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जर्जर मकान हादसे में अपनों को खो चुके अमन से मिलीं विधायक पल्लवी पटेल, बंधाया ढांढस

August 9, 2026

जर्जर मकान हादसे में अपनों को खो चुके अमन से मिलीं विधायक पल्लवी पटेल, बंधाया ढांढस

Posted on 09.08.2026, Time 11.45 AM

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP
MO –9919606061

प्रतापगढ़। नगर के महुली मोहल्ले में जर्जर मकान की छत ढहने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत के मामले में अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पल्लवी पटेल रविवार को प्रतापगढ़ पहुंचीं। उन्होंने हादसे में परिवार के इकलौते बचे अमन श्रीवास्तव के घर पहुंचकर उससे मुलाकात की और घटना पर गहरा दुख जताते हुए ढांढस बंधाया,पल्लवी पटेल ने अमन से हादसे की जानकारी ली और परिवार के सदस्यों की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह बेहद हृदयविदारक घटना है। परिवार ने जिस तरह अपने छह सदस्यों को खोया है, उससे उबर पाना आसान नहीं है। इस दुख की घड़ी में वह पीड़ित परिवार के साथ हैं,विधायक ने अमन को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को सरकारी स्तर पर मिलने वाली सहायता और अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। गौरतलब है कि दो दिन पहले नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली में बारिश के दौरान जर्जर मकान की छत ढह गई थी। मलबे में दबने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि अमन श्रीवास्तव हादसे में घायल होकर बच गया था। घटना के बाद से इलाके में शोक का माहौल है।

August 8, 2026

सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना’ में चयनित बुनकर सम्मानित 

