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डिजिटल अटेंडेंस के विरोध में शिक्षकों ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन

August 11, 2026

डिजिटल अटेंडेंस के विरोध में शिक्षकों ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन

शासन स्तर पर स्पष्ट नीति बनने तक हाथरस में व्यवस्था लागू नहीं करने की मांग

हाथरस। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों की विभिन्न समस्याओं और अधिकारों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संघ ने 31 जुलाई के कार्यालय आदेश के तहत लागू की जा रही ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति की प्रक्रिया का विरोध करते हुए इसे तत्काल स्थगित करने की मांग की।संघ पदाधिकारियों ने कहा कि 16 जुलाई 2024 को शासन स्तर पर यह निर्णय लिया गया था कि शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए गठित उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने तक ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति अग्रिम आदेशों तक स्थगित रहेगी। ऐसे में जनपद स्तर पर इसे लागू किया जाना शासन के निर्देशों के विपरीत है।शिक्षक संघ का कहना है कि पूरे प्रदेश में जब तक शासन स्तर से स्पष्ट और एकसमान नीति जारी नहीं होती, तब तक केवल हाथरस के शिक्षकों पर डिजिटल उपस्थिति थोपना उचित नहीं है। शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को नेटवर्क कनेक्टिविटी सहित आधारभूत ढांचागत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बिना पर्याप्त तैयारियों के डिजिटल उपस्थिति लागू करने से विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित होने की आशंका है।संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से 31 जुलाई के आदेश के क्रियान्वयन को शिक्षक एवं जनहित में तत्काल स्थगित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में संतोष कुमार शर्मा, योगेंद्र कुमार शर्मा, वीरेंद्र कुमार सिंह, शशि कुलश्रेष्ठ, गोविंद रावत, अरुण शर्मा, शैलेंद्र चौहान, कृष्णकांत शर्मा, लाल बहादुर, कुलदीप सिंह, नरेश मीणा, सचिन शर्मा, अमित पचौरी, नितेश वार्ष्णेय, संतोष चौधरी, कन्हैया लाल शर्मा, गिरेंद्र सिंह, गौरव पचौरी, भगवानदास यादव, अमित शर्मा, जीतू शर्मा, प्रभाकर शर्मा, राजेश कुमार, प्रेमवीर सिंह, बीपी गौतम, संजीव शर्मा, मणिभूषण शर्मा, सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक किसी तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश स्तर पर एकसमान नीति बनने तक हाथरस में डिजिटल उपस्थिति लागू करने का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने शासन के निर्देशों का सम्मान करते हुए आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की।