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सैंपल की दवाइयां के नाम पर परोसी जा रही हैं नकली दवाइयां, डॉक्टरो का फल फूल रहा है खूब धंधा, मरीजों को आर्थिक और स्वास्थ्य हानि

September 29, 2026

सैंपल की दवाइयां के नाम पर परोसी जा रही हैं नकली दवाइयां, डॉक्टरो का फल फूल रहा है खूब धंधा, मरीजों को आर्थिक और स्वास्थ्य हानि

बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों के संरक्षण में अंतर्राज्यीय नकली दवा गिरोह की जद में ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे झोलाछाप डॉक्टर आसानी से फंस रहे हैं नकली, अधोमानक, मिलावटी एवं सैंपल की बिना बिलों की दवाइयां सप्लाई करने वाला यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे झोलाछाप डॉक्टरों पर बेरोकटोक ऐसी दवाइयाँ बड़ी मात्रा में सप्लाई करके भोली भाली ग्रामीण जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हुए उनका आर्थिक शोषण करते हुए उन्हें अनेक गंभीर बीमारियां परोस रहे हैं। बड़े शहरों एवं महानगरों में अंतर्राज्यीय नकली दवा गिरोह की पकड़ धकड़ के बाद ऐसे गिरोहों द्वारा नकली दवाइयां को ठिकाने लगाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे हैं शिक्षित झोलाछाप डॉक्टरों का रुख किया जा रहा है सूत्रों की माने तो ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे प्रत्येक झोलाछाप डॉक्टर के केबिन में कई कई मेडिकल स्टोरों के बराबर लाखों रुपए की दवाइयो का स्टॉक हर समय मौजूद रहता है। इन डॉक्टरों द्वारा धड़ल्ले से प्रिस्क्रिप्शन लिखने के बजाय मरीजो को अपने पास से दवाई खरीदने को मजबूर किया जाता है। साथ ही किसी भी बीमारी में कई कई बोतल अनावश्यक रूप से फ्लूड लगा दिया जाता है। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश मरीजों में शुगर एवं घुटनों व जोड़ो के दर्द की शिकायत होना आम बात हो गई है। साथ ही अंधाधुंध एंटीबायोटिक दवाइयां देने से मरीजो को दिल की बीमारियों का भी खतरा हर समय बना रहता है। कुल मिलाकर एक ओर जहां झोलाछाप चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्र की गरीब जनता का कम पैसों में इलाज कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर उससे अधिक ग्रामीण क्षेत्र की जनता को आर्थिक एवं स्वास्थ्य हानि पहुंचा कर उनकी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। इस गंभीर विषय पर स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त रहता है।