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निजी किताबों के प्रयोग पर होगी सख्त कार्रवाई

April 7, 2026

निजी किताबों के प्रयोग पर होगी सख्त कार्रवाई

एटा में एनसीईआरटी पुस्तकों की अनिवार्यता को राज्य महिला आयोग सदस्य का निर्देश,

एटा 07 अप्रैल उप्रससे। राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने जनपद के समस्त शैक्षणिक संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे केवल एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग करें। शासन और प्रशासन द्वारा पूर्व में भी इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गोड़ ने कहा यह जानकारी मिली है कि कुछ विद्यालय अभी भी इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं और अपनी सुविधा तथा लाभ के लिए अन्य पुस्तकों का प्रयोग कर रहे हैं। आयोग की सदस्य ने चेतावनी दी कि यह पूरी तरह से अनुचित और नियमों के विरुद्ध है। सभी विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से एनसीईआरटी की पुस्तकों के अलावा किसी भी अन्य पाठ्य सामग्री का उपयोग बंद करें। उन्हें शासन के निर्देशों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। यदि किसी भी विद्यालय में इस संबंध में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

रेनू गौड़ ने जोर देकर कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का समग्र विकास करना है, न कि आर्थिक लाभकमाना। उन्होंने सभी विद्यालयों से अपेक्षा की है कि वे नियमों का पालन करते हुए छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

डकैती के दो अलग-अलग मामलों में दोषी को साढ़े नौ-नौ साल की सजा

ठाकुरद्वारा में बदमाश ने कुछ दिन में दो घरों में घुसकर नकदी, जेवर समेत लाखों का सामान की लूट
दोषी पाया बदमाश अमरोहा के बछरायूं का निवासी

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Tuesday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
ठाकुरद्वारा में डकैती के दो अलग-अलग मामलों में अमरोहा के दोषी करार देते हुए साढ़े 9-9 साल की सजा सुनाई गई। एडीजे कोर्ट निरंजन कुमार की अदालत में साक्ष्य के आधार पर दोषी पर बीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
घरों में घुसकर लूटपाट करने की घटना दस साल पुरानी है।पहली घटना 18 मई,2016 को गांव गड़िया खेड़ा में ओमकार सिंह के घर पड़ी। दीवार फांदकर घर में घुसे बदमाशों ने शस्त्रों की नोंक पर चालीस हजार और जेवरात लूट लिए। दूसरी घटना इसी थाना क्षेत्र में गांव करना वाला में अखलेश कुमार के घर हुईं। 28 मई की रात बदमाश वादी के घर में घुसकर हजारों की नकदी और सोने चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। पुलिस ने डकैती व माल बरामद कर बदमाश सतवीर सिंह को गिरफ्तार किया। विवेचना के बाद अदालत में आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
केस की सुनवाई एडीजे कोर्ट -14 निरंजन कुमार की अदालत में हुईं। एडीजीसी राजीव कौशिक ने बताया कि अदालत में दोनों अलग-अलग मामलों की सुनवाई हुई। जिसमें रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सतवीर सिंह को दोषी ठहराया। घरों में लूटपाट और माल बरामदगी में दोषी को अलग अलग साढ़े नौ नौ साल की सजा सुनाई। दोनों मामलों में 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है।

गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय को कैबिनेट की मंजूरी

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
07/04/2026

कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा विश्वविद्यालय, 491 करोड़ रुपये से अधिक आएगी लागत

वानिकी एवं औद्यानिकी में संचालित किए जाएंगे बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम

गोरखपुर, 7 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में गोरखपुर में बनने वाले ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने इसके लिए “उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2026” के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की है। 491 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह विश्वविद्यालय कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जाएगा। योगी सरकार वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय के लिए इस वर्ष प्रस्तुत प्रदेश के बजट में भी 50 करोड़ रुपये पास कर चुकी है।