Posted on 07.08.2026
लखनऊ : 07 अगस्त, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रदेश के हथकरघा उद्योग से जुड़े हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों ने अपने कौशल एवं परिश्रम से भारत की विरासत को नई ऊचाइयों तक पहुंचाया है। प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारत के स्वाधीनता आन्दोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। 07 अगस्त, 1905 को भारत के स्वाधीनता आन्दोलन को नई दिशा मिली थी। इसी दिन आजादी के आन्दोलन में स्वदेशी की भावना ने पदार्पण किया था। स्वदेशी के मंत्र ने भारत को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के संकल्प को आगे बढ़ाया था।
मुख्यमंत्री जी आज यहां ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026’ को मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अन्तर्गत राज्य स्तर पर चयनित बुनकरों को सम्मानित किया तथा मुख्यमंत्री हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने ओ0डी0ओ0पी0 उत्पादों तथा हथकरघा उद्योग पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी के समक्ष हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं एवं संस्थागत भागीदारों-हैण्डलूम प्रमोशन एक्सपोर्ट काउंसिल चेन्नई, तनैरा बेंगलुरु, कारिगो डी0टी0डी0सी0, इन्टरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल तथा फूल कानपुर के मध्य एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महात्मा गांधी ने खादी, स्वदेशी तथा हथकरघा को आजादी के आन्दोलन का सबसे बड़ा शस्त्र बनाया था। स्वदेशी उत्पाद को नया जीवन देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 07 अगस्त की तिथि को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। यह दिवस वर्ष 2015 से देश में प्रत्येक वर्ष मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी का यह निर्णय हथकरघा से जुड़े देश के लाखों उद्यमियों, व्यवसायियों तथा हस्तशिल्पियांं का सम्मान है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वदेशी हमारी विरासत है। हमारे हस्तशिल्पी एवं हथकरघा उद्यमी बड़ी मेहनत एवं परिश्रम से अपना कार्य करते हैं। प्रदेश के 2.5 लाख परिवारों के 14-15 लाख लोग हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं। पावरलूम को जोड़ देने पर यह संख्या बढ़कर लगभग 30 लाख हो जाती है। यह उद्योग 30 लाख लोगों की आजीविका तथा स्वावलम्बन का आधार है। इसके माध्यम से वह आत्मनिर्भरता के साथ निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों व बुनकरों को प्रत्येक सुविधा सम्मानपूर्वक प्रदान कर रही है। लगभग 40,000 बुनकरों को मुख्यमंत्री हथकरघा उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना तथा विद्युत दर रियायत जैसी योजनाओं के माध्यम से 109 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करयी गई है। आज का समय प्रतिस्पर्धा का है, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में हम तब टिक पाएंगे, जब आज की मांग के अनुरूप डिजाइन तथा वस्त्र तैयार करेंगे। आज यहां लगायी गयी प्रदर्शनी बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों के कौशल को प्रदर्शित करने का मंच व उत्पादों की ब्राण्डिंग का आधार है। यह मंच उत्पादों को बाजार से जोड़ने का माध्यम व लाखों लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा तथा बरेली आदि जनपदों के हस्तशिल्पी व कारीगर अपने उत्पादों के माध्यम से देश-दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं। लखनऊ की चिकनकारी का काम अत्यन्त उत्कृष्ट है। व्यापारी और हस्तशिल्पी के बीच में विश्वास का रिश्ता होता है। बाराबंकी, अम्बेडकर नगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, भदोही, मीरजापुर आदि जनपदों के हस्तशिल्पियों के उत्पादों को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। भदोही का कालीन उद्योग वर्ष 2017 से पूर्व मृतप्राय हो गया था। आज वहां से सैकड़ों करोड़ रुपए का निर्यात हो रहा है। भदोही की कालीन दुनिया के बाजार में छा गई है। देश की नई संसद में जब कालीन बिछाने की बात आयी, तो प्रधानमंत्री जी ने भदोही की कालीन को प्राथमिकता दी। कालीन के माध्यम से संसद में उत्तर प्रदेश के कारीगरों का सम्मान हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम जब स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देंगे तथा उन्हें प्रोत्साहित करेंगे, तो देश का पैसा देश में ही लगेगा। हस्तशिल्पियों के चेहरे पर खुशहाली तथा जीवन में समृद्धि आएगी। यह पूरे देश की समृद्धि का कारण बनेगा। प्रदेश सरकार इस दिशा में अनेक प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से भदोही में कालीन एक्सपो सेन्टर बनाया गया है। वाराणसी में ट्रेड फैसिलिटेशन सेन्टर स्थापित हो चुका है, इससे वहां के उत्पाद को वैश्विक मान्यता मिलेगी। प्रदेश सरकार सिल्क क्लस्टर्स को वैश्विक मान्यता दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उत्पादों को टेक्नोलॉजी, डिजाइन, पैकेजिंग, एक्सपोर्ट तथा बाजार से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों तथा बुनकरों के साथ सदैव खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा वाराणसी