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अब सुबह 7:30 बजे से मिल सकेंगे बंदी, परिजनों को नहीं करना होगा घंटों इंतजार

May 14, 2026

अब सुबह 7:30 बजे से मिल सकेंगे बंदी, परिजनों को नहीं करना होगा घंटों इंतजार

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
13/05/2026

​गोरखपुर जेल प्रशासन की बड़ी पहल:

​गोरखपुर। जिला कारागार गोरखपुर में बंदियों और उनके परिजनों के लिए मुलाकात की व्यवस्था को अब अधिक सुगम और सरल बना दिया गया है। जेल प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मुलाकात के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिससे अब परिजनों को चिलचिलाती धूप या लंबी कतारों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

​अब तक जेल में बंदियों से मुलाकात की प्रक्रिया सुबह 11:00 बजे के बाद शुरू होती थी। इस व्यवस्था के कारण दूर-दराज के गांवों और अन्य जिलों से आने वाले परिजनों का पूरा दिन जेल परिसर में ही बीत जाता था। भीड़ अधिक होने के कारण कई बार शाम तक लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था।
​जेल प्रशासन ने इस समस्या का संज्ञान लेते हुए अब मुलाकात का समय सुबह 7:30 बजे से निर्धारित कर दिया है।

​जेल अधीक्षक दिलीप पाण्डेय ने बताया कि जेल में प्रतिदिन औसतन 200 से अधिक बंदियों से मिलने के लिए लगभग 500 परिजन पहुंचते हैं। पुरानी व्यवस्था में देरी से प्रक्रिया शुरू होने के कारण परिजनों को भारी असुविधा होती थी। इसे देखते हुए अब सुबह की पाली में भी मुलाकात शुरू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि लोग समय से अपने घर वापस जा सकें।

​नई व्यवस्था के फायदे:

​सुबह जल्दी मुलाकात होने से परिजनों का पूरा दिन खराब नहीं होगा।
​दो पालियों में काम होने से जेल गेट पर एक साथ होने वाली भीड़ कम होगी। सुबह के ठंडे समय में प्रक्रिया शुरू होने से बुजुर्गों और बच्चों के साथ आने वाले परिजनों को राहत मिलेगी।
​जेल प्रशासन के इस फैसले की स्थानीय लोगों और बंदियों के परिजनों ने काफी सराहना की है। अब जेल परिसर में लंबी कतारों और अव्यवस्था से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।

मृतक के नाम पर फर्जी व्यक्ति खड़ा कर कराई रजिस्ट्री

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
13/05/2026

बाहर नौकरी कर रहे जमीन मालिक की गैरमौजूदगी का उठाया फायदा,

सविता त्रिपाठी पर उठे सवाल, मृतक के नाम पर करोड़ों की संपत्ति का सौदा कराने का दावा

डीएम से गुहार के बाद प्रेस क्लब में फूटा परिवार का दर्द, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

गोरखपुर। जनपद में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल रजिस्ट्री प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर चिंता जताई है। आरोप है कि वर्ष 1996 में मृत हो चुके बृज गोपाल दास शाह के नाम पर वर्ष 2016 में जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। इस पूरे प्रकरण में सविता त्रिपाठी का नाम सामने आ रहा है, जिन पर मृत व्यक्ति को जीवित दिखाकर संपत्ति अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है।
मामला कैंपियरगंज क्षेत्र के अलगटपुर स्थित लगभग चार एकड़ मूल्यवान जमीन से जुड़ा हुआ है। पीड़ित परिवार का कहना है कि जमीन के वास्तविक मालिक उस समय अन्य प्रदेश में नौकरी कर रहे थे, जिसका फायदा उठाकर कथित रूप से यह फर्जीवाड़ा किया गया। आरोप है कि मृतक के नाम से मिलता-जुलता एक व्यक्ति खड़ा कर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कराई गई।
परिजनों के अनुसार, बृज गोपाल दास शाह की मृत्यु वर्ष 1996 में हो चुकी थी, जिसका प्रमाण सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। इसके बावजूद वर्ष 2016 में “बृज गोपाल” नाम के आधार पर रजिस्ट्री कराई गई। उनका कहना है कि दस्तावेजों में नाम की समानता का लाभ उठाकर और पहचान संबंधी कागजातों में हेरफेर कर यह पूरा खेल रचा गया।
परिवार का यह भी कहना है कि इस मामले की जांच पूर्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से कराई जा चुकी है, जिसमें यह पुष्टि हो चुकी है कि “बृज गोपाल दास” और “बृज गोपाल दास शाह” एक ही व्यक्ति हैं और उनकी मृत्यु 1996 में ही हो गई थी। ऐसे में 2016 में उनके नाम से रजिस्ट्री होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
न्याय की मांग को लेकर मृतक के परिजन—पोता, पोती, दामाद एवं अन्य परिजन—जिलाधिकारी दीपक मीणा से मिल चुके हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों ने डीएम को दिए गए प्रार्थना पत्र में फर्जी रजिस्ट्री को निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
इसके बाद गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में विजय कृष्ण गर्ग, श्रीमती प्रियमबदा गर्ग, महेंद्र अग्रवाल और सुरेंद्र अग्रवाल सहित अन्य परिजन मौजूद रहे। प्रेस वार्ता के दौरान परिजनों ने भावुक होते हुए कहा, “अगर हमारे मृत बाबा जिंदा हैं, तो उन्हें सामने लाकर खड़ा कर दीजिए। जिनका हमने वर्ष 1996 में अंतिम संस्कार किया, वह अचानक 2016 में जिंदा कैसे हो गए?”
पीड़ित परिवार ने इस पूरे प्रकरण में राजेश यादव पुत्र बैजनाथ यादव, निवासी तिलक नगर, गोरखनाथ को मास्टरमाइंड बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूरे फर्जीवाड़े की साजिश रचने और उसे अंजाम तक पहुंचाने में उक्त व्यक्ति की मुख्य भूमिका रही है।
पीड़ित परिवार ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों पर प्रभावी रोक लग सके।

