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वसुंधरा एन्क्लेव में नवनिर्मित सड़क का लोकार्पण

August 18, 2026

वसुंधरा एन्क्लेव में नवनिर्मित सड़क का लोकार्पण

विकास कार्यों को लेकर पालिका अध्यक्ष ने गिनाईं प्राथमिकताएं

नवनिर्मित सड़क का लोकार्पण करती पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी व पूर्व सांसद राजेश दिवाकर

हाथरस। शहर की वसुंधरा एन्क्लेव कॉलोनी स्थित वार्ड संख्या 12 में 15वें वित्त आयोग के तहत नवनिर्मित सड़क का लोकार्पण नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्वेता चौधरी ने किया। सड़क निर्माण से क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।लोकार्पण कार्यक्रम में पूर्व सांसद राजेश दिवाकर सहित क्षेत्रीय लोग एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। वार्ड सभासद सूरज माहौर ने क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए पालिका अध्यक्ष का आभार जताया।पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी ने कहा कि नगर के सभी वार्डों में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।विरोधियों द्वारा कथित षड्यंत्र के सवाल पर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोग उनकी लोकप्रियता से घबराकर उनके खिलाफ आए दिन षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर में विश्वास रखती हैं और उन्हें भरोसा है कि ऐसे विरोधी कुछ समय बाद स्वयं पस्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जनता की सेवा जारी रखेंगी।

गोरखपुर में चाइनीज मांझे से किसान का गला कटा, 7 टांके लगे

Posted on 18/08/2026
Time 08:45 A.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) : प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से होने वाली घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो रहे हैं। ताजा मामला गीडा थाना क्षेत्र के नौसड़ का है, जहां बाइक से सब्जी लेने जा रहे 55 वर्षीय किसान की गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आकर कट गई। हादसे में उनकी गर्दन से तेज रक्तस्राव होने लगा। उपचार के दौरान डॉक्टर ने कटे स्थान पर 7 टांके लगाए।

नौसड़ निवासी किसान रामप्रताप निषाद (55) सोमवार शाम करीब 6:30 बजे बाइक से हरैया बाजार सब्जी लेने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। मांझे की धार से उनकी गर्दन कट गई और वह बाइक से गिर पड़े।

रामप्रताप के मुताबिक, हादसे के बाद गर्दन से तेजी से खून निकलने लगा। उन्होंने तत्काल अपनी टीशर्ट उतारकर गर्दन पर बांधी और रक्तस्राव रोकने का प्रयास किया। इसके बाद किसी तरह चौराहे पर स्थित डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद कटे स्थान पर 7 टांके लगाए।

घटना के बाद इलाके के लोगों में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और #पुलिस से इसकी #बिक्री व इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।

चाइनीज मांझे की वजह से लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए अब लोगों ने प्रशासन से कड़े और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि इस खतरनाक मांझे से होने वाले हादसों पर रोक लगाई जा सके।

एडमिशन के लिए आंध्र प्रदेश से आए छात्र का ऑटो में छूटा बैग, कैंट पुलिस ने 24 घंटे में खोजकर लौटाया

Posted on 18/08/2026
Time 09:10 A.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में एडमिशन लेने आंध्र प्रदेश से गोरखपुर आए छात्र का जरूरी दस्तावेजों से भरा बैग ऑटो में छूट गया। अजनबी शहर में बैग खोने से परेशान छात्र ने रेलवे पुलिस चौकी पर सूचना दी। कैंट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से महज 24 घंटे के भीतर ऑटो को ट्रेस कर बैग बरामद कर लिया और छात्र को सकुशल सौंप दिया।

