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पिपरझला स्थित स्कूल में प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों के बलिदान को किया याद

August 20, 2026

पिपरझला स्थित स्कूल में प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों के बलिदान को किया याद

मितौली खीरी। पिपरझला स्थित सेंटआरवींजी किड्स एकेडमी में स्वतंत्रता दिवस समारोह बेहद धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एकेडमी की डायरेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने ध्वजारोहण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को स्वतंत्रता दिवस के महत्व और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों के बलिदानों की जानकारी दी।स्वतंत्रता दिवस के इस पावन मौके पर स्कूल के बच्चों ने कई मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने नाटकों और गीतों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के वीरों की गाथा का शानदार मंचन किया। देशप्रेम के साथ-साथ बच्चों ने सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसमें अनपढ़ होने से समाज को होने वाले नुकसान, मोबाइल के सही व गलत इस्तेमाल और बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास पर इसके प्रभाव जैसे गंभीर विषयों पर बेहद प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी गईं।छात्र-छात्राओं के इस बेहतरीन प्रदर्शन और अभिनय ने वहां मौजूद सभी अभिभावकों और दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रशासन द्वारा बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।

मेधावी छात्र पुरस्कृत, संस्कृति ज्ञान परीक्षा पुस्तकों का हुआ विमोचन

सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर में मासिक परीक्षा परिणाम घोषित

लखीमपुर खीरी। विद्याभारती से संबद्ध स्थानीय सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर, मिश्राना में गुरुवार (20 अगस्त 2026) को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वर्तमान सत्र की द्वितीय मासिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया और साथ ही संस्कृति ज्ञान परीक्षा की पुस्तकों का विमोचन भी संपन्न हुआ।दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ,कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन एवं वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक रवि भूषण साहनी, कोषाध्यक्ष माननीय अमित गुप्ता एवं प्रधानाचार्या श्रीमती हीरा सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों का परिचय और स्वागत करने के साथ ही प्रधानाचार्या ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।90 मेधावी भैया-बहन हुए पुरस्कृत,विद्यालय के परीक्षा प्रमुख चन्द्रपाल ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा परिणाम की घोषणा की। इसके बाद उप प्रधानाचार्य ज्ञानेन्द्र कुमार वाजपेयी की देखरेख में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। परीक्षा में कुल 14 वर्गों से प्रथम पांच स्थान प्राप्त करने वाले 90 मेधावी भैया-बहनों को मंच पर मुख्य अतिथियों द्वारा पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया गया।संस्कृति ज्ञान परीक्षा पुस्तक विमोचन और आगामी अभियानसमारोह के दूसरे चरण में ‘संस्कृति ज्ञान परीक्षा’ की पुस्तकों का विमोचन किया गया। यह परीक्षा कक्षा तीन से द्वादश (12वीं) तक के छात्रों के साथ-साथ आचार्यों और अभिभावकों के लिए भी आयोजित की जाती है, जिसमें क्रमशः प्रवेशिका, मध्यमा, उत्तमा एवं प्रज्ञा स्तर की परीक्षाएं शामिल हैं।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस विमोचन के साथ ही अब एक विशेष अभियान की शुरुआत हो रही है। अगले 15 दिनों तक नगर के विभिन्न विद्यालयों को इस संस्कृति ज्ञान परीक्षा से जोड़ने के लिए व्यापक संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस गौरवपूर्ण और हर्षोल्लास के अवसर पर विद्यालय का समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा और सभी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बायोजेंटा बनाएगी एंटी-कैंसर दवाएं, 1250 करोड़ के निवेश से बाराबंकी में बड़े फार्मा प्रोजेक्ट का भूमि पूजन

*13 एकड़ में बनेगी फॉर्मा फैक्ट्री, 2,000 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार*

*एंटी-कैंसर दवाओं के साथ ह्युमन हार्मोन्स और अन्य महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं का निर्माण किया जाएगा*

*नकली दवाओं के क्रय पर शिकंजे के साथ यूपी को फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में जुटा एफएसडीए*

