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चेटीचंड पर सिंधी समाज की भव्य शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा शहर

March 20, 2026

चेटीचंड पर सिंधी समाज की भव्य शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा शहर

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
20/03/2026

• झूलेलाल भगवान की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह

• सिंधी नववर्ष के रूप में मनाए जाने वाले चेटीचंड पर उमड़ी आस्था, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय

गोरखपुर।
चेटीचंड के अवसर पर सिंधी समाज गोरखपुर द्वारा विकास नगर स्थित श्री झूलेलाल मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान पूरे शहर में श्रद्धा और उल्लास का माहौल देखने को मिला, वहीं “झूलेलाल भगवान की जय” के जयकारों से वातावरण लगातार गुंजायमान रहा।
गौरतलब है कि चेटीचंड सिंधी समाज का प्रमुख पर्व एवं नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन भगवान झूलेलाल के अवतरण का उत्सव मनाया जाता है, जिन्हें सिंधी समाज जल के देवता और अपने आराध्य के रूप में पूजता है। मान्यता है कि उन्होंने समाज की रक्षा करते हुए धर्म और सद्भाव का संदेश दिया।
शोभायात्रा को समाज के 17 मुखीसाहेबान एवं उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के सदस्य नरेश बजाज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शुरुआत से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था।
यात्रा के अग्रभाग में सजे रथ पर भगवान श्री झूलेलाल की आकर्षक झांकी सजाई गई थी, जो की साईं रवि दास की अगुवाई में चल रही थी जिसने लोगों का ध्यान खींचा। इसके पीछे श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य करते हुए और भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़ते रहे। मार्ग के कई स्थानों पर लोगों ने रुककर शोभायात्रा का स्वागत भी किया।
इस वर्ष शोभायात्रा में सिंधी समाज की महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। पारंपरिक परिधानों में शामिल लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया।
शोभायात्रा विकास नगर से शुरू होकर गोरखनाथ स्थित श्री झूलेलाल मंदिर पहुंची, जहां पटेल ऐलानी चौथराम ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इसके बाद यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए लक्ष्मी सत्संग भवन पहुंची, जहां आरती-पूजन के उपरांत लंगर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शरद लखमानी, प्रकाश केशवानी और दीपक लखमानी की अहम भूमिका रही। वहीं महामंत्री देवा केशवानी के नेतृत्व में युवा सिंधी समाज के कमल मंझानी, नरेश कर्मचंदानी, मनोज सचदेवा, विक्की कुकरेजा और वशु पहुजा सहित कई लोग सक्रिय रूप से जुड़े रहे।

टीएमयू फिजियोथेरेपी के स्टुडेंट्स ने की साई की एजुकेशनल विजिट

मुरादाबाद, तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी- एमपीटी के 22 स्टुडेंट्स ने नई दिल्ली स्थित स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया- साई के इंदिरा गांधी इंडोर स्डेडियम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का शैक्षिक भ्रमण किया। इस एजुकेशनल विजिट का मुख्य उद्देश्य स्टुडेंट्स को राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रशिक्षण एवम् पुनर्वास व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना, खेल विज्ञान के फिजियोथेरेपी और एथलीट मैनेजमेंट में अनुप्रयोग की समझ को विकसित करना रहा। विजिट के दौरान हाई परफॉर्मेंस एनालिस्ट डॉ. प्रहलाद प्रियदर्शनी और फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. ज्ञान ने खेल मूल्यांकन, पुनर्वास एवम् प्रदर्शन वृद्धि के क्षेत्र में अपने व्यावसायिक अनुभव साझा किए। इस दौरान चोटों की रोकथाम, वैज्ञानिक प्रशिक्षण सिद्धांत, रिकवरी प्रोटोकॉल और एलीट स्पोर्ट्स में बहु-विषयक टीम के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही साइकिलिंग, कुश्ती, जिम्नास्टिक और अन्य इंडोर खेलों से जुड़े खिलाड़ियों के साथ व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया, जिससे स्टुडेंट्स को सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिला।

