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बंगाल के चर्चित हत्याकांड का बलिया कनेक्शन, गैंगेस्टर कोर्ट में मोनू सिंह का सरेंडर

June 5, 2026

बंगाल के चर्चित हत्याकांड का बलिया कनेक्शन, गैंगेस्टर कोर्ट में मोनू सिंह का सरेंडर

पत्नी बोली सीबीआई पर भरोसा।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 04/06/2026
बलिया, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी के पिए चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुल रही है, इसके तार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से गहरे जुड़ते जा रहे है। हर बीतते दिन के साथ यह हाई प्रोफाइल मामला एक नया मोड़ ले रहा है।अब इस पूरे हत्याकांड में बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शीतल दवनी गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू सिंह का नाम सामने आने से हड़कंप मच गया है। इसी बीच एक बड़ी खबर यह आ रही है कि पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आए मोनू सिंह ने बलिया के गैंगेस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। बंगाल हत्याकांड में नाम उछलने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस और जांच एजेंसीयां कई बार मोनू सिंह के गांव पहुंची थी। पुलिस ने मोनू के परिजन और ग्रामीणों से कड़ी पूछता की थी। खुद को चौतरफा घिरता देख मोनू सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में उसने बंगाल की इस चर्चित हत्याकांड में खुद को पूरी तरह से निर्दोष बताते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर गुहार लगाई थी।

मोनू सिंह के अधिवक्ता शार्दूल विक्रम सिंह ने बताया कि मोनू सिंह के खिलाफ पहले से ही उत्तर प्रदेश में एक मुकदमा दर्ज था, जिसमें कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। इसी के आधार पर मोनू सिंह ने स्वयं बलिया की गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बताया जहां तक पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड में ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू का नाम जुड़ने की बात है, तो इस बारे में फिलहाल हमारे पास कोई खास या आधिकारिक जानकारी नही है, बताया परिजनों के द्वारा पता चला है कि पुलिस कई बार मोनू सिंह के घर गयी थी।

मोनू सिंह के सरेंडर करने के बाद उसकी पत्नी महिमा सिंह मीडिया के सामने आई। महिमा ने पति के सरेंडर की पुष्टि करते हुए बंगाल पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो की कार्रवाई पर बड़ा बयान है।महिमा सिंह ने कहा आज मेरे पति ने बलिया कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बंगाल हत्याकांड में मेरे पति का नाम क्यों और कैसे जुड़ा है, इस बारे में हमे कोई जानकारी नही है। लेकिन पुलिस और सीबीआई की टीम हमारे घर पर 3 से 4 बार आ चुकी है। जांच एजेंसियां हमारे घर से सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ ले गई है। बोली मुझे सीबीआई पर भरोसा है कि वह निष्पक्ष जांच करेगी। मेरे पति पूरी तरह निर्दोष है और हमे न्याय जरूर मिलेगा।

पश्चिम बंगाल के एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड में नाम आने के बाद चर्चा में आए बलिया के शीतल दवनी निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने से पहले एक वीडियो संदेश अपने फेसबुक अकाउंट पर जारी किया। इस वीडियो में मोनू सिंह ने देश के शिर्ष नेतृत्व से न्याय की गुहार लगाई है और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

वीडियो में ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने कहा आदरणीय योगी जी मोदी जी और सीबीआई महोदय से मेरा निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, मोनू का आरोप है कि उसे एक बड़ी साजिश के तहत फसाया जा रहा है।

मोनू सिंह ने अपने ही गांव के प्रभावशाली व्यक्ति मुकेश सिंह पर निशाना साधते हुए कहा, मुकेश सिंह एक बेहद रसूखदार और पहुंच वाला व्यक्ति है। इसके खिलाफ बलिया गाजीपुर और लखनऊ में कम से कम 10 मुकदमे दर्ज है। मोनू ने आरोप लगाया कि बांसडीह थाने की पुलिस मुकेश सिंह को पूरा सहयोग करती है। अपराधीक इतिहास होने के बावजूद पुलिस ने उसे पिस्तौल का लाइसेंस और गनर तक मुहैया करा रखा है। आपसी विवाद के कारण मुकेश सिंह उसे हर मामले में घसीटना चाहता है। मोनू ने मुकेश पर धोखाधड़ी करने और गाजीपुर में डीएम द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की बात भी कहीं।

