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मांगों पर सहमति के बाद हुआ किशोरी आरुषि और किशोर सुधाकर का अंतिम संस्कार, गांव में पसरा मातम

November 5, 2026

मांगों पर सहमति के बाद हुआ किशोरी आरुषि और किशोर सुधाकर का अंतिम संस्कार, गांव में पसरा मातम

उ प्र समाचार सेवा

परिजनों की मांगों पर प्रशासन ने जताई सहमति, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता और तीन लोगों को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन
नरेन्द्र मिश्रा
मैगलगंज खीरी ! जहानगर गांव में किशोरी आरुषि यादव और किशोर सुधाकर यादव के शव पेड़ से लटके मिलने की घटना के बाद बुधवार को गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों की विभिन्न मांगों पर प्रशासन की सहमति बनने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। घटना के बाद से गांव में शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, आरुषि यादव और सुधाकर यादव जिला पंचायत इंटर कॉलेज, औरंगाबाद में पढ़ने गए थे। छुट्टी के बाद दोनों के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। परिजन औरंगाबाद पुलिस चौकी पहुंचे और बेटी सहित गांव के एक युवक के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। जनपद से डॉग स्क्वायड और ड्रोन कैमरे की मदद भी ली गई। तलाश के दौरान दोनों के शव कुकुरगोती के समीप एक पेड़ से लटके मिले। पुलिस ने शवों को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

घटना के बाद मृतका के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान परिजनों और पुलिस के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक भी हुई थी।

अंतिम संस्कार को लेकर बना तनाव

बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव गांव पहुंचे तो स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई। एहतियातन पुलिस ने सुबह से ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पहले किशोर सुधाकर का अंतिम संस्कार कराया गया, जबकि आरुषि के परिजनों ने अपनी मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। सूचना पर सीओ मितौली यादवेंद्र यादव और एसडीएम मितौली संत दास पवार मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

सांसद और पूर्व विधायक भी पहुंचे गांव

घटना की जानकारी मिलते ही धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया और पूर्व कस्ता विधायक सुनील कुमार लाला अपने समर्थकों के साथ जहानगर गांव पहुंचे। उन्होंने दोनों परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। सांसद ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई तथा प्रशासन से वार्ता कर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

मांगों पर बनी सहमति, तब हुआ अंतिम संस्कार

परिजनों की मांगों को लेकर एडिशनल एसपी अमित राय, एसडीएम मितौली, सीओ मितौली, सांसद आनंद भदौरिया, पूर्व विधायक सुनील कुमार लाला और परिवार के सदस्यों के बीच वार्ता हुई। वार्ता के दौरान आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता तथा परिवार के तीन लोगों को संविदा पर नौकरी दिए जाने की मांगों पर प्रशासन की ओर से सहमति और आश्वासन दिया गया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अंतिम संस्कार

घटना की संवेदनशीलता और गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए मोहम्मदी व मितौली के सीओ सहित कई थानों की पुलिस और पीएसी की एक कंपनी तैनात रही। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों किशोर-किशोरी का अंतिम संस्कार कराया गया।

इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। गांव में हर तरफ मातम पसरा हुआ है। वहीं, अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और घटना के वास्तविक कारणों के खुलासे पर टिकी हैं।