*लेटर ऑफ कंफर्ट पाने वाली 17 कंपनियों में फैक्ट्री शुरू करने वाली पहली इकाई बनेगी बायोजेंटा*

*एलओसी प्राप्त करने वाली अन्य कंपनियां के भी जल्द भूमि पूजन और निर्माण के चरण तक पहुंचने की संभावना*

*गाज़ियाबाद, गौतमबुध नगर समेत अन्य जिलों में भी निर्माण कार्य शुरू*

*बाराबंकी, 20 अगस्त।* उत्तर प्रदेश में नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ कार्रवाई के साथ उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग अब प्रदेश को फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रहा है। इसी कड़ी में बाराबंकी के मेडिकल पार्क में बायोजेंटा ग्लोबल की 1,250 करोड़ रुपये की फार्मास्युटिकल परियोजना का भूमि पूजन एवं शिलान्यास हुआ। करीब 13 एकड़ भूमि में स्थापित होने वाली इस फैक्ट्री में एंटी-कैंसर दवाओं के साथ ह्युमन हार्मोन्स और अन्य महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं का निर्माण किया जाएगा। कंपनी की परियोजना से प्रदेश में फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग को नई गति मिलने के साथ 2,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

*गुणवत्तापूर्ण दवा निर्माण को बढ़ावा देना है उद्देश्य*
भूमि पूजन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की कमिश्नर रोशन जैकब ने कहा कि विभाग को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। एफएसडीए अब अपनी नियामक एवं प्रवर्तन की जिम्मेदारियों के साथ उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस पॉलिसी-2023 के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग का उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण दवा निर्माण को बढ़ावा देना और निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना है।

*नकली दवाओं पर कार्रवाई से मैन्युफैक्चरिंग हब तक*
एफएसडीए की भूमिका को अब केवल नकली और अवैध दवाओं पर कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। एक ओर विभाग दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अवैध कारोबार पर शिकंजा कस रहा है, वहीं दूसरी ओर नए फार्मास्युटिकल निवेश को जमीन पर उतारने के लिए फैसिलिटेटर की भूमिका निभा रहा है। बायोजेंटा की परियोजना इसी बदलाव की महत्वपूर्ण मिसाल है। डॉ रोशन जैकब ने बताया कि हाल में लखनऊ में आयोजित नेशनल फार्मा कॉन्क्लेव में देश की फार्मा इंडस्ट्री के बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट्स ने भाग लिया था। कॉन्क्लेव के दौरान 17 यूनिट्स को लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) सौंपे गए। इनमें बायोजेंटा भी शामिल थी। ये यूनिट्स उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से हैं और प्रदेश में फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में निवेश करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि बायोजेंटा नई यूनिट्स में साइट पर काम शुरू करने वाली पहली इकाई है। उम्मीद है कि एलओसी प्राप्त करने वाली अन्य कंपनियां भी जल्द भूमि पूजन और निर्माण के चरण तक पहुंचेंगी। उन्होंने बताया कि इनमें से सात यूनिट्स उत्पादन शुरू कर चुकी हैं और अब उनकी सब्सिडी की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

*13 एकड़ में बनेगी फैक्ट्री, कैंसर की दवाओं का होगा निर्माण*
बायोजेंटा ग्लोबल के एमडी दीपनारायण शर्मा ने बताया कि कंपनी की वैश्विक स्तर पर 35 देशों में मौजूदगी है और वह हिमाचल प्रदेश में भी काम कर रही है। अब कंपनी ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में अपनी नई फैक्ट्री स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से फैक्ट्री की स्थापना के लिए बाराबंकी मेडिकल पार्क में 13 एकड़ भूमि आवंटित किए जाने और परियोजना को आगे बढ़ाने की गति से वह प्रभावित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लिए जा रहे फैसलों की सराहना की। वाराणसी से ताल्लुक रखने वाले दीपनारायण शर्मा ने कहा कि उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में काम किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश लौटकर यहां नई फैक्ट्री स्थापित करना उनके लिए भावनात्मक और महत्वपूर्ण अनुभव है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित फैक्ट्री में कैंसर संबंधी दवाइयों, हार्मोन्स और अन्य महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य अपनी फैसिलिटी में गुणवत्तापूर्ण दवाओं का निर्माण करना है, ताकि लोगों को सुरक्षित और बेहतर जीवन के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के 2,000 से अधिक युवाओं को रोजगार देने और राज्य के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने में योगदान देने का लक्ष्य रखा गया है।