बताया गया कि छात्र 17 अगस्त को एडमिशन के सिलसिले में गोरखपुर पहुंचा था। ऑटो से उतरने के बाद उसे पता चला कि उसका बैग ऑटो में ही छूट गया है। बैग में एडमिशन से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य जरूरी सामान रखा था। बैग गुम होने से छात्र काफी परेशान हो गया और उसने रेलवे पुलिस चौकी पर इसकी सूचना दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रवि प्रकाश कुंवर ने पुलिस टीम के साथ तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिसकर्मियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और ऑटो के रूट को ट्रेस करते हुए उसकी पहचान की।

इस कार्रवाई में कांस्टेबल संजीत यादव, कांस्टेबल आशुतोष पाण्डेय और रिक्रूट कांस्टेबल अनुराग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने ऑटो को खोजकर छात्र का बैग बरामद कर लिया। बैग में रखे दस्तावेज और अन्य सामान सुरक्षित मिलने के बाद उसे छात्र के सुपुर्द कर दिया गया।

बैग वापस मिलते ही छात्र ने राहत की सांस ली और भावुक होकर गोरखपुर पुलिस का आभार जताया। छात्र ने पुलिस टीम की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि अजनबी शहर में पुलिस की मदद ने उसका भरोसा और मजबूत किया है।

गोरखपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से छात्र को न केवल उसके जरूरी दस्तावेज वापस मिले, बल्कि पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई।

सीएम डैशबोर्ड समीक्षा में डीएम सख्त, खराब रैंकिंग पर अधिकारियों पर गिरी गाज, सभी बीडीओ का रोका वेतन

स्टेडियम निर्माण में धीमी प्रगति पर निर्माण निगम को नोटिस, कृषि विभाग के दो अधिकारियों का रोका वेतन

आईजीआरएस में लापरवाही पर डीएम का एक्शन, समय पर निस्तारण और फीडबैक अनिवार्य करने के निर्देश

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक की। इस दौरान कई विभागों की रैंकिंग खराब मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना और जल जीवन मिशन में रैंकिंग-सी मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए दोनों योजनाओं को रैंकिंग-ए में लाने के निर्देश दिए। स्टाम्प रजिस्ट्रेशन तथा पोषण अभियान की भी रैंकिंग खराब मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में लक्ष्य के सापेक्ष आवास स्वीकृति न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि योजनाओं की खराब प्रगति से जिले की रैंकिंग प्रभावित हो रही है। इस मामले में सभी बीडीओ का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
स्टेडियम निर्माण में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष प्रगति कम मिलने पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के प्रति नाराजगी जताई और उसे नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्य में कृषि विभाग की लापरवाही सामने आने पर उप कृषि निदेशक एवं जिला कृषि अधिकारी का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में निर्माण कार्य की प्रगति खराब है, उनसे स्पष्टीकरण लिया जाए। साथ ही जिलाधिकारी ने आईजीआरएस की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि आईजीआरएस पोर्टल को प्रतिदिन चेक कर शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायत का निस्तारण करने से पहले शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसका फीडबैक लेने और उसके बाद ही शिकायत आख्या पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। आईजीआरएस पर समय सीमा के बाद भी लंबित शिकायतों वाले विभागों के अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता के साथ शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी महत्वपूर्ण है। सीएम डैशबोर्ड पर रैंकिंग खराब होने का हवाला देते हुए उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता से बात कर संतोषजनक फीडबैक प्राप्त करें। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, सीएमओ डॉक्टर अभय कुमार राय, डीडीओ आनंद प्रकाश एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

