लखीमपुर खीरी: जनपद के कोतवाली सदर क्षेत्र के एक अस्पताल पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और नवजात शिशु की जान लेने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित पिता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और कोतवाली सदर पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और कथित फर्जी अस्पताल को बंद कराने की मांग की है।
थाना व जिला खीरी के ग्राम सिरैंचा निवासी जितेंद्र सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और कोतवाली सदर प्रभारी निरीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 17 अगस्त 2026 की सुबह उनकी पत्नी रंजना सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने नौरंगाबाद रोड निकट पॉलिटेक्निक स्थित जानकी अस्पताल में सुबह करीब 05 बजे भर्ती कराया था।आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने नॉर्मल और ऑपरेशन दोनों तरह की डिलीवरी के लिए 18,000 रुपये फीस तय की थी।पीड़ित का कहना है कि सुबह 11 बजे तक मरीज को भर्ती रखने के बावजूद वहां कोई भी प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद नहीं था।आरोप है कि वहां मौजूद अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा ही जबरन डिलीवरी कराने का प्रयास किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान नवजात को खींचने व गलत तरीके से संभालने के कारण डिलीवरी के समय ही बच्चे की मौत हो गई।शिकायतकर्ता का आरोप है कि बच्चे की मौत हो जाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने इस बात को काफी देर तक छुपाए रखा। परिजनों से 7,500 रुपये और जमा कराने के बाद ही आगे का इलाज शुरू करने की बात कही गई। इतना ही नहीं, बच्चे की मौत हो जाने के बाद भी अस्पताल के कर्मचारियों ने बाकी बची रकम जमा कराने का दबाव बनाया।जब पीड़ित पिता ने बच्चे की स्थिति जाननी चाही, तो उन्हें बताया गया कि बच्चा ‘सीरियस’ है, जबकि असलियत में बच्चे की मौत काफी समय पहले ही हो चुकी थी। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल ने अपनी फीस वसूलने के लालच में बच्चे की मौत की खबर को लंबे समय तक छुपाए रखा।
पीड़ित पिता जितेंद्र सिंह ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए। उन्होंने नवजात की जान से खेलने वाले दोषी कर्मचारियों व प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और इस कथित फर्जी अस्पताल को तत्काल सील कर बंद कराने की मांग की है।जब इस मामले के संबंध में जानकी अस्पताल के संचालक से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हुआ।
