पष्ट है कि श्रमिकों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपर श्रमायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि श्रमिकों की वेतन वृद्धि को लेकर उत्पन्न असंतोष के बाद शासन स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति के आधार पर गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी, जिसका भुगतान मई माह की 7 से 10 तारीख के बीच किया जाएगा। नई दरें संविदा और स्थायी दोनों प्रकार के श्रमिकों पर समान रूप से लागू होंगी।
साथ ही स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अतिरिक्त कोई अन्य कटौती अनुमन्य नहीं होगी। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। श्रम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से, साथ ही बोनस और ग्रेच्युटी जैसे सभी वैधानिक लाभ सुनिश्चित किए जाएंगे। वेतन भुगतान में देरी या कम भुगतान की स्थिति में संविदाकारों के साथ-साथ उनके प्रधान सेवायोजकों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
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*उद्यमी संगठन औद्योगिक इकाइयों से न्यूनतम वेतन वृद्धि का अनुपालन करने हेतु लगातार कर रहे अपील*
प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस एवं श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन वृद्धि का अनुपालन जनपद की औद्योगिक इकाइयों द्वारा किया जाना प्रारंभ कर दिया गया है। जनपद के विभिन्न उद्यमी संगठन शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने में सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। संगठनों द्वारा औद्योगिकी इकाइयों से व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से संदेश, ऑडियो एवं वीडियो प्रसारित कर शासन की गाइडलाइंस तथा न्यूनतम वेतन वृद्धि के अनुपालन को सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है। उद्यमी संगठनों द्वारा किया जा रहा यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है, जो जनपद में औद्योगिक सौहार्द एवं शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहा है।

देवरिया। जनपद के थाना महुआडीह क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रामपुर बनहर में आपसी रंजिश और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक महिला की जान चली गई। घटना 15 अप्रैल 2026 की रात्रि की है, जब दो सगे पट्टीदारों के बीच किसी बात को लेकर गाली-गलौज शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसी दौरान रविता देवी (पत्नी उमेश विश्वकर्मा) के सिर पर गंभीर चोट लग गई। परिजनों द्वारा उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। मृतका के बेटे की तहरीर पर थाना महुआडीह में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई
जनपद के पुलिस अधीक्षक ने घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके निर्देशन में पुलिस टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
इसी क्रम में 17 अप्रैल 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर खड़ाईच मोड़ के पास घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई, जिसमें घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
पूछताछ के आधार पर एक आरोपी की निशानदेही पर लीलापुल सीएचसी के पास स्थित एक बगीचे से घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल (कुदाल) बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद कुदाल को कब्जे में लेकर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की घटनाओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
एटा, 17 अप्रैल उप्रससे। जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं साहित्यकार डाॅ०राकेश सक्सेना ने विश्व विरासत दिवस 18 अप्रैल की महत्ता के संदर्भ में अवगत कराया कि भारत जैसे प्राचीन सांस्कृतिक राष्ट्र में विरासत की समृद्ध परम्परा रही है। यहाँ के मंदिर, स्तूप, स्मारक, किले, साहित्य, नृत्य, लोककला और जीवन-दर्शन विश्व की अनुपम, अमूल्य सांस्कृतिक विरासत प्रदान करते हैं।
डाॅ०राकेश सक्सेना ने जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह के द्वारा ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पाण्डुलिपियों एवं दुर्लभ अभिलेखों के संरक्षण के उद्देश्य से जनपद में चलाए जा रहे विशेष अभियान की सराहना करते हुए जनपद के पुरोहित, धर्माचार्य, ज्योतिषाचार्य, पत्रकार एवं साहित्यकार साथियों का आह्वान किया कि वे पाण्डुलिपियों को ज्ञान भारतम् मोबाइल एप के माध्यम से संरक्षित कराने में अपनी सक्रिय सहभागिता करें जिससे हमारे एटा जनपद की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण व संवर्धन सुनिश्चित हो सके।