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Agra सरकारी अस्पताल में पहली बार ओपन हार्ट सर्जरी,13साल के बच्चे को मिली नई जिंदगी

April 4, 2026

Agra सरकारी अस्पताल में पहली बार ओपन हार्ट सर्जरी,13साल के बच्चे को मिली नई जिंदगी

Agra open heart surgery

आगरा के चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुई यह सर्जरी

आगरा। आगरा के चिकित्सा इतिहास में आज एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है, जिसने पूरे शहर को गर्व से भर दिया है। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा के सीटीवीएस विभाग ने पहली बार सफलतापूर्वक ओपन हार्ट सर्जरी कर एक 13 वर्षीय किशोर की जान बचा ली।

यह केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि आगरा के सरकारी चिकित्सा ढांचे की बड़ी छलांग है। अब तक जिस तरह की जटिल और हाई-रिस्क सर्जरी केवल बड़े मेट्रो शहरों या कॉर्पोरेट अस्पतालों में संभव मानी जाती थी, वह अब आगरा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में सफल होकर एक नई उम्मीद बन गई है।

—–बच्चे की जान पर था बड़ा खतरा

जानकारी के अनुसार, 13 वर्षीय किशोर एक बेहद गंभीर और जटिल बीमारी ‘कांस्ट्रिक्टिव पेरिकार्डिटिस’ (Constrictive Pericarditis) से पीड़ित था। इस बीमारी में हृदय के ऊपर मवाद की एक सख्त परत जम जाती है, जिससे दिल सामान्य रूप से फैल और सिकुड़ नहीं पाता। परिणामस्वरूप हृदय की पंपिंग क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो जाती है और मरीज की जान पर खतरा मंडराने लगता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति में सर्जरी बेहद जोखिमभरी होती है, क्योंकि धड़कते हुए दिल से उस जमी हुई कठोर परत को हटाना तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है। अगर थोड़ी भी चूक हो जाए तो स्थिति जानलेवा हो सकती है।

सीटीवीएस विभाग के प्रोफेसर एवं हेड डॉ. अतुल कुमार गुप्ता ने बताया कि यह ऑपरेशन मेडिकल दृष्टि से अत्यंत जटिल था। उन्होंने बताया कि इस तरह की सर्जरी में 50 प्रतिशत तक जान जाने का जोखिम बना रहता है। लेकिन एसएनएमसी की विशेषज्ञ टीम ने अद्भुत समन्वय, तकनीकी दक्षता और साहस का परिचय देते हुए इस ऑपरेशन को सफल बनाया।
यही वजह है कि इस उपलब्धि को आगरा के चिकित्सा क्षेत्र में ‘मील का पत्थर’ माना जा रहा है।

इस ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने सीटीवीएस विभाग की पूरी टीम को बधाई दी और इसे संस्थान के लिए क्रांतिकारी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि आज हमारे संस्थान ने वह मुकाम हासिल किया है, जो अब तक केवल बड़े मेट्रो शहरों के कॉर्पोरेट अस्पतालों तक सीमित था।

एक 13 साल के बच्चे की जान बचाना हमारे डॉक्टरों की काबिलियत, समर्पण और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा उद्देश्य एस.एन. मेडिकल कॉलेज को सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं का मजबूत केंद्र बनाना है, ताकि आगरा और आसपास के जिलों का कोई भी गरीब मरीज इलाज के अभाव में दिल्ली या जयपुर जाने को मजबूर न हो। प्रशासन की ओर से सीटीवीएस विभाग को अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हर संभव ‘अनकंडीशनल सपोर्ट’ मिलता रहेगा, ताकि भविष्य में ऐसे और भी जटिल ऑपरेशन यहां निरंतर सफल हो सकें। डॉ. प्रशांत गुप्ता का यह बयान साफ संकेत देता है कि एसएनएमसी अब केवल एक मेडिकल कॉलेज नहीं, बल्कि आगरा की नई सुपर-स्पेशलिटी उम्मीद बनकर उभर रहा है।

इस ऐतिहासिक सर्जरी को सफल बनाने में केवल एक डॉक्टर नहीं, बल्कि कई विशेषज्ञों की समर्पित टीम ने मिलकर काम किया। एनेस्थीसिया टीम के डॉ. दीपक, डॉ. मिहिर का सर्जरी के दौरान मरीज को सुरक्षित रखने और पूरी प्रक्रिया को स्थिर बनाए रखने में विशेष योगदान रहा। इस जटिल ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली टीम में डॉ. अतुल कुमार गुप्ता, डॉ. शिव, डॉ. शुभांशु, डॉ. सुलभ, डॉ. आरती, तकनीशियन सचिन, तकनीशियन मोनू, पोस्ट-ऑपरेटिव केयर टीम शामिल थे।

