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Lakhimpur Kheri औरंगाबाद-बरवर मार्ग पर कोयला लोड कर रहे मजदूरों को कार ने रौंदा

June 3, 2026

Lakhimpur Kheri औरंगाबाद-बरवर मार्ग पर कोयला लोड कर रहे मजदूरों को कार ने रौंदा

Posted on 03.06.2026 Time 08.34 PM , Lakhimpur Kheri, News Source UP Samachar Sewa

दो की मौत परिजनों ने लगाया जाम,मौके पर पहुंची पुलिस

मोहम्मदी-खीरी, 03 जून 2026, लखीमपुर खीरी जिले के मैगलगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत औरंगाबाद-बरवर मार्ग पर चपरतला मोड़ के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ दो दिन पूर्व पलटे एक कोयला लदे ट्रक से दूसरी गाड़ी में कोयला भर रहे मजदूरों को एक तेज रफ्तार अनियंत्रित डिजायर कार ने रौंद दिया। इस भीषण हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर हाईवे जाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार, मोहम्मदी खीरी के औरंगाबाद से बरवर रोड पर दो दिन पहले कोयले से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था। उस पलटे हुए ट्रक से कोयला निकालकर दूसरे ट्रक में लादने के लिए मैगलगंज थाने के ग्राम रहजनिया से मजदूर बुलाए गए थे। मंगलवार की रात जब मजदूर कोयला लोड करने के काम में जुटे थे, तभी औरंगाबाद से बरवर की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित हो गई और सीधे कोयला भर रहे मजदूरों से जा टकराई।कार की टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोयला लोड कर रहे मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में संदीप (उम्र लगभग 26 वर्ष), पुत्र तालेवर, निवासी रहजनिया (थाना मैगलगंज) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, उनके साथ काम कर रहे हरिओम (उम्र लगभग 28 वर्ष), पुत्र रामनाथ सहित अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई बाकी घायलों का इलाज जारी है।
संदीप की मौत की खबर मिलते ही रहजनिया गाँव के ग्रामीण और मृतक के परिजन भारी संख्या में मौके पर पहुँच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने उचित मुआवजे और कार चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग को लेकर शव को बीच सड़क पर रखकर हाईवे जाम कर दिया। हाईवे जाम होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए औरंगाबाद पुलिस चौकी और मैगलगंज थाना पुलिस भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँची। उच्चाधिकारियों (सीओ मितौली और इंस्पेक्टर मैगलगंज) ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देने का प्रयास शुरू कर दिया है। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है और मामले की जाँच की जा रही है।

करुणानिधि की दिग्भ्रमित संतति

Article 03.06.26

सर्वेश कुमार सिंह

तमिल राजनीति में प्रमुख स्थान रखने वाली पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) का आधारभूत सिद्धांत नास्तिकवाद है। किंतु वर्तमान परिवेश और राजनीतिक लालसा ने इसे हिंदुत्व विरोध के रूप में परिवर्तित कर दिया है। हाल के चुनाव में पराजय का मुंह देखने के बावजूद पार्टी हिंदुत्व विरोध की राजनीति को सुचारू रखना चाहती है।