गैंगस्टर मोनू ने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि वह अब भागते-भागते थक चुका है और कानून के सामने हाजिर होना चाहता है लेकिन उसे उत्तर प्रदेश पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है क्योंकि इन्होंने हर जगह अपने लोगों को लगा रखा है जो मेरा एनकाउंटर करना चाहते हैं ताकि यह मामला यहीं दब जाए और सच मुकेश सिंह तक न पहुंच सके।

मोनू सिंह ने अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हुआ बताया। उसने कहा मैं भी एक आरएसएस का बेटा हूं। मेरे बारे में भी पता किया जाए मेरे ऊपर जो भी कैस दिखाया जा रहा है, अगर सीबीआई उनकी निष्पक्ष जांच करेगी तो सच सामने आ जाएगा। उसने यह स्वीकार किया कि उसका एकमात्र कसूर यह था कि उसने मुकेश सिंह के कहने पर गाजीपुर में सिर्फ एक गाड़ी छोडी थी और वह आगे की जांच में पूरी तरह सहयोग करने को तैयार है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद से स्थानीय पुलिस प्रशासन और सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद जांच एजेंसियां क्या रुख अपनाती है। फिलहाल मोनू सिंह ने गैंगस्टर कोर्ट बलिया में आत्मसमर्पण कर दिया है।

पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड मामले में बंगाल की सियासत के साथ-साथ अब यूपी के पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है।बलिया के एक छोटे से गांव से जुड़े इस तार ने जांच एजेंसियों को भी चकरा दिया है।अब देखना यह होगा कि गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर के बाद क्या पश्चिम बंगाल पुलिस या सीबीआई मोनू सिंह को रिमांड पर लेने के लिए बलिया कोर्ट का रुख करती है या नहीं।

बिजनौर : जिला सैनिक बंधु की बैठक में डीएम ने दिए समस्याओं के निराकरण के निर्देश

बिजनौर 04 जून, 2026:-जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सैनिक बन्धु की बैठक आयोजित हुई।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व सैनिकों की समस्याओं के निदान के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है और उनकी सभी शिकायतों का प्रभावी ढंग से निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए सैनिक बंधु बैठक के रूप में जो प्लेटफार्म दिया है, जिला प्रशासन इसका भरपूर लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने वाले सैनिकों एवं उनके परिवारों के हितों का संरक्षण प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी पूर्व सैनिक शिकायतकर्ताओं की शिकायत को बहुत ही ध्यानपूर्वक सुना और सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के लिए कहा गया। बैठक में पूर्व सैनिकों द्वारा सड़क, भूमि विवाद, शस्त्र लाइसेंस, अवैध अतिक्रमण आदि के संबंध में शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गईं। उन्होंने प्राप्त शिकायतों के सापेक्ष शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन उनकी शिकायतों के समाधान के लिये गंभीर है और सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समयपूर्वक तत्पर के साथ निस्तारण कराया जाएगा।
बैठक के दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन अनिल गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं पूर्व सैनिक बन्धु मौजूद थे।

एटा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ली रिजर्व पुलिस लाईन में शुक्रवार परेड की सलामी

एटा 05 जून उप्रससे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 इलामारन द्वारा पुलिस लाइन में शुक्रवार परेड की सलामी लेकर परेड का निरीक्षण किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने परेड में सम्मलित सभी पुलिस कर्मियों के टर्नआउट को चेक करते हुए सभी अधिकारी/कर्मचारीगणों को ड्यूटी के दौरान उच्च कोटि की निर्धारित वर्दी पहनने व जनता से मधुर व्यवहार स्थापित करने के लिए निर्देशित किया।

शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रहने के लिए लगवाई गई दौड़

निरीक्षण के पश्चात सभी पुलिस कर्मियों को शारीरिक व मानसिक रुप से फिट रहने हेतु दौड़ लगवाई गई। परेड के दौरान अनुशासन व एकरुपता के लिए टोलीवार ड्रिल कराई गई। परेड के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पीआरवी-112 के वाहनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में प्रत्येक वाहनों के लाईट, हूटर व पीए सिस्टम आदि की गहनता से चेकिंग की तथा पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मियों से वाहनों में उपलब्ध दंगा नियंत्रण/सुरक्षा उपकरणों के सम्बंध में जानकारी लेते हुए उनकी चेकिंग की। रिस्पॉन्स टाइम सही रखने के लिए सख्त हिदायत दी। इसके उपरांत मेंस, कैंटीन, बैरक, पुलिस आवासीय परिसर का निरीक्षण कर परिसर की समग्र व्यवस्था, बैरक, साफ़ सफाई आदि का जायजा भी लिया। सभी कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ साथ उनके रहने खाने-पीने एवं अन्य समास्याओं के सम्बन्ध में जानकारी कर समस्या का निराकरण करने के लिए संबंधित को निर्देशित किया।