नेशनल सेंटर फॉर स्पोर्ट्स साइंसेज एंड रिसर्च- एनसीएसएसआर के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. बिभु कल्याण नायक, मेडिकल ऑफिसर डॉ. शुभ्रा चटर्जी, एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट डॉ. शुभोजीत चटर्जी और स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. शत्रुपा चक्रवर्ती ने स्टुडेंट्स को खेल विज्ञान में अंतर-विषयक सहयोग के महत्व से अवगत कराया।बायो मैकेनिकल एनालिस्ट डॉ. अजय पंडित ने बायोमैकेनिक्स विभाग का अवलोकन कराया, जहां उन्नत मोशन एनालिसिस सिस्टम, फोर्स प्लेट्स एवम् गेट एनालिसिस तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिनका उपयोग मूवमेंट पैटर्न के अध्ययन एवम् चोटों की रोकथाम में किया जाता है। एंथ्रोपोमेट्री विभाग में बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस, सोमैटोटाइपिंग एवं प्रतिभा पहचान तथा प्रदर्शन मॉनिटरिंग से संबंधित मापन तकनीकों की जानकारी दी गई, जिसने खिलाड़ी मूल्यांकन एवम् प्रशिक्षण के वैज्ञानिक आधार को स्पष्ट किया।

भ्रमण में स्टुडेंट्स ने रेसलिंग एरीना, बास्केटबॉल कोर्ट और साइक्लिंग प्रशिक्षण क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं एवम् संरचित प्रशिक्षण सत्रों को नजदीक से देखा। सत्र में विद्यार्थियों को एक्सरसाइज फिजियोलॉजी विभाग का भी भ्रमण कराया गया, जहां वी2 मैक्स परीक्षण, सहनशक्ति मूल्यांकन एवं मेटाबोलिक मॉनिटरिंग जैसे आधुनिक प्रदर्शन मूल्यांकन उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इससे स्टुडेंटस को यह समझने में सहायता मिली कि किस प्रकार शारीरिक मानकों का आकलन और मॉनिटरिंग कर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाया जाता है तथा रिकवरी रणनीतियों को प्रभावी बनाया जाता है। भ्रमण का संयोजन फिजियोथैरेपी की फैकल्टी डॉ. हरीश शर्मा और डॉ. समर्पिता सेनापति ने किया।

March 19, 2026

भक्ति और उत्साह के साथ निकली भगवान परशुराम शोभायात्रा, क्षेत्र में उमड़ा जनसैलाब

भगवान परशुराम शोभायात्रा में शामिल जनप्रतिनिधि व आयोजक

हाथरस। क्षेत्र में भगवान परशुराम जी की भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ गुरुवार को बड़े ही विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा रामवीर उपाध्याय ने भगवान परशुराम जी की विधिवत आरती एवं पूजा-अर्चना कर किया। इस अवसर पर वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और चारों ओर जयकारों की गूंज सुनाई दी।
शोभायात्रा के शुभारंभ अवसर पर आयोजक समिति द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय पूनम पांडे विनोद उपाध्याय और भाजपा नेता चिराग़ उपाध्याय का 51 किलो की भव्य फूलमाला पहनाकर, पटका ओढ़ाकर तथा भगवान परशुराम का प्रतीक फरसा भेंट कर जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों और जयकारों के साथ उनका अभिनंदन किया।
शोभायात्रा में विभिन्न झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें भगवान परशुराम के जीवन प्रसंगों को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया। बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
मेला अध्यक्ष योगा पण्डित ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार जताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के भव्य आयोजन करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से राम शर्मा, गिरीश पचौरी, के.के. दीक्षित, धीरज पांडे, शैलू शर्मा पहलवान, अधीर पचौरी, दिनेश लवानिया, मुकेश दीक्षित, मदन शर्मा, सुधीर पचौरी, सोनू पचौरी, रामनिवास शर्मा (प्रधान), आशीष दीक्षित, संतोष उपाध्याय, विशाल शर्मा, रामेश्वर सारस्वत, रघुवर दयाल शर्मा, सुरेश शर्मा, शोभित उपाध्याय, प्रदीप शर्मा, पवन शर्मा (मास्टर), मनोज श्रोती, राकेश शर्मा, प्रवीण कौशिक, विकास शर्मा, कन्हैया कौशल, बोली पचौरी, रणवीर पाठक, सचिन पाठक, शिवकुमार शर्मा, पवन पाठक, राजवीर (मुखिया), कमल पालीवाल, श्याम अग्निहोत्री (पूर्व प्रधान), अनी पंडित, संजय शर्मा, निशांत उपाध्याय, अमित अग्निहोत्री, गोपाल अग्निहोत्री, पुनीत अग्निहोत्री, रॉकी कौशिक, देवा पंडित, पंकज शर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजक समिति की अहम भूमिका रही, जिनके प्रयासों से यह आयोजन भव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए

