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बोलने से पहले सोचना चाहिए, और सोचने से पहले पढ़ना चाहिए’ – यह संस्कार केवल पुस्तकालय ही दे सकता है: अमित शाह

July 12, 2026

बोलने से पहले सोचना चाहिए, और सोचने से पहले पढ़ना चाहिए’ – यह संस्कार केवल पुस्तकालय ही दे सकता है: अमित शाह

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में जयप्रकाश नारायण पुस्तकालय का लोकार्पण किया

किसी देश का भविष्य कृषि, बाज़ार या उद्योग से नहीं, बल्कि उसके पुस्तकालयों में जुटने वाली युवाओं की भीड़ से तय होता है

राष्ट्र निर्माण और उसे वैभव दिलाने वाली हर गतिविधि का मूल है ज्ञान और विवेक, और यह केवल पुस्तकालय ही दे सकता है

गृह मंत्री जी ने युवाओं से आह्वान किया कि – एक बार पुस्तकालय से जुड़िए, पढ़ने की आदत बनते ही अच्छे-बुरे का विवेक स्वयं जाग जाएगा

गांधीनगर के प्रत्येक गाँव में पुस्तकालय खोल उन्हें बड़े पुस्तकालय से लिंक किया गया, अब गाँव का बच्चा पुस्तकालय में जिस पुस्तक का नाम लिखता है, वह पुस्तक उसी गाँव में उसे उपलब्ध हो जाती है

Posted Date:- Jul 11, 2026 पीआईबी

नई दिल्ली 11 जुलाई 2026, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के अध्यक्ष केशव चंद्र सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी देश का भविष्य कृषि, बाज़ार या उद्योग से नहीं, बल्कि उसके पुस्तकालयों में जुटने वाली युवाओं की भीड़ से तय होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को आगे बढ़ाने वाली, राष्ट्र-निर्माण और राष्ट्र को वैभव दिलाने वाली सारी गतिविधियों का मूल ज्ञान एवं विवेक में होता है। यह ज्ञान सिर्फ एक पुस्तकालय ही दे सकता है।

श्री शाह ने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे एक बार पुस्तकालय से अवश्य जुड़ें। पढ़ने की आदत बनते ही अच्छे-बुरे का विवेक स्वयं जाग जाएगा। गृह मंत्री ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिस छोटे से कस्बे में वह पैदा हुए और उनका बचपन बीता, वहाँ एक समृद्ध पुस्तकालय था। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय के माध्यम से कब उनकी अध्ययन यात्रा वेदों और उपनिषदों तक पहुंच गई, उन्हें पता नहीं चला।

 

 

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज सभागार में उन्होंने एक वाक्य लिखा देखा कि “बोलने से पहले सोचना चाहिए, क्योंकि शब्द कभी वापस नहीं आते।” उन्होंने कहा कि कोई भी वाक्य बोलने से पहले सोचना चाहिए और सोचने से पहले पढ़ना चाहिए कि क्या सोचना है, और यह संस्कार सिर्फ पुस्तकालय से ही मिल सकता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि पुस्तकालय का उनके जीवन में बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि अपने संसदीय क्षेत्र में उन्होंने एक छोटा सा प्रयोग किया है। उनके संसदीय क्षेत्र के लगभग हर गाँव में एक पुस्तकालय खोला गया है, जिनमें लगभग 3-4 हजार पुस्तकें हैं। इन पुस्तकालयों को मुख्य पुस्तकालय से लिंक किया गया है, जिसमें सवा लाख पुस्तकें हैं। इसके अलावा, चार मोबाइल वैन भी चलाई गई हैं। उन्होंने कहा कि गांवों के बच्चे पुस्तकालय में अपनी पसंद की पुस्तक का नाम लिख कर उसे मँगवाने का अनुरोध करते हैं, और हर शुक्रवार के दिन बच्चों को उनकी पसंद की पुस्तक गांव में ही उपलब्ध कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि हमने हर पुस्तकालय को स्कूलों से जोड़ने का प्रयास किया है।