गोरखपुर के इस पांचवें विश्वविद्यालय में वानिकी, औद्यानिकी, वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एग्रोफॉरेस्ट्री, फल एवं बागवानी सहित कई आधुनिक विषयों में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य वनावरण बढ़ाना, जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करना, किसानों और छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण देना तथा कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है। इस फैसले से प्रदेश में हरित विकास, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार और गोरखपुर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो जाएगी। इसके पहले सरकार ने दुनिया के पहले राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण केंद्र की स्थापना गोरखपुर में ही की है। 6 सितंबर 2024 को कैम्पियरगंज में दुनिया के पहले राजगिद्ध जटायु (रेड हेडेड वल्चर) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही वानिकी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। अब इसे कैबिनेट की भी मंजूरी मिल गई है। यह उत्तर भारत का पहला वानिकी विश्वविद्यालय होगा। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गोरखपुर वन प्रभाग ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रक्रियात्मक तैयारी तेज कर दी है।

गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) विकास यादव का कहना है कि वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय में वानिकी के अलावा कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक के भी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स संचालित कराने की योजना है ताकि बड़ी संख्या में युवाओं के सामने नौकरी और रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब शिलान्यास की तैयारी और तेज की जाएगी।

फिक्की फ्लो लखनऊ ने 2026–27 के लिए ‘चेंज ऑफ़ गार्ड’ समारोह मनाया

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
उत्तरप्रदेश समाचार सेवा
लखनऊ, 6 अप्रैल।

फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर ने अपना ‘चेंज ऑफ़ गार्ड’ समारोह मनाया, जिसमें सिमरन साहनी को 2026–27 के लिए 12वीं चेयरपर्सन के रूप में शामिल किया गया।

इस शाम का मुख्य आकर्षण डॉ. किरण बेदी के साथ एक प्रेरणादायक सत्र था। अपनी प्रभावशाली उपस्थिति और ज़ोरदार कहानी कहने के अंदाज़ से, उन्होंने अनुशासन, नेतृत्व और दृढ़ता से भरी अपनी यात्रा से मिली गहरी सीख साझा की।

फिक्की फ्लो की 43वीं राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूजा गर्ग ने ‘गेस्ट ऑफ़ ऑनर’ (मुख्य अतिथि) के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई।

तत्कालीन चेयरपर्सन वंदिता अग्रवाल ने नई नेतृत्व टीम के सदस्यों से परिचय कराते हुए अपनी ज़िम्मेदारी (बैटन) उन्हें सौंपी।
महिलाएं घर, दफ्तर या किसी भी अन्य क्षेत्र में जन्मजात प्रबंधक होती हैं और शासन-प्रशासन के लिए पूरी तरह उपयुक्त होती हैं।

उन्होंने कहा कि “महिलाओं को सुलभ और दृश्यमान होना चाहिए, उन्हें दबाव में नहीं आना चाहिए, बल्कि समाधान खोजने चाहिए और आगे बढ़ने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। नारीवाद का उद्देश्य महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाना नहीं है, क्योंकि वे पहले से ही सशक्त हैं। इसका उद्देश्य तो दुनिया के उस नज़रिए को बदलना है, जिससे वह महिलाओं की इस शक्ति को देखती है,”

पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल और ‘सुपर कॉप’ डॉ. किरण बेदी ने फिक्की लेडीज़ ऑर्गनाइज़ेशन (FLO) द्वारा लखनऊ के होटल ताज में आयोजित सिमरन साहनी और देवांशी सेठ के साथ एक संवादात्मक सत्र में ये बातें कहीं। फिक्की फ्लो देश की महिला उद्यमियों का शीर्ष संगठन है।

उन्होंने कहा कि “मैं लोगों से जुड़ना चाहती थी, और इसी चाहत ने मुझे पुलिस सेवा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

पुडुचेरी की उपराज्यपाल के तौर पर अपने पाँच साल के कार्यकाल के दौरान, मैंने अपनी कई आदतों में बदलाव किया और कई नए विचार लागू किए, जिनकी बदौलत मैं इस सार्वजनिक पद पर रहते हुए असाधारण नेतृत्व प्रदान कर सकी,”।

