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बाढ़ व जलभराव से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

August 6, 2026

बाढ़ व जलभराव से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

41 बाढ़ चौकियां और 14 सचल चिकित्सा दल तैनात
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लखीमपुर-खीरी। बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। वर्तमान में जनपद के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित होते हैं जिन पर बाढ़ को लेकर तैयारी की गई है यहां मेडिकल टीम सहित अतिरिक्त इमरजेंसी दवाओं की व्यवस्था भी की गई है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता द्वारा बताया गया कि जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए 41 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जिनमें 32 अधिकारियों तथा 140 कर्मचारियों की तैनाती कर उन्हें सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद की 5 तहसीलों (लखीमपुर, पलिया, गोला, निघासन व धौरहरा) के 9 प्रभावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (नकहा, पलिया, निघासन, धौरहरा, बिजुआ, खमरिया/ईसानगर, फूलबेहड़, रमियाबेहड़ व गोला) पर त्वरित उपचार हेतु रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रभावित क्षेत्रों के लिए 14 सचल चिकित्सीय दल गठित किए गए हैं। दिनांक 05 अगस्त 2026 तक प्रभावित बाढ़ चौकी ग्रांट नं0 12 (फूलबेहड़) के ग्राम में कुल 970 प्रभावित जनसंख्या में से 247 मरीजों का उपचार किया जा चुका है तथा 1339 क्लोरीन टैबलेट व 657 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। जिले में सर्पदंश से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है।
​स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से वितरण हेतु मेडिसिन किट, ओआरएस पैकेट व क्लोरीन टैबलेट उपलब्ध करा दी गई हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में 24 घंटे 7 दिन संचालित बाढ़ एवं संक्रामक रोग कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सभी सीएचसी और केंद्रीय औषधि भंडार में जीवन रक्षक दवाओं के साथ-साथ एंटी स्नेक वेनम एवं एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। साथ ही, 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी प्रभावित ग्रामीणों के इलाज के लिए पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित हैं।

वर्दी के रौब में महिला सिपाही ने रोका आम रास्ता, विरोध करने पर मोहल्ले वालों को दी भुगतने की धमकी

पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर की कार्रवाई करने की मांग

लखीमपुर खीरी।उत्तर प्रदेश पुलिस की एक महिला सिपाही पर अपने पद और वर्दी का धौंस दिखाकर आम रास्ता बाधित करने और स्थानीय निवासियों से अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है।मामला कोतवाली सदर इलाके के मोहल्ला राजाजीपुरम निकट अनुपम नर्सिंग होम,रांची वाली गली का है।पीड़ित स्थानीय निवासी सेवकलाल ने इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर को सम्बोधित एक शिकायत 40015326041971 से पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन करके कार्रवाई करने की मांग की है और शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
शिकायतकर्ता सेवकलाल के मुताबिक, उनके पड़ोस में स्थित मिथिलेश सिंह के मकान में दिव्या नाम की एक महिला सिपाही किराए पर रहती हैं।आरोप है कि उक्त महिला सिपाही और उनके साथ आने वाले अन्य पुलिसकर्मी अपनी गाड़ियों को पूरी गली और आम रास्ते पर आड़ा-तिरछा खड़ा कर देते हैं।इसके कारण पूरी गली घिर जाती है और वहां के स्थानीय निवासियों तथा राहगीरों का निकलना तक दूभर हो जाता है।

विरोध करने पर गाली-गलौज और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी

पीड़ित का आरोप है कि जब भी स्थानीय लोग या राहगीर गाड़ियों को किनारे लगाने का अनुरोध करते हैं, तो महिला सिपाही और उनके सहकर्मी अपने पुलिस पद का रौब दिखाने लगते हैं।सेवकलाल ने बताया कि रास्ते से गाड़ी हटाने की बात कहने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया अपशब्द कहे गए और पुलिसिया धौंस दिखाते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कृत्य सार्वजनिक शांति को भंग करने वाला और पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला है।

चौकी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई,अब कोतवाल से गुहार

पीड़ित सेवकलाल ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर सबसे पहले 29 जुलाई 2026 को राजापुर पुलिस चौकी प्रभारी को लिखित शिकायती पत्र दिया था। लेकिन एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी चौकी पुलिस द्वारा इस पर कोई जांच या कार्रवाई नहीं की गई। चौकी स्तर पर सुनवाई न होने से परेशान होकर पीड़ित ने अब कोतवाली सदर के प्रभारी निरीक्षक को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आम रास्ते से अवैध पार्किंग हटवाने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विधिक व विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस ने लुट का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

