समूह की सखियों का मानदेय नहीं बढ़ा तो नही होगा कार्य।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 29/09/2026
एंकर- बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सदस्य समूह की दर्जनों की संख्या में पहुंची सखियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी के दौरान कहा कि दो हजार में दम नहीं पच्चीस हजार से कम नहीं का नारा दिया।वही गीता चौहान ने बताया कि नगरा ब्लॉक की सभी समूह की सखी है और हम लोग अपने मानदेय वृद्धि के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पर आए है हम अपनी मांग और अपनी पहचान मांगने के लिए यहां आए हुए है हम लोगो का मानदेय दो हजार रुपए है वह भी दस महीने पर मिलता है वह दो हजार रुपए सीएलएफ के खाते में जाता है डायरेक्ट हम लोगों के खाते में नही पहुंचता है हमारा काम है घर घर जाकर महिलाओं को कांवेंस करना होता है दस बार एक महिला के घर जाते है तो एक महिला जाकर तैयार होती है समूह में जुड़ने के लिए तैयार होती उसका ब्लॉक से पत्र तैयार कराया जाता है फाइल को तैयार कर बैंक सखी को दिया जाता है तब जाकर बैंक खाता खोलता है इतना काम करने के बाद हम लोगों को दो हजार रुपए मिलता है हम लोगों की सरकार से गुजारिश है कि हम लोगों का मानदेय बढ़ाए जाय।अगर सरकार हम लोगों की मांगे पूरी नहीं करती है तो हम लोग काम नही करेंगे।सरकार दो हजार रुपए दे रही है लेकिन दो हजार रूपये से हम लोगों के बच्चो का फीस तक जमा नही होता है कैसे हम लोग दो हजार रुपए में अपना घर को चलाऊंगी।
वही निर्मला राजभर ने बताया कि हम लोग नगरा ब्लॉक से यहां जिलाधिकारी कार्यालय पर आए है कि हम लोगों का मानदेय बहुत ही काम है और हम लोगों के ऊपर बहुत लोड रहता है सरकार की एक योजना चल रही है राशन कार्ड भारत योजना जिसमे ग्रामीणों को जोड़ना है एक गांव में लगभग छः सौ से सात सौ महिलाओं को एक महिला सखी कैसे जोड़ सकती है दस महिला को जोड़ने में दो महीनो लग जाता है और यह टारगेट है कि सभी महिलाओं को दो माह में जोड़ना है और हम लोगों का मानदेय बहुत कम है हम लोग काम को पूरा करने के लिए रात में जागकर काम को किया जाता है और मानदेय के नाम पर जीरो है 60 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से कोई काम करेगा अगर हम लोगों का मानदेय सरकार नही बढ़ाएगी तो हम लोग काम नही करेंगे।आन लाइन काम करना है और उसका भी रिचार्ज हम लोगो अपने पैसे से करते है रिचार्ज तक का पैसा नही दिया जाता है कि आन लाइन काम हो सके सरकार को यह सोचना होगा कि दो हजार रुपए में हमलोग अपना घर चलाएं कि मोबाइल का रिचार्ज करें सरकार की योजना को जनता तक पहुंचने के लिए।