पुडुचेरी की उपराज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान लोगों द्वारा उन्हें ‘माँ’ या ‘बहन’ कहकर संबोधित किए जाने की बात याद करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों के साथ एक मानवीय जुड़ाव स्थापित करना ही किसी महिला को विशेष बनाता है।

उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने नेतृत्व में इस मानवीय जुड़ाव को एक सकारात्मक बदलाव के माध्यम (transformation tool) के रूप में इस्तेमाल करें।

डॉ किरन बेदी ने कहा कि आत्मविश्वास समय के साथ बढ़ता है,अन्याय बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। माता-पिता के तौर पर, आपका बच्चा जो कुछ भी देखता है, उसका उस पर गहरा असर पड़ता है। साहस का मतलब है कि आप अपने आस-पास की चीज़ों के प्रति कितने संवेदनशील हैं—क्या वे आपको स्वीकार्य हैं? अगर हाँ या नहीं, तो क्यों?

उन्होंने कहा कि विकास का मतलब है उन स्थितियों पर प्रतिक्रिया देना जो मुझे स्वीकार्य नहीं हैं। सबके साथ समान व्यवहार करें और अपने फ़ैसलों पर अडिग रहें। हम सभी में असीमित क्षमता है,हमारे लिए आसमान ही सीमा है।

फिक्की फ्लो की उधमी महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को मैन्युफ़ैक्चरिंग में नए आइडियाज़ (innovation) की ज़रूरत है, जिससे विदेशी मुद्रा आएगी और रुपए की कीमत गिरने से बचेगी।

उन्होंने कहा कि आयात का कोई विकल्प (import substitute) ढूँढ़ें और सोचें कि आप उसे कैसे बढ़ावा दे सकते हैं। अपनी SWOT Analysis (ताकत, कमज़ोरी, अवसर और चुनौतियाँ) को विस्तार से लिखें। अपनी कमज़ोरियों का विश्लेषण करें। खुद को थोड़ा समय दें।

उन्होंने सुझाव दिया कि खुद का ध्यान रखना (Self-care) और खुद को समझना (Self-awareness) यानी लगातार अपना विश्लेषण करते रहें। एक डायरी या जर्नल में अपने विचार लिखें।
स्पष्टता ही सफलता की कुंजी है, हम सभी को किसी न किसी रूप में मदद की ज़रूरत होती है।

कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण लखनऊ जेल में ‘रेडियो परवाज़’ की शुरुआत थी,यह ‘इंडिया विज़न फाउंडेशन’ की एक पहल है, जो अब लगभग 3,100 कैदियों तक पहुँच रही है। फ्लो ने 10 कैदियों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी अपने समर्थन की घोषणा की, जिससे सामाजिक प्रभाव के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और मज़बूत हुई।

इस शाम ‘अपोलो प्रिविलेज कार्ड’ का भी अनावरण किया गया। यह फ्लो लखनऊ के ‘हेल्थ वर्टिकल’ द्वारा ‘अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल्स’ के सहयोग से शुरू की गई एक विचारशील पहल है, जिसका उद्देश्य सदस्यों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ और सशक्त बनाना है।

एक नए दृष्टिकोण के साथ फ्लो लखनऊ अपने 12वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और नेतृत्व, सशक्तिकरण तथा सामुदायिक प्रभाव पर अपना ध्यान केंद्रित रखना जारी रखेगा। यह कार्यक्रम एक पर्यावरण-अनुकूल पहल के रूप में आयोजित किया गया था, जिसमें प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के प्रयास किए गए।

भाजपा स्थापना दिवस पर 2027 का शंखनाद

कार्यकर्ताओं ने लिया विजय संकल्प

लोकमित्र ब्यूरो
आगरा। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर सोमवार को ब्रज क्षेत्र कार्यालय, जयपुर हाउस में भव्य और उत्सवी माहौल के बीच ऐसा आयोजन हुआ, जिसने सिर्फ एक परंपरागत पार्टी कार्यक्रम का रूप नहीं लिया, बल्कि इसे संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन, राजनीतिक एकजुटता और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीतिक शुरुआत के रूप में देखा गया।

