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जी 7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का संबोधन

June 18, 2026

जी 7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में “सभी के लिए संतुलित, साझा और टिकाऊ आर्थिक विकास की ओर बढ़ने” पर सत्र को संबोधित किया

Posted Date:- Jun 18, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में “सभी के लिए संतुलित, साझा और टिकाऊ आर्थिक विकास की ओर बढ़ने” पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित किया।

शिखर सम्मेलन में साझा और टिकाऊ विकास पर विशेष रूप से ध्‍यान देने की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया अनिश्चितताओं से प्रभावित है, टिकाऊ विकास का संदेश दुनिया भर में सार्थक रूप से स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब सिर्फ़ सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) या व्यापार के आंकड़े नहीं होने चाहिए, बल्कि लोगों के समावेश और भलाई पर इसका वास्तविक असर पड़ना चाहिए। इस संदर्भ में, उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के सिद्धांतों पर आधारित भारत की समावेशी विकास की गाथा पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि समावेशी विकास का भारत का मंत्र उसकी अंतरराष्ट्रीय सहभागिताओं का भी मार्गदर्शन करता है, जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब भारत की जी-20 अध्यक्षता में “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” के आदर्श वाक्य के रूप में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार का दृष्टिकोण भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) की परिकल्पना का भी आधार रहा है, जिसका उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाना, निवेश और रोजगार के अवसर सृजित करना तथा नवाचार को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि संकटों और संघर्षों का वैश्विक दक्षिण के देशों पर गंभीर और प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने इन देशों पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों को ऐसे सहायता तंत्र विकसित करने चाहिए, जो विकासशील देशों को आर्थिक लचीलापन प्रदान कर सकें।

प्रधानमंत्री ने अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीपीय देशों को जोड़ने वाली संपर्क परियोजनाओं पर भी विचार करने का आग्रह किया, जो आईएमईसी की तर्ज पर विकसित की जा सकें। इस कल्‍पना को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री ने “सम्‍पर्क और व्यापार में तेजी लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय लामबंदी साझेदारी” या इम्‍पैक्‍ट के गठन का सुझाव रखा जिसमें जी-7 की पूंजी, भारत की प्रतिभा और ग्लोबल साउथ के स्वामित्व को जोड़ा जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने स्थिर, विश्वसनीय और समृद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि एकीकरण, साझेदारी और साझा प्रगति में भारत के विश्वास ने उसे जी-7 सदस्य देशों तथा अनेक अन्य देशों के साथ व्यापार समझौते करने के लिए प्रेरित किया है।

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Prime Minister’s Office

प्रधानमंत्री ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान, ‘इंश्योरिंग ए सेफ, रैपिड एंड एफिशिएंट रोल आउट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित किया

Posted Date:- Jun 18, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन में “इंश्योरिंग ए सेफ, रैपिड एंड एफिशिएंट रोल आउट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक परिवर्तनकारी शक्ति है जिसमें मानव सभ्यता की दिशा को फिर से परिभाषित करने की क्षमता है, लेकिन इसे लोगों को सशक्त बनाने वाला भी होना चाहिए। उन्होंने विस्तार से बताया कि इसी व्यापक सोच के साथ भारत ने हाल ही में एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी की थी। प्रधानमंत्री ने एआई के लिए भारत के ‘मानव’ (MANAV) विजन को रेखांकित किया, जो इस बात पर जोर देता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास समावेशिता, सुरक्षा और जनहित के मूल सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।

इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि भारत ने हमेशा साइबरस्पेस को एक वैश्विक सार्वजनिक संपत्ति के रूप में देखा है, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक देशों के पास ऐसी एआई मॉडल तक पहुँच होनी चाहिए जो उनके महत्वपूर्ण सूचना बुनियादी ढांचे को सुरक्षित कर सकें और उन्हें साइबर खतरों से निपटने में मदद कर सकें। उन्होंने एआई विकास के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण का आह्वान किया, जिसमें सुरक्षा, गति और दक्षता पर एक साथ ध्यान दिया जाए। इस संबंध में, उन्होंने चार सुझाव दिए: एआई सिस्टम को ‘सेफ-बाय-डिजाइन’ (निर्माण के स्तर पर ही सुरक्षित) होना चाहिए; एआई के इस्तेमाल के साथ-साथ सामान्य मानक, परीक्षण फ्रेमवर्क और नियामक दिशानिर्देश होने चाहिए; डीपफेक, गलत सूचना और साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए प्रभावी वैश्विक सहयोग होना चाहिए और एक समावेशी दुनिया सुनिश्चित करने के लिए एआई का लाभ ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों तक पहुँचना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्देश्य मानव क्षमता का विस्तार करना, मानवीय विकल्पों को सशक्त बनाना और मानव गरिमा की रक्षा करना होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत इन उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।

हमारा संकल्प है कि गोमाता को कटने नहीं देंगे: योगी आदित्यनाथ

News Posted on 18.06.2026 Time 06.28 PM, Kanpur, Natural Farming , Yogi Adityanath, UP News Kanpur

कुछ लोग गाय का दूध पिएंगे और सड़क पर छोड़ देंगे, जब वह फसल का नुकसान करेगी तो दोष मुझे देंगे: सीएम योगी

कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ में गोसंरक्षण के लाभ बताए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने, प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया

मुख्यमंत्री ने कहा- देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होने देंगे

भारत में जन्मा हर व्यक्ति गोमाता की पूजा करता है और अपने परिवार का हिस्सा मानता है: सीएम योगी

कानपुर, 18 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग गाय का दूध पिएंगे, फिर उन्हें सड़कों पर बेसहारा छोड़ देंगे और जब ये गाय फसलों का नुकसान करेंगी तो दोष मुझे देंगे। हमारा संकल्प व संस्कार है कि गोमाता को कटने नहीं देंगे और देश की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने सिख गुरुओं के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कोई आक्रांता या कसाई गोहत्या करता था, तो सिख वीर उसका वहीं काम तमाम कर देते थे। यह उस कालखंड की बात है, जब देश गुलाम था और लोग विदेशी आक्रांताओं के साये में जीवन व्यतीत कर रहे थे।

कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ को संबोधित करते हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का कोई ऐसा सनातन धर्मावलंबी नहीं होगा, जो गोमाता की उपासना न करता हो, उसे अपने जीवन व परिवार का हिस्सा न मानता हो। गोमाता आधारित खेती न केवल कृषि को सशक्त बनाती है, बल्कि गोमाता की रक्षा भी करती है। साथ ही, यह हम सभी को पुण्य का भागीदार भी बनाती है।

*विदेशियों की नकल ने भारत को पीछे धकेला*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 2000 वर्ष पहले भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी। मुगलों की लूटपाट के बावजूद भारत की ग्लोबल इकॉनमी में हिस्सेदारी 24 प्रतिशत तक थी। जब तक भारत किसानों, व्यापारियों, नौजवानों और आधी आबादी के सामर्थ्य पर विश्वास करता रहा, तब तक देश समृद्धि की ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहा। लेकिन, जब हमने विदेशियों की नकल करना शुरू कर दिया तो वही भारत विपन्न होते-होते आजादी के समय वैश्विक अर्थव्यवस्था में मात्र दो प्रतिशत हिस्सेदारी तक सिमट गया। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश ने नारी शक्ति, युवाओं, व्यापारियों और किसानों पर फिर से विश्वास किया। इसी का परिणाम है कि आज भारत पूरे विश्व में तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

*ज्यादा लागत-कम आय से जूझ रहा था किसान*
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी-पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अब भारत बीमारू नहीं, विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर देश है। यह विचार करने की आवश्यकता है कि वे कौन से कारण थे, जिन्होंने इतनी समृद्ध भूमि होने के बावजूद अन्नदाता किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। 2014 से पहले किसान आत्महत्या कर रहा था, क्योंकि लागत अधिक व उत्पादन कम था और उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाता था।