गृह मंत्री ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम से समर्पित यह पुस्तकालय युवाओं के ज्ञान और चिंतन का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि वह दिल्ली के सभी पुस्तकालयों को आपस में लिंक करें और स्कूलों को इनसे जोड़ने के लिए एक ठोस योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि एक कार्ययोजना बनाकर पुस्तक प्रेमियों को पुस्तकालयों से जोड़ने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय के कर्मियों से भी आग्रह किया कि वे नई दिल्ली के आसपास के 10 विधानसभा क्षेत्रों के सभी स्कूलों से संपर्क कर युवाओं को पुस्तकालय से जोड़ें और उन्हें यहाँ आने के लिए प्रेरित करें। एक बार जब युवा पढ़ने की आदत बना लेंगे, तो वह स्वयं आगे बढ़ेंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि पुस्तकालय ज्ञान सागर में गोता लगाने का साहस देता है और सागर के नीचे पड़े मोतियों व रत्नों को चुनकर ऊपर लाने की प्रेरणा भी देता है। ज्ञान सागर के गोते से निकले ये मोती और रत्न ही व्यक्तित्व को निखारते हैं, देश को आगे बढ़ाते हैं, देश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाते हैं, देश को संस्कारित, शिक्षित और सुरक्षित बनाते हैं। उन्होंने कहा कि साहित्यकार रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी को पढ़े बिना इस देश की आत्मा, संस्कृति, स्वाभिमान और संघर्ष को नहीं जाना जा सकता, और पुस्तकालय इसमें सबसे मज़बूत ज़रिया बन सकता है।

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय भवन में 30,000 से अधिक पुस्तकों का संग्रह है। यहां रिसर्च करने वालों के लिए अलग व्यवस्था है, बहुउद्देशीय आधुनिक सभागार है, आधुनिक रीडिंग एरिया है, किड्स जोन है, रिसर्च सेंटर है और ई-लाइब्रेरी है, जिसमें 1 करोड़ पुस्तकें ऑनलाइन पढ़ी जा सकती हैं। वाई-फाई फ्री है। कई मॉनिटर लगाए गए हैं, जहां पुस्तकालय में अध्ययन के लिए आने वाले लोग नोट्स ले सकते हैं, डाउनलोड कर सकते हैं और अपनी विचार प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ आरएफआईडी आधारित अत्याधुनिक पुस्तक प्रबंधन प्रणाली लागू है। ओपेक कैटलॉग के माध्यम से नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया से भी जुड़ाव होगा। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय में युवा अपनी रुचि के विषय चुनें और उन महानुभावों को पढ़ें, जिन्होंने अपना पूरा जीवन उन विषयों पर लगाया है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तकालय में 1 करोड़ ई-बुक्स उपलब्ध हैं। यह दिल्ली के युवाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर है कि उन्हें मुफ़्त में 1 करोड़ ई-बुक्स और 32,000 भौतिक पुस्तकों का एक्सेस होगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण (जेपी) एक ऐसे विचारक और क्रांतिकारी थे, जिन्होंने जीवन में अनेक विचारधाराओं को अपनाया और हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास किया। वे भारत छोड़ो आंदोलन के प्रमुख सेनानी थे। आजादी के बाद उन्होंने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया। समाजवाद अपनाया, समाजवादी कांग्रेस बनाई, विनोबा भावे के भूदान आंदोलन और सर्वोदय विचारधारा को गांव-गांव तक फैलाया। चंबल क्षेत्र में 250 से अधिक डाकुओं को सरेंडर कराया और चार राज्यों के 22 जिलों में डकैती की समस्या समाप्त की। श्री शाह ने कहा कि इमरजेंसी के समय जेपी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री का डटकर विरोध किया, बिहार-गुजरात में छात्र आंदोलनों का नेतृत्व किया और ‘संपूर्ण क्रांति’ का आह्वान दिया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जेपी, अटल जी, अडवाणी जी सहित हजारों नेताओं को जेल में डाला गया। तब दिनकर जी का नारा “अंधेरे में एक प्रकाश, जयप्रकाश” पूरे देश में गूंजा। 1977 के चुनाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री रायबरेली से हारीं और पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। उन्होंने कहा कि जेपी ने पूरी जिंदगी लोकतंत्र की रक्षा की।

गृह मंत्री ने दिल्ली के सभी किशोरों और युवाओं से अपील की कि वे ज्ञान की पिपासा तृप्त करने के माध्यम के रूप में शुरू किए गए जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे पुस्तकालय का लाभ उठाकर अपने जीवन को निखारें और देश को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।

 

एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में 5 घंटे में मिला लापता बालक, टूंडला स्टेशन से सकुशल बरामद