भाजपा के इस आयोजन में ब्रज क्षेत्र से लेकर महानगर और जिले तक के शीर्ष पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विधायक, एमएलसी, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, पार्षद और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम ने साफ संकेत दिया कि भाजपा आगरा में अब स्थापना दिवस को सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि आगामी चुनावी लड़ाई के लिए कार्यकर्ता ऊर्जा-संचार अभियान के रूप में भी देख रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष दुर्गविजय सिंह शाक्य, भाजपा आगरा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, जिला अध्यक्ष प्रशांत पोनिया, एमएलसी एवं प्रदेश मंत्री विजय शिवहरे, विधायक जीएस धर्मेश, विधायक धर्मपाल सिंह, विधायिका रानी पक्षालिका, विधायक छोटे लाल वर्मा, विधायक भगवान सिंह कुशवाह, हेमंत भोजवानी, महेश शर्मा, नीतेश शिवहरे, सहदेव शर्मा, हरिओम रावत समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भारत माता की तस्वीर के समक्ष ध्वजारोहण कर किया।

ध्वजारोहण के साथ ही परिसर में भारत माता की जय, वंदे मातरम्, और भाजपा जिंदाबाद के नारों से माहौल पूरी तरह राजनीतिक उत्साह में बदल गया। इसके बाद मिष्ठान वितरण किया गया और हजारों कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए वरिष्ठ नेताओं से आशीर्वाद प्राप्त किया।

—-गोष्ठी बनी राजनीतिक संदेश का मंच

स्थापना दिवस के अवसर पर ब्रज क्षेत्र कार्यालय में आयोजित गोष्ठी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का भाजपा का पटका पहनाकर अभिनंदन किया गया। साथ ही महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम को वैचारिक और सांस्कृतिक स्वरूप दिया गया। इस दौरान नेताओं ने भाजपा के इतिहास, वैचारिक यात्रा, संगठनात्मक संस्कृति और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को कार्यकर्ताओं के सामने रखते हुए “संगठन से सत्ता और सेवा से राष्ट्र निर्माण” का संदेश दिया।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष दुर्गविजय सिंह शाक्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में संगठन ही सेवा का मूल आधार है। भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति उसका अनुशासित कार्यकर्ता तंत्र है। पन्ना प्रमुख से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक संगठन को व्यक्ति से ऊपर और राष्ट्र को दल से ऊपर रखने की परंपरा भाजपा की पहचान है। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि लोक कल्याण का उपकरण है।

जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया ने कहा कि भारतीय राजनीति के इतिहास में भाजपा का उदय अभूतपूर्व है। 1984 के चुनाव में महज 2 सीटों पर सिमटने वाली पार्टी ने अपने धैर्य, विचारधारा और कार्यकर्ताओं की ताकत के बल पर 2014 और 2019 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। यह संघर्ष, समर्पण और संगठन का परिणाम है।

महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने भाजपा के नेतृत्व की निर्णायकता पर जोर देते हुए कहा कि
भाजपा को अटल जी और आडवाणी जी के युग में सर्वसमावेशी विस्तार मिला, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने ‘संकल्प से सिद्धि’ के मंत्र को साकार किया। पिछले एक दशक में पार्टी ने दशकों से लंबित मुद्दों को हल किया।

  • उन्होंने कहा कि भाजपा ने अनुच्छेद 370 का निस्तारीकरण कर राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत किया। एक विधान, एक निशान, एक प्रधान के संकल्प को पूरा किया। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से सांस्कृतिक पुनर्जागरण का मार्ग प्रशस्त किया। डिजिटल इंडिया के माध्यम से आधुनिक भारत की नींव को मजबूत किया।

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