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ब्राह्मणों को सम्मान चाहिए, बसपा ही दे सकती है: मायावती

January 16, 2026

ब्राह्मणों को सम्मान चाहिए, बसपा ही दे सकती है: मायावती

लखनऊ, 15 जनवरी 2026, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष सुश्री मायावती ने कहा है कि ब्राह्मण समाज को सिर्फ सम्मान चाहिए। वह हमारी सरकार ही दे सकती है। अपने जन्मदिन पर उन्होंने कहा हमने अपनी सरकारों में ब्राह्मणों के मान सम्मान का पूरा ध्यान रखा।

उन्होंने कहा भाजपा सरकार में ब्राह्मणों की उपेक्षा हो रही है। हम सरकार बनने पर समस्त सवर्ण समाज को पूर्ण सम्मान देंगे। ब्राह्मण, क्षत्रिय या वैश्यों की उपेक्षा नहीं होगी।

January 15, 2026

Gorakhpur खिचड़ी महापर्व : गोरखनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

Khichdi Parv Makar Sankranti Gorakhpur

खिचड़ी पर्व पर गोरक्ष मंदिर गोरखपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब

बाबा का खप्पर भरने को श्रद्धा की अंजुरी में आस्था की खिचड़ी लेकर उमड़े लाखों श्रद्धालु

सबसे पहले सीएम योगी ने महायोगी गोरखनाथ जी को चढ़ाई आस्था की पवित्र खिचड़ी

मकर संक्रांति पर श्रीनाथ जी का विधिविधान से पूजन कर गोरक्षपीठाधीश्वर ने की प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की कामना

सभी व्यवस्थाओं पर खुद नजर बनाए रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर, 15 जनवरी 2016, मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई और लोकमंगल की कामना की। सीएम योगी के बाद नाथ योगियों, साधु संतों ने भी बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर पूजा अर्चना की। इसके साथ मंदिर के गर्भगृह कपाट को आमजन के लिए खोल दिया गया। खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर में आस्था का सैलाब नजर आया। गोरखनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु महायोगी गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए पहुंचे। लोक मान्यता के अनुसार त्रेतायुग से बाबा गोरखनाथ का खप्पर भरने की परंपरा का अनुसरण करते हुए श्रद्धा की अंजुरी में आस्था की खिचड़ी लेकर श्रद्धालु नतमस्तक रहे। महायोगी गोरखनाथ को नेपाल राजपरिवार की तरफ से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई। खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में लगे विशाल मेले का भ्रमण कर आनंद उठाया। मनोरंजन के साथ जरूरी वस्तुओं की जमकर खरीदारी की।

मकर संक्रांति पर गुरुवार को भोर में गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नाथपंथ की परंपरा के अनुसार गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में जमीन पर बैठ कर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ को प्रणाम कर आदेश लिया। फिर विधिविधान से पूजन कर गोरक्षपीठ की ओर से श्रीनाथ जी को खिचड़ी (चावल, दाल, तिल, सब्जी, हल्दी, नमक आदि) चढ़ाई। इसके बाद उन्होंने मुख्य मंदिर में स्थापित अन्य देव विग्रहों की पूजा की। फिर योगिराज बाबा गंभीरनाथ, अपने दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ, नौमीनाथ व अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं समक्ष शीश नवाकर खिचड़ी भोग अर्पित किया। सीएम योगी द्वारा बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी भोग अर्पित करने के बाद सुख समृद्धि की मंगलकामना लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने भी कतारबद्ध होकर महायोगी गोरखनाथ को श्रद्धा की खिचड़ी चढ़ाई।

*लगातार चलता रहा खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला*
महायोगी गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला लगातार चलता रहा। पूरे दिन भक्तों की कतार नहीं टूटी। दोपहर बाद तक गोरखनाथ मंदिर आने वाले सभी रास्तों पर श्रद्धालुओं का रेला दिख रहा था। खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित सभी देवी देवताओं के विग्रहों का पूजन कर ब्रह्मलीन महंत बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर माथा टेक आशीर्वाद भी लिया। पूरा दिन मंदिर परिसर गुरु गोरखनाथ की जय जयकार से गूंजता रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को लेकर मंदिर व जिला प्रशासन की ओर से समुचित प्रबंध किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे।

