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एटा में दीवार गिरने से मां-बेटी मलबे में दबीं

May 3, 2026

एटा में दीवार गिरने से मां-बेटी मलबे में दबीं

Posted on 03.05.2026 Time 08.58 PM Sunday, Etah News

एटा 03 मई 2026,  (उप्रससे)। जनपद के नगला गोकुल गांव में रविवार को अचानक एक प्लॉट की 16 फुट ऊंची दीवार और टीन शेड गिर गया। इस हादसे में भैंस खोलने गईं मां-बेटी मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। दो भैंसों को भी चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य कर मां-बेटी को बाहर निकाला।

नगला गोकुल निवासी विनीता (36) और उनकी 14 वर्षीय बेटी वर्षा रविवार को घर के पास स्थित प्लॉट पर बंधी भैंसों को खोलने गई थीं। इसी दौरान दीवार और टीन शेड गिर गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देरी किए बचाव कार्य शुरू कर दिया। कुछ छड की मशक्कत के बाद मां-बेटी को मलबे से बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से दोनों घायलों को एटा स्थित वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने बताया कि विनीता के दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, साथ ही उनके हाथ और सिर में भी चोटें आई हैं। बेटी वर्षा के सीधे पैर में फ्रैक्चर है। दोनों की हालत चिकित्सकों की निगरानी में स्थिर बनी हुई है। हादसे में घायल हुई दोनों भैंसों का भी परिजनों द्वारा उपचार कराया जा रहा है।

पारदर्शी प्रक्रिया से 9 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी प्रदान की: योगी आदित्यनाथ

Posted on 03.05.2026 Time 07.38 PM Sunday, Lucknow News, CM Yogi Adityanath News, New Appointment 

सीएम ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दन्त स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

लखनऊ : 03 मई, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि प्रदेश में अब तक निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गयी है। यह संख्या इस अवधि में देश के किसी भी राज्य द्वारा युवाओं को प्रदान की गयी नौकरियों से अधिक हैं।
मुख्यमंत्री आज यहां मिशन रोजगार के अन्तर्गत निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दन्त स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न कराने हेतु उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत एवं उनकी पूरी टीम की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार कर प्रदेश को बीमारू बना दिया था, जिससे अपेक्षित परिणाम प्राप्त न होने पर न केवल माँ-बाप, बल्कि नाते-रिश्तेदारों के सपने भी चकनाचूर हो जाते थे। यह प्रदेश भ्रष्टाचार, अराजकता तथा गुण्डागर्दी का पर्याय बन चुका था। यहाँ कोई भी व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करता था। परीक्षा कोई और देता था, जबकि नियुक्ति कोई अन्य व्यक्ति प्राप्त करता था। वर्ष 2017 से पूर्व चयन की प्रक्रिया में अत्यधिक भेदभाव के कारण युवा आत्महत्या करने को मजबूर थे। चयन प्रक्रिया में भेदभाव को रोकने के लिये न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत अब तक 02 लाख 20 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती सम्पन्न की जा चुकी है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में केवल 03 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था थी। प्रदेश सरकार द्वारा 60 हजार 244 पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रशिक्षण केन्द्रों में एक साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न कर, उन्हें 26 अप्रैल, 2026 को पासिंग आउट परेड की प्रक्रिया से जोड़कर फील्ड ड्यूटी में भेजा गया है। अकेले उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया सम्पन्न करेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग इस वर्ष लगभग 15 हजार युवाओं की भर्ती सम्पन्न करेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा वर्तमान में सब इन्सपेक्टर तथा होमगार्ड की भर्ती सम्पन्न हो चुकी है। इन दोनों भर्तियों को मिलाकर लगभग 45 हजार पद सम्मिलित हैं। लगभग इतने ही पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रदेश में सभी विभागों को मिलाकर डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न होनी है। भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिये प्रदेश सरकार ने सख्त कानून बनाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षों में प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा प्रतिव्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है, जबकि इसमें कोविड महामारी की अवधि भी सम्मिलित है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुयी है। राज्य में बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ एक्सप्रेस-वे, हाईवे तथा ग्रामीण सड़कों आदि का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश के लगभग प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज हैं। वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स लोगों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। लगातार सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल व नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण हो रहा है। पूर्व में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या कम थी तथा उनमें स्टाफ का भी अभाव था, जिसके परिणामस्वरूप पूरा सिस्टम बीमार था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के बारे में लोगों को जानकारी नहीं थी, जबकि यह बहुत महत्वपूर्ण विभाग है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का एक पक्ष दवा की गुणवत्ता से सम्बंधित है, जो यह देखता है कि जो दवा हम ले रहे हैं, वह मानक के अनुरूप है या नहीं। दूसरा पक्ष खाद्य सुरक्षा से सम्बन्धित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज औषधियों की जांच के लिए प्रत्येक मण्डल स्तर पर ‘ए-ग्रेड’ की एक-एक लैब है। ट्रेण्ड मैनपॉवर समय पर किसी नमूने के बारे में बता पाएगा कि नमूना सही है या गलत। गलत नमूना पाए जाने पर सजा का प्राविधान है। प्रदेश में आजादी के बाद से वर्ष 2017 तक मात्र पांच प्रयोगशालाएं बन पाई थीं, अब आवश्यक उपकरणों के साथ प्रदेश में 18 प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। पहले, मनुष्य के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता था। उसे पता नहीं होता था कि जो वह दवा खा रहा है वह सही है या गलत। पूर्व में इन प्रयोगशालाओं में 12000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे, जबकि आज 55000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जा सकते हैं। एनालिस्ट की संख्या अब तक मात्र 44 थी, 357 एनालिस्ट की भर्ती के उपरांत यह संख्या 401 हो गई है। इससे बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी हुई 06 प्रयोगशालाओं में अभी तक एनालिस्ट की संख्या 58 है। 417 पदों पर भर्ती के लिए आयोग को अधियाचन भेजा गया है। जल्द ही उनकी भर्ती की प्रक्रिया सम्पन्न होने जा रही है। खाद्य सुरक्षा के नमूनों की जांच के लिए प्रदेश में लैब्स संख्या बढ़कर 18 हो गई है। यहां अच्छे उपकरण उपलब्ध करवा दिए गए हैं। अब कोई जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाएगा। अब तक खाद्य सुरक्षा से संबंधित 36 हजार नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे। एनालिस्ट की भर्ती के उपरान्त प्रतिवर्ष 01 लाख 08 हजार नमूनों की जांच की जा सकेगी और जनता के लिए परोसी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। यह मार्केट से जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली सामग्री को हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग एम देवराज, सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ0 रोशन जैकब व नव चयनित अभ्यर्थी उपस्थित थे।