*मोदी सरकार ने दी डेढ़ गुना मूल्य देने की गारंटी*
सीएम योगी ने कहा कि आजाद भारत में किसानों को उनकी लागत का न्यूनतम डेढ़ गुना मूल्य देने की गारंटी किसी ने दी, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में लाखों किसानों ने आत्महत्या की, लेकिन 2014 के बाद इस पर विराम लग गया। पहली बार सॉइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से धरती माता के स्वास्थ्य का परीक्षण शुरू हुआ। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए अन्नदाता किसानों को फसल सुरक्षा की गारंटी मिली। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से सिंचाई की सुविधा बढ़ी। किसानों के लिए प्रोक्योरमेंट सेंटर स्थापित हुए और किसान सम्मान निधि की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाले उर्वरक (फर्टिलाइजर) पर सरकार भारी सब्सिडी दे रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया बैग की कीमत करीब 4000 रुपये तक होती है, जबकि किसानों को एक चौथाई से भी कम कीमत पर इसे उपलब्ध कराया जाता है। किसान प्रति एकड़ रासायनिक उर्वरकों पर 10 से 12 हजार रुपये खर्च कर देता है। किसान की मेहनत को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो उसकी कुल लागत 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। इसके बावजूद सालभर की मेहनत के बाद उसे 10 हजार रुपये का शुद्ध लाभ भी नहीं मिल पाता।

*जहर मुक्त खेती ही बेहतर भविष्य का आधार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्टिलाइजर व पेस्टीसाइड के अत्यधिक उपयोग की वजह से कई बार हमारा उत्पादन दुनिया के बाजार में स्वीकार नहीं किया जाता, क्योंकि उसमें रासायनिक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। इसका स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव होता है। आज से 30 वर्ष पहले किडनी खराब होने के इतने मामले नहीं होते थे। लोग हैंडपंप व तालाब का पानी पीते थे, मेहनत करते थे और सामान्य स्वस्थ जीवन जीते थे। आज लगभग हर मोहल्ले में दो-तीन किडनी रोगी मिल जाते हैं। लिवर सिरोसिस, ब्लडप्रेशर व डायबिटीज के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हुई है।

सीएम ने कहा कि यह केवल व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का दोष है जो केमिकल फर्टिलाइजर व पेस्टीसाइड के उपयोग को बढ़ावा देती है। यदि किसान गो आधारित प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते हैं तो प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये की सीधी बचत रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों पर होने वाले खर्च में ही हो जाएगी। स्वास्थ्य उत्तम होगा तो दवाओं पर भी खर्च बचेगा। आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से आर्थिक सहायता तो दी जाती है, लेकिन बीमारी से प्रभावित व्यक्ति की जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। पूरा परिवार संकट में आ जाता है। लोग स्वस्थ रहेंगे तो अपनी ऊर्जा व प्रतिभा का उपयोग देश-समाज के विकास में कर सकेंगे।

*34 जिलों में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन*
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयास शुरू किए गए हैं। प्रदेश के 34 जिले प्राकृतिक खेती को तेजी से अपना रहे हैं। गंगा किनारे स्थित 27 जनपदों तथा बुंदेलखंड के सात जनपदों को प्राकृतिक खेती के लिए चिह्नित किया गया है। बुंदेलखंड के किसानों ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों के सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग व मार्केटिंग पर तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। कृषि मंडियों में इसके लिए व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के बीज से लेकर फसल तैयार होने तक सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया, शोरूम की स्थापना तथा उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने कृषि विज्ञान केंद्रों को प्राकृतिक खेती के प्रदर्शन का आधार बनाया है। अनेक किसान और संस्थाएं इस दिशा में अच्छा कार्य कर रही हैं। जहां कहीं भी कृषि प्रदर्शनी आयोजित हो, उसकी जिम्मेदारी किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को दी जानी चाहिए। एफपीओ बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। किसी ने मोटे अनाज (मिलेट्स), किसी ने दलहन तथा अन्य कृषि उत्पादों पर उत्कृष्ट कार्य किया है। ऐसे सफल किसानों और एफपीओ को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ना चाहिए।