*400 से अधिक फार्मा कॉलेज और एक लाख से ज्यादा रिटेल स्टोर यूपी की ताकत*
डॉ रोशन जैकब ने कहा कि फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के पास कई महत्वपूर्ण फायदे हैं। प्रदेश में कई एक्सप्रेसवे, 400 से अधिक फार्मा कॉलेज और एक लाख से अधिक रिटेल फार्मा स्टोर मौजूद हैं। ये सुविधाएं फार्मा उद्योग के लिए मजबूत बाजार, कनेक्टिविटी और कुशल मानव संसाधन का आधार तैयार करती हैं। प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि बैंक भी उपलब्ध है। इससे फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग की पूरी चेन को विकसित करने की संभावनाएं बढ़ती हैं। एपीआई से लेकर फॉर्मूलेशन और एंड-टू-एंड मैन्युफैक्चरिंग तक की गतिविधियों को एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम के भीतर विकसित किया जा सकता है।

*एनसीआर से निकटता, एक्सप्रेसवे और बड़ा बाजार भी बने ताकत*
उत्तर प्रदेश की भौगोलिक स्थिति भी फार्मा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। एनसीआर के निकटता के कारण प्रदेश को विशाल बाजार मिलता है। इसके अलावा राज्य में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मोबिलिटी कॉरिडोर का व्यापक नेटवर्क विकसित हुआ है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के बीच स्थित होने के कारण परिवहन और लॉजिस्टिक्स की सुविधाएं भी बेहतर हैं। प्रदेश में भारत सरकार और अन्य प्रमुख वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थानों की मौजूदगी से रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आएएंडडी) के लिए भी मजबूत आधार उपलब्ध है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षित और कुशल मानव संसाधन फार्मास्युटिकल उद्योग के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण ताकत है।

*फार्मा कॉन्क्लेव के बाद तेजी से धरातल पर उतर रहा निवेश*
प्रदेश में फार्मास्युटिकल निवेश को गति देने में हाल में आयोजित फार्मा कॉन्क्लेव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कॉन्क्लेव में सन फार्मा, सिप्ला, डॉ. रेड्डीज, जायडस कैडिला, मैनकाइंड फार्मा, टॉरेंट फार्मा और डाबर सहित फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। कई प्रमुख उद्योगपतियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ वन-टू-वन बैठकें कर प्रदेश में निवेश, नीतिगत सहयोग और उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं पर चर्चा की थी।
इसके बाद 17 कंपनियों को एलओसी जारी किए गए। अब बायोजेंटा का भूमि पूजन इस प्रक्रिया को निवेश से निर्माण और निर्माण से उत्पादन की दिशा में बढ़ता हुआ कदम दिखाता है। सात यूनिट्स के उत्पादन शुरू करने और बायोजेंटा द्वारा साइट पर काम शुरू करने से प्रदेश की फार्मा नीति के क्रियान्वयन के परिणाम भी सामने आने लगे हैं।

*योगी सरकार का लक्ष्य यूपी को फार्मा हब बनाना*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने के लिए निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत प्रोत्साहन को एक साथ आगे बढ़ा रही है। सरकार का जोर केवल निवेश प्रस्तावों तक सीमित न रहकर उन्हें धरातल पर उतारने पर है।बाराबंकी में बायोजेंटा का ₹1,250 करोड़ का प्रोजेक्ट इसी नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एक तरफ एफएसडीए नकली, अवैध और घटिया दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, तो दूसरी तरफ गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक दवाओं के निर्माण के लिए नई औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित कर रहा है। ऐसे में रेगुलेशन के साथ मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को बढ़ावा देने का यह दोहरा मॉडल उत्तर प्रदेश को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