बलिया: मुंडन कराने गए चार लोग गंगा में डूबे

Posted on 03.05.2026 Time 01.46 PM Ballia News, Sanjay Kumar Tiwari

बलिया, 03 मई 26, शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के शिरामपुर घाट पर बच्चे का मुंडन कराने गए चार लोग गंगा में डूब गए।

जानकारी के अनुसार मुंडन संस्कार के बाद गंगा स्नान करने गई युवती का पैर फिसल गया। उसे बचाने आए दो युवक और एक युवती भी गंगा में डूब गई।

सुबह लगभग साढ़े सात बजे मुंडन के बाद गंगा स्नान करने गए थे चारो लोग। युवती हर्षिता चौहान और नंदिता चौहान, वही दोनो युवक अरुण चौहान और अर्जुन चौहान के रूप में मृतकों की पहचान हुई है।

May 2, 2026

सबसे पहले नहीं, सबसे सही होना जरूरी : कमलेश

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
02/05/2026

बाजार का दबाव है, पर पत्रकारिता के मूल्य नहीं टूटने चाहिए

सूचना संकुल में जुटे पत्रकार,लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर बहस

फेक न्यूज, टीआरपी और गिरती विश्वसनीयता पर खुलकर चर्चा

30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर होगा भव्य समापन

गोरखपुर।सबसे पहले नहीं, सबसे सही होना जरूरी है,इस संदेश के साथ हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने की श्रृंखला में विमर्श की शुरुआत हुई। नारद दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने साफ कहा कि आज मीडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी विश्वसनीयता है और इसे बचाए रखना ही पत्रकारिता की असली परीक्षा है।
मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, गोरखपुर की ओर से शनिवार को शास्त्री चौक स्थित सूचना संकुल भवन में ‘लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका एवं चुनौतियां’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार कमलेश त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया पर बाजारवाद का असर दिख रहा है, लेकिन इसके सकारात्मक पहलू भी हैं। इससे संसाधन और तकनीक बढ़ी है, पत्रकारिता का दायरा विस्तृत हुआ है। हालांकि उन्होंने दो टूक कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निष्पक्षता और विश्वसनीयता से समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्य वक्ता जगदीश लाल श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत 30 मई 1826 को ‘उदन्त मार्तण्ड’ से हुई थी और आज यह 200 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता बाजार से अलग नहीं रह सकती, लेकिन उसकी आत्मा उसके मूल्यों में ही बसती है। संपादकीय स्वतंत्रता को सबसे जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि दबाव में लिए गए फैसले मीडिया की साख को कमजोर करते हैं। विशिष्ट अतिथि पूर्व संपादक सुजीत पांडेय ने कहा कि पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदला है। पहले खबरें समाज के सरोकारों पर आधारित होती थीं, लेकिन अब कई बार खबरों के हिसाब से समाज को ढालने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। उन्होंने सनसनीखेज खबरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई और पत्रकारों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की। वरिष्ठ पत्रकार राजेश सिंह बशर ने कहा कि आज खबर प्रकाशित होने के बाद भी उस पर भरोसा नहीं बन पा रहा है। फेक न्यूज और अधूरी जानकारी ने मीडिया की साख को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने साफ कहा कि सबसे पहले से ज्यादा सबसे सही होना पत्रकारिता की असली पहचान है।
कार्यक्रम में अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि जगदीश लाल श्रीवास्तव को ‘नारद सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय ने बताया कि यह श्रृंखला हर शनिवार को जारी रहेगी। 9, 16 और 23 मई को संगोष्ठियां आयोजित होंगी, जबकि 30 मई 2026 को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर भव्य समापन होगा। कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय शंकर सिन्हा ने किया। इस अवसर पर सहायक सूचना निदेशक प्रशांत श्रीवास्तव,मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के उपाध्यक्ष गजेंद्र त्रिपाठी,कोषाध्यक्ष धीरेंद्र गुप्ता,गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी,महामंत्री पंकज श्रीवास्तव,कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, महेंद्र गौड़,वरिष्ठ पत्रकार टीपी शाही,पूर्व अध्यक्ष रीतेश मिश्रा,पूर्व उपाध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी, संतोष सिंह,मुनव्वर रिजवी,अजय राय,सूर्यप्रकाश गुप्ता,वेद प्रकाश पाठक,रवि राय,दीपक त्रिपाठी,मनोज मिश्रा,रामचंद्र शाही सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

