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टीईटी के विरोध में मथुरा में शिक्षकों का विशाल मशाल जुलूस

April 15, 2026

टीईटी के विरोध में मथुरा में शिक्षकों का विशाल मशाल जुलूस

Posted on 15.04.2026, Time 07.02 PM Wednesday, Mathura Vrandavan News
मथुरा। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) लागू करने के विरोध में मथुरा में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ इकाई के बैनर तले हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विशाल मशाल जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। जुलूस टैंक चौराहे से शुरू होकर विकास बाजार स्थित गांधी मूर्ति तक पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।
जुलूस में प्राथमिक, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। हाथों में मशाल लिए प्रदर्शनकारियों ने टीईटी विरोधी नारे लगाए और सरकार के फैसले को शिक्षकों के अधिकारों के खिलाफ बताया।
सभा को संबोधित करते हुए महासंघ के जिला संरक्षक योगराज चाहर, प्रांतीय संयुक्त मंत्री टीएससीटी एवं शैलेंद्र यादव ने कहा कि टीईटी लागू करना शिक्षकों के अधिकारों का हनन है। अटेवा की जिलाध्यक्ष प्रदीपिका फौजदार और चेतना सीमा सारस्वत ने कहा कि इस निर्णय से महिला शिक्षकों सहित सभी वर्ग प्रभावित होंगे।
वक्ताओं में मुनीश चौधरी, राजेंद्र चौधरी और गोविंद सिंह चौहान ने इसे शिक्षकों की अस्मिता और भविष्य की लड़ाई बताया। एससी/एसटी बेसिक शिक्षक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक प्रिय और सुरेशचंद ने कहा कि यह निर्णय कमजोर वर्ग के युवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
नरेंद्र चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर किसान और शिक्षक एकजुट हैं। मीडिया प्रभारी मनीष दयाल ने इसे शिक्षकों पर जबरन थोपा गया अन्यायपूर्ण निर्णय बताया।
हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने थामी मशाल, टीईटी से मुक्ति की मांग
मथुरा में आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग को लेकर भी व्यापक प्रदर्शन किया गया। महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज से होलीगेट तक मशाल जुलूस निकाला गया।
इस दौरान जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, महिला शिक्षक मोर्चा, एससी/एसटी बेसिक शिक्षक महासभा, उर्दू बीटीसी शिक्षक संघ, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) सहित कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. अजयकृष्ण सारस्वत और जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र सारस्वत ने टीईटी अनिवार्यता को असंवैधानिक और गैर-मानवीय बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक इस कानून को निरस्त कराकर ही दम लेंगे।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अतुल सारस्वत और विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रविन्द्र चौधरी ने कहा कि शिक्षकों की एकता के आगे सरकार को झुकना पड़ेगा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लोकेश गोस्वामी ने सभी प्रदर्शनकारियों का आभार जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं और एक स्वर में सरकार से टीईटी लागू करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की।

आगरा-ग्वालियर रोड पर एक्सीडेंटः कंटेनर ने मजदूर को रौंदा

लगाए जान से हाईवे पर दो घंटे ठप रहा ट्रैफिक

आगरा। आगरा-ग्वालियर हाईवे पर मलपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। मजदूरी के लिए साइकिल से जा रहे 35 वर्षीय बंटू की अनियंत्रित कंटेनर से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर कई-कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यात्री घंटों तक परेशान रहे।

मृतक की पहचान बंटू पुत्र गिरिराज (35 वर्ष), निवासी ग्राम हुलसपुरा, थाना सैंया के रूप में हुई है। बताया गया कि बंटू रोज की तरह साइकिल से मजदूरी करने जा रहा था। तभी बाद गांव के पास स्थित रेलवे ओवरब्रिज के नजदीक तेज रफ्तार और अनियंत्रित कंटेनर ने उसे रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बंटू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे की खबर फैलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक के गांव हुलसपुरा से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने तुरंत हाईवे पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखते ही देखते आगरा और ग्वालियर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

लोगों का कहना था कि इस हाईवे पर बेलगाम रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

करीब दो घंटे तक चले इस जाम के दौरान एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन भी फंसे रहे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने लोगों को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही उचित कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया।

Gorakhpur लिव इन में रह रही युवती की हत्या कर प्रेमी फरार, बंद दुकान से शव बरामद

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
15/04/2026, UP News

Gorakhpur, 15 April 2026 (UP News Service) A heart-wrenching news has come out from the Cantt police station area. The body of a 25-year-old woman was found under suspicious circumstances in a shop in Maharana Pratap Building on Zilla Panchayat Road. The deceased has been identified as Gangotri Yadav, who was living in a live-in relationship with a youth for the last 8 years.