के फैसिलिटेशन सेन्टर से जुड़े विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। गत वर्ष लगभग 450 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई। उन्हें डिजाइनिंग, टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती प्रदान करने के लिए लखनऊ तथा हरदोई के बीच 1,000 एकड़ क्षेत्रफल में पी0एम0 मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। वस्त्र उद्योग कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने से उनके चेहरे पर खुशहाली आती है। वह अपनी सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग देश व प्रदेश के विकास में कर पाते हैं। इस प्रयास को नई दिशा देने की आवश्यकता है। प्रदेश के पांच स्थानों पर सन्त कबीरदास के नाम पर टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इससे बुनकरों व हस्तशिल्पियों को नया प्लेटफार्म उपलब्ध होगा। यह कार्य 2017 से पूर्व हो जाने चाहिए थे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों में विज़न व सकारात्मक सोच का अभाव था। प्रत्येक कार्य को केवल वोट बैंक की दृष्टि से देखने पर गरीबों, कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों का सम्मान पिछड़ जाता है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में बिजली तथा सड़क आदि का अभाव था। प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था के कारण बेटी, व्यापारी, हस्तशिल्पी तथा कारीगर सुरक्षित नहीं थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हथकरघा ऐसा क्षेत्र है, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्य कर रही हैं। वर्ष 2017 के पश्चात हमने परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित किया। ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के माध्यम से उत्पादों की ब्राण्डिंग की गई। प्रधानमंत्री जी जब किसी देश के दौरे पर जाते हैं, तो वहां के राष्ट्राध्यक्ष को उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पाद को प्रदान करते हैं। यह हस्तशिल्पियों और कारीगरों का सम्मान है। प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयां कार्य कर रही हैं। हथकरघा प्रदेश में सबसे बड़ा कुटीर उद्योग है। सभी एम0एस0एम0ई0 उत्पादों का रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही प्रत्येक एम0एस0एम0ई0 इकाई को 05 लाख रुपये का सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हथकरघा विभाग हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार की मांग के अनुसार टेक्नोलॉजी, डिजाइनिंग आदि से जोड़े। प्रदेश सरकार ने हस्तशिल्पियों व कारीगरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और पी0एम0 विश्वकर्मा योजना के माध्यम से टूलकिट तथा ट्रेनिंग प्रदान करने की व्यवस्था की है। इस क्षेत्र में कुछ नया करने वाले लोगों को आज यहां संत कबीर हथकरघा पुरस्कार योजना से सम्मानित किया गया है। दीपावली, होली तथा ईद आदि त्योहारों पर हमें प्रदेश के कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पाद को अपने सगे-सम्बन्धियों को गिफ्ट के रूप में उपलब्ध कराना चाहिए। इन उपहारों में भदोही की कालीन, फिरोजाबाद की मूर्ति, मुरादाबाद की पीतल की वस्तु तथा मेरठ का खेल का सामान आदि हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज मेरठ स्पोर्ट्स आइटम का केन्द्र बिन्दु बना है। वर्ष 2017 से पूर्व पहले यह उद्योग दम तोड़ रहा था। भट्टियों में पारम्परिक ईंधन प्रयोग करने से पर्यावरण प्रदूषित होता था। आज प्रदेश सरकार वहां पी0एन0जी0 पाइप लाइन पहुंचा दी है। बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उत्पादों को टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि से जोड़ा गया है। उन्हें निर्यात हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में हथकरघा से जुड़े उत्पाद को खरीदने की व्यवस्था बनाई है। विभाग तत्काल इस पर कार्यवाही आगे बढ़ाए। अस्पतालों तथा गेस्टहाउस में स्थानीय हस्तशिल्पियों तथा कारीगरों द्वारा निर्मित बेडशीट तथा तौलिए आदि के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उत्पादों की ब्राण्डिंग का अवसर मिलेगा।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी बुनकर परम्परा तथा स्वदेशी अवधारणा को सम्मान प्रदान करने का उत्सव है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार हथकरघा उद्योग को निरन्तर प्रोत्साहित कर रही है। हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। उत्पादों को ब्राण्डिंग, तकनीक, पैकेजिंग तथा मार्केट आदि से जोड़ा जा रहा है। उत्सवों और त्योहारों आदि पर हमें प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान हथकरघा उद्योग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई तथा मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी द्वारा हथकरघा दिवस पर दिये गए संदेश का प्रसारण किया गया।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य श्री मुकेश शर्मा, डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक श्रीमती जयदेवी, श्री नीरज बोरा, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री के0 विजयेन्द्र पांडियन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

