उप्रससे,अजय बरया
जखौरा- ललितपुर। जनपद ललितपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित निजी विद्यालयों को जिला पंचायत द्वारा जारी किए गए हैसियत एवं जायदाद कर तथा विद्यालय लाइसेंस/लाइसेंस नवीनीकरण संबंधी नोटिसों के विरोध में आज प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के ब्लॉक जखौरा अध्यक्ष अरुण ताम्रकार के नेतृत्व में संबंधित तहसील मुख्यालयों पर उपजिलाधिकारी श्री पटेल सर को ज्ञापन सौंपा गया।
एसोसिएशन की ओर ब्लॉक जखौरा अध्यक्ष.अरुण ताम्रकार. ने कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित निजी विद्यालय व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं हैं, बल्कि अधिकांश विद्यालय सोसाइटी/गैर-लाभकारी संस्थाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और शिक्षा के क्षेत्र में सेवा प्रदान करना है।
ज्ञापन में कहा गया कि विद्यालय से प्राप्त होने वाली फीस अथवा अन्य आय किसी व्यक्ति विशेष की व्यक्तिगत आय नहीं होती। विद्यालय की समस्त प्राप्तियां शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन, भवन, बिजली-पानी, शिक्षण सामग्री, रखरखाव, विद्यार्थियों की सुविधाओं तथा अन्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में व्यय होती हैं। विद्यालयों का संचालन मूल रूप से “नोट फॉर प्रॉफिट” के आधार पर किया जा रहा है।
एसोसिएशन ने मांग की कि निजी विद्यालयों को सामान्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान मानकर उन पर हैसियत एवं जायदाद कर निर्धारित करना तथा जिला पंचायत का पृथक लाइसेंस लेने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। इसलिए जिला पंचायत द्वारा जारी किए गए दोनों प्रकार के नोटिस तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाएं तथा ग्रामीण क्षेत्र के निजी विद्यालयों को अनावश्यक आर्थिक एवं प्रशासनिक दबाव से राहत प्रदान की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी श्री हेमन्त पटेल को ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के जखौरा ब्लॉक अध्यक्ष अरुण ताम्रकार के साथ उपाध्यक्ष वसीम खजुरिया , महामंत्री ध्रुव साहू, विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रतिनिधि श्री भानुप्रताप सिंह, हरिमोहन गोस्वामी, श्री राम, कल्याण सिंह, कपिल अग्रवाल, जयप्रकाश सिंह यादव, राजेंद्र राजपूत, अजय जैन, रामगुलाम आचार्य जी, राजबहादुर, मुहम्मद इसरार, बृजेंद्र सिंह राजपूत, हेमंत जोशी सुनील कुमार, राम लखन सर, सुखलाल, धीरजसिंह एवं उत्कर्ष श्रीवास्तव व अन्य विद्यालय संचालक उपस्थित रहे।
एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निजी विद्यालयों पर लगाए जा रहे इन अतिरिक्त कर एवं लाइसेंस संबंधी प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।
तालबेहट : प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष संजीव शर्मा ने तालबेहट में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एसोसिएशन के बार ब्लॉक अध्यक्ष रामसेवक ने भी अपने साथियों के साथ उपस्थित होकर ज्ञापन सौंपते हुए जिला पंचायत की कार्रवाई का विरोध किया।
महरौनी : महरौनी ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पटेल ने तहसील मुख्यालय पर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और जिला पंचायत द्वारा लगाए गए अतिरिक्त कर एवं लाइसेंस संबंधी कार्रवाई को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
मड़ावरा : मड़ावरा ब्लॉक अध्यक्ष अमर सिंह विश्वकर्मा ने अपनी टीम के साथ मड़ावरा के उपजिलाधिकारी मड़ावर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों को व्यावसायिक प्रतिष्ठान मानकर की जा रही कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
बिरधा: बिरधा ब्लॉक अध्यक्ष अवतार सिंह ने पाली के उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि जिला पंचायत द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के निजी विद्यालयों पर लगाए गए अतिरिक्त कर एवं लाइसेंस संबंधी कार्रवाई को तत्काल निरस्त किया जाए।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि ग्रामीण क्षेत्र में संचालित निजी विद्यालयों की वास्तविक प्रकृति एवं उनके गैर-लाभकारी शैक्षणिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत द्वारा जारी दोनों प्रकार के नोटिसों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए तथा विद्यालयों को अनावश्यक आर्थिक एवं प्रशासनिक दबाव से मुक्त किया जाए।
प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने वाले विद्यालयों को व्यापारिक प्रतिष्ठान मानना उचित नहीं है और इस मुद्दे पर एसोसिएशन सभी प्रभावित विद्यालयों के हित में लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
