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पारदर्शी प्रक्रिया से 9 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी प्रदान की: योगी आदित्यनाथ

May 3, 2026

पारदर्शी प्रक्रिया से 9 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी प्रदान की: योगी आदित्यनाथ

Posted on 03.05.2026 Time 07.38 PM Sunday, Lucknow News, CM Yogi Adityanath News, New Appointment 

सीएम ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दन्त स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

लखनऊ : 03 मई, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि प्रदेश में अब तक निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गयी है। यह संख्या इस अवधि में देश के किसी भी राज्य द्वारा युवाओं को प्रदान की गयी नौकरियों से अधिक हैं।
मुख्यमंत्री आज यहां मिशन रोजगार के अन्तर्गत निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दन्त स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न कराने हेतु उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत एवं उनकी पूरी टीम की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार कर प्रदेश को बीमारू बना दिया था, जिससे अपेक्षित परिणाम प्राप्त न होने पर न केवल माँ-बाप, बल्कि नाते-रिश्तेदारों के सपने भी चकनाचूर हो जाते थे। यह प्रदेश भ्रष्टाचार, अराजकता तथा गुण्डागर्दी का पर्याय बन चुका था। यहाँ कोई भी व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करता था। परीक्षा कोई और देता था, जबकि नियुक्ति कोई अन्य व्यक्ति प्राप्त करता था। वर्ष 2017 से पूर्व चयन की प्रक्रिया में अत्यधिक भेदभाव के कारण युवा आत्महत्या करने को मजबूर थे। चयन प्रक्रिया में भेदभाव को रोकने के लिये न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत अब तक 02 लाख 20 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती सम्पन्न की जा चुकी है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में केवल 03 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था थी। प्रदेश सरकार द्वारा 60 हजार 244 पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रशिक्षण केन्द्रों में एक साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न कर, उन्हें 26 अप्रैल, 2026 को पासिंग आउट परेड की प्रक्रिया से जोड़कर फील्ड ड्यूटी में भेजा गया है। अकेले उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया सम्पन्न करेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग इस वर्ष लगभग 15 हजार युवाओं की भर्ती सम्पन्न करेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा वर्तमान में सब इन्सपेक्टर तथा होमगार्ड की भर्ती सम्पन्न हो चुकी है। इन दोनों भर्तियों को मिलाकर लगभग 45 हजार पद सम्मिलित हैं। लगभग इतने ही पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रदेश में सभी विभागों को मिलाकर डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न होनी है। भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिये प्रदेश सरकार ने सख्त कानून बनाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षों में प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा प्रतिव्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है, जबकि इसमें कोविड महामारी की अवधि भी सम्मिलित है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुयी है। राज्य में बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ एक्सप्रेस-वे, हाईवे तथा ग्रामीण सड़कों आदि का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश के लगभग प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज हैं। वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स लोगों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। लगातार सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल व नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण हो रहा है। पूर्व में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या कम थी तथा उनमें स्टाफ का भी अभाव था, जिसके परिणामस्वरूप पूरा सिस्टम बीमार था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के बारे में लोगों को जानकारी नहीं थी, जबकि यह बहुत महत्वपूर्ण विभाग है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का एक पक्ष दवा की गुणवत्ता से सम्बंधित है, जो यह देखता है कि जो दवा हम ले रहे हैं, वह मानक के अनुरूप है या नहीं। दूसरा पक्ष खाद्य सुरक्षा से सम्बन्धित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज औषधियों की जांच के लिए प्रत्येक मण्डल स्तर पर ‘ए-ग्रेड’ की एक-एक लैब है। ट्रेण्ड मैनपॉवर समय पर किसी नमूने के बारे में बता पाएगा कि नमूना सही है या गलत। गलत नमूना पाए जाने पर सजा का प्राविधान है। प्रदेश में आजादी के बाद से वर्ष 2017 तक मात्र पांच प्रयोगशालाएं बन पाई थीं, अब आवश्यक उपकरणों के साथ प्रदेश में 18 प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। पहले, मनुष्य के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता था। उसे पता नहीं होता था कि जो वह दवा खा रहा है वह सही है या गलत। पूर्व में इन प्रयोगशालाओं में 12000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे, जबकि आज 55000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जा सकते हैं। एनालिस्ट की संख्या अब तक मात्र 44 थी, 357 एनालिस्ट की भर्ती के उपरांत यह संख्या 401 हो गई है। इससे बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी हुई 06 प्रयोगशालाओं में अभी तक एनालिस्ट की संख्या 58 है। 417 पदों पर भर्ती के लिए आयोग को अधियाचन भेजा गया है। जल्द ही उनकी भर्ती की प्रक्रिया सम्पन्न होने जा रही है। खाद्य सुरक्षा के नमूनों की जांच के लिए प्रदेश में लैब्स संख्या बढ़कर 18 हो गई है। यहां अच्छे उपकरण उपलब्ध करवा दिए गए हैं। अब कोई जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाएगा। अब तक खाद्य सुरक्षा से संबंधित 36 हजार नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे। एनालिस्ट की भर्ती के उपरान्त प्रतिवर्ष 01 लाख 08 हजार नमूनों की जांच की जा सकेगी और जनता के लिए परोसी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। यह मार्केट से जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली सामग्री को हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग एम देवराज, सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ0 रोशन जैकब व नव चयनित अभ्यर्थी उपस्थित थे।