March 18, 2026

मुख्यमंत्री ने नवरात्र मेला व्यवस्थाओं की समीक्षा की

मिर्जापुर 17 मार्च, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ चैत्र नवरात्रि मेले की तैयारियों तथा जनपद के विकास कार्यां की समीक्षा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि व रामनवमी पर्व पर सभी मन्दिरों में श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था की जाए। मेला क्षेत्र में सामान्य नागरिकों के साथ ही महिलाआें की सुरक्षा के बेहतर प्रबन्ध किए जाएं। सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगवाए जाएं। पुलिस कर्मियों द्वारा श्रद्धालुआें के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए।
मुख्यमंत्री CM Yogi Adityanath ने कहा कि यात्रियां की सुविधा के दृष्टिगत मन्दिरों, घाटों एवं सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। गर्मी के दृष्टिगत शुद्ध पेयजल और आवश्यकतानुसार मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जाए। स्नान घाटों पर पर्याप्त बैरीकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। मेला क्षेत्र सहित सम्पूर्ण मीरजापुर नगर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाया जाए। मन्दिर मार्गां की मरम्मत आदि सभी कार्य ससमय पूर्ण कराए जाएं। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाए। दुकानों में श्रद्धालुआें के सामान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गंगा किनारे एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0, गोताखोर व जल पुलिस की तैनाती की जाए। नाविकों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करायी जाए। सुरक्षा कार्यां में स्वंयसेवी संगठनों एवं सिविल डिफेन्स के सदस्यों का सहयोग लिया जाए। वाहन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। पार्किंग चिन्हित करते समय ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालुओं को अधिक दूरी तक पैदल न चलना पड़े। पार्किंग स्थल पर वाहनों की सुरक्षा के साथ शौचालय व पेयजल की व्यवस्था भी रहे। सभी ई-रिक्शा व आटो का सत्यापन कराते हुए यथासम्भव उनके चालकों को आई0डी0 कार्ड जारी किये जाएं। बस स्टेशनां, रेलवे स्टेशनों, रैन बसेरां व प्रमुख स्थानों पर जन सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य शिविरां में चिकित्सकों, दवाईयों, एम्बुलेंस आदि की समुचित व्यवस्था रहे।
मुख्यमंत्री जी ने विकास कार्यां की समीक्षा के दौरान कहा कि विकास योजनाओं एवं निमार्णाधीन परियोजनाओं हेतु प्राप्त धनराशि का समय से सदुपयोग करते हुए कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं तय समय में पूरे कराए जाएं। लम्बित राजस्व वादों का निस्तारण प्राथमिकता पर कराया जाए। फार्मर रजिस्ट्री को शत प्रतिशत पूर्ण करने के साथ चकबन्दी के कार्य में समय-सीमा तय करते हुए कार्यां को निस्तारित किया जाए तथा कार्य में अनावश्यक विलम्ब करने वाले कार्मिकों की जबावदेही भी तय की जाए। निराश्रित गौ आश्रय स्थलों में सभी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संचालित हों।
मुख्यमंत्री जी ने जल जीवन मिशन ग्रामीण व शहरी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्तिम घर तक जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। मरम्मत कार्य हेतु प्लम्बरों को प्रशिक्षित भी कराएं। परियोजना हैण्डओवर के समय से 10 वर्ष तक ठेकेदारों के द्वारा मरम्मत के लिए एग्रीमेंट किया गया है, यदि किसी के द्वारा लापरवाही बरती जाती है, तो कार्यवाही सुनिश्चित करें। पेयजल योजनाआें के सत्यापन के लिए सम्बन्धित अधिकारी अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के साथ जाकर कार्यां का सत्यापन करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारीगण जनप्रतिनिधियों एवं उद्यमियों के साथ नियमित संवाद करें तथा समस्याओं का निराकरण करें। इससे स्थानीय स्तर पर बहुत सी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। एन0आर0एल0एम0 द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय करते हुए उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए। जनपद में आने वाले निवेशकों के लिए समय से भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उद्यम स्थापित होने से युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक जनपद में 100 एकड़ भूमि में सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेण्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन स्थापित किये जाने हैं। इसके लिए जिलाधिकारी भूमि चिहिन्त कर शासन को अवगत कराएं। इन जोन की स्थापना से युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि गौ-तस्करी व गौकशी करने वालों पर प्रभावी कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने जनपद भ्रमण के दौरान आदि शक्ति माँ विन्ध्यवासिनी देवी मन्दिर में दर्शन पूजन किया और सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। तत्पश्चात उन्होंने माँ विन्ध्यवासिनी कॉरिडोर का अवलोकन और स्टालों का निरीक्षण भी किया।

