लखनऊ : 08 अप्रैल, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने असमय वर्षा, ओलावृष्टि तथा कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाओं से रबी फसलों को हुए नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि प्रदेश सरकार इस आपदा की घड़ी में प्रत्येक किसान, कृषक परिवार एवं बटाईदार के साथ पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्हें हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित किसान एवं बटाईदार के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष एवं समयबद्ध आकलन कर तत्काल क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जनपद स्तर पर राजस्व, कृषि एवं अन्य सम्बन्धित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र सर्वेक्षण कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाए, ताकि राहत वितरण में किसी प्रकार का विलम्ब न हो। बीमा कम्पनियों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर फसल बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी स्वयं किसानों से सम्पर्क कर उन्हें बीमा योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें, जिससे अधिकतम राहत उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री जी ने राजस्व विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य आपदा राहत कोष से प्रत्येक जनपद को पर्याप्त धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से सहायता प्रदान की जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां राहत शिविर स्थापित किए जाएं तथा मण्डी समितियों के माध्यम से भी किसानों को हरसम्भव सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने अग्निकाण्ड की घटनाओं पर विशेष संवेदनशीलता बरतते हुए कहा कि जनहानि एवं पशुहानि की स्थिति में 24 घण्टे के अन्दर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत शीघ्र लाभान्वित किया जाए। जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी और इसके लिए सम्बन्धित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर 7 अप्रैल। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गौ सेवकों के साथ गौ संरक्षण के संबंध में बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई। बैठक में गौ संरक्षण एवं गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विचार किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 17 बृहद गौशालाएं संचालित है तथा 14 निर्माणधीन है। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर गैस, वर्मी कंपोस्ट जैसे अन्य कार्य किए जाए। उन्होंने बताया कि गौशालाओं के देखने के लिए तीन लोगों की कमेटी का गठन किया जाएगा। नैनीताल ढाबा के सामने नेशनल हाईवे पर गोवंशों के लिए ट्रामा सेंटर बनाने की कार्रवाई की जाएगी। गौशालाओं के पास चारागाह की जमीन पर हरा चारा बुवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि गोवंश बीमार होने पर या चोट लगने पर एनिमल एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ अपराजिता सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेंद्र प्रताप एवं जिला पंचायत राज अधिकारी प्रमोद यादव सहित गौ संरक्षक मौजूद रहे।
Santosh Kumar Singh Gorakhpur
08/04/2026
गोरखपुर। 8अप्रैल/ प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए व्यापक नुकसान को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को किसानों को जल्द और वाजिब मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें गोरखपुर जनपद से जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने निर्देश दिए कि फसल नुकसान का सर्वेक्षण पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से जल्द पूरी की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व एवं कृषि विभाग की टीमें संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और वास्तविक नुकसान का आंकलन सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि हर प्रभावित किसान तक राहत पहुंचे और उसे उसकी फसल के अनुरूप उचित मुआवजा मिले। इसके लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से भी सभी सूचनाओं को अपडेट रखने के निर्देश दिए गए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि गोरखपुर जनपद में प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कार्य तेजी से कराया जा रहा है और संबंधित विभागों की टीमें लगातार फील्ड में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि किसानों से प्राप्त शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। डीएम ने आश्वस्त किया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी पात्र किसानों को समय से मुआवजा दिलाया जाएगा।
सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने बताया कि ग्राम स्तर पर निगरानी के लिए टीमों का गठन किया गया है, जिससे सर्वे कार्य में तेजी लाई जा सके। वहीं सीआरओ हिमांशु वर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है और रिपोर्ट जल्द ही शासन को प्रेषित की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए, ताकि बेमौसम बारिश के बाद फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण रखा जा सके। सीएमओ डॉ. राजेश झा को निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाए।
अंत में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने दोहराया कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने और राहत कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने की अपेक्षा जताई।