जंगबहादुरगंज खीरी। जनपद खीरी के थाना उचौलिया पुलिस ने लूट का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को मोबाइल और बाइक सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार बीती दिनांक 30 जुलाई 2026 को पीड़ित विनय सिंह निवासी ग्राम हंसापुर थाना बंडा जनपद शाहजहांपुर ने उचौलिया पुलिस को तहरीर देकर बताया कि बह जनपद शाहजहांपुर के बरेली मोड़ स्थिति ए यू स्मॉल फाइनेंस बैंक के फाइनेंस मैनेजर है,जो अपने बाइक से जनपद हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र के ग्राम सरावर में समूह लोन की किश्त बसूलने गए हुए थे जहां से अपने साथियों के साथ शाहजहांपुर वापस लौटते समय सीतापुर से शाहजहांपुर जाने वाले नेशनल हाईवे-730 पर जियो पेट्रोल पंप के सामने डुडौलिया गांव के पास पीछे से।स्प्लेंडर प्लस बाइक से आ रहे दो अज्ञात बाइक सवार व्यक्तियों ने उन्हें रोका और उनका मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हों गए,घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बी एन एस की धारा 309(4) में मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
दिनांक 5 अगस्त 2026 को उचौलिया पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घटना का खुलासा करते हुए दो अभियुक्त विवेक कुमार पुत्र ध्रुव,अनुज कुमार पुत्र अरविंद निवासी ग्राम अजीजपुर रझौआ थाना रोजा जनपद शाहजहांपुर को गिरफ्तार कर लिया। जिनके पास से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और पीड़ित का वीवो वाई- 400 फाइवजी प्रो मोबाइल फोन बरामद हुआ।बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में बी एन एस की धारा 317(2) जोड़कर दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार करने बाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक शमशुल्लाह मलिक, उपनिरीक्षक शुभम चौधरी,कांस्टेबल अभिराज,कांस्टेबल सचिन गुप्ता,उमेश कुमार,अशोक मिश्रा सम्मिलित रहे।

डग्गामार वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 20 वाहन सीज व 59 का चालान

डग्गामार वाहनों के विरोध में अनुबंधित बस यूनियन की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

परिवहन विभाग के ‘मिशन आरोही’ अभियान के तहत लखीमपुर खीरी में हुई बड़ी कार्रवाई

एआरटीओ शांति भूषण पांडे के नेतृत्व में 20 वाहन सीज और 59 वाहनों के चालान किए गए

लखीमपुर खीरी। जनपद में अवैध टैक्सियों और डग्गामार बसों के बढ़ते संचालन के खिलाफ अनुबंधित बस यूनियन के पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। शासन-प्रशासन को बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज अनुबंधित बस यूनियन के पदाधिकारी पिछले तीन दिनों से लगातार हड़ताल पर हैं यूनियन का साफ तौर पर कहना है कि जिले में डग्गामार वाहन और अवैध टैक्सियां भारी पैमाने पर चलाई जा रही हैं, जिससे अनुबंधित बसों को सवारियां नहीं मिल पा रही हैं और वे भारी घाटे में चल रही हैं।
अनुबंधित बस यूनियन की हड़ताल और लगातार मिल रही शिकायतों के बीच उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है। विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन आरोही’ अभियान के अंतर्गत लखीमपुर खीरी के एआरटीओ शांति भूषण पांडे के नेतृत्व में 5 और 6 अगस्त 2026 को डग्गामार वाहनों के खिलाफ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई इस कार्रवाई के दौरान परिवहन विभाग ने कुल 20 अवैध वाहनों को सीज कर विभिन्न थानों में बंद कराया है, जबकि 59 वाहनों का चालान काटा गया।एआरटीओ शांति भूषण पांडे ने बताया कि कार्रवाई में एलआरपी चौराहा से लखनऊ जा रही 7 डग्गामार बसें, 2 स्लीपर बसें और 11 अन्य अवैध वाहन शामिल हैं जिन्हें सीज किया गया है उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ यह अभियान रुकने वाला नहीं है और डग्गामार वाहनों को सीज करने की यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

राजस्व को लग रहा चूना अनुबंधित बसें चलाना मुश्किल: यूनियन

इधर अनुबंधित बस यूनियन के जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार गुप्ता और संरक्षक प्रेम प्रकाश बाजपेई ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अवैध डग्गामार वाहन लगातार सरकारी राजस्व को भारी चूना लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डग्गामार वाहनों के अवैध संचालन के कारण अनुबंधित बसों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे अब इन बसों को चला पाना बिल्कुल संभव नहीं रह गया है। यूनियन के पदाधिकारियों की मांग है कि जनपद में अवैध वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए, तभी वे अपनी हड़ताल वापस लेंगे।

Pratapgarh सौ साल पुराना मकान ढहा, परिवार के छह लोगों की मृत्यु

News  Posted on 06.08.2026 Thursday, Time 10.01 AM, Source VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP, Samachar Sewa, UP News,

प्रतापगढ में 100 साल पुराना मकान बना मौत का मलबा, एक ही परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत

प्रतापगढ़, 06 अगस्त 2026 (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा), जिले में गुरुवार तड़के ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली गांव में करीब 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त पूरा परिवार गहरी नींद में था। देखते ही देखते मकान मौत के मलबे में तब्दील हो गया और एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार का एक सदस्य चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच निकला।

जानकारी के मुताबिक महुली गांव निवासी प्रमोद श्रीवास्तव का मकान वर्षों पुराना और बेहद जर्जर हो चुका था। गुरुवार तड़के करीब दो बजे अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। तेज धमाके और चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी राहत एवं बचाव दल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।हादसे में प्रमोद श्रीवास्तव, रीता श्रीवास्तव, नितिन श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, माधव और मासूम अद्विक की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। वहीं प्रमोद श्रीवास्तव के पुत्र अमन (28 वर्ष) किसी तरह सुरक्षित बच गए। उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।एक ही परिवार के छह लोगों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतने जर्जर मकान में परिवार रहने को मजबूर क्यों था? क्या ऐसे खतरनाक भवनों की समय रहते पहचान और कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी? यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि जर्जर भवनों के खतरे को लेकर प्रशासन और व्यवस्था के सामने गंभीर चेतावनी भी है। फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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