सीएम ने बांटे तीर्थ यात्रियों को एक एक लाख के चेक

लखनऊ 17 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पूरी तरह संवेदनशील व प्रतिबद्ध है। श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा प्राचीन काल से ही भारतीय सनातन धर्म की परम्परा, समाज तथा राष्ट्र की एकता व एकात्मता को सशक्त रूप से जोड़ने का माध्यम रही है। सुखद संयोग है कि ऋषि-मुनियों ने जिस भाव के साथ हमें जोड़ने का कार्य किया, आज हम सभी उसे बनाये रखने के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री यहां लोक भवन सभागार में श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को अनुदान राशि वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं को एक एक लाख रुपये की अनुदान राशि के प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 555 तीर्थ यात्रियों को एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति यात्रा अनुदान राशि प्रदान की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले तीर्थाटन जीवन का हिस्सा माना जाता था। लोग अपनी सामान्य दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर यात्रा पर निकलते थे। लोगों के पास संग्रह की वृत्ति नहीं थी, बल्कि अपनी मेहनत व पुरूषार्थ से जो कुछ अर्जित करते थे, उससे किसी न किसी धार्मिक यात्रा पर निकलकर जरूरतमन्दों की सहायता करते थे। उस यात्रा के माध्यम से पुण्य के भागीदार बनने के साथ समाज को जोड़ने, समझने का कार्य करते थे। यह भाव आदिकाल से बना हुआ है। जब आदि शंकर ने केरल से निकलकर देश के चारों कोनों में चार पीठों की स्थापना की थी, तब देश में कोई सरकार नहीं थी। राजा-रजवाड़ों का शासन था। राजनीतिक इकाईयां अलग-अलग थीं, लेकिन सांस्कृतिक रूप से सम्पूर्ण भारत एक था। आज भी वह भाव प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी के मन में रहता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रद्धालुओं ने श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा की कठिनाईयों, चुनौतियों और आपदाओं का मुकाबला करते हुए गत वर्ष इस यात्रा को सकुशल पूर्ण किया।  प्रदेश के श्रद्धालुजनों को कोई समस्या न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का निर्माण कराया है, जो निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हुआ। विदेश मंत्रालय की औपचारिकताएं पूर्ण करने के दौरान यह भवन श्रद्धालुओं के ठहराव का प्रथम पड़ाव होता है। शेष समय इस यात्रा भवन का उपयोग अन्य धार्मिक यात्रा से सम्बन्धित श्रद्धालुओं के लिए भी सुनिश्चित किया जाए। कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन के उपयोग के साथ-साथ इसका संरक्षण व बेहतर रख-रखाव भी किया जाए, क्योंकि अपनी परम्परा व धार्मिक स्थलों के प्रति यही हमारी कृतज्ञता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा में राज्य सरकार प्रदेश के अन्दर तथा भारत सरकार सम्पूर्ण भारत में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। लेकिन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दूसरे देशों से भी जुड़ना होता है और उनका व्यवहार जगजाहिर है। लेकिन उस असुविधा में भी हमारी आस्था भारी पड़ती है और लोग देवाधिदेव महादेव का दर्शन करते हैं। जब भाव होता है, तो व्यक्ति प्रत्येक कठिन चुनौती का सामना करते हुए भी मंजिल को प्राप्त कर लेता है। हमारी सरकार विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर आने वाले समय में गाजियाबाद में ही श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में और वृद्धि करने का प्रयास करेगी। पासपोर्ट कार्यालय जनपदों में बनाये जा रहे हैं। कई सुविधाएं ऑनलाईन उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन की मर्यादा को श्रद्धापूर्वक आगे बढ़ाने का दायित्व हम सबका होना चाहिए। धार्मिक यात्रा श्रद्धा भाव के साथ करनी चाहिए, पर्यटन व मनोरंजन गौण होना चाहिए। इससे हम धार्मिक स्थलों की पवित्रता, मर्यादा और गरिमा को बनाये रख सकेंगे। इन धार्मिक स्थलों की गरिमा के अनुरूप हमारा आचरण आगे आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करने में भी सहायक होगा। प्रदेश सरकार का प्रयास रहा है कि प्रत्येक तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं को आज के समय के अनुरूप अच्छी सुविधाएं प्राप्त हों। डबल इंजन सरकार का इस पर विशेष फोकस है।