April 29, 2026

गंगा एक्सप्रेस वे यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा: योगी आदित्यनाथ

हरदोई, 29 अप्रैल 26, गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रधानमंत्री जी का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से उनकी विराट सोच के अनुरूप गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन हो रहा है। हरदोई भगवान नृसिंह, वामन अवतार तथा श्रीहरि विष्णु के परम भक्त प्रहलाद के अवतरण की पावन धरा है। यह भूमि माँ गंगा के आशीर्वाद से अभिसिंचित है। उन्होंने माँ गंगा स्तुति- ‘देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे, त्रिभुवनतारिणि तरलतरंगे‘ करते हुए कहा कि माँ गंगा के समानान्तर उस विराट को छूने तथा उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई उड़ान देने के लिये गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास प्रधानमंत्री जी ने दिसम्बर, 2021 में किया था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही को आगे बढ़ाने तथा तय समयसीमा में पूरा करने का विजन दिया था। गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनने जा रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उनके विजन को स्पष्ट नीति और साफ नीयत के साथ प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का कार्य किया गया। आज देश में हम नये भारत का दर्शन कर रहे हैं। नये भारत के नये उत्तर प्रदेश में यह आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर हमारे आवागमन को सरल व सुगम बनाएगा तथा अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज एक्सप्रेस-वे प्रदेश की समृद्धि का आधार बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेस-वे डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को सशक्त, अन्नदाता किसानों की उन्नति तथा युवाओं के रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह आस्था और संस्कृति का एक्सप्रेस-वे है। इस एक्सप्रेस-वे से आच्छादित जनपदों में इन्टीग्रेटेड इण्डस्ट्रियल क्लस्टर एण्ड लॉजिस्टिक हब डेवलप करने की कार्यवाही तेजी के साथ आगे बढ़ी है। 594 किलोमीटर के लम्बे इस एक्सप्रेस-वे के लिए अन्नदाता किसानों से 18 हजार एकड़ भूमि ली गयी है। इस पर बनने वाले इण्डस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के लिये अलग-अलग स्थानों पर लगभग 07 हजार एकड़ भूमि लेकर नये निवेश के माध्यम से युवाओं के लिये नये रोजगार की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाया गया।
मुख्यमंत्री जी ने मेरठ से प्रयागराज तक 12 जनपदों में विस्तारित इस एक्सप्रेस-वे के लिये एक लाख से अधिक किसानों को भूमि उपलब्ध कराने में अपना योगदान देने के लिये आभार व्यक्त किया। उन्हांने कहा कि अन्नदाता किसानों ने प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिये अपना योगदान दिया। इसके परिणामस्वरूप गंगा एक्सप्रेस-वे बन कर तैयार हो गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में परिवारवाद, जातिवाद, दंगा, अराजकता, कर्फ्यू, माफिया के अराजकता पूर्ण माहौल के कारण विकास, रोजगार एवं नये निवेश की कल्पना नहीं की जा सकती थी, लेकिन विगत 09 वर्षों में डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, हाई-वे, डिस्ट्रिक्ट-वे और ग्रामीण सड़कों का 04 लाख किलोमीटर का बेहतरीन नेटवर्क देखने को मिल रहा है। इन्टर स्टेट कनेक्टिविटी के लिये फोर-लेन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही, प्रत्येक जिला मुख्यालय को फोर लेन तथा प्रत्येक ब्लॉक एवं तहसील मुख्यालयां को फोर-लेन व टू-लेन सड़कों के साथ जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के 07 शहरों में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। विगत दिनों प्रधानमंत्री जी ने दिल्ली से मेरठ तक देश की पहली रैपिड रेल का शुभारम्भ कर दूरियों को समेटने के साथ ही, उत्तर प्रदेश की अनलिमिटेड पोटेंशियल को आगे बढ़ाने का कार्य किया। आज डबल इंजन सरकार की ताकत प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, रैपिड रेल, इनलैण्ड वॉटर-वे, मेट्रो तथा डेडीकेटेड रेल फ्रेट-कॉरिडोर के रूप में दिखाई दे रही है।
इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने गंगा एक्सप्रेस-वे का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी, केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य एवं श्री ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण, आबकारी एवं मद्य निषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नितिन अग्रवाल, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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