August 6, 2026

घुमन्तू एवं विमुक्त जातियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार प्रदान करेगी सरकार: योगी आदित्यनाथ

  • मुख्यमंत्री ने घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन हेतु विमुक्त एवं घुमन्तू समाज द्वारा आयोजित आभार एवं अभिनन्दन कार्यक्रम को सम्बोधित किया
  • प्रधानमंत्री जी का सबका साथ-सबका विकास मंत्र समाज के प्रत्येक तबके के उत्थान का कारण बना, घुमन्तू विकास बोर्ड उत्थान की इसी कहानी की नई कड़ी का नाम : मुख्यमंत्री
  • अंग्रेजों ने इन जातियों को क्रिमिनल ट्राइब इसलिए घोषित किया, क्योंकि इन्होंने अंग्रेजों का जीना मुश्किल कर दिया था
  • इन जातियों ने सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में अंग्रेजों की चूलें हिला दीं, भारत की आजादी के लिए बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके लड़ाई लड़ी
  • विमुक्त जातियों को अब कोई क्रिमिनल ट्राइब नहीं कह सकता, इन विमुक्त जातियों के लोग भारत के स्वाधीनता संग्राम सेनानी
लखनऊ : 06 अगस्त, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देशवासियों से कहा था कि बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक तबके को दिया जाएगा। उनका सबका साथ-सबका विकास का मंत्र आज समाज के प्रत्येक तबके के उत्थान का कारण बना है। घुमन्तू विकास बोर्ड उत्थान की इसी कहानी की नई कड़ी का नाम है। डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री जी के विज़न के अनुरूप घुमन्तू एवं विमुक्त जातियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार प्रदान करेगी। अब उन्हें दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। हम सभी मिलकर समाज की मुख्यधारा के साथ जुड़कर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री जी आज यहां घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन हेतु विमुक्त एवं घुमन्तू समाज द्वारा आयोजित आभार एवं अभिनन्दन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में घुमन्तू जातियांं को अंग्रेजों ने अपराधिक श्रेणी में रखकर क्रिमिनल ट्राइब्स के रूप में वर्ष 1871 में अधिसूचित कर दिया था। अंग्रेजों ने इन जातियों को क्रिमिनल ट्राइब इसलिए घोषित किया, क्योंकि इन्होंने अंग्रेजों का जीना मुश्किल कर दिया था।
इन्होंने सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में अंग्रेजों की चूलें हिला दी थीं। यह जातियां भारत की आजादी के लिए बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके लड़ाई लड़ रही थी। अंग्रेजों को एहसास होने लगा कि वह अब बहुत दिनों तक भारत में शासन नहीं कर पाएंगे। अंग्रेजों ने सन् 1857 के स्वातंत्र्य समर में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से भागीदार जातियों को चिन्हित करना प्रारम्भ कर दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सत्य, सत्य होता है। यदि सोना मिट्टी में मिल जाए, तो उसका सोनापन खराब नहीं होता। यदि कुछ पल के लिए सूर्य के सामने बादल आ जाए, तो सूर्य की ऊष्मा के सामने बहुत देर तक वह टिक नहीं पाते। स्वतंत्र भारत में बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी ने क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट-1871 को समाप्त किया तथा वर्ष 1952 में इन्हें देश में विमुक्त जाति के रूप में घोषित करते हुए सम्मान दिया। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ी जातियों के लोग विमुक्त जाति के रूप में आज भी समाज में अपना योगदान दे रहे हैं। इनके विकास और उत्थान के लिए जो कार्य प्रारम्भ से होने चाहिए थे, वह नहीं हो पाए।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जी ने इन जातियों के लिए एक आयोग का गठन किया। गत वर्ष जब मुख्यमंत्री जी को घुमन्तू जाति सम्मेलन में सम्मिलित होने का अवसर मिला था, तो उन्होंने प्रदेश में घुमन्तू विकास बोर्ड का गठन करने की घोषणा की थी। अब घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। विगत 12 वर्षों से प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार सम्पूर्ण देश तथा विगत 09 वर्षों से डबल इंजन सरकार उत्तर प्रदेश में इन जातियों के विकास के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। इसके अन्तर्गत इन जातियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़ा गया है।
पहली बार वनटांगिया गांव को राजस्व गांव के रूप में मान्यता दी गई। हजारों की संख्या में लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया। पहले मुसहर जाति के लोगों का कोई पुरसाहाल नहीं था। डबल इंजन सरकार द्वारा उन्हें सभी प्रकार की सुविधाओं से युक्त करने का कार्य किया गया। थारू, गोंड, चेरो, बुक्सा, कोल, सहरिया आदि जातियों के लोगों को शासन की योजनाओं से आच्छादित किया गया है। उन्हें राशन कार्ड जमीन के पट्टे, आवास, आयुष्मान कार्ड, बिजली कनेक्शन, निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन, निराश्रित, वृद्धावस्था तथा दिव्यांगजन पेंशन आदि सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे लिए जनता केवल वोट बैंक का माध्यम नहीं, बल्कि वह जनार्दन भी है। सरकार ने जनता को जनार्दन के रूप में हमेशा सम्मान दिया है। भारतीय लोकतंत्र में बिना