*14 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7700 से अधिक गोशालाओं में 14 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित हैं, जिनकी राज्य सरकार देखभाल कर रही है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत एक गोवंश पालन पर 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। यदि चार गोवंश हैं तो 6000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाती है। प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख किसानों ने इस योजना के अंतर्गत गोवंश पालन अपनाया है। गाय का गोबर प्राकृतिक खेती के लिए काफी हद तक पर्याप्त हो सकता है। सीएम ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने इस दिशा में बहुत अच्छा कार्य किया है।

सीएम ने कहा कि प्राकृतिक खेती में बाजार से कुछ भी खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती। किसान के खेत में जो उपलब्ध होता है, उसी से पूरी प्रक्रिया संचालित की जा सकती है। गाय के गोबर, गुड़ व पानी आदि को मिलाकर जीवामृत तैयार किया जाता है। उसका छिड़काव करने से प्राकृतिक खेती की शुरुआत होती है। किसान जब पसीना बहाता है तो धरती माता से सोना प्राप्त होता है।

*विकसित भारत का आधार समृद्ध किसान-आत्मनिर्भर गांव*
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश वर्ष 2047 में आजादी का शताब्दी महोत्सव मनाएगा। स्वस्थ भारत ही विकसित भारत का संकल्प साकार करेगा। इसके लिए गो आधारित प्राकृतिक खेती को आधार बनाना होगा। भारत तब विकसित होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा। उत्तर प्रदेश तब विकसित होगा, जब कानपुर विकसित होगा। कानपुर तब विकसित होगा, जब यहां का अन्नदाता किसान विकसित होगा, व्यापारी-कारीगर समृद्ध होंगे, हर चेहरे पर खुशी होगी और हर युवक के हाथ को काम मिलेगा।

*बायोगैस व एथेनॉल उत्पादन में योगदान दें किसान*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एथेनॉल, बायो-कम्पोस्ट, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया है। किसानों को पराली जलाने के बजाय सीबीजी व एथेनॉल उत्पादन में योगदान देना चाहिए। इससे भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। यही अन्नदाता किसानों की समृद्धि का आधार भी है।

*विपक्ष का काम सिर्फ चिल्लाना*
सीएम योगी ने कहा कि जब वैश्विक ऊर्जा संकट आया, दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही थी, लेकिन भारत मजबूती के साथ खड़ा था। भारत में महंगाई नियंत्रित रही। विपक्ष सिर्फ आलोचना करना जानता है, लेकिन भारत वैश्विक संकटों का सामना करते हुए निरंतर आगे बढ़ रहा है। विपक्ष का काम सिर्फ चिल्लाना है और चिल्लाता ही रहेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, खादी-ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय, विधायक महेश त्रिवेदी, अभिजीत सिंह सांगा, सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार, राहुल बच्चा सोनकर, सरोज कुरील, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधान परिषद सदस्य सलिल विश्नोई, अरुण पाठक, राजबहादुर सिंह, अविनाश सिंह चौहान, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल आदि मौजूद रहे।

एटा में पुलिस ने ईंट ट्रैक्टर चालकों से रंगदारी टैक्स वसूली करने वाले युवक को गिरफ्तार कर भेजा जेल

एटा 18 जून उप्रससे। जनपद में ईंट ढोने वाले ट्रैक्टर चालकों से अवैध रूप से रंगदारी टैक्स वसूलने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

कोतवाली नगर पुलिस ने बीते दिन ईंटों से लदे ट्रैक्टर चालकों से कथित रूप से अवैध रंगदारी वसूलने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है।