Posted on 12.07.2026 Time 09.17 PM Hathras News
हाथरस। हाथरस पुलिस ने “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए घर से नाराज होकर लापता हुए 12 वर्षीय बालक को महज पांच घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में गठित पुलिस टीमों और सर्विलांस सेल ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया की मदद से बालक की तलाश शुरू की। जांच के दौरान टूंडला (फिरोजाबाद) रेलवे स्टेशन से बालक को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। जानकारी के अनुसार बालक ट्यूशन के लिए घर से निकला था, लेकिन मां की डांट से नाराज होकर वापस नहीं लौटा। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तत्काल अभियान चलाया। बालक के सकुशल मिलने पर परिजनों ने हाथरस पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की। शहरवासियों ने भी इस सराहनीय कार्रवाई की प्रशंसा की।

बैगन बेचकर लौट रहे युवक की सड़क हादसे में मौत, परिवार में मचा कोहराम

News Posted on 12.07.2026 Time 09.04 PM Mainpuri
मैनपुरी। थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव कछपुरा, अघार निवासी कुलदीप शाक्य पुत्र सर्वेश शाक्य की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। बताया गया कि कुलदीप शाक्य प्रतिदिन अपने खेत से बैगन तोड़कर मोटरसाइकिल से मैनपुरी बेचने जाया करते थे। रविवार को भी वह रोज की तरह सब्जी बेचने मैनपुरी गए थे। वापस लौटते समय सुबह करीब 8 बजे ओंग-अर्जुनपुर मार्ग पर नाले के पास उनकी मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई। राहगीरों ने देखा कि कुलदीप मोटरसाइकिल के नीचे दबे पड़े हैं। लोगों ने तुरंत उन्हें बाहर निकालकर सड़क किनारे किया और परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मोटरसाइकिल फिसलने से यह हादसा हुआ है। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जिलेभर में हुआ महावृक्षारोपण

पुलिस लाइन, थानों, विद्यालयों और गांवों में लगाए गए हजारों पौधे, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
मथुरा। शासन के निर्देश पर रविवार को जनपदभर में ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ एवं ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया गया। पुलिस विभाग, ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और विभिन्न सरकारी संस्थानों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जनपद मथुरा पुलिस की ओर से पुलिस लाइन, सभी थानों, चौकियों और पुलिस परिसरों में वृक्षारोपण किया गया। पुलिस अधीक्षक सुरक्षा, प्रतिसार निरीक्षक तथा क्षेत्राधिकारियों के निर्देशन में अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन का आधार ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की अमूल्य धरोहर हैं।
विकास खंड बलदेव के ग्राम भरतिया में ब्रज क्षेत्र के “101 लाड़ली वन” अभियान के अंतर्गत लाड़ली वन की स्थापना की गई। क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश ने पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। इस दौरान जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, एसडीएम उषा सिंह, खंड विकास अधिकारी नेहा रावत सहित अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
राजकीय इंटर कॉलेज दघेंटा, बलदेव में जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेंद्र सिंह के निर्देशन में प्रधानाचार्य डॉ. अखिलेश यादव ने विद्यार्थियों और ग्राम प्रधान के साथ पौधरोपण किया। विद्यालय में 100 पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया गया। डॉ. यादव ने कहा कि ब्रजभूमि की पहचान रहे वन, कुंज, नदियां और सरोवर आज अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। जल, जंगल और जमीन का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
उधर, महावन स्थित श्री गुरु कार्ष्णि इंटर कॉलेज में भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार मिश्र ने पौधरोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खेल शिक्षक डॉ. राकेश कुमार राही, स्काउट-गाइड, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों तथा विद्यार्थियों ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
जिलेभर में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया।

Mathura भरतिया गांव में बना ‘लाड़ली वन’, विधायक ने किया वृक्षारोपण

Posted on 12.07.2026 Time 08.55 PM
बलदेव (मथुरा)। विकास खंड बलदेव के ग्राम भरतिया में शनिवार को वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत ब्रज क्षेत्र के “101 लाड़ली वन” अभियान के अंतर्गत लाड़ली वन की स्थापना की गई। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश ने पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर विधायक ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को पौधों की देखभाल अपने बच्चों की तरह करने तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प भी दिलाया गया। अभियान का मुख्य विषय “एक पेड़ मां के नाम” रहा, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृ सम्मान का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, उपजिलाधिकारी उषा सिंह, खंड विकास अधिकारी नेहा रावत, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र गोयल, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) मुकेश, सचिव कौशलेंद्र, प्रशासक हरवीर, सचिव विपिन सहित विकास खंड के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि लाड़ली वन के रूप में विकसित यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में सघन हरित वन का स्वरूप धारण करेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय क्षेत्र की हरित धरोहर के रूप में विकसित होगा।

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