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मेधावी छात्र पुरस्कृत, संस्कृति ज्ञान परीक्षा पुस्तकों का हुआ विमोचन

August 20, 2026

मेधावी छात्र पुरस्कृत, संस्कृति ज्ञान परीक्षा पुस्तकों का हुआ विमोचन

सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर में मासिक परीक्षा परिणाम घोषित

लखीमपुर खीरी। विद्याभारती से संबद्ध स्थानीय सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर, मिश्राना में गुरुवार (20 अगस्त 2026) को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वर्तमान सत्र की द्वितीय मासिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया और साथ ही संस्कृति ज्ञान परीक्षा की पुस्तकों का विमोचन भी संपन्न हुआ।दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ,कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन एवं वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक रवि भूषण साहनी, कोषाध्यक्ष माननीय अमित गुप्ता एवं प्रधानाचार्या श्रीमती हीरा सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों का परिचय और स्वागत करने के साथ ही प्रधानाचार्या ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।90 मेधावी भैया-बहन हुए पुरस्कृत,विद्यालय के परीक्षा प्रमुख चन्द्रपाल ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा परिणाम की घोषणा की। इसके बाद उप प्रधानाचार्य ज्ञानेन्द्र कुमार वाजपेयी की देखरेख में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। परीक्षा में कुल 14 वर्गों से प्रथम पांच स्थान प्राप्त करने वाले 90 मेधावी भैया-बहनों को मंच पर मुख्य अतिथियों द्वारा पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया गया।संस्कृति ज्ञान परीक्षा पुस्तक विमोचन और आगामी अभियानसमारोह के दूसरे चरण में ‘संस्कृति ज्ञान परीक्षा’ की पुस्तकों का विमोचन किया गया। यह परीक्षा कक्षा तीन से द्वादश (12वीं) तक के छात्रों के साथ-साथ आचार्यों और अभिभावकों के लिए भी आयोजित की जाती है, जिसमें क्रमशः प्रवेशिका, मध्यमा, उत्तमा एवं प्रज्ञा स्तर की परीक्षाएं शामिल हैं।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस विमोचन के साथ ही अब एक विशेष अभियान की शुरुआत हो रही है। अगले 15 दिनों तक नगर के विभिन्न विद्यालयों को इस संस्कृति ज्ञान परीक्षा से जोड़ने के लिए व्यापक संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस गौरवपूर्ण और हर्षोल्लास के अवसर पर विद्यालय का समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा और सभी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Lucknow Breaking युवक ने बैंक मैनेजर पत्नी और अपनी सगी बहन की हत्या कर आत्महत्या कर ली

Posted on 20.08.2026 Time 03.38 PM, Lucknow News, UP News, ICICI Bank

लखनऊ, 20 अगस्त 2026 (उप्र समाचार सेवा)। राजधानी में आज दोपहर एक युवक ने बैंक मैनेजर पत्नी और अपनी सगी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद पिस्तौल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गोमती नगर के विनीत खंड स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा के बाहर युवक मानस वाजपेई ने अपनी पत्नी बैंक मैनेजर दिव्या मिश्रा को गोली मार दी। इसके बाद वह अपने हुसडिया चौराहा स्थित किराए के मकान पर पहुंचा और अपनी सगी बहन को गोली मार दी। फिर कमरा बंद करके खुद को गोली मारकर आत्म हत्या कर ली।

मृतक ने पत्नी और बहन की हत्या से पहले अपने व्हाट्सएप पर स्टेटस लगा कर पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया। पुलिस ने तीनों शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि पति पत्नी के बीच कुछ महीनों से विवाद चल रहा था।

August 19, 2026

चिंतापुर में बनेगा आधुनिक वृद्धाश्रम और अनाथालय, बुजुर्गों को मिलेगा बच्चों का सानिध्य

-मानव कल्याण सामाजिक संस्था के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय जानकारी देते हुए