हालांकि यह पार्टी का मूल सिद्धांत नहीं था। द्रमुक ने उग्र दक्षिणवाद, तमिल अस्मिता और धर्मनिरपेक्षता को आधार बनाया था। एम करुणानिधि व्यक्तिगत तौर पर नास्तिक थे। वे किसी भगवान या धर्म में आस्थावान नहीं थे। हिंदी, हिंदू परंपराओं का उन्होंने विरोध किया, किंतु कभी हिंदुत्व या सनातन को समाप्त करने की बात नहीं कही, जैसी कि उनकी तीसरी पीढ़ी की संतति द्वारा कही जा रही है। बल्कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में हिंदू मंदिरों के संरक्षण, हिंदू मंदिरों की संपत्ति की रक्षा के लिया कानून बनाए गए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री रहते हुए एम करुणानिधि ने एक जनवरी 2000 को इस शताब्दी और सहस्राब्दी के पहले दिन कन्याकुमारी में संत तिरुवल्लुवर की प्रतिमा का अनावरण किया था। वे हिन्दू संस्कृति और संत परंपरा के महान विभूति थे। यह प्रतिमा तीन सागरो, सिंधु सागर, गंगा सागर और हिंद महासागर के तट पर स्थापित हुई। प्रतिमा 133 फीट ऊंची और 7000 टन वजन की है। संत तिरुवल्लुवर ईशा पूर्व 30 में चेन्नई के मलयापुर नगर में रहते थे। इनके द्वारा लिखी गई पुस्तक तिरुक्कुरल है, जिसमें 1330 दोहे है। जिन्हें 10/10 दोहों के 133 अध्यायों में विभक्त किया गया है। इस पुस्तक का विश्व की अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ है। तमिलनाडु में तिरुवल्लुवर के जन्म के आधार पर काल गणना की जाती है। तमिलनाडु में मकर संक्रांति के दो दिन बाद तिरुवल्लुवर दिवस मनाया जाता है। सार्वजनिक अवकाश भी होता है। विधानसभा की कार्यवाही आरंभ होने से पूर्व तिरुवल्लुवर की स्तुति होती है। इस हिंदू संत की प्रतिमा अनावरण से एम करुणानिधि ने परहेज नहीं किया था।

उन्होंने अपने कार्यकाल में कई हिन्दू हित के निर्णय लिए। एम करुणानिधि यथार्थवादी थे। उन्होंने रामसेतु पर प्रतिकूल टिप्पणी भी की थी। श्रीराम को काल्पनिक बताने वालों में करुणानिधि भी थे। किंतु सरकार में प्रमुख की भूमिका में उन्होंने कई हिन्दू पक्ष में फैसले लिए। उन्होंने ही पुजारियों को वेतन और पेंशन शुरू की। मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया, कुम्भाभिषेकम आरम्भ कराया। मंदिरों की जमीन बेचने से रोकने के लिए कानून बनाया। यह भी उल्लेखनीय है कि रामानुचार्य पर बने धारावाहिक की पटकथा एम करुणानिधि ने लिखी थी।

आज उन्हीं की संतति और पार्टी के लोग सनातन और हिंदुत्व को खत्म करने की बात करते है। द्रमुक के ही एक नेता वीरमणि ने 26 अप्रैल 2019 को एक कार्यक्रम में श्रीकृष्ण पर टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने डीएमके भवन ने आयोजित कार्यक्रम में श्रीकृष्ण की तुलना यौन उत्पीड़न और जबरन वसूली करने वालों से कर दी थी। यह कार्यक्रम तमिल साप्ताहिक तुगलक में प्रकाशित उस लेख का जवाब देने के लिए आयोजित था, जिसमें कहा गया था कि सांस्कृतिक पतन की शुरुआत पेरियार युग आरम्भ होने के साथ हुईं।

एम करुणानिधि की राजनीतिक धारा को उनकी संतति ठीक से समझ नहीं पाई। यही वजह है कि उनके पोते उदयनिधि नास्तिकवाद को हिंदू विरोध का पर्याय मानकर उसका विरोध कर रहे है। उन्हें ये समझ और जानकारी ही नहीं है कि नास्तिकवाद के लिए भी हिन्दू दर्शन में उचित स्थान मिला है। वे द्रमुक को धर्मनिरपेक्ष के बजाय हिंदू विरोधी बना रहे है।