गोरखपुर, 15 अप्रैल 2026 (उप्र समाचार सेवा) कैंट थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिला पंचायत रोड स्थित महाराणा प्रताप बिल्डिंग की एक दुकान में 25 वर्षीय युवती का शव संदिग्ध हालात में बरामद हुआ है। मृतका की पहचान गंगोत्री यादव के रूप में हुई है, जो पिछले 8 सालों से एक युवक के साथ लिव-इन में रह रही थी।

महाराणा प्रताप बिल्डिंग में स्थित फ्लैक्स की दुकान पिछले तीन दिनों से बंद थी। गंगोत्री के परिजनों का कहना है कि तीन दिनों से उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। जब कोई संपर्क नहीं हुआ, तो परेशान परिजन महाराजगंज से गोरखपुर पहुंचे। पहले वे किराए के कमरे पर गए, लेकिन वहां ताला लटका मिला। इसके बाद जब वे दुकान पर पहुंचे, तो वहां से तेज दुर्गंध आ रही थी।
परिजनों की सूचना पर पहुंची कैंट पुलिस ने जब दुकान का शटर खुलवाया, तो अंदर गंगोत्री का शव पड़ा मिला। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत दो-तीन दिन पहले ही हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतका के भाई ने गंगोत्री के साथ रहने वाले अनिल गुप्ता पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद से ही अनिल का फोन बंद है और वह फरार है। स्थानीय दुकानदारों ने भी पुष्टि की है कि दुकान पिछले तीन दिनों से नहीं खुली थी।
फिलहाल पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है। आखिर उस बंद दुकान के भीतर क्या हुआ? क्या अनिल गुप्ता ने ही गंगोत्री की जान ली या कहानी कुछ और है? पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ किया गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
15/04/2026, Gorakhpur News

मंदिर परिसर का भ्रमण कराकर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एन. चंद्रशेखरन को दी नाथपंथ और इसके महान संतों के बारे में विस्तार से जानकारी

After visiting the temple complex, Gorakshapithadhishwar and Chief Minister Yogi Adityanath gave a detailed account of Nathpanth and its great saints to N. Chandrasekaran

गोरखपुर, 15 अप्रैल (उप्र समाचार सेवा) टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गुरु गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर आगमन पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्शन-पूजन कराने के बाद उन्हें मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और नाथपंथ तथा इसके महान संतो के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में स्थापित पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने गोरखपुर आए टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन बुधवार दोपहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से पूजन किया। मंदिर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने उन्हें शिवगोरक्ष नामाकृत अंगवस्त्र और मंदिर का प्रसाद भेंट किया।

गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नाथपंथ के इतिहास, विस्तार-प्रसार, इस पंथ के प्रवर्तक महायोगी गुरु गोरखनाथ के जीवन दर्शन और नाथपंथ के प्रसिद्ध संतों के बारे में बताया। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद एन. चंद्रशेखरन गोरक्षपीठ की तरफ से आयोजित दोपहर भोज में भी शामिल हुए।

April 14, 2026

बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी का पूरा जीवन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए समर्पित था

