हाथरस।राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश महासचिव एडवोकट निशांत चौहान को 20 जुलाई को बूलगढ़ी गांव में ट्रैक्टर दुर्घटना से सनी की मौत को हत्या और हरिजन एक्ट में तरमीम किए जाने के विरोध में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने जाना प्रस्तावित था किंतु रात कोतवाली सिकंदराराव के प्रभारी निरीक्षक द्वारा पुलिस बल को लेकर रात 11 बजे घर में घुसकर ज्ञापन न देने जाने के लिए अनैतिक दबाव बनाया गया।
प्रदेश महासचिव एडवोकेट निशांत चौहान ने कहा कि यह बनी सिंह के साथ हो रहे अन्याय की खिलाफ शंखनाद है ये आंदोलन समस्त किसान जन मानस का है। किस तरह से एक जातिविशेष के द्वारा दबाव बना कर ट्रैक्टर दुर्घटना को हत्या और हरिजन एक्ट जैसे संगीन धाराओं में बनी सिंह को जेल भेजा गया है। किंतु कोई भी जनप्रतिनिधि या कोई राजनैतिक दल सत्य को नहीं कह रहा। हम मृत सनी के परिवार के प्रति पूरी तरह संवेदना व्यक्त करते हैं ।दुर्घटना के तहत जो लाभ मिल सकता है वह मृतक सनी के परिजनों को मिले। किंतु गलत तरीके से तथ्यों को जोड़कर नहीं।
श्री चौहान ने कहा कि ये आवाज दबने वाली नहीं है। पूरा देश जानता है कि पूर्व में भी बूलगढ़ी में निर्दोषों को निशाना बना कर जेल भेजा गया था और अब फिर से वही कृत्य किया जा रहा है। किसी भी निर्दोष को फंसने नहीं दिया जाएगा। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक बनी सिंह को न्याय नहीं मिल जाता। हमें शांति पूर्ण तरीके से पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने जाना था किंतु हिटलरशाही प्रशासन द्वारा हमें घर में ही हाउस अरेस्ट किया गया जो मानवीय अधिकारों का हनन है।अब स्थानीय पुलिस द्वारा अधिवक्ता होने के बाद भी अभद्रता की गई।
हाउस अरेस्ट होने पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र सोलंकी, कर्मयोग सेवा संघ संस्थापक अध्यक्ष विवेक शील राघव, बबलू यादव, जितेंद्र पचौरी, राम किशन बबलू, दिलीप सिसोदिया, स्वदेश चौहान आदि लोग उपस्थित रहे।