*भोर में तीन बजे ही लग गई थी लंबी कतार
गोरखनाथ मंदिर का खिचड़ी मेला लोक श्रद्धाभाव के साथ सामाजिक समरसता का भी मेला है। हर वर्ग के लोग नंगे पांव कतारबद्ध होकर बारी बारी भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ा रहे थे। कोई मुठ्ठी भर श्रद्धा का चावल लेकर आ रहा था तो कोई झोली भर। पर, महायोगी के प्रति भाव सभी का एक समान था। न जाति का बंधन था, न धर्म का। बुधवार को भी लाखों श्रद्धालुओं ने खिचड़ी चढ़ाई थी। गुरुवार को यह संख्या और बढ़ गई। भोर में तीन बजे ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार मंदिर परिसर से बाहर सड़क तक लग गई थी। अलग-अलग गेट और बैरिकेडिंग से श्रद्धालुओं की भीड़ को संभाला जा रहा था।

*मंदिर में हुआ खिचड़ी सहभोज का आयोजन*
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धा के साथ सभी श्रद्धालुओं को खिचड़ी का प्रसाद वितरित करने के लिए सहभोज का आयोजन किया गया। अमीर-गरीब, जाति, वर्ग का भेदभाव भुलाकर सबने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में आमंत्रित अतिथियों के लिए भी सहभोज का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों, उद्यमियों, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं गण्यमान्य लोगों की सहभागिता रही।

*नेपाल में राजगुरु माने जाते हैं महायोगी गोरखनाथ : डॉ. प्रदीप राव*
नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव बताते हैं कि महायोगी गुरु गोरखनाथ का नेपाल से भी गहरा संबंध है। मकर संक्रांति पर गुरु गोरखनाथ को गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा खिचड़ी चढ़ाए जाने के बाद नेपाल राजपरिवार की तरफ से आई खिचड़ी चढ़ाई जाती है। गुरु गोरखनाथ जी नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं।

*त्रेतायुगीन मानी जाती है गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा*
गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुगीन मानी जाती है। मान्यता है कि तत्समय आदियोगी गुरु गोरखनाथ एक बार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित मां ज्वाला देवी के दरबार में पहुंचे। मां ने उनके भोजन का प्रबंध किया। कई प्रकार के व्यंजन देख बाबा ने कहा कि वह तो योगी हैं और भिक्षा में प्राप्त चीजों को ही भोजन रूप में ग्रहण करते हैं। उन्होंने मां ज्वाला देवी से पानी गर्म करने का अनुरोध किया और स्वयं भिक्षाटन को निकल गए। भिक्षा मांगते हुए वह गोरखपुर आ पहुंचे और राप्ती और रोहिन के तट पर जंगलों में बसे इस स्थान पर धूनी रमाकर साधनालीन हो गए। उनका तेज देख लोग उनके खप्पर में अन्न (चावल, दाल आदि) दान करते रहे। इस दौरान मकर संक्रांति का पर्व आने पर यह परंपरा खिचड़ी पर्व के रूप में परिवर्तित हो गई। तब से बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का क्रम हर मकर संक्रांति पर अहर्निश जारी है। कहा जाता है कि उधर मां ज्वाला देवी के दरबार में बाबा की खिचड़ी पकाने के लिए आज भी पानी उबल रहा है।

अकेले चुनाव लड़ेगी बसपाः मायावती

भविष्य के सभी चुनाव हम अकेले लड़ेंगे, गठबंधन से होता है नुकसान

70nth Birth Day of BSP Chief Ms Mayawati

बसपा सुप्रीमो मायावती को उनके 70वें जन्म दिवस पर पुष्प गुच्छ भेंट करते पार्टी नेता सतीश चन्द्र मिश्र और आकाश आनन्द