बेकरी संचालक हत्याकांड – *फरार इनामी जफर व दो बेटे जम्मू से गिरफ्तार

मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर जफर व एक बेटे पर 50-50 हजार रुपए का इनाम

-महिला जज के पिता और बेकर्स स्वामी मो असद का हत्यारोपी को पुलिस ने पकड़ा
Post on 13.5.26
Wednesday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद, उप्र समाचार सेवा

शहर में चर्चित बेकरी संचालक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।महिला जज के पिता और बेकरी संचालक मो असद की हत्या में मुख्य आरोपी जफर व उसके बेटों सैफुल और एक नाबालिग बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों को जम्मू से गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर जफर और सैफुलल पर 50-50 हजार रूपए का इनाम घोषित किया गया था।
सिविल लाइंस में जिगर कालोनी में रहने वाले बेकरी संचालक मो असद की थाना नागफनी के बंगला गांव चौराहे पर 27 फरवरी,26 को गोली मारकर हत्या करदी गई। शाम को हुईं घटना के दौरान वह छोटे साले मुजाहिर उर्फ डेनियल के साथ स्कूटी पर लाल मस्जिद क्षेत्र में तरावीह पढ़ने जा रहे थे। मो असद की बेटी असमा सुल्ताना व उनके पति जज है। दोनों बुलंदशहर में तैनात है। हत्याकांड में असद के बड़े साले हिस्ट्रीशीटर जफर और उसके बेटों का नाम आया। हत्याकांड में पुलिस को जांच में हत्या के पीछे सुनियोजित साजिश की बात सामने आई थी। साले मुजाहिर की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जफर के दामाद समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया। पर मुख्य आरोपी हाथ नहीं आया तो पुलिस ने जफर व बेटे पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया।साथ ही
जफर हुसैन के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की गई थी।

ढाई महीने बाद कामयाबी-
जफर व अन्य आरोपियों की
गिरफ्तारी के लिए तमाम संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
अब पुलिस को बुधवार को सफलता मिली।आरोपियों को जम्मू कश्मीर जिले के नौगाम थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। बुधवार देर शाम को मुरादाबाद कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया। जबकि जफर के दूसरे नाबालिग बेटे को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया। जहां उसे राजकीय संप्रेषण गृह में भेजा गया।

May 13, 2026

बदले रूट से चलेगी पंजाब मेल समेत अन्य ट्रेनें

काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस देरी से होगी संचालित
लखनऊ मंडल में जून में जंघाई रेलखंड में नॉन इंटरलाकिंग वर्क

Post on 13.5.26
Wednesday,Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा

लखनऊ मंडल में जंघाई रेलखंड सेक्शन में जून माह में प्रस्तावित प्री-नॉन इंटरलाकिंग वर्क के चलते रेल संचालन प्रभावित रहेगा।रेललाइन डबलिंग व अन्यम सुधार के कारण पंजाब मेल,अर्चना एक्सवप्रेस समेत अन्य ट्रेनें 22 से 29 जून तक बदले मार्ग से चलेगी।

रेल रफ्तार को बढ़ावा देने के लिए डबलिंग व अन्य संचालन के सुधार पर जोर है।जंघाई-मां बेलहा देवी प्रतापगढ़ के बीच होनेवाले प्री-नॉन इंटरलाकिंग का काम जून मध्यर में शुरु होगा।एनआई के काम के चलते लखनऊ रूट की ट्रेनें बदले मार्ग से चलेंगी।रेलवे के अनुसार हावड़ा से अमृतसर पंजाब मेल-13005-06 ट्रेन 22-29 जून तक बदले मार्ग से चलाई जाएंगी। ट्रेन वाया लखनऊ- सुल्तानपुर-वाराणसी होकर चलेगी। इसी के चलते अर्चना एक्स प्रेस 12355-56 अलग अलग तीन बदले मार्ग से चलेगी।वाराणसी से बनारस जनता एक्सप्रेस- 15120 भी 22 से 26 जून तक रूट बदल कर चलेगी।जबकि वाराणसी -नई दिल्ली काशी विश्वसनाथ एक्सप्रेस रिशेडयूल होगी।ट्रेन से काम के चलते वाराणसी से 60 मिनट की देरी से चलाया जाएगा।

फेफड़े की बीमारी से हुआ प्रतीक को कार्डियक अरेस्ट

Posted on 13.05.2026 Thursday Time 10.30 PM, Lucknow

लखनऊ, 13 मई 2026 (उप्र समाचार सेवा)। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का निधन फेफड़े की बीमारी के चलते कार्डियक अरेस्ट से हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मृत्यु का कारण दिल की ओर खून की सप्लाई रुक जाना बताया गया है।

पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर आवास पर लाया गया। यहां श्रद्धांजलि देने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अनेक नेता पहुंचे। उनके आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री धर्मपाल सिंह, कांग्रेस नेता पीएल पुनिया, आराधना मिश्रा, महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान समेत अनेक नेता पहुंचे।

आवास पर पहुंचने वालों में भरी संख्या में उनके प्रधांसक भी थे।

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