नई दिल्ली/लखनऊ, 10 अगस्त 2026।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना देसाई, सदस्य सचिव श्री पंकज जैन एवं अन्य अधिकारियों से नई दिल्ली स्थित आयोग कार्यालय में भेंटवार्ता की। प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता एवं महामंत्री प्रो. गीता भट्ट शामिल रहे। महासंघ ने देशभर से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार विस्तृत ज्ञापन के विभिन्न बिंदुओं पर आयोग के समक्ष चर्चा की।
महासंघ ने मांग की कि वेतन पुनरीक्षण में महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत, वास्तविक क्रय शक्ति तथा सेवा एवं सेवानिवृत्ति के दौरान आर्थिक सुरक्षा को प्रमुख आधार बनाया जाए। ज्ञापन में फिटमेंट फैक्टर 3.6 से बढ़ाकर 3.8, वार्षिक वेतनवृद्धि 5 से बढ़ाकर 6 प्रतिशत, उच्च वेतन स्तरों में अतिरिक्त चरण, वन स्टेप अप व्यवस्था की पुनर्बहाली तथा समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग रखी गई।
महासंघ ने महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत होने पर मूल वेतन में स्वतः समायोजन, मकान किराया भत्ते में वृद्धि, यात्रा भत्ते का वर्तमान लागत के अनुरूप पुनरीक्षण तथा आधिकारिक यात्राओं के पूर्ण व्यय की प्रतिपूर्ति का सुझाव दिया।
शिक्षकों एवं कर्मचारियों के व्यावसायिक विकास और शोध के लिए वित्तीय सहायता, डिजिटल एवं शैक्षणिक संसाधनों हेतु पृथक भत्ता, गृह निर्माण अग्रिम में वृद्धि तथा अवकाश सुविधाओं के विस्तार की मांग भी रखी गई।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 20-25 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, समूह बीमा सुरक्षा में वृद्धि तथा एलटीसी नकदीकरण बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया। पूरे सेवाकाल में कम से कम चार पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने तथा कृत्रिम अवरोध समाप्त करने पर भी जोर दिया गया।
सेवानिवृत्ति सुरक्षा के तहत अंतिम आहरित वेतन के 60-67 प्रतिशत तक सुनिश्चित पेंशन, पारिवारिक पेंशन में वृद्धि, ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने तथा पेंशन आंशिकीकरण की पुनर्बहाली अवधि घटाने की मांग की गई।
महासंघ ने आयोग से आग्रह किया कि आठवां केंद्रीय वेतन आयोग केवल वेतन संशोधन तक सीमित न रहकर वेतन, भत्ते, सेवा-शर्तों, पदोन्नति, अवकाश, सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन की समग्र समीक्षा करे। महासंघ ने लगभग पांच वर्ष के नियमित वेतन पुनरीक्षण चक्र अथवा महंगाई से जुड़ी स्वचालित पुनरीक्षण व्यवस्था लागू करने का भी सुझाव दिया।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. संजय मेधावी, प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह, शिवशंकर सिंह, डॉ. उदयन मिश्रा, डॉ. कमल कौशिक, प्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंह, ड. अनूप शर्मा, डॉ. स्वदेश कुमार सिंह, डॉ. श्वेता, प्रो. अनिल कुमार, डॉ. संतोष कुमार शुक्ल, प्रदीप तिवारी, सुनील कुमार मिश्र आदि पदाधिकारियों ने शिक्षक और शिक्षा हित में की गयी माँगों का समर्थन किया है।