जानकारी के अनुसार एटा शिकोहाबाद रोड पर ईंट व मिट्टी लेकर शिकोहाबाद व फिरोजाबाद रोड पर आने-जाने वाले ट्रैक्टर चालकों से एक युवक द्वारा लंबे समय से अवैध वसूली किए जाने की शिकायत पुलिस को मिल रही थी। कि आरोपी प्रति ट्रैक्टर करीब दो हजार रुपये की रंगदारी मांगता था और भुगतान न करने पर अवैध दबाव बनाता था। इससे चालक वर्ग में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन जि. के कार्यवाही के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक दबंग आरोपी आशुतोष चौहान को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ संबंधित चौथ वसूली की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

कार्यवाहक निरीक्षक कोतवाली नगर अजब सिंह ने बताया कि पुलिस को काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि एक युवक शिकोहाबाद रोड की ओर जाने वाले ट्रैक्टरों से डरा धमका कर अवैध वसूली कर रहा है। पूछताछ में सामने आया कि वह कभी स्वयं को अधिकारी तो कभी आरटीओ विभाग से जुड़ा व्यक्ति बताकर चालकों को भ्रमित करता था। आरोपी नगद के साथ-साथ ऑनलाइन भुगतान भी स्वीकार करता था तथा कुछ वाहनों से मासिक आधार पर कथित “एंट्री” के नाम पर भी वसूली करता था।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि इस अवैध वसूली के नेटवर्क में कुछ अन्य अराजक तत्वों की भी संलिप्तता है। मामले की जांच जारी है।

एसएसपी डॉ. इलामारन ने कहा कि जनपद में किसी को भी रंगदारी, अवैध टैक्स या वसूली नहीं करने दी जाएगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और आमजन को भयभीत कर अवैध लाभ कमाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

सपा के लिए सैफई ही घर-परिवार, मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर, 25 करोड़ लोग परिवार: मुख्यमंत्री

सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास*

*गरीबों के लिए नहीं, माफिया के मरने पर निकलते हैं सपा-कांग्रेस नेताओं के आंसू: सीएम योगी*

*मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन, प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन*

*उन्नाव भी बना स्टेट कैपिटल रीजन का अंग, लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्तावः सीएम योगी*

*उन्नाव, 18 जून।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत 12 वर्षों में देश में और 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने जो कार्य किया, वह कांग्रेस व सपा सरकारें नहीं कर सकीं, क्योंकि भ्रष्ट व क्षमता विहीन ये लोग गरीब के बारे में नहीं, केवल अपने परिवार के बारे में सोचते थे। कांग्रेस ने नेहरू-गांधी परिवार से बाहर कभी नहीं सोचा और सपा के लिए केवल सैफई ही परिवार था। जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत को घर और 140 करोड़ लोगों को ही परिवार माना है। मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर और 25 करोड़ लोग परिवार के सदस्य हैं। उनकी समृद्धि के लिए कार्य करना ही हमारा मिशन है।

मुख्यमंत्री गुरुवार को 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्राम पंचायत डीह, भवानी खेड़ा चौराहा, हिंदु खेड़ा उन्नाव में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। सीएम ने स्थानीय लोगों को जानकारी दी कि वीर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृति में निर्मित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की क्षमता भी दोगुनी कर दी गई है।

*खर-दूषण जैसे थे सपा के सत्तापोषित माफिया*
सीएम ने कहा कि सपा सरकार के समय गरीब या अन्य राजनीतिक दल आवाज उठाते थे तो इनके गुंडे व माफिया उनकी आवाज दबाने के साथ ही व्यापारियों का अपहरण कर प्रदेश में अराजकता का तांडव करते थे। रामायण काल में खर-दूषण, मारीच व सुबाहु का आतंक ऐसा ही रहा होगा, जैसे सपा सरकार के समय सत्तापोषित माफिया का था। कांग्रेस व सपा के नेताओं को कभी गरीब के लिए आंसू बहाते नहीं देखा होगा। इनके आंसू माफिया के मरने पर बहते हैं। ये गरीबों के प्रति संवेदनहीन बन जाते हैं। सर्वाधिक समय तक शासन करने के बावजूद ये दोनों दल देश-प्रदेश को दुर्गति के गर्त में धकेलने के जिम्मेदार हैं।

*अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा है उन्नाव*
सीएम ने उन्नाव को अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा बताया। सीएम ने स्थानीय आध्यात्मिक स्थलों, साहित्यकारों, क्रांतिकारियों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए। विधानसभा के पूर्व अध्य़क्ष हृदय नारायण दीक्षित के कार्यों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भारत की अस्मिता पर संकट के समय गुलामी की बेड़ियां तोड़ने के लिए राजा रामबख्श सिंह, वीर गुलाब सिंह लोधी ने अपने बलिदान से ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें उखाड़ दीं।

*उन्नाव को कभी पिछड़ने नहीं देंगे*
सीएम बोले, स्वामी साक्षी महाराज जी कहते थे कि लखनऊ व कानपुर के बीच उन्नाव खुद को उपेक्षित महसूस करता है। तब मैंने कहा था कि विकास की हर योजना उन्नाव में भी आएगी। आज उन्नाव की कनेक्टिविटी हर तरफ से फोरलेन की हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए उन्नाववासी लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली, प्रयागराज जा सकते हैं। कानपुर के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी बन रहा है। उन्नाव व कानपुर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए गंगा नदी में अतिरिक्त ब्रिज की मांग भी पूरी की गई। हम उन्नाव को पिछड़ने नहीं देंगे। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर व गंगा एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण हो चुका है। डिफेंस कॉरिडोर के लिए लगभग 700 एकड़ लैंड और लगभग 200 एकड़ लैंड इंडस्ट्री कलस्टर के लिए उन्नाव जनपद के लिए तैयार है। उद्योग लगने से स्थानीय नौजवानों को यहीं रोजगार प्राप्त होगा।

*दुनिया के लिए प्रेरणा बना भारत का प्रबंधन*
सीएम ने कहा कि जब दुनिया ऊर्जा, आर्थिक मंदी और पश्चिम एशिया के संकट के दौर से गुजर रही है, तब भी पीएम मोदी के नेतृत्व में जनता को राहत मिली और संकट से उबारा गया। भारत का प्रबंधन दुनिया के लिए प्रेरणा बना। अमेरिका महंगाई से त्रस्त है, लेकिन भारत ने उक्त संकटों का बखूबी सामना किया। भारत में सुरक्षा, आस्था का सम्मान व अर्थव्यवस्था को मजबूती से बढ़ाया जा रहा है। आतंकवादियों, उग्रवादियों व नक्सलवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देकर भारत की ताकत का अहसास कराया जा रहा है।

*गरीब, किसान, महिला व युवा को केंद्र में रखकर योजनाएं*
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री की नजर में चार जातियां (गरीब, किसान, महिला, युवा) ही हैं। योजनाएं इन्हें केंद्र में रखकर ही बन रही हैं। मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के कार्यक्रम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए अब गरीब हाथ नहीं फैलाते, बल्कि अधिकारी घर जाकर बताते हैं कि आपका चयन हुआ है। पहले घूस देकर भी योजना का लाभ नहीं मिलता था, आज बिना सिफारिश रसोई गैस, राशन, पेंशन, आयुष्मान आदि सुविधाएं मिल रही हैं।

*विपक्षियों के दोहरे चरित्र को देख आती है हंसी*
सीएम ने कहा कि विपक्षी दलों के दोहरे चरित्र को देखकर हंसी आती है। प्रदेश को पहचान का संकट देने वाले, माफियाराज, दंगा-कर्फ्यू ग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं। इनमें तनिक भी लज्जा हो तो अपने कार्यकाल को देख लें। जिन दलों ने युवाओं के रोजगार/नौकरियों, स्वाभिमान से खिलवाड़ किया, यूपी का युवा इन भ्रष्टाचारियों को स्वीकार नहीं करेगा। युवा 2014 से इनसे अपमान का बदला ले रहा है।

