
शाहजहांपुर —-( संजीव गुप्त द्वारा )
एक छोटे से गांव नियामतपुर से आने वाले 63 वर्षीय वीरेंद्र पाल सिंह यादव ने अपना राजनीतिक सफर की शुरुआत 1987 में अपनी ग्राम पंचायत निमायतपुर से निर्विरोध प्रधान पद का चुनाव जीतकथ की। उन्होंने शहर विधायक सुरेश कुमार खन्ना को गुरु बनाया। 1988 में भाजपा की पदयात्रा निकाली। 1990 में 13 दिन में पूरे जिले की पदयात्रा की। राम जन्मभूमि आंदोलन के दाैरान सक्रिय भूमिका निभायी। वह 18 दिन बरेली जेल में भी रहे। 1995 में जिला पंचायत सदस्य निर्वावित हुए थे। इसके बाद भावलखेड़ा मंडल अध्यक्ष बने। 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बने। इसके बाद भाजपा किसान मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष, पंचायत प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक रहे। संगठन में विभिन्न पदों पर काम करने के बाद वर्ष 2000 में जिला पंचायत अध्यक्ष बने।वर्ष 2015 में पार्टी के जिलाध्यक्ष बनाए गए।
– वर्ष 2006 में फिर जिला पंचायत सदस्य बने
– वर्ष 2007में विधानसभा जलालाबाद से प्रत्याशी बनाए गए
– वर्ष 2010 भाजपा पंचायत राज के प्रदेश सह संयोजक बने।
– वर्ष 2010 में पत्नी लज्जावती दूसरी बार जिला पंचायत सदस्य बनी
– वर्ष 2010 में ही भाजपा पंचायत प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री बने।
– वर्ष 2016 में सपा सरकार होने के बाद भी अपने राजनैतिक गुरु सुरेश खन्ना के प्रयासों से बेटे अजय प्रताप सिंह यादव को सबसे कम उम्र में जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा दिया।
– वर्तमान में पुत्रवधु ममता यादव जिला पंचायत अध्यक्ष हैं जबकि छोटे बेटे अभय प्रताप सिंह यादव प्रधान है।