भेदभाव प्रत्येक जनता को शासन की सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। इसलिए वनटांगिया, मुसहर, कोल, बक्ुसा, सहरिया, गोंड, थारू, चेरो सहित अन्य जातियों का उत्थान करते हुए उन्हें सेचुरेशन के लक्ष्य तक पहुंचाने का कार्य किया गया है। आज का यह कार्यक्रम उसी श्रृंखला का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रृंगवेरपुर में भगवान श्रीराम के साथ गले मिलते हुए निषादराज की भव्य प्रतिमा की स्थापना की गयी है। यह प्रतिमा सैकड़ों किलोमीटर दूर से दिखाई देती है। महाराज सुहेलदेव का विजय स्मारक बहराइच में बनकर तैयार है। बलरामपुर के इमलिया कोडर में ट्राइबल म्यूजियम बन गया है। इसी प्रकार मीरजापुर और सोनभद्र में भी तैयारी चल रही है। महाराज सुहेलदेव के नाम पर आजमगढ़ में विश्वविद्यालय तथा बहराइच में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया गया है। बदायूँ में वीरांगना अवंतीबाई लोधी, लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी, और गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर महिला पुलिस बटालियन का गठन किया गया है। बांदा मेडिकल कॉलेज महारानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। पहले कोई नहीं सोचता था कि यह सभी कार्य सम्भव होंगे, लेकिन आज सम्भव हुए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार ने घुमन्तू जातियों के साथ-साथ अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय प्रारम्भ किये हैं। इन विद्यालयों में बच्चों को अत्याधुनिक शिक्षा प्रदान की जाती है। यहां उनके लिए लॉजिंग-फूडिंग की निःशुल्क व्यवस्था है। श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय प्रारम्भ किए गए हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से बच्चों अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। सरकार श्रमिकों, स्ट्रीट वेण्डरों, विद्यार्थियों, युवाओं तथा विमुक्त एवं घुमन्तू समाज सहित प्रत्येक वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विमुक्त जातियों को अब कोई क्रिमिनल ट्राइब नहीं कह सकता। यह विमुक्त जातियां भारत के स्वाधीनता संग्राम सेनानी है। स्वाधीनता संग्राम सेनानी होने के नाते उन्हें जो सम्मान प्राप्त होना चाहिए था, डबल इंजन सरकार विमुक्त जातियों को सम्मान देने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। सपेरा समुदाय के लोग गोरखनाथ जी के अनुयायी हैं। प्राचीन काल में यह लोग विदेशी हमलों के समय लोगों को सतर्क करते थे। प्रदेश सरकार इनके पुनर्वास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संकल्पित होकर कार्य करेगी। साथ ही, घुमन्तू एवं विमुक्त जाति के लोगों को बुनियादी सुविधाओं से आच्छादित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि घुमन्तू विकास बोर्ड इन सभी जातियों को चिन्हित कर उन्हें सेचुरेशन के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए कार्य करेगा। उन्हें सभी योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उनके जीवन स्तर को उठाने का प्रयास करेगा। घुमन्तू विकास बोर्ड शीघ्र कार्य करना प्रारम्भ करेगा। इसके कार्यरूप एवं गठन के स्वरूप में थोड़ा परिर्वतन किया जाएगा। हमारा प्रयास होना चाहिए कि गठन में प्रत्येक जाति का प्रतिनिधित्व रहे।
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी ने घुमन्तू विकास बोर्ड का गठन कर विकासरूपी नहर बनाने का कार्य किया है। इस विकासरूपी नहर के माध्यम से घुमन्तू एवं विमुक्त समाज के लोगों को विभिन्न जनकल्याकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। राजस्व विभाग के माध्यम से कृषि तथा आवासीय पट्टा मिलेगा। विकास की नहर के ज़रिए प्रवाह बहुत तेज़ी से आगे बढ़ेगा। विकास के लिए तीन कुंजियां आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र तथा आय प्रमाण पत्र चाहिए। इसके माध्यम से तीव्र गारण्टी के साथ विकास की नहर आपके पास आएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि आपने एक-एक पल घुमन्तू समाज के विकास की चिंता की है। अब यह समाज घुमन्तू नही,ं बल्कि टिकन्तू अर्थात टिककर रहना चाहती है। यह लोग उस समाज के प्रतिनिधि हैं, जिसने भारत माँ की लाज के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। उस समय बहुत लोगों ने हथियार डाल दिए, लेकिन इस समाज ने कभी हथियार नहीं डाले।
कार्यक्रम में घुमन्तू तथा विमुक्त समाज के लोगों ने घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन हेतु मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने अपनी भावनांए व्यक्त करते हुए इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि आज सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आवास, शौचालय, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि बुनियादी सुविधाएं समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच रही है। इस बोर्ड के माध्यम से उनका समग्र विकास होगा।
इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री श्री संजीव गोंड, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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प्रेस क्लब में बोले डीएम : पंचकोसी परिक्रमा मार्ग समय से होगा तैयार