*स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वाले बर्दाश्त नहीं*
सीएम ने कहा कि पहले किसान को फसल का दाम और बिजली नहीं मिलती थी। ट्यूबवेल चोरी होते थे, आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता था। गन्ने का दाम, समय पर बीज-उर्वरक, कुछ नहीं मिलता था, इसलिए किसान भी इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगा। मां जगतजननी की प्रतीक नारी शक्ति खर-दूषण व चंड-मुंड से निपटना जानती है। सपा के नाम पर ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ की चर्चा होती है। नया भारत व नया उत्तर प्रदेश सम्मान, स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शता नहीं है।

*यूपी पर बरसता है प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद*
सीएम ने कहा कि यूपी में प्रभु श्रीराम, बांके बिहारी, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा का आशीर्वाद बरसता है, यहां पैसे की कमी नहीं है। अब कोई उपद्रव नहीं करता है। हर त्योहार अब गरीबों के लिए भी खुशहाली लाते हैं। गरीब इन त्योहारों पर अच्छे कपड़े पहनकर परिवार के साथ उत्साहित होते हैं।

*उन्नाव भी बना एससीआर का अंग*
सीएम ने कहा कि उन्नाव भी स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) का अंग बना है। अमर नायक वीर गुलाब सिंह लोधी देश को आजाद कराने के लिए कभी उन्नाव से हजरतगंज, लखनऊ तक पहुंचे थे। अब विकास लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक जाएगा। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ तक पहुंची है। ऐसे ही लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। चारों ओर रिंग रोड बनेगी। लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली जनपद आपस में जुड़ेंगे, विकास में सबकी बराबर की सहभागिता होगी। हमारे पास ऊर्जावान युवा, मेहनती किसान, आधी आबादी की ताकत, मां गंगा का आशीर्वाद है। अब यह जनपद भी विकसित उन्नाव के रूप में प्रस्तुत होगा। अलग-अलग जनपदों में इंडस्ट्रियल कलस्टर विकसित किए जा रहे हैं। विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की तैयारी चल रही है। सरकार 100 वर्ष की कार्ययोजना को लेकर कार्य कर रही है।

*एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में यूपी सबसे आगे*
सीएम ने कहा कि देश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेसवे पर कोई चलेगा तो उसे पता लग जाएगा कि ग्लोबल स्टैंडर्ड कैसे लागू किए जाते हैं। इस एक्सप्रेसवे की राइडिंग क्वालिटी वही है, जो दुनिया में सबसे अच्छी सड़क की है। हमने इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री जी को उन्नाव व हरदोई के बीच में आमंत्रित किया। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में यूपी सबसे आगे है।

इस अवसर पर सांसद साक्षी महाराज, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, विधायक पंकज गुप्ता, अनिल सिंह, आशुतोष शुक्ल, बंबालाल दिवाकर, श्रीकांत कटियार, ब्रजेश रावत, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी आदि मौजूद रहे।

G7 समिट सेशन के दौरान Ensuring a Safe, Rapid and Efficient Rollout of AI विषय पर प्रधानमंत्री का वक्तव्य

Posted Date:- Jun 17, 2026

Excellencies,

मैं इस महत्वपूर्ण विषय को हमारी चर्चा का भाग बनाने के लिए मेरे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों का अभिनंदन करता हूँ। इसमें कोई शक नहीं है कि Artificial Intelligence मनुष्य द्वारा बनाई गई सबसे परिवर्तनकारी technologies में से एक है।

आज मानव जीवन का शायद ही कोई पहलू होगा, जिसे AI ने स्पर्श न किया हो। AI scientific रिसर्च को अभूतपूर्व गति दे रही है। Governance को अधिक effective और responsive बना रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, manufacturing जैसे क्षेत्रों को नई ताकत प्रदान कर रही है।

