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ट्रेन के AC कोच में अटेंडेंट कर रहा था गलत काम : बलिया रेलवे स्टेशन पर GRP ने बिगाड़ दिया खेल, भेजा गया जेल

August 26, 2026

ट्रेन के AC कोच में अटेंडेंट कर रहा था गलत काम : बलिया रेलवे स्टेशन पर GRP ने बिगाड़ दिया खेल, भेजा गया जेल

 

बलिया : बलिया रेलवे स्टेशन पर GRP ने गरीब नवाज एक्सप्रेस के एसी कोच के एक अटेंडेंट को 30 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। इस पर यूपी के रास्ते बिहार में शराब ले जाकर बेचने का आरोप है। गिरफ्तार कोच अटेंडेंट राहुल राम पुत्र राजकिशोर भागलपुर जिले के रंगड़ा थाना क्षेत्र के कुमादपुर गांव का रहने वाला है, जिसकी उम्र 28 साल है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जीआरपी ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार कोच अटेंडेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान न्यायालय भेज दिया।

जीआरपी बलिया स्टेशन प्रभारी राज कपूर सिंह के मुताबिक राहुल कुमार राम ट्रेन नंबर 15716 (गरीब नवाज एक्सप्रेस) में कोच अटेंडेंट के तौर पर काम करता था। बलिया स्टेशन पर चेकिंग के दौरान जीआरपी को राहुल की गतिविधियां संदिग्ध लगी। इसके बाद उसके बैग की तलाशी ली गई, तो उसके बैग से अंग्रेजी शराब की 30 बोतलें बरामद हुईं। बलिया में ही शराब खरीदकर राहुल उसे लेकर बिहार जाने की तैयारी में था, तभी उसे पकड़ लिया गया।आरोप है कि राहुल अपनी नौकरी के दौरान ट्रेन के जरिए शराब बिहार ले जाकर ऊंचे दाम पर बेचता था

महिला पत्रकार को दी जान से मारने की धमकी, जांच रिपोर्ट लीक करने का आरोप

लेखपाल और दबंग की मिलीभगत

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी।जनपद में एक महिला पत्रकार को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत करना भारी पड़ गया। आरोप है कि जांच करने आए हल्का लेखपाल ने आरोपी पक्ष से मिलीभगत करके महिला पत्रकार को भद्दी-भद्दी गालियां दिलवाईं और जान से मारने की धमकी दी। यही नहीं, लेखपाल पर आईजीआरएस शिकायत की गोपनीय जांच रिपोर्ट को लीक करने का भी गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने इस मामले में जिला अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर लेखपाल और उसके सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली सदर लखीमपुर खीरी की रहने वाली महिला पत्रकार सुनहरा पुत्री अब्दुल मजीद ने 5 अगस्त 2026 को आईजीआरएस पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत ग्राम नरहर (ब्लॉक फूलबेहड़) में सरकारी भूमि और आंबेडकर पार्क की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे से संबंधित थी।मामले की जांच के लिए 24 अगस्त 2026 को हल्का लेखपाल रवि प्रकाश तोमर को नियुक्त किया गया था। आरोप है कि 24 अगस्त की सुबह लेखपाल ने पीड़िता से फोन पर बात की और मौके पर जाने का बहाना बनाकर फोन काट दिया।

लेखपाल के फोन से मिली धमकी

पीड़िता का आरोप है कि उसी दिन दोपहर करीब 12:02 बजे लेखपाल के आधिकारिक मोबाइल नंबर से उनके पास फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम महताब निवासी ग्राम नरहर बताया।जब महिला पत्रकार ने इस संबंध में लेखपाल के नंबर पर दोबारा जानकारी लेनी चाही, तो महताब ने लेखपाल के ही मोबाइल से पीड़िता को मां-बहन की बेहद गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए फोन काट दिया।

गोपनीय जांच रिपोर्ट लीक करने का आरोप

पीड़िता का कहना है कि इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड खुद लेखपाल रवि प्रकाश तोमर है। उसने आरोप लगाया कि जब शिकायत और जांच की बात लेखपाल से हो रही थी, तो लेखपाल ने अपना फोन और सरकारी जांच की गोपनीय जानकारी आरोपी महताब को क्यों सौंपी? यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार, मिलीभगत और जांच को प्रभावित करने की कोशिश है। पीड़िता के पास इस पूरी घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित है।

कठोर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग

महिला पत्रकार ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में मांग की है कि लेखपाल रवि प्रकाश तोमर और महताब के खिलाफ तत्काल सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए।दिनांक 24.08.2026 की लेखपाल के मोबाइल नंबर की सीडीआर और लोकेशन निकलवाई जाए, जिससे साफ हो सके कि उसका फोन महताब के पास कैसे पहुंचा।आईजीआरएस शिकायत के बाद से पीड़िता और उनके परिवार की जान को खतरा बना हुआ है, इसलिए उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान की जाए।