लखनऊ : 14 अप्रैल, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज पूरा देश भारत माता के महान सपूत बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी का स्मरण कर रहा है। उनका पूरा जीवन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने तथा वंचितों, शोषितों, गरीबों व महिलाओं को न्याय प्रदान करने के लिए समर्पित था। आज देश बाबा साहब के इन्हीं कार्यों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां बाबा साहब डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर की 135वीं जयन्ती के अवसर पर भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ0 भीमराव आंबेडकर महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में स्थापित डॉ0 आंबेडकर की 75 मूर्तियों के सौन्दर्यीकरण एवं संरक्षण कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने महासभा परिसर में स्थापित तथागत बुद्ध एवं डॉ0 भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा डॉ0 आंबेडकर के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में डॉ0 भीमराव आंबेडकर महासभा द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री जी को भारतीय संविधान की प्रति तथा स्मृति चिन्ह के रूप में डॉ0 आंबेडकर की प्रतिमा भेंट की गयी। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने जी0पी0ओ0, हजरतगंज स्थित डॉ0 भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री जी ने महान न्यायविद्, भारतीय संविधान के शिल्पी, महान अर्थशास्त्री बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि हर वंचित, शोषित, गरीब व महिला को बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी में न्याय की रोशनी दिखायी देती है। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी की 135वीं जयन्ती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़े कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया है। आज प्रदेश के सभी 75 जनपदों में, जहां किसी सार्वजनिक भूमि पर बाबा साहब की प्रतिमा होगी, यदि वहां बाउण्ड्रीवॉल तथा मूर्ति के ऊपर छत्र नहीं है, वहां बाउण्ड्रीवॉल तथा मूर्ति के ऊपर छत्र बनाने के कार्यों का शिलान्यास हुआ है।
पहले चरण में सभी 75 जनपदों में एक-एक स्थान पर यह कार्य किये जाएंगे। इसके उपरान्त अन्य सभी ऐसे स्थानों पर यह कार्य होंगे। समाज कल्याण विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गयी है। इसके अन्तर्गत बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर, सन्त रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि, महात्मा ज्योतिबा फुले, महाराजा बिजली पासी, महाराजा सातन पासी सहित सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने वाले प्रत्येक उन महापुरुषों को सम्मान देने का कार्य किया जाएगा, जिनके कारण यह समाज मजबूती के साथ जुड़ा हुआ है। गरीब, वंचित सहित समाज के हर तबके का व्यक्ति यहां पर जाकर अपना सम्मान व्यक्त कर सके, कोई भी अराजक तत्व इन मूर्तियों को क्षतिग्रस्त न कर सके, इस दिशा में यह कार्य किये जा रहे हैं।
डबल इंजन सरकार प्रत्येक वंचित तथा अति पिछड़ों के विकास तथा सम्मान को प्राथमिकता दे रही है। यह कार्य लगातार आगे बढ़ेंगे। सरकार यह सुनिश्चित कराएगी कि गांव में बने सामुदायिक शौचालयों में स्वच्छता के कार्यक्रमों से जुड़ी बहनों को समय पर मानदेय मिले।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी सरकार ने गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी, बदायूं में वीरांगना अवन्तीबाई लोधी तथा लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर पी0ए0सी0 की तीन महिला बटालियनों का गठन किया है। यह सामाजिक न्याय का उदाहरण है, जहां हर एक का सम्मान होता है। हमने समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरूण की पहल पर कन्नौज के सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम पुनः बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के नाम पर किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सन्त रविदास जी महाराज की पावन जन्मभूमि वाराणसी में माघी पूर्णिमा पर लाखों लोग एकत्रित होते हैं। पहले वहां कार्यक्रमों के लिए जगह नहीं मिल पाती थी। सिंगल लेन की सड़क थी। डबल इंजन सरकार ने वहां दो लाख लोगों के कार्यक्रम के लिए पार्क विकसित किया तथा वहां सन्त रविदास जी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित करायी। सिंगल लेन सड़क को 04-लेन की सड़क में बदल दिया गया। अन्न क्षेत्र तथा अतिथि क्षेत्र के लिए भवन बनाये गये। यह उस महापुरुष के प्रति हमारी कृतज्ञता है, जिसने भारत की भक्ति परम्परा को बहुत ऊंचाईयां दी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले महर्षि वाल्मीकि जी की पावन साधना स्थली लालापुर, चित्रकूट पर कब्जा किया जा रहा था। हमने वहां रोपवे का विकास किया है। वहां सड़क का निर्माण हो चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में बने इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। इन महापुरुषों ने समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। बाबा