किन्तु, AI की वास्तविक कसौटी यह नहीं है कि हमारी मशीनें कितनी शक्तिशाली बनेंगी। इसकी असली कसौटी यह है कि सामान्य मानवी कितना empowered होगा। इस वर्ष भारत द्वारा आयोजित AI Impact Summit में हमने इसी सोच के साथ human-centric AI बनाने पर बल दिया। इस समिट में भारत ने अपना MANAV विज़न प्रस्तुत किया। यह vision AI में भारत के सभी प्रयासों को प्रेरित करता है।

हाल ही में “हिज़ होलीनेस द पोप” ने AI के विषय पर अपने पत्र में human values, inclusivity और meaningful human control को AI के विकास का आधार बनाने पर बल दिया है। भारत का MANAV vision और हिज़ होलीनेस का संदेश, दोनों एक ही मूल विचार को अभिव्यक्त करते हैं: टेक्नोलॉजी कितनी भी advanced क्यों न हो, उसके केंद्र में मानव ही रहना चाहिए।

Friends,

AI rollout में बच्चों के लिए safety सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। AI बच्चों को उनकी अपनी भाषा में शिक्षा दे सकती है, उनकी creativity को बढ़ा सकती है, और learning को personalised बना सकती है। लेकिन safeguards के बिना यही टेक्नॉलजी उन्हें misinformation, deepfakes और exploitation के खतरे में डाल सकती है।

इन दोनों scenarios में फ़र्क टेक्नॉलजी का नहीं है। फ़र्क values का है, design का है, और governance का है। Digital space को हमें बच्चों के लिए learning का playground बनाना होगा, manipulation का tool नहीं।

Friends,

Frontier AI Models से Cyber Security के क्षेत्र में अभूतपूर्व संभावनाएं बन रही हैं। लेकिन Cyber Space में कोई भी देश तब तक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकता, जब तक सभी देश सुरक्षित न हों। इसलिए भारत ने हमेशा से Cyberspace को एक Global Public Good के रूप में देखा है। इसलिए इन महत्वपूर्ण AI Technologies तक पहुंच भी व्यापक और समावेशी होनी चाहिए। सभी लोकतांत्रिक देशों को ऐसे AI Models का access मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी Critical Information Infrastructure की सुरक्षा कर सकें और बढ़ते Cyber Threats का सामना कर सकें।

Friends,

Safety, speed और efficiency की integrated approach पर आगे बढ़ने के लिए मैं कुछ सुझाव रखना चाहूँगा:

पहला, हमें safe-by-design AI systems को बढ़ावा देना चाहिए। Safety को बाद में जोड़ा गया feature नहीं, बल्कि design का मूल तत्व बनाना होगा।

दूसरा, AI deployment के लिए हमें common standards, testing frameworks और regulatory sandboxes विकसित करने चाहिए, ताकि innovation और governance साथ-साथ आगे बढ़ें। हमारे सामने सिविल एविएशन और मेरीटाइम ट्रांसपोर्ट ऐसे उदाहरण है जहाँ हमने global rules सफलतापूर्वक विकसित किये, और पूरे विश्व को इसका लाभ मिला।

तीसरा, deepfakes, misinformation और cyber fraud के विरुद्ध वैश्विक सहयोग को मजबूत करना होगा। हमें वॉटरमार्क्स जैसी टेक्नोलॉजीज़ को बढ़ावा देना चाहिए ताकि deepfakes से बचा जा सके।

चौथा, हमारा प्रयास होना चाहिए कि AI का लाभ ग्लोबल साउथ के सभी देशों तक पहुंचे, ताकि वह विभाजनकारी नहीं समावेशी शक्ति बने।

Friends,

AI के विषय में हमारी सोच और नीति स्पष्ट होनी चाहिए। AI must expand human potential, empower human choice, and protect human dignity. हम इस अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर सभी पार्टनर्स के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेंगे।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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