हाथरस। मानव कल्याण सामाजिक संस्था की ओर से ग्राम चिंतापुर में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक वृद्धाश्रम एवं अनाथालय का निर्माण कराया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य बेसहारा बुजुर्गों और अनाथ बच्चों को एक ही परिसर में परिवार जैसा आत्मीय वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां बुजुर्गों को बच्चों का स्नेह और बच्चों को बुजुर्गों का मार्गदर्शन व वात्सल्य मिल सके।संस्था के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय एवं मुख्य संरक्षक वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश बल्लभ ने बताया कि आश्रम का निर्माण आधुनिक तकनीक और आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था दोनों पीढ़ियों के बीच भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने के उद्देश्य से इस परियोजना को आकार दे रही है।आश्रम परिसर में मंदिर एवं सत्संग भवन के साथ पर्याप्त हरियाली विकसित की जाएगी। बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए योग एवं फिटनेस सेंटर तथा आयुर्वेदिक चिकित्सा की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। परिसर में बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए समुचित प्रबंध किए जाएंगे।संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार आश्रम को आत्मनिर्भर बनाने और वहां रहने वाले लोगों को स्वावलंबी बनाने के लिए लघु कुटीर उद्योग भी स्थापित किए जाएंगे। संस्था का प्रयास है कि बुजुर्गों और बच्चों को केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक माहौल उपलब्ध कराया जाए।इस संबंध में जिला अध्यक्ष नारायण लाल, जिला महामंत्री कन्हैया वार्ष्णेय, जिला कोषाध्यक्ष लोकेश अग्रवाल, महिला जिला अध्यक्ष प्रगति वार्ष्णेय, महिला जिला कोषाध्यक्ष वर्षा वार्ष्णेय, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र वार्ष्णेय, नगर अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, नगर महामंत्री कृष्णगोपाल, नगर कोषाध्यक्ष पुनीत पोद्दार तथा युवा नगर अध्यक्ष कृष्णा शर्मा ने परियोजना की जानकारी दी। संस्था ने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से इस सामाजिक एवं सेवा कार्य में सहयोग और सहभागिता की अपील की है।

15 हजार का इनामी बदमाश लादेन पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

Posted on 19/08/2026
Time 12:15 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । खजनी थाना पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम की संयुक्त कार्रवाई में बुधवार को ₹15 हजार के इनामी वांछित अभियुक्त जितेन्द्र पासवान उर्फ लादेन को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और दोपहिया वाहन बरामद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खजनी थाने से वांछित जितेन्द्र पासवान बाघागाड़ा की तरफ से जरलही पुल होते हुए उनवल की ओर आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जरलही पुल के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की।

इसी दौरान पुलिस को देखकर आरोपी ने मोटरसाइकिल मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर गिर गया। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए ललकारा, जिस पर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी। घायल आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए पीएचसी बांसगांव भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर खजनी थाने में मु0अ0सं0 266/2026, धारा 109(1), 317(2) बीएनएस तथा 3/25/27 आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ गोरखपुर के विभिन्न थानों में लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी खजनी थाने में दर्ज मु0अ0सं0 363/2025 धारा 308(5) बीएनएस में वांछित था।

पुलिस ने इसके पास से एक अवैध तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस .315 बोर, एक खोखा कारतूस .315 बोर और एक दोपहिया वाहन बरामद किया है।