Posted on 06.08.2026, Time 08.16 PM, Ayodhya, Press Club, Ram Mandir

विकास योजनाओ में गुणवत्ता के साथ लाई जाएगी तेजी
प्रेस क्लब ने राम लला का स्मृति चिन्ह भेंट कर डीएम को किया सम्मानित

अयोध्या 06 अगस्त 2026, ( त्रियुग नारायण तिवारी) प्रेस क्लब सिविल लाइन अयोध्या में आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने जिले की प्रमुख विकास परियोजनाओं, पर्यटन, यातायात और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में चौदह कोसी एवं पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का निर्माण शामिल है। पंचकोसी परिक्रमा से पहले इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना की लगातार निगरानी की जा रही है और अब केवल फिनिशिंग का कार्य शेष है।
श्रद्धालुओं के अयोध्या में ठहराव को लेकर चलाई गई पर्यटन सुविधाओं हाटएयर बैलून, हेलीकाप्टर से अयोध्या भ्रमण तथा सरयू में क्रूज के बंद होने पर कहा कि सरयू में जलस्तर असामान्य रहता है। जिसके कारण वाटर मेटो व क्रूज के संचालन में दिक्कत आती है। यहां बांध के निर्माण के लिए प्रोजेक्ट शासन स्तर पर लम्बित है। सिचाई विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना की स्वीकृत के उपरान्त वाटर मेट्रो तथा क्रूज जैसी पर्यटन सुविधाओं संचालन ठीक प्रकार से हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास के लिए सरकार लगातार बजट उपलब्ध करा रही है। मीडिया सेंटर के उपयोग के संबंध में पूछे गए सवाल पर जिलाधिकारी ने बताया कि उपनिदेशक सूचना को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही मीडिया सेंटर का प्रभावी उपयोग शुरू कराया जाएगा।
सावन झूला मेले का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह अपने आप में अनूठा और सामूहिक आस्था का उत्सव है। अयोध्या आने के बाद उन्हें इस परंपरा की विशेष जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि इस बार मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है।
रामपथ पर पार्किंग और अव्यवस्थित वाहनों की समस्या पर उन्होंने बताया कि मार्ग पर दो-तीन स्थानों पर पार्किंग विकसित की जा रही है तथा अन्य उपयुक्त स्थलों का भी चयन किया जा रहा है। इससे जल्द ही यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में रिंग रोड का निर्माण अगले एक से डेढ़ वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है।
एक प्रश्न के उत्तर में जिलाधिकारी ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ किया गया कार्य हमेशा समाज के हित में होता है। उन्होंने अपने अब तक के प्रशासनिक कार्यकाल में किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव का सामना न करने की बात भी कही। कार्यक्रम का संचालन वीएन दास ने किया। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर जिलाधिकारी को वरिष्ठ पत्रकार जेपी तिवारी अध्यक्ष सुरेंद्र श्रीवास्तव व सचिव जेपी सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया तो प्रेस क्लब की ओर से रामलला का स्मति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब के संरक्षण जेपी तिवारी, अध्यक्ष सुरेन्द्र श्रीवास्तव, सचिव जेपी सिंह, पूर्व सचिव त्रियुग नारायण तिवारी,स्वरमिल चंद्रा राजेन्द्र प्रसाद पांडेय,राम कुमार सिंह स्थानीय संपादक जनमोर्चा, इंदु भूषण पांडेय,केबी शुक्ला,ओपी सिंह, सुरेंद्र सिंह,रवि पाठक,सहित बडी संख्या में प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों की मौजूदगी रही।