साहब की जयन्ती पर आयोजित आज का यह कार्यक्रम इन्हीं महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ में हमारी सरकार ने तत्कालीन राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द जी के माध्यम से भारत रत्न डॉ0 भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र बनाने के कार्य को आगे बढ़ाया है। इसके प्रथम चरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। द्वितीय चरण के कार्यां को जुलाई, 2026 तक पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। यहां पर वंचित वर्गों के बच्चों के लिए बाबा साहब के जीवन-दर्शन पर शोध करने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। यह सामाजिक न्याय के प्रति जनचेतना जागृत करने का केन्द्र होगा। इसमें छात्रावास, शोध केन्द्र, ऑडिटोरियम, बाबा साहब की भव्य प्रतिमा का निर्माण हो रहा है। इसके माध्यम से समाज अपने महापुरुषों के योगदान के विषय में जानकर गौरव की अनुभूति कर सकेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने बाबा साहब से जुड़े पांच स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है। इनमें महु, मध्य प्रदेश स्थित उनकी जन्मस्थली पर बाबा साहब का भव्य स्मारक बना है। बाबा साहब ने लन्दन, ब्रिटेन में जिस भवन में रहकर उच्च शिक्षा ग्रहण की थी, उस भवन को खरीदकर बाबा साहब का स्मारक बनाकर अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की व्यवस्था की गयी है। दिल्ली में जहां बाबा साहब ने अपना सार्वजनिक जीवन व्यतीत किया, वहां डॉ0 भीमराव आंबेडकर अन्तरराष्ट्रीय एवं सास्कृतिक केन्द्र का निर्माण किया गया है। बाबा साहब की दीक्षा भूमि नागपुर तथा चैत्य भूमि मुम्बई में भी भव्य स्मारक बनाये गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के दर्शन के अनुरूप आज डबल इंजन सरकार द्वारा प्रत्येक गरीब तथा वंचित वर्ग के लोगों को निःशुल्क राशन, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन, निःशुल्क विद्युत कनेक्शन, प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास व शौचालय आदि का लाभ दिया जा रहा है। डबल इंजन सरकार प्रत्येक वंचित, अति पिछड़े, गरीब, नौजवान तथा महिला के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनका कहना था कि वह शुरु से अन्त तक भारतीय रहेंगे। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से वंचितों के मसीहा बन गये। हमें भारत माता तथा देश की एकता और अखण्डता के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं करना चाहिए। जब कोई भारत के संविधान, तिरंगे, राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रगान का अपमान करता है, तो वह बाबा साहब का अपमान करता है। हम ऐसी कोई भी बात स्वीकार्य नहीं करें, जो बाबा साहब के दर्शन के अनुरूप न हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज कुछ स्वार्थी ताकतें बाबा साहब के नाम का स्मरण कर रही हैं। यह वही लोग हैं, जिन्हें वंचितों, गरीबों और महिलाओं के उत्थान से हमेशा नफरत रही है। ऐसे लोगों ने सामाजिक न्याय के पुरोधाओं का हमेशा अपमान किया है। आज यह लोग नये तरीके से लोगों को गुमराह करने का प्र्रयास कर रहे हैं। बाबा साहब को चुनाव से वंचित करने का प्रयास किया गया। उन्हें भारतरत्न न मिले, इसके लिए हर प्रकार के षड्यंत्र रचे गये। आज ऐसे लोग संविधान की प्रति लेकर घूम रहे हैं। इनकी वास्तविकता को समझने की आवश्यकता है। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों के वास्तविक चरित्र को अब जनता जान चुकी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि बाबा साहब तथा संत रविदास जी महाराज के नाम पर बने जनपदों का नाम क्यों बदला गया। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान के0जी0एम0यू0 का नाम जिन महापुरुष के नाम पर था, उसे क्यों बदला गया। लखनऊ के भाषा विश्वविद्यालय तथा कन्नौज के सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदला गया। कौन लोग थे, जो गरीबों, वंचितों के हक पर डाका डाल रहे थे और इन्हें मिलने वाले जमीन के पट्टे के अधिकार से वंचित कर रहे थे। ऐसे लोगों ने स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत मिलने वाले शौचालयों पर रोक लगायी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को मिलने वाले आवास की योजना को लागू नहीं करने दिया। इन्हांने गरीबों तथा वंचितों की पीड़ा को कभी महसूस नहीं किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तीन दिन पूर्व उन्हें जनपद लखीमपुर खीरी जाने का अवसर मिला था। वहां थारू जनजाति के वंचितों को अब तक नागरिकता नहीं मिल पायी थी। हमने ऐसे 4,356 वंचित लोगों को भौमिक अधिकार प्रदान किये हैं। वर्ष 1971 में पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश से लखीमपुर खीरी में विस्थापित परिवारों को भी भौमिक अधिकार दिए गये हैं। 56 वर्षां से उन्हें कोई अधिकार नहीं मिला था।
इस अवसर पर महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण, सांसद श्री ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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