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सीएम ने दिए त्योहारों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

July 25, 2026

सीएम ने दिए त्योहारों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

कानून व्यवस्था की समीक्षा करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ : 24 जुलाई, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आगामी श्रावण मास, काँवड़ यात्रा और विभिन्न पर्वों के दृष्टिगत अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि आस्था के इस महापर्व में प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। काँवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और जनसुविधाओं की ऐसी व्यवस्था दिखायी देनी चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने, मिलावट, ओवररेटिंग, अव्यवस्था या अराजकता पैदा करने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। प्रशासन पूरे आयोजन के दौरान पूरी सजगता तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी काँवड़ यात्रा, मेलों एवं त्योहारों, कानून-व्यवस्था तथा बाढ़ प्रबन्धन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री जी ने श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाली काँवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, बरावफात और रक्षाबन्धन के सम्बन्ध में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात, आपदा प्रबन्धन और नागरिक सुविधाओं की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में अपर मुख्य सचिव, गृह ने तैयारियों की जानकारी दी, जबकि मण्डलायुक्त मेरठ और ए0डी0जी0 जोन मेरठ ने काँवड़ यात्रा प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्यमंत्री जी ने मेरठ जोन की तैयारियों और कार्ययोजना को प्रदेश के अन्य सभी पुलिस जोनों के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान और प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके। उन्होंने कहा कि काँवड़ यात्रा अब प्रदेश के किसी एक हिस्से तक सीमित आयोजन नहीं रह गई है। रुहेलखण्ड, ब्रज, बुन्देलखण्ड, अवध, पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु इसमें सम्मिलित होते हैं। ऐसे में प्रत्येक जनपद में व्यवस्थाओं का स्तर समान होना चाहिए। स्थानीय प्रशासन काँवड़ संघों के साथ निरन्तर संवाद बनाए रखे, शिविर संचालकों का सत्यापन समय से पूरा करे और सभी तैयारियों की अग्रिम समीक्षा कर किसी भी प्रकार की कमी को पहले ही दूर कर लिया जाए। काँवड़ की निर्धारित ऊँचाई का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखण्ड राज्य के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा वहाँ के काँवड़ संघों से भी नियमित संवाद रखा जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि काँवड़ यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप पूरी तरह तैयार होने चाहिए। जहाँ कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उनकी तत्काल मरम्मत पूरी करायी जाए। मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध रहें। स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ रहे। चिकित्सा शिविर प्रभावी ढंग से संचालित हों तथा एण्टी वेनम और एण्टी रैबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएं तथा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से भजन-संगीत के साथ आवश्यक सूचनाओं का नियमित प्रसारण किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। काँवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रखी जाएं। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गन्दगी और ओवररेटिंग की शिकायत किसी भी दशा में नहीं मिलनी चाहिए। अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही करें। प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रहे। डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा कानफोड़ू आवाज किसी भी परिस्थिति में स्वीकार न की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील स्थलों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरों और ड्रोन से सतत् निगरानी रखने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और फर्जी सूचनाओं का तत्काल खण्डन किया जाए तथा अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। सम्भावित बाढ़ और कटान वाले क्षेत्रों में पहले से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी रहें तथा स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी बनाए रखे। वी0आई0पी0 आवागमन से जुड़े कार्यक्रमों की पूर्व जानकारी उपलब्ध रहे, जिससे आम श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारीगण जनप्रतिनिधियों के साथ सतत् संवाद बनाए रखें। अगले दो से तीन दिनों के भीतर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सम-सामयिक विषयों और शासन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा की जाए तथा उनके सुझावों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने बैठक में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कुछ जनपदों से कोटेदारों के उत्पीड़न की प्राप्त शिकायतों पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला पूर्ति अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें। यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो तत्काल निलम्बन के साथ खुली विजिलेंस जाँच कराकर विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने पावर कॉरपोरेशन के सभी डिस्कॉम को ओवर बिलिंग की शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीकी खामियों का बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं पड़ना चाहिए। प्रत्येक उपभोक्ता से उसके वास्तविक विद्युत उपभोग के अनुरूप ही बिजली का बिल लिया जाए और इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।