नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक व्याख्यान में आरएसएस और हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को लेकर की गई टिप्पणी पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई है। अंसारी ने 18 सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में संबोधन दिया था और उनकी किताब का एक उद्धरण दिया जिसमें ‘हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता’ के ख़तरे को लेकर जवाहरलाल नेहरू की चेतावनी का ज़िक्र किया गया था।
दरअसल एजी नूरानी संविधान विशेषज्ञ और जाने-माने क़ानूनविद थे। 93 साल की उम्र में साल 2024 में उनकी मृत्यु हो गई थी और उन्होंने भारत के विभाजन, कश्मीर, मानवाधिकार, चीन के साथ युद्ध और दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता समेत कई मुद्दों पर किताबें लिखी थीं।
हामिद अंसारी ने उनकी किताब ‘द आरएसएस: ए मेनेस टू इंडिया’ का संदर्भ देते हुए कहा था कि भारत के लिए खतरा “कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है।”
इसी से हिंदू संगठन भयंकर नाराज है और उन्होंने अंसारी के बयान पर स्पष्टीकरण की मांग की है।