इसीलिए पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के बेटे और एम करुणानिधि के पोते उदयनिधि स्टालिन ने 12 मई को विधानसभा में नेता विरोधी दल की हैसियत से दिए भाषण में सनातन को समाप्त करने की बात कही। उन्होंने इसका आधार और औचित्य ये बताया कि सनातन बांटने की बात करता है। विभाजनकारी है। सनातन और हिंदुत्व विरोध की बात उदयनिधि ने पहली बार नहीं कही है। बल्कि 2 सितंबर 2023 को भी सनातन विरोधी बयान दिया था। इसमें उन्होंने सनातन को डेंगू और मलेरिया बताया था और इसे जड़ से खत्म करने की बात कही थी।

उनके बयानों पर पिता एम के स्टालिन ने सफाई देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा मेरी पत्नी दुर्गा नियमित मंदिर जाती है, मैने कभी नहीं कहा क्यों जाती है। लेकिन ये सफाई अपर्याप्त है। उदयनिधि को सनातन समाज से क्षमा मांगनी चाहिए। साथ दी दादा एम करुणानिधि की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों की समझ को आत्मसात करना चाहिए।

लेखक लखनऊ में स्वतंत्र पत्रकार हैं।

संपर्क 9140624166

सुरक्षा के स्वदेशी अस्त्र

Editorial 03.06.2026 Wednesday by Sarvesh Kumar Singh Editor, UP Web News

संपादकीय

सर्वेश कुमार सिंह

भारत रक्षा अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में नित्य नवीन उपलब्धियां हासिल कर रहा है। अपनी सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ साथ मित्र देशों को स्वदेशी अस्त्र शस्त्रों का निर्यात भी कर रहा है। हमारे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड जैसे संस्थानों और कुछ निजी क्षेत्र की उच्च तकनीकी में दक्ष कंपनियां उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर रही है। इनके दम पर भारत अब रक्षा उपकरणों के आयातक के स्थान पर निर्यातक देश के रूप में पहचान बना रहा है।

भारत ने 30 मई को ब्रह्मोस मिसाइल वियतनाम को निर्यात करने का समझौता किया है। ये क्रूज मिसाइल है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। सभी लक्ष्य सटीकता के साथ भेद दिए थे। ब्रह्मोस के प्रहार से पाकिस्तान युद्ध विराम के लिए गिड़गिड़ाने लगा था। कई अन्य देशों ने ब्रह्मोस प्राप्त करने के लिए भारत को प्रस्ताव दिए है।

दो जून को चांदीपुर रेंज में डीआरडीओ में विकसित सुपरसोनिक मिसाइल “रुद्रम 2” RudraM-II Air-to-Surface Missile का सफल परीक्षण हुआ है। इसका परीक्षण वायु सेना के सहयोग से सुखोई 30 लड़ाकू विमान से किया गया। ये ऐसी मिसाइल है जो भविष्य के किसी भी युद्ध का परिदृश्य बदल देगी। ये मिसाइल 300 से 350 किमी तक की दूरी का लक्ष्य सटीकता से भेद सकती है। ये हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल है। इस मिसाइल की खास खूबी ये है कि ये दुश्मन के रडार सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम और संचार सिस्टम को अंधा कर देगी और सटीकता से लक्ष्य को भेद देगी। ये मिसाइल दूर से रडार के सिग्नल पकड़ेगी। रुद्रम 2 हवा से जमीन पर मार करने वाली सर्वश्रेष्ठ विश्व स्तरीय मिसाइल होगी।

एक ही दिन पहले भारत ने पूर्ण स्वदेशी ड्रोन “दिव्यास्त्र” का परीक्षण किया। एक जून को राजस्थान के जोधपुर में उच्च तापमान में दिव्यास्त्र एम के 2 का परीक्षण हुआ। ये ड्रोन 500 किमी दूर तक जाकर लक्ष्य को भेद सकता है। इसको निजी कंपनी होवर इट ने बनाया है।

