उप्रससे 9 सितम्बर
बस्ती। न्याय पीठ बाल कल्याण समिति( सीडब्लूसी )ने नाबालिग पीड़िता को समिति के समक्ष प्रस्तुत ना करने के मामले मे नगर थानाध्यक्ष को तलब कर स्पष्टीकरण माँगा है, स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए 14 सितंबर तक का समय दिया गया है।
बताते चले की जनपद के नगर थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी व्यक्ति की नाबालिग बच्ची के साथ लैंगिक अपराध की घटना मई 2026 मे हुई थी, इस मामले मे मुकामी पुलिस ने पाकसो एक्ट के साथ ही बलात्कार की धारा मे 15 मई को मुकदमा दर्ज किया था,मामला दर्ज होने के बाद पुलिस को नियमतः 24 घंटे के भीतर पीड़ित बालिका को सीडब्लूसी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए था, लेकिन सम्बंधित जिम्मेदार ने बालिका को सीडब्लूसी के सामने प्रस्तुत नहीं किया। यह प्रकरण प्रकाश मे तब आया जब आरोपी ने उच्च न्यायलय मे जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया,और पुलिस को सीडब्लूसी के आख्या की जरूरत पड़ी,तब पता चला की इस मामले को पुलिस ने न्याय पीठ के सामने लाया ही नहीं है, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव,संतोष श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी ने जिम्मेदार को तलब कर स्पष्टीकरण मांगने का निर्णय लिया, इस संबंध मे अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने कहा की पीड़ित बालिका को न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत नहीं करने से बालिका का सर्वोच्च हित प्रभावित होता है,यह कृत्य बाल अधिनियम 2015 का घोर उल्लंघन भी है,स्पष्टीकरण संतोष जनक नहीं होने पर संबंधित के विरुद्ध बिधिक कार्यवाही अमल मे लायी जायेगी।
जयंत कुमार मिश्रा संवाददाता