लखनऊ, 15 जनवरी 2026 ( UP Samachar Sewa). बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि वर्ष 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव हम अकेले लड़ेंगे। किसी भी दल से गठबंधन नहीं किया जाएगा। सुश्री मायावती अपने 70वें जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रही थीं। इस अवसर पर उनके साथ वरिष्ठ नेता सतीश चन्द्र मिश्र और पार्टी के कोर्डिनेटर और मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनन्द भी मौजूद थे।

जन्म दिवस पर पार्टी नेताओं ने मायावती को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद बसपा सुप्रीमो ने ब्लू बुक के 21वें संस्करण का विमोचन किया। ब्लू बुक सुश्री मायावती की जीवनी है। इसमें उनकें जीवन, पार्टी के लिए संघर्ष और नीतियों का विवरण दिया जाता है। पत्रकारों से इस अवसर पर बातचीत में उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि आगामी चुनाव 2027 में वे किसी से गठबंधन नहीं करेंगीं। क्योंकि उन्हें गठबंधन से नुकसान होता है।

सुश्री मायावती ने कहा कि गठबंधन करने से उनका वोट तो दूसरी पार्टियों को ट्रांसफर हो जाता है लेकिन, अपर कास्ट का वोट उनके प्रत्याशियों को ट्रांसफर नहीं होता है। इससे हमें नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि हम आगे होने वाले सभी चुनाव तब तक अकेले लडेंगे जब तक कि यह भरोसा नहीं हो जाएगा कि अपर कास्ट का वोट भी हमें ट्रांसफर होगा।

मकर संक्रांति त्योहारों की परम्परा का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण पर्व : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में मकर संक्रांति के अवसर पर पत्रकारों से बात की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को गोरखनाथ मन्दिर में गुरु गोरखनाथ को खिचडी प्रसाद अर्पित करते हुए

लखनऊ, 15 जनवरी, 2026   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति के पावन पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विगत दिवस से ही प्रदेश के लाखों श्रद्धालुगण पवित्र धर्म स्थलों पर जाकर अपनी आस्था का नमन कर रहे है। उनका सौभाग्य है कि ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः 04 बजे श्री भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री आज श्री गोरखनाथ मन्दिर, गोरखपुर में मकर संक्रांति के अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थेमुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिवावतार भगवान गोरखनाथ जी को लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने के लिए आये हुए हैं और वह निरन्तर पवित्र खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। इसी प्रकार प्रयागराज संगम में लाखों श्रद्धालु, कल्पवासी और पूज्य संतजन प्रयागराज की धरती पर उपस्थित होकर न केवल अपनी साधना में रत हैं, अपितु भगवान वेणी माधव, भगवान प्रयागराज, मां गंगा, मां यमुना, मां सरस्वती के सान्निध्य में संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। यह सिलसिला लगातार आज भी जारी है।

मकर संक्रांति त्योहारों की परम्परा का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण पर्व : मुख्यमंत्री

मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में खिचड़ी प्रसाद अर्पित किया