पहली बार सरकारी एसएन मेडिकल कॉलेज में इतनी जटिल हाई-रिस्क कार्डियक सर्जरी का सफल होना बड़ी बात है।यह सफलता बताती है कि अगर संसाधन, इच्छाशक्ति और विशेषज्ञता साथ हों, तो सरकारी अस्पताल भी चमत्कार कर सकते हैं।

—आगरा के चिकित्सा जगत में नई उम्मीद की किरण

एसएनएमसी की यह पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी सिर्फ एक मेडिकल उपलब्धि नहीं, बल्कि आगरा के लिए भरोसे, आत्मविश्वास और चिकित्सा आत्मनिर्भरता की शुरुआत है। यह सुविधा उन हजारों परिवारों के लिए आशा का संदेश है जो अब तक गंभीर हृदय रोग होने पर बड़े शहरों के चक्कर काटने को मजबूर थे। अब आगरा कह सकता है कि इलाज के बड़े सपने अब अपने शहर में भी पूरे होंगे।

April 3, 2026

मुरादाबादः भाजपा जिला कमेटी में जाट समाज का दबदबा, वैश्य उपेक्षित

भाजपाः लंबे इंतजार के बाद घोषित भाजपा की जिला कमेटी अब भी सवालों में

Post on 3.4.26
Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
लंबे इंतजार के बाद घोषित भाजपा की जिला कमेटी में जहां जाट समाज की चौधराहट रहीं वहीं वैश्य समुदाय को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया। बीस सदस्यीय कमेटी में एक चौथाई पदों पर जाट नेता हावी रहे। इनमें उपाध्यक्ष बने नेता पर सबसे ज्यादा उंगली उठी है। इसी तरह सूची में जिले की सूची में शहर में रह रहे लोगों को अहमियत मिली है।जिला कमेटी परिवारवाद से भी मुक्त नहीं हो पाई। निगम में महिला पार्षद के पति को भी जिला कमेटी में जगह मिली है। उनके नाम को लेकर भी पहले विरोध हुआ था। भाजपा विधायक ने एक परिवार से दो लोगों को लेकर एतराज जताया था।

मुरादाबाद में भाजपा की महानगर के साथ ही जिला कमेटी की घोषणा होनी थी।तब महानगर कमेटी का ऐलान हो गया। लेकिन जिला कमेटी घोषणा से पहले ही वायरल होने से सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया।वायरल सूची में कई नामों पर आपत्ति जताई गई। पार्टी में
संगठन नेताओं की चर्चाओं में सवाल उठे तो प्रदेश नेताओं ने पार्टी में विरोध को देखते हुए जिला कमेटी की घोषणा को रोक दिया। हिन्दू नववर्ष के दौरान रुका भाजपा जिला कमेटी की घोषणा पन्द्रह दिन बाद अब हो सकीं। लेकिन लंबे इंतजार के बाद जिला कमेटी फिर से विवादों में है।
पार्टी हल्कों में कहा जा रहा है कि जिला कमेटी में जाट नेताओं का दबदबा है। 20 की जिला कमेटी में महिला समेत पांच जाट नेताओं को उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री का पद देकर शामिल किया गया है। जिला कमेटी में परिवार वाद भी है। जबकि जिले के मुकाबले शहरी नेताओं को तरजीह मिली है। कई नाम ऐसे है कि शहर में रहने के बावजूद जिले में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ा बताकर संगठन में पद सौंप दिया गया।एक पूर्व विधायक के पुत्र के अलावा कुछ समय पहले अपराधिक मामलों में चर्चित नेता और पार्षद के पति भी कमेटी में जगह बनाकर नेताओं पर पकड़ बनाने का संदेश दे दिया। पर सबसे ज्यादा जिला कमेटी में किसी वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व न मिलना भी चौंकाने वाला है।