गौरीफंटा बॉर्डर पर ‘कवच योजना’ का बड़ा एक्शन

नेपाल ले जाई जा रही पीतल की मूर्तियां व तांबे के बर्तन जब्त, तस्कर गिरफ्तार

उ प्र समाचार सेवा

गौरीफंटा खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी और अपराध नियंत्रण के लिए चलाई जा रही ‘गौरीफंटा कवच योजना’ के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मंगलवार को सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने एक नेपाली नागरिक को भारी मात्रा में अवैध सामान के साथ दबोचा। आरोपी सीमा पार (नेपाल) पीतल की मूर्तियां और तांबे के बर्तन ले जाने की फिराक में था।यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक खीरी के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी पलिया के पर्यवेक्षण में अंजाम दी गई। गौरीफंटा बॉर्डर पर तैनात पुलिस टीम जब संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी, तभी एक युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई।पकड़े गए आरोपी की पहचान बुधीराम चौधरी पुत्र भगु थारू के रूप में हुई है, जो कि वार्ड नं. 6, टीकापुर, जिला कैलाली (नेपाल) का निवासी है। पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है,पीतल की मूर्तियां 08 अदद,पंचमुखी दीया 02 अदद,सप्तमुखी दीया 03 अदद,तांबे की चम्मच 50 अदद,स्टील की छलनी 06 अदद,बरामद किए गए सभी सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 15,000 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने नियम के मुताबिक सीजर (जब्तीनामा) तैयार कर बरामद माल को पलिया कस्टम कार्यालय को सौंप दिया है।तस्करी के इस प्रयास को विफल करने वाली टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे,उपनिरीक्षक प्रमीत कुमार,हेड कांस्टेबल दीपक सिंह,कांस्टेबल रवि यादव,थाना प्रभारी गौरीफंटा के प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया गौरीफंटा कवच योजना के तहत भारत-नेपाल बॉर्डर पर अवैध तस्करी को रोकने के लिए लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में टीम ने एक नेपाली नागरिक को पकड़ा है। सीमा पार होने वाली किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या तस्करी के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

चार साल से हरिद्वार में नौकरी कर रहे युवक के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने पर परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी।जिले के कोतवाली सदर थाना क्षेत्र के प्रमिलानगर देवकली रोड निवासी एक युवक के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। युवक पिछले चार वर्षों से हरिद्वार की एक कंपनी में कार्यरत था।परिजनों ने युवक के साथ किसी अप्रिय घटना या अनहोनी की गंभीर आशंका जताते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।पीड़ित द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में लडके के पिता बहादुर लाल ने बताया कि 23 अगस्त 2026 की सुबह करीब 9 बजे थाना पढुआ क्षेत्र के ग्राम हथिया बोझ निवासी कुछ लोग उनके घर पहुंचे। उन लोगों ने पीड़ित के घर आकर अपशब्द कहे और मारपीट करते हुए आरोप लगाया कि बहादुर लाल का 24 वर्षीय पुत्र किशन बाबू उनकी 22 वर्षीय बेटी को भगाकर ले गया है।पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें इस मामले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी।
पीड़ित पिता के अनुसार, इस घटना के बाद से उनके बेटे किशन बाबू का मोबाइल नंबर 7060673145 लगातार बंद आ रहा है और उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। युवक का वर्तमान ठिकाना भी परिजनों को मालूम नहीं है।इसी बीच पीड़ित के पास एक अन्य अज्ञात नंबर 8707630235 से फोन आया जिसमें उन्हें थाना पढुआ बुलाया गया। इन परिस्थितियों के कारण पूरा परिवार डरा हुआ है और उन्हें डर है कि उनके बेटे को बंधक बनाकर या बहला-फुसलाकर उसके साथ कोई गंभीर अपराध न कर दिया गया हो।पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि गायब युवक किशन बाबू की तत्काल तलाश और सुरक्षित बरामदगी कराई जाए,युवक के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लेकर उसकी वर्तमान लोकेशन का पता लगाया जाए।घर आकर धमकी देने वाले और फोन कर थाने बुलाने वाले व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर पहचान की जाए कि वह कौन लोग थे ।पीड़ित परिवार को जान-माल की सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।

आईजीआरएस प्रकरणों में डिफाल्टर व सी श्रेणी न आए-जिलाधिकारी

Posted on 25.08.26,Time 7pm

बिजनौर, 25 अगस्त। (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा) जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आईजीआरएस के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस प्रकरणों में किसी भी स्तर पर डिफाल्टर श्रेणी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता से शिकायत के निस्तारण के संबंध में संतुष्टि फीडबैक लिया जाता है अतः अधिकारी गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराएं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आईजीआरएस के प्रकरणों को स्वयं देखें और उनका गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन करते हुए समयबद्ध एवं नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता से वार्ता कर उसकी समस्या को समझें तथा नियमानुसार संभव समाधान कर शिकायतकर्ता को संतुष्ट करें। जिन प्रकरणों का निस्तारण नियमों के अनुसार संभव नहीं है, उनमें शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से कारणों से अवगत कराया जाए।
उन्होंने कहा कि आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न बरती जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। सभी अधिकारी लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण करें।
बैठक के उपरांत जिलाधिकारी ने जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक भी की। इस दौरान उन्होंने पूर्व में वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत लगाए गए पौधों की जियो-ट्रैकिंग का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत लगाए गए पौधों की जियो-ट्रैकिंग से उनकी स्थिति एवं संरक्षण की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जियो-ट्रैकिंग कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण किया जाए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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