रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 31/07/2026
बलिया, बैरिया तहसील क्षेत्र के गोपालनगर टांडी गांव में घाघरा नदी के कटान के चलते कटान पीड़ित अपने हाथों से बनाए अपने हो आशियाने को उजाड़ कर बंधे पर के लिए मजबूर हो गए है। मजदूरी कर एक एक रुपया इक्कट्ठा करके अपना आशियाना बनाया होगा लेकिन घाघरा नदी ने ऐसी तबाही मचाई की कटान पीड़ित गांव को छोड़कर पलायन करने लगे। जरा गौर से देखिए इस तस्वीर को ट्रैक्टर लगाकर तोड़ा जा रहा है बांस बल्ली के सहारे जल्दी तोड़ा जा रहा है कि नदी कब आशियाने को अपने आगोश में ले लेगी यह कोई नही जानता है। भाड़े का ट्रैक्टर ट्राली से अपने समान को लादकर बंधे ले जा रहे है। घर का सारा सामान बाहर बिखरा पड़ा है बारिश के आने के बाद भी सारा सामान भीग रहा है।वही कटान पीड़ितों का आरोप है कि ग्राम प्रधान से लेकर विधायक और अधिकारी तक पूछने तक नही आ रहे है रात के समय काफी डर का माहौल रहता है नदी घर के सामने आ गई है जिसके चलते बच्चो की पढ़ाई बाधित हो रही है एक विद्यालय भी था वह भी नही में विलीन हो गई।जिससे चलते बच्चें पढ़ने नही जा रहे है। वही कटान पीड़ित रौशन यादव ने बताया कि सरकार की गलत मानसिकता है यहां कोई काम नही हो रहा है घाघरा नदी कटान कर रही है इस लिए हम लोग अपना आशियाना उजाड़कर बंधे पर लेकर जा रहे है यहां पर कोई अधिकारी नही आ रहा है वो क्या जाने कटान पीढ़ियों का हाल योगी आकार देखें की उनकी नगर की हालत क्या है लगभग तीस से चालीस घर नदी में विलीन हो गया है और लगभग पचास घर के करीब अभी कटान के मुहाने पर है हम लोगों का खाना तक नही बन पा रहा है।