इस अवसर पर एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, यूपीसीडा के सीईओ बलकार सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार जीएन सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।

टीबी को जानो संगोष्ठी में सीएमओ ने वालंटियर को बताएं उनके कार्य व उद्देश्य

**टीबी मुक्त भारत अभियान: सीएमओ कार्यालय सभागार में ‘टीबी को जानो’ संगोष्ठी का हुआ आयोजन*

*​एनसीसी व ‘मेरा भारत’ के 60 वॉलंटियर्स 5 उच्च जोखिम वाले गांवों में करेंगे लक्षणयुक्त मरीजों की पहचान व काउंसलिंग*

​लखीमपुर खीरी। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एनसीसी व माई भारत के वॉलिंटियर सीएमओ कार्यालय सभागार में ‘टीबी को जानो’ संगोष्ठी के अंतर्गत प्रशिक्षित किया गया। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता की अध्यक्षता मैं आयोजित संगोष्ठी में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रमोद रावत भी मौजूद रहे। वॉलंटियर्स को टीबी की रोकथाम व पहचान का प्रशिक्षण दिया गया।

​सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनपद के 3 ब्लॉकों के 5 उच्च जोखिम वाले गांवों—लखीमपुर ब्लॉक के राजपुर व छाउछ, बेहजम ब्लॉक का हरैय्या तथा फूलबेहड़ ब्लॉक के श्रीनगर व महेवागंज को चिन्हित किया गया है। इन गांवों में 60 वॉलंटियर्स टीबी लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर उनकी जांच व काउंसलिंग कराएंगे। इसके लिए 18 अगस्त से 5 दिवसीय प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है।

*​टीबी पहचान, रोकथाम व सहयोग से जुड़ी जरूरी बातें:*

सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने बताया कि 2 हफ्ते से अधिक खांसी, बुखार, वजन घटना व रात में पसीना आना टीबी के लक्षण हैं। टीबी हमारे खांसते छींकते व बोलते समय निकलने वाले ड्रॉपलेट के जरिए फैलती है। छूने से नहीं। घर में उचित वेंटिलेशन और नशा मुक्ति इसके बचाव में अहम हैं। वॉलंटियर्स मरीजों को पूरा इलाज लेने, निक्षय मित्र बनकर पोषण किट उपलब्ध कराने तथा टीबी मुक्त भारत ऐप के एआई चैटबॉट ‘खुशी (ई-संगिनी)’ का उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे।
​कार्यक्रम में माई भारत के जिला युवा अधिकारी संकल्प शुक्ला सहित जिला क्षय रोग अस्पताल से पीपीएम कोऑर्डिनेटर रंजीत कुमार, डीपीपीएमसी पंकज परमी, एसटीएलएस संजय राय एवं एसटीएस संजय त्रिपाठी उपस्थित रहे।

निजी विद्यालयों पर जिला पंचायत की कार्रवाई के खिलाफ लामबंद हुए स्कूल संचालक

उप्रससे,अजय बरया

जखौरा- ललितपुर। जनपद ललितपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित निजी विद्यालयों को जिला पंचायत द्वारा जारी किए गए हैसियत एवं जायदाद कर तथा विद्यालय लाइसेंस/लाइसेंस नवीनीकरण संबंधी नोटिसों के विरोध में आज प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के ब्लॉक जखौरा अध्यक्ष अरुण ताम्रकार के नेतृत्व में संबंधित तहसील मुख्यालयों पर उपजिलाधिकारी श्री पटेल सर को ज्ञापन सौंपा गया।

एसोसिएशन की ओर ब्लॉक जखौरा अध्यक्ष.अरुण ताम्रकार. ने कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित निजी विद्यालय व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं हैं, बल्कि अधिकांश विद्यालय सोसाइटी/गैर-लाभकारी संस्थाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और शिक्षा के क्षेत्र में सेवा प्रदान करना है।