एसआईआर के तहत जारी किए जा रहे नोटिसों पर कांग्रेस ने जतायी आपत्ति

मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाया
जारी किए जा रहे नोटिसों में कारण का उल्लेख तक नहीं किया जा रहा है
फॉर्म-7 का दुरूपयोग रोकने के लिए वेरिफेकशन किया जाए-आलोक शर्मा
हरिद्वार, 6 अगस्त। एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिसों पर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को बिना स्पष्ट कारण बताए नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिससे आम लोगों में भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूरे प्रदेश में खलबली मची हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में चल रहे एसआईआर अभियान के दौरान सामने आ रही समस्याओं के बावजूद निर्वाचन आयोग आवश्यक सुधार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कई नोटिसों में त्रुटि का कारण तक का उल्लेख नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को भी नोटिस मिला है और हरिद्वार जिले के लक्सर विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर ही 800 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं। आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि दो माह तक चली निर्वाचन आयोग की कवायद के बाद इस तरह के नोटिस जारी होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि हरिद्वार जिले में कुछ स्थानों पर बीएलओ की सहमति के बिना मतदाता बनाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने बीएलओ से बिना किसी के दबाव में आए बिना काम करने की अपील करते हुए कहा कि बीएलओ की सहमति के बिना नए वोट ना बनाए जाएं। साथ ही फॉर्म-7 का दुरूपयोग रोकने के लिए फॉर्म लेने वाले व्यक्ति वेरिफिकेशन किया जाए। फॉर्म-7 के दुरूपयोग की जांच जिलाधिकारी स्वयं करें। उन्होंने भाजपा समर्थक नहीं माने जाने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया और प्रशासन एवं निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि बिना किसी स्पष्ट त्रुटि का उल्लेख किए मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे लोग अनावश्यक रूप से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन की कार्यप्रणाली से मतदाताओं में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज सैनी ने भी निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व राज्य मंत्री हाजी नईम कुरैशी ने बताया कि उनकी पुत्र वधु जो कि निर्वाचित पार्षद हैं। उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस की भाषा भी बेहद आपत्तिजनक है। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए। नईम कुरैशी ने एसआईआर के नाम पर एक खास वर्ग को टारगेट करने का आरोप भी लगाया। प्रदेश महासचिव एडवोकेट फुरकान अली और पार्षद अरशद ख्वाजा ने कहा कि नोटिस जारी होने और सही जानकारी नहीं मिलने से लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। पत्रकार वार्ता में नईम कुरैशी, फुरकान अली, विकास चंद्रा, अरशद ख्वाजा, कैलाश प्रधान सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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