“विश्व पर्यावरण दिवस” के अवसर पर पुलिस लाइन में किया गया वृक्षारोपण

“विश्व पर्यावरण दिवस” के अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी सदर ने पुलिस लाइन परिसर में वृक्षारोपण किया। इस दौरान उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों से खाली जगह पर वृक्ष लगाने की अपील करते हुए कहा कि वृक्ष हमारे पर्यावरण को संतुलित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
परेड के दौरान क्षेत्राधिकारी सदर/लाइन संकल्पदीप कुशवाह, प्रतिसार निरीक्षक किशन लाल गौतम सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर गोरखपुर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान: मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर नेताओं ने किया पौधरोपण

Posted on 05/06/2026
Time 11:05 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर। 5 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा ) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संकल्प देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत गोरखपुर के सांसद रवि किशन और भाजपा महानगर अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने पौधारोपण कर प्रकृति को हरा-भरा बनाने का संदेश दिया।

सांसद रवि किशन ने पौधारोपण करते हुए कहा कि ‘प्रकृति है तो हम हैं।’ उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान महज एक पौधा लगाना नहीं है, बल्कि यह अपनी धरती मां और जन्म देने वाली मां के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भावनात्मक माध्यम है। उन्होंने गोरखपुर की जनता से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ें और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।

आज का दिन गोरखपुर और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक विशेष संयोग लेकर आया। विश्व पर्यावरण दिवस के साथ ही आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन भी है। इस दोहरे उत्सव के अवसर पर सांसद रवि किशन और महानगर अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
​दोनों नेताओं ने भगवान गोरक्षनाथ के समक्ष प्रार्थना करते हुए मुख्यमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ जीवन और लंबी आयु की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश विकास और जन-कल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

June 4, 2026

Lakhimpur Kheri स्कूल में शिक्षिका की पिटाई से छात्रा के कान खराब, सुनने की क्षमता खोई

लखीमपुर खीरी।उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका पर कक्षा 2 की 6 वर्षीय छात्रा को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। पिटाई के कारण बच्ची के कानों में गंभीर समस्या आ गई है और उसने सुनने की क्षमता खो दी है। पीड़ित पिता ने कोतवाली सदर में शिकायती पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
मूल रूप से अयोध्या जिले के रहने वाले आशीष कुमार तिवारी वर्तमान में लखीमपुर के राजापुर में किराए पर रहते हैं। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी 6 वर्षीय बेटी हर्षिता तिवारी राजापुर स्थित ‘ज्ञान दायिनी इंटर कॉलेज’ में कक्षा-2 की छात्रा है। आरोप है कि बीते 12 मई 2026 को स्कूल में पढ़ाई के दौरान शिक्षिका लवली ने बच्ची के दोनों कानों को इतनी बेरहमी से खींचा और मारा-पीटा कि वह सहम गई। शिक्षिका ने बच्ची को डराया-धमकाया भी था।
परिजनों के मुताबिक, इस घटना के बाद से ही बच्ची काफी बीमार रहने लगी। जब उसका इलाज कराया गया, तो डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के कानों में ‘हियरिंग लॉस’ (बहरापन) की समस्या आ गई है। पीड़ित पिता लगातार अपनी बेटी का इलाज करवा रहे हैं।
तहरीर में कहा गया है कि घटना के तुरंत बाद इसकी सूचना स्कूल के प्रबंधक राकेश वर्मा और प्रधानाचार्य सचिन शुक्ला को दी गई थी। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने दोषी शिक्षिका के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और न ही बच्ची के इलाज की कोई व्यवस्था कराई।पुलिस से न्याय की गुहारघटना के बाद पीड़ित पिता आशीष कुमार तिवारी ने कोतवाली सदर के प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने दोषी शिक्षिका और गैर-जिम्मेदार स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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