ज्ञापन में कहा गया कि विद्यालय से प्राप्त होने वाली फीस अथवा अन्य आय किसी व्यक्ति विशेष की व्यक्तिगत आय नहीं होती। विद्यालय की समस्त प्राप्तियां शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन, भवन, बिजली-पानी, शिक्षण सामग्री, रखरखाव, विद्यार्थियों की सुविधाओं तथा अन्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में व्यय होती हैं। विद्यालयों का संचालन मूल रूप से “नोट फॉर प्रॉफिट” के आधार पर किया जा रहा है।

एसोसिएशन ने मांग की कि निजी विद्यालयों को सामान्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान मानकर उन पर हैसियत एवं जायदाद कर निर्धारित करना तथा जिला पंचायत का पृथक लाइसेंस लेने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। इसलिए जिला पंचायत द्वारा जारी किए गए दोनों प्रकार के नोटिस तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाएं तथा ग्रामीण क्षेत्र के निजी विद्यालयों को अनावश्यक आर्थिक एवं प्रशासनिक दबाव से राहत प्रदान की जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी श्री हेमन्त पटेल को ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के जखौरा ब्लॉक अध्यक्ष अरुण ताम्रकार के साथ उपाध्यक्ष वसीम खजुरिया , महामंत्री ध्रुव साहू, विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रतिनिधि श्री भानुप्रताप सिंह, हरिमोहन गोस्वामी, श्री राम, कल्याण सिंह, कपिल अग्रवाल, जयप्रकाश सिंह यादव, राजेंद्र राजपूत, अजय जैन, रामगुलाम आचार्य जी, राजबहादुर, मुहम्मद इसरार, बृजेंद्र सिंह राजपूत, हेमंत जोशी सुनील कुमार, राम लखन सर, सुखलाल, धीरजसिंह एवं उत्कर्ष श्रीवास्तव व अन्य विद्यालय संचालक उपस्थित रहे।

एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निजी विद्यालयों पर लगाए जा रहे इन अतिरिक्त कर एवं लाइसेंस संबंधी प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।

तालबेहट : प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष संजीव शर्मा ने तालबेहट में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एसोसिएशन के बार ब्लॉक अध्यक्ष रामसेवक ने भी अपने साथियों के साथ उपस्थित होकर ज्ञापन सौंपते हुए जिला पंचायत की कार्रवाई का विरोध किया।

महरौनी : महरौनी ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पटेल ने तहसील मुख्यालय पर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और जिला पंचायत द्वारा लगाए गए अतिरिक्त कर एवं लाइसेंस संबंधी कार्रवाई को तत्काल निरस्त करने की मांग की।

मड़ावरा : मड़ावरा ब्लॉक अध्यक्ष अमर सिंह विश्वकर्मा ने अपनी टीम के साथ मड़ावरा के उपजिलाधिकारी मड़ावर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों को व्यावसायिक प्रतिष्ठान मानकर की जा रही कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।

बिरधा: बिरधा ब्लॉक अध्यक्ष अवतार सिंह ने पाली के उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि जिला पंचायत द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के निजी विद्यालयों पर लगाए गए अतिरिक्त कर एवं लाइसेंस संबंधी कार्रवाई को तत्काल निरस्त किया जाए।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि ग्रामीण क्षेत्र में संचालित निजी विद्यालयों की वास्तविक प्रकृति एवं उनके गैर-लाभकारी शैक्षणिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत द्वारा जारी दोनों प्रकार के नोटिसों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए तथा विद्यालयों को अनावश्यक आर्थिक एवं प्रशासनिक दबाव से मुक्त किया जाए।

प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने वाले विद्यालयों को व्यापारिक प्रतिष्ठान मानना उचित नहीं है और इस मुद्दे पर एसोसिएशन सभी प्रभावित विद्यालयों के हित में लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।

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