भारत के रक्षा विशेषज्ञ और अनुसंधानकर्ताओं ने रूस यूक्रेन युद्ध, ऑपरेशन सिंदूर और हाल के ईरान अमेरिका, इजराइल युद्ध के बाद अपने रक्षा उत्पादन को मिसाइल और उन्नत ड्रोन पर केंद्रित किया है। क्योंकि इन युद्धों में परंपरा से हटकर आक्रमण और बचाव के उपाय किए गए। जमीनी युद्ध के स्थान पर आकाशीय आक्रमण हुए। इनमें मिसाइल और ड्रोन की भूमिका प्रमुख रही। इसीलिए ड्रोन का भारी संख्य में निर्माण करने के लिए भारत निजी क्षेत्र की भी मदद ले रहा है। वहीं नवीन तकनीक के साथ मिसाइल निर्माण बढ़ाया गया है।

भारत ने स्वदेशी के दम पर ऐसा सुरक्षा कवच बना लिया है कि इसे भेदना किसी भी दुश्मन के लिए संभव नहीं होगा। बल्कि हमारी मिसाइल दुश्मन के घर में घुसकर शत्रु को तबाह कर देंगी।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

June 2, 2026

सूने मकान से नकदी, जेवर, लैपटॉप और स्कूटी चोरी

हाथरस। थाना हाथरस गेट क्षेत्र की ग्रीन वैली रमनपुर कॉलोनी में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाकर नकदी, जेवरात, लैपटॉप और स्कूटी चोरी कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।जानकारी के अनुसार ग्रीन वैली रमनपुर निवासी लक्ष्मण कुमार का परिवार किसी कार्य से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने मकान के ताले काटकर घर में प्रवेश किया और अलमारी में रखे करीब 20 हजार रुपये नकद, चांदी के आभूषण, दो लैपटॉप तथा घर के बाहर खड़ी स्कूटी चोरी कर ली।घटना का पता तब चला जब परिवार वापस लौटा और घर का सामान बिखरा मिला। सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। पीड़ित ने थाना हाथरस गेट में तहरीर देकर चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि चोरों का सुराग लगाया जा सके।

वन स्टॉप सेंटर में बड़ा झोल: बिना आदेश रह रही थी आंध्र प्रदेश की महिला

, निरीक्षण में खुली अव्यवस्थाओं की पोल
मैनपुरी 2 जून उप्रससे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निरीक्षण टीम ने वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण कर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है, जिससे सरकारी दावों की पोल खुलती दिखाई दे रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आंध्र प्रदेश की एक महिला अपने शिशु के साथ बिना किसी लिखित आदेश के वन स्टॉप सेंटर में आश्रय लिए हुए मिली, जिसे समिति ने जांच का विषय बताते हुए गंभीर चिंता जताई है।
जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर गठित समिति के अध्यक्ष अपर जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार मिश्रा, सदस्य अपर जनपद न्यायाधीश कुलदीप सिंह तृतीय तथा सचिव नूतन चौहान ने मंगलवार को वन स्टॉप सेंटर का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सेंटर की व्यवस्थाओं में कई खामियां उजागर हुईं निरीक्षण में सेंटर पर गैस चूल्हा तो मिला, लेकिन सिलेंडर नहीं था। वहीं फ्रिज भी खाली पाया गया। समिति ने इसे घोर आपत्तिजनक बताते हुए नाराजगी जताई। बताया गया कि आश्रित महिलाओं के भोजन के लिए बाहर से टिफिन मंगाया जाता है, लेकिन संबंधित रजिस्टर में यह तक दर्ज नहीं था कि टिफिन में क्या भोजन आता है और उसकी गुणवत्ता की जांच कौन करता है।
सेंटर प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में यहां कोई काउंसलर नियुक्त नहीं है। पूर्व में तैनात काउंसलर को जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। समिति ने इसे भी गंभीर कमी माना। निरीक्षण के समय पीएलवी सुमन गुप्ता अनुपस्थित मिलीं और बाद में पहुंचीं। समिति ने पाया कि उन्हें सेंटर में रह रही आंध्र प्रदेश की महिला और अन्य अव्यवस्थाओं की कोई जानकारी नहीं थी। इस पर उनसे स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए हैं।
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