वर्ष 2025 में प्रदेश में 164 करोड़ श्रद्धालु अलग-अलग धर्मस्थलों व तीर्थ स्थलों पर आए। इसमें 66 करोड़ श्रद्धालु केवल प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में ही आए थे। काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में प्रभु श्रीराम जन्मभूमि, मथुरा-वृन्दावन सहित अलग-अलग क्षेत्रों में करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यह चुनौती होने के साथ-साथ एक अवसर भी है। सरकार अपने स्तर पर आवागमन व जनसुविधाओं से सम्बन्धित अच्छी व्यवस्था देने का लगातार प्रयास कर रही है। पर्यटन क्षेत्र की सम्भावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन सम्भावनाओं के माध्यम से प्रदेश के विकास व रोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। प्रदेश सरकार ने विगत 09 वर्षों में लखनऊ, काशी, अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, माँ विन्ध्यवासिनी धाम, नैमिषारण्य, मथुरा-वृन्दावन, शुकतीर्थ, बौद्ध व जैन पर्यटन से सम्बन्धित केन्द्रों व अन्य तीर्थ स्थलों पर पर्यटकों के लिए अच्छी जनसुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इन सुविधाओं को और बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तराखण्ड में चार धाम हैं। इसके साथ देश में भी चार धाम हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उत्तर-दक्षिण को जोड़ने के अनेक प्रयास किये हैं। विगत 04-05 वर्षों से काशी में काशी-तमिल संगमम् का कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को जोड़ने का बेहतरीन माध्यम बना है। उत्तर प्रदेश में श्री काशी विश्वनाथ धाम है, तो तमिलनाडु में श्री रामेश्वरम धाम है। हमारा प्रयास होगा कि प्रदेश के श्रद्धालु काशी से गंगा जल लेकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर रामेश्वरम की यात्रा पर जाएं। इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा अनेक सुविधाएं दी जाती हैं। उत्तर-दक्षिण के जुड़ने से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सहायता प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग का प्रयास होना चाहिए कि श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा का सोशल, डिजिटल, विजुअल एवं प्रिण्ट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। यात्रा के समय हमारे पास एक ऐप हो। ऐसे नवाचारों से धार्मिक यात्राओं एवं प्रदेश के पर्यटन को एक नई पहचान प्राप्त होगी तथा अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने देश व प्रदेश के गौरव को लौटाया है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में सनातन संस्कृति को मजबूत किया है। उन्होंने एक शायर की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कि ‘काबिले तारीफ है अन्दाज़ एक-एक काम का, और गा रहा है गीत यू0पी0 योगी जी के नाम का’।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश के श्रद्धालु श्री कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति आभारी है। प्रदेश विरासत के सम्मान के साथ विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश की धार्मिक यात्रा वृत्तान्त पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
कार्यक्रम को कैलाश मानसरोवर सेवा समिति, लखनऊ के अध्यक्ष के0के0 सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर विधायक ओ0पी0 श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य  मुकेश शर्मा व रामचन्द्र प्रधान, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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