April 2, 2026

मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग की समीक्षा की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्रवेश द्वार को लेकर समीक्षा बैठक
लखनऊ: 01 अप्रैल, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कृषि विभाग के कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में यथाशीघ्र विशेष शिविर आयोजित कर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान इस व्यवस्था से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार फार्मर रजिस्ट्री को कृषि क्षेत्र में एकीकृत लाभ वितरण प्रणाली के रूप में विकसित कर रही है। इसके अन्तर्गत कृषि विभाग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसान को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही पहचान के आधार पर सरल और व्यवस्थित तरीके से प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं में यदि लाभार्थियों के नाम या अभिलेखों में कोई त्रुटि अथवा विसंगति है, तो उसे आधार से लिंक कर प्राथमिकता के आधार पर संशोधित किया जाए। प्रत्येक पात्र किसान का किसान पहचान पत्र बनवाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजनाओं के लाभ वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए और पात्रता का सत्यापन सुगम हो सके।
कृषि विभाग अपनी सभी योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था निर्धारित समयसीमा में तैयार करे और विभागीय पोर्टल को 01 मई, 2026 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाए। इसके माध्यम से लाभार्थियों के चयन और लाभ वितरण की प्रक्रिया को डिजिटल एवं एकीकृत रूप में संचालित किया जा सकेगा। उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं लघु सिंचाई जैसे सहयोगी विभाग भी अपनी योजनाओं में किसान पहचान पत्र के उपयोग के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित करें और 31 मई, 2026 तक आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लें, ताकि सभी विभागों में एक समान व्यवस्था लागू हो सके।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक जटिलताएं समाप्त होंगी। इससे संसाधनों का लक्षित उपयोग सम्भव होगा तथा विशेष परिस्थितियों में आवश्यक कृषि इनपुट का वितरण अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। इस व्यवस्था के लागू होने से योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से किसानों तक पहुंचेगा और एक ही लाभार्थी को बार-बार लाभ मिलने की स्थिति की समीक्षा भी सहज रूप से की जा सकेगी। मुख्यमंत्री जी ने सभी सम्बन्धित विभागों को निर्देशित किया कि इस कार्य को गम्भीरता से लेते हुए समयसीमा के भीतर पूर्ण करें और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

जरूरतमंद को घर और बीमार के इलाज की होगी पूरी व्यवस्था : मुख्यमंत्री

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
02/04/2026

*मुख्यमंत्री जनता दर्शन : गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने की लोगों से मुलाकात*

*लगभग 100 लोगों की समस्याएं सुनकर दिया भरोसा, हर समस्या का कराएंगे सन्तुष्टिपरक निस्तारण*

गोरखपुर, 2 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मिलकर कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आवास के लिए जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है।

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग 100 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगो तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और उनके प्रार्थना पत्र लिए साथ ही निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने पुलिस से जुड़े मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनता दर्शन में एक महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की आवास योजना के तहत आवास मिलेगा । गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद मांगने वाले लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को आदेश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ आए बच्चों को चॉकलेट देकर सीएम योगी ने उन्हें खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

March 30, 2026

वृंदावन में यमुना को निखारने की तैयारी, केसी घाट से देवरहा बाबा घाट तक होगा ट्रायल

ब्रज तीर्थ विकास परिषद में वैज्ञानिक उपायों पर मंथन, प्रदूषण नियंत्रण और जलमार्ग विकास पर चर्चा
मथुरा। वृंदावन में यमुना नदी को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। देवरहा बाबा घाट से केसी घाट तक यमुना के दोनों किनारो पर जियोलॉजिकल मैपिंग होगी। इसके आधार पर  यमुना जल को प्रदूषण मुक्त करने सहित जल मार्ग विकसित करने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा सकेगा।
सोमवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद सभागार में परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र  की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्लोबल विकास ट्रस्ट के संस्थापक मयंक गांधी ने जल की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवश्यक वैज्ञानिक आंकड़े एकत्रित करने की योजना प्रस्तुत की। इसमें यमुना की वर्तमान स्थिति, सिल्ट, जल प्रवाह और प्रदूषण नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। परिषद के उपाध्यक्ष  शैलजा कान्त मिश्र ने प्रथम चरण में केसी घाट से देवरहा बाबा घाट तक ट्रायल प्रोजेक्ट के रूप में वैज्ञानिक अध्ययन का कार्य शुरू करने को कहा। तय किया गया कि चयनित क्षेत्र में पहले वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा, जिसके आधार पर कार्ययोजना लागू की जाएगी। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सिचाई सहित संबंधित विभागों को आवश्यक सहयोग और समन्वय के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष/ उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी एन, रविंद्र चामड़िया,  उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के एसीईओ मदन चंद दुबे, पर्यावरण विशेषज्ञ मुकेश शर्मा, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र,
उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य अभियंता जलकल तथा सिंचाई विभाग के अभियंता उपस्थित रहे।
राल गौशाला में विकसित होगा जैविक मॉडल, किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद सभागार में बैठक के दौरान गोवंश आधारित जैविक मॉडल पर भी चर्चा हुई। गोमूत्र और गोबर को वैज्ञानिक तरीके से कृषि, वानिकी और ऑर्गेनिक खेती में अधिक उपयोगी बनाने की योजना पर सहमति बनी। इसके लिए राल स्थित देवरहा बाबा गौशाला में एक मॉडल विकसित किया जाएगा। यह कार्य भी ग्लोवल विकास ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। इस मॉडल को बाद में जिले की अन्य गौशालाओं में भी लागू किया जाएगा। साथ ही, 50 किसानों को प्रशिक्षण के लिए मई माह में अहमदाबाद स्थित ट्रस्ट मुख्यालय भेजा जाएगा।
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