August 18, 2026

लालबाग में शहीदों को नमन लेकिन उनके गांव आज भी इंतजार में।

18 अगस्त 1942 के छः अमर शहीदों की स्मृति में गांवों का नामकरण स्मृति पार्क व स्तंभ बनवाने की मांग आजाद अधिकार सेना ने मुख्यमंत्री समेत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भेजा पत्र।
सीतापुर। 18 अगस्त 1942 का दिन सीतापुर के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन लालबाग में अंग्रेजी हुकूमत द्वारा की गई गोलीबारी में छह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इन अमर शहीदों की स्मृति में लालबाग पार्क में स्मृति स्तंभ स्थापित हैं जहां प्रत्येक वर्ष उनकी शहादत को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
पूर्व एमएलसी हरीश बाजपेई द्वारा पिछले कई वर्षों से स्वतंत्रता संग्राम स्मृति संस्थान के बैनर तले 18 अगस्त को शहीद स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर शहीद स्मृति स्तंभों को तिरंगे से सजाया जाता है ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान होता है। इसके बाद हिन्दी संस्थान में कार्यक्रम आयोजित कर स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति के गीत प्रस्तुत किए जाते हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया जाता है।
सवाल गांवों में शहीदों की स्मृति का
वहीं आजाद अधिकार सेना सीतापुर का कहना है कि जिला मुख्यालय पर हर वर्ष कार्यक्रम आयोजित होना सराहनीय है लेकिन जिन गांवों से इन छः अमर शहीदों का संबंध रहा वहां उनकी स्मृति को स्थायी रूप से सुरक्षित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन का कहना है कि गांवों में शहीदों के नाम पर स्मारक नहीं होने तथा उनके बलिदान की जानकारी नई पीढ़ी तक नहीं पहुंचने से युवा अपने ही गांव के गौरवशाली इतिहास को भूलते जा रहे हैं।
इसी मांग को लेकर आजाद अधिकार सेना सीतापुर की ओर से पूर्व में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया था। संगठन ने मांग की थी कि छह अमर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संबंधित गांवों में ग्राम समाज की उपलब्ध भूमि पर उनके नाम से शहीद स्मृति पार्क एवं स्थायी स्मृति स्तंभ बनवाए जाएं।
शहीदों के गांवों का नाम उनके नाम पर करने की मांग
आजाद अधिकार सेना ने अब इस मांग को और व्यापक करते हुए मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि 18 अगस्त 1942 के लालबाग गोलीकांड में शहीद हुए छह अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संबंधित गांवों का नाम उनके नाम पर किया जाए। प्रत्येक गांव में ग्राम समाज की उपयुक्त भूमि पर उनके नाम से पार्क विकसित कर वहां शहीद की फोटो एवं नाम सहित स्मृति स्तंभ स्थापित कराया जाए तथा स्तंभ पर उनके स्वतंत्रता संग्राम और बलिदान का संक्षिप्त इतिहास अंकित किया जाए।
संगठन ने यह भी मांग की है कि प्रत्येक वर्ष 18 अगस्त को इन स्मारक स्थलों पर सरकारी स्तर पर श्रद्धांजलि एवं राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गांव के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से परिचित हो सकें।
मुख्यमंत्री से समयबद्ध कार्रवाई की मांग
आजाद अधिकार सेना का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय को पूर्व में ज्ञापन दिए जाने के बावजूद अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रकरण को जनहित एवं राष्ट्रहित में प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएं।
संगठन का कहना है कि जिन वीरों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, उनकी स्मृति को सुरक्षित रखना केवल उनके परिवार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सरकार और पूरे समाज का राष्ट्रीय दायित्व है। शहीदों के गांवों का नाम उनके नाम पर करना तथा वहां स्मृति पार्क और स्तंभ स्थापित करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को भी भेजी प्रतिलिपि
इस मांग से संबंधित पत्र की प्रतिलिपि माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री भारत सरकार गृहमंत्री भारत सरकार राष्ट्रपति महोदया भारत सरकार तथा जिलाधिकारी सीतापुर को भी भेजी गई है। संगठन ने सभी से प्रकरण का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
आजाद अधिकार सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति से जुड़े विषय पर भी सरकार गंभीरता से कार्रवाई नहीं करती तो आम जनता के हितों से जुड़े मामलों में शासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसको लेकर शहीद परिवारों एवं संगठन के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है।
संगठन ने स्पष्ट कहा है कि शहीदों का सम्मान केवल एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने का राष्ट्रीय संकल्प होना चाहिए।

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