लालबाग में शहीदों को नमन लेकिन उनके गांव आज भी इंतजार में।

18 अगस्त 1942 के छः अमर शहीदों की स्मृति में गांवों का नामकरण स्मृति पार्क व स्तंभ बनवाने की मांग आजाद अधिकार सेना ने मुख्यमंत्री समेत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भेजा पत्र।
सीतापुर। 18 अगस्त 1942 का दिन सीतापुर के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन लालबाग में अंग्रेजी हुकूमत द्वारा की गई गोलीबारी में छह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इन अमर शहीदों की स्मृति में लालबाग पार्क में स्मृति स्तंभ स्थापित हैं जहां प्रत्येक वर्ष उनकी शहादत को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
पूर्व एमएलसी हरीश बाजपेई द्वारा पिछले कई वर्षों से स्वतंत्रता संग्राम स्मृति संस्थान के बैनर तले 18 अगस्त को शहीद स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर शहीद स्मृति स्तंभों को तिरंगे से सजाया जाता है ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान होता है। इसके बाद हिन्दी संस्थान में कार्यक्रम आयोजित कर स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति के गीत प्रस्तुत किए जाते हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया जाता है।
सवाल गांवों में शहीदों की स्मृति का
वहीं आजाद अधिकार सेना सीतापुर का कहना है कि जिला मुख्यालय पर हर वर्ष कार्यक्रम आयोजित होना सराहनीय है लेकिन जिन गांवों से इन छः अमर शहीदों का संबंध रहा वहां उनकी स्मृति को स्थायी रूप से सुरक्षित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन का कहना है कि गांवों में शहीदों के नाम पर स्मारक नहीं होने तथा उनके बलिदान की जानकारी नई पीढ़ी तक नहीं पहुंचने से युवा अपने ही गांव के गौरवशाली इतिहास को भूलते जा रहे हैं।
इसी मांग को लेकर आजाद अधिकार सेना सीतापुर की ओर से पूर्व में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया था। संगठन ने मांग की थी कि छह अमर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संबंधित गांवों में ग्राम समाज की उपलब्ध भूमि पर उनके नाम से शहीद स्मृति पार्क एवं स्थायी स्मृति स्तंभ बनवाए जाएं।
शहीदों के गांवों का नाम उनके नाम पर करने की मांग
आजाद अधिकार सेना ने अब इस मांग को और व्यापक करते हुए मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि 18 अगस्त 1942 के लालबाग गोलीकांड में शहीद हुए छह अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संबंधित गांवों का नाम उनके नाम पर किया जाए। प्रत्येक गांव में ग्राम समाज की उपयुक्त भूमि पर उनके नाम से पार्क विकसित कर वहां शहीद की फोटो एवं नाम सहित स्मृति स्तंभ स्थापित कराया जाए तथा स्तंभ पर उनके स्वतंत्रता संग्राम और बलिदान का संक्षिप्त इतिहास अंकित किया जाए।
संगठन ने यह भी मांग की है कि प्रत्येक वर्ष 18 अगस्त को इन स्मारक स्थलों पर सरकारी स्तर पर श्रद्धांजलि एवं राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गांव के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से परिचित हो सकें।
मुख्यमंत्री से समयबद्ध कार्रवाई की मांग
आजाद अधिकार सेना का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय को पूर्व में ज्ञापन दिए जाने के बावजूद अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रकरण को जनहित एवं राष्ट्रहित में प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएं।
संगठन का कहना है कि जिन वीरों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, उनकी स्मृति को सुरक्षित रखना केवल उनके परिवार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सरकार और पूरे समाज का राष्ट्रीय दायित्व है। शहीदों के गांवों का नाम उनके नाम पर करना तथा वहां स्मृति पार्क और स्तंभ स्थापित करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को भी भेजी प्रतिलिपि
इस मांग से संबंधित पत्र की प्रतिलिपि माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री भारत सरकार गृहमंत्री भारत सरकार राष्ट्रपति महोदया भारत सरकार तथा जिलाधिकारी सीतापुर को भी भेजी गई है। संगठन ने सभी से प्रकरण का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
आजाद अधिकार सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति से जुड़े विषय पर भी सरकार गंभीरता से कार्रवाई नहीं करती तो आम जनता के हितों से जुड़े मामलों में शासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसको लेकर शहीद परिवारों एवं संगठन के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है।
संगठन ने स्पष्ट कहा है कि शहीदों का सम्मान केवल एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने का राष्ट्रीय संकल्प होना चाहिए।

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