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मकर संक्रांति भारत के पर्व और त्योहारों की परम्परा का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण पर्व है। वास्तव में भगवान सूर्य इस जगत की आत्मा है। जगतपिता सूर्य की उपासना का यह पर्व समस्त शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए प्रशस्त तिथि मानी जाती है। अर्थात आज के बाद से सनातन धर्म की परम्परा में सभी मांगलिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो जाएंगे। ज्योतिषीय परम्परा के अनुसार सूर्य का अयन वृत्त 12 विभिन्न भागों में विभाजित है। एक राशि से दूसरी राशि में सूर्यदेव का संक्रमण संक्रांति कहलाती है। जब भगवान सूर्य का धनु राशि से मकर राशि में संक्रमण होता है, तब यह संक्रमण मकर संक्रांति कहलाती है। अर्थात अगले 06 माह मकर राशि से मिथुन राशि तक भगवान सूर्य उत्तरायण रहेंगे। उत्तरायण के समय दिन बड़े तथा रात्रि छोटी होती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जीवन्तता के लिए सूर्य का प्रकाश कितना महत्वपूर्ण है और भारत की ऋषि परम्परा ने जीवन के लिए कितना महत्व दिया है, इसका अनुमान इस पर्व के माध्यम से लगा सकते हैं। मकर संक्रांति का पर्व देश के पूरब, पश्चिम, उत्तर तथा दक्षिण सभी हिस्सों में अलग-अलग नाम और रूप से आयोजित होता है। पूरब में बिहू या तिलवा संक्रांति, पश्चिम में लोहड़ी या मकर संक्रांति, दक्षिण भारत में पोंगल तथा उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति के रूप में श्रद्धालुजन मकर संक्रांति का आयोजन श्रद्धाभाव से करते हैं। शुभ मुहूर्त कल सायं काल से ही प्रारम्भ हो चुका है। हमारे सनातन धर्म की परम्परा में मुहूर्त का शुभ लगन सूर्योदय के साथ प्रारम्भ होता है। आज ब्रह्म मुहूर्त से मकर संक्रांति में खिचड़ी चढ़ाने का मुहूर्त प्रारम्भ हो चुका है।

January 13, 2026

वीबी जी राम जी के लाभ जन जन बताएं: किरण रिजीजू

लखनऊ 13 जनवरी 2026। भारत सरकार के मंत्री किरेन रिजिजू जी ने कहा उत्तर प्रदेश बहुत ही महत्वपूर्ण प्रदेश है। उत्तर प्रदेश में गांव-गांव तक पहुंचकर वीबी-जी राम जी अधिनियम से होने वाले लाभ जन-जन तक पहुंचाये जाएगें। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी से ग्रामीण भारत का उत्थान होने वाला है।
श्री रिजिजू ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है, इसलिए यहां यह अभियान बड़े स्तर पर चलना चाहिए। केंद्र सरकार, यूपी सरकार और संगठन के साथ मिलकर यह योजना पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी। पुरानी मनरेगा में भ्रष्टाचार की गारंटी थी, अब एक रुपए की भी धांधली नहीं होगी।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मनरेगा में 11 लाख करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी गांव तथा ग्रामीणों का उतना विकास नहीं हुआ जितना होना चाहिए था। पहले कुछ लोग आपस में तालमेल करके करोड़ों की लूट कर लेते थे। भ्रष्टाचार की गारंटी थी। इसलिए कानून में बदलाव लाना पड़ा।
श्री रिजिजू ने कहा कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सख्त मॉनिटरिंग से जुड़ी है। आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन से मजदूरी की चोरी असंभव हो गई। रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक की गई है। कृषि प्रधान भारत को जल संरक्षण, स्वास्थ्य, चावल उत्पादन में भारत को नंबर एक बनाने जैसे लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं। गांवों की वास्तविक जरूरतों के हिसाब से काम होंगे।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकसित भारत जी राम जी के जरिए बड़ा बदलाव आने वाला है। यह बड़ा प्रदेश है और यहां गांव-गांव तक यह अभियान जाएगा। गांवों की परिस्थितियों में क्रांतिकारी बदलाव होगा। किसी के दुष्प्रभाव से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने हर गांव और हर घर से प्रस्ताव लेने की बात कही ताकि योजना नीचे तक प्रभावी हो।
श्री रिजिजू ने कहा कि सीएए के दौरान कांग्रेस और सपा ने मुस्लिमों को बरगलाने की कोशिश की, जबकि किसी की नागरिकता नहीं छीनी गई। अब एसआईआर और वीबी-जी राम जी को लेकर कांग्रेस और सपा भ्रम फैला रही है।
उन्होंने बताया कि अगर यह योजना यूपी में सफल हुई तो पूरे देश में सफल होगी। यह अभियान विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यशाला ग्रामीण भारत के विकास और पारदर्शिता के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनी है। जल्द ही यह योजना प्रदेश के हर कोने तक पहुंचेगी, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों को मजबूत रोजगार और आजीविका का लाभ मिलेगा।

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