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मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डलीय समीक्षा बैठक हुई सम्पन्न

February 3, 2026

मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डलीय समीक्षा बैठक हुई सम्पन्न

  • 300 बैडेड हास्पिटल को पी.पी.पी मॉडल पर संचालित किये जाने के संबंध में 10 फरवरी को बैठक आयोजित किये जाने के दिये निर्देश
  • बदायूं से दातागंज मार्ग के गडढे भरवाने के दिये गये निर्देश
  • समस्त मुख्य मार्गों पर पर्याप्त संख्या में लगायें जाये साइनेज, जिससे दुर्घटना से हो सके बचाव-मण्डलायुक्त

Posted on: 03.02.2026, Tuesday, Time 06.01 PM, Bareilly

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बरेली, 03 फरवरी । मण्डलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में आज मण्डलीय समीक्षा बैठक विकास भवन स्थित सभागार में सम्पन्न हुई।

बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा में पाया कि बरेली प्रथम स्थान पर है कृषि विभाग से सम्बंधित फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति कम पाये जाने पर नाराजगी जाहिर की जिस पर जिलाधिकारीगण द्वारा अवगत कराया गया कि जो लोग फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कर रहे हैं उनके भुगतान की समस्या है जिस पर मण्डलायुक्त ने संयुक्त कृषि निदेशक को निर्देश दिये कि आज शाम तक चारों जनपदों मेंं कितने कर्मी इस कार्य में लगे हैं और कितनों के खातों की समस्या है की रिपोर्ट देते हुए तीन दिन में सभी के खातों में धनराशि प्रेषित करा दें।

बैठक में पूर्व दशम/दशमोत्तर छात्रवृत्ति की समीक्षा में बताया गया कि 9 फरवरी तक यदि किसी स्कूल में डाटा पेंडिंग है तो उसे निस्तारित करना होगा तत्पश्चात लाभार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति सीधे भेज दी जायेगी।

बैठक में बताया गया कि मण्डल स्तर पर ट्रामा सेण्टर/क्रिटिकल कारिडोर प्रस्तावित है बरेली में 10, बदायूं में 8, पीलीभीत में 10, तथा शाहजहांपुर में 8 का निर्माण कराया जायेगा हैं, जिस पर मण्डलायुक्त ने कहा कि हर जनपद में कम से कम एक आर्थोपेडिक सर्जन की व्यवस्था की जाये। बैठक में उन्होनें निर्देश देते हुए कहा कि ब्लैक स्पाटस के निकट ए.एल.एस युक्त एम्बुलेन्स की व्यवस्था तथा निकटतम चिकित्सा संस्थानों (प्राइवेट/सरकारी) उसमें उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओ का ब्यौरा बनाकर प्रस्तुत किया जाए।

इसके पश्चात बैठक में एम.बी.बी.एस डाक्टर्स की एग्रीमेन्ट के आधार पर नियुक्ति, टी.बी. रोग उन्मूलन कार्यक्रम, सिजेरियन प्रसव केन्द्र की समीक्षा की गयी जिसमें यह पाया गया कि नवाबगंज में स्थिति अच्छी है, लेकिन कुछ स्थानों पर कर्मियों की कमी है जिस कारण आपेक्षित प्रगति नही हो पा रही है। बैठक में निर्देश दिये गये कि विकास खण्डों के स्तर पर डिलीवरी बढाई जाए। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु वालों का अयुष्मान कार्ड बनाने के लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति लाये जाने के भी निर्देश दिये गये।
बैठक में 300 बैडेड हास्पिटल को पी.पी.पी मॉडल पर संचालित किये जाने के बारे में भी समीक्षा की गयी और 10 फरवरी को इस सन्दभ में पूरी जानकारी के साथ पुनः बैठक आयोजित किये जाने के निर्देश दिये गये। इसके पश्चात शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की क्रियाशीलता, नेत्र ज्योती अभियान के अंतर्गत चश्मों के वितरण, 102 तथा 108 एम्बुलेंस का निरीक्षण किये जाने व मलेरिया संक्रमण की विस्तृत समीक्षा की समीक्षा की गयी। टीकाकरण के ऐसे सेशन पर चर्चा की गयी जो नियोजित किये गये थे परन्तु सम्पादित नही किये गये। मंडलायुक्त द्वारा समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियो को अपने अपने जनपद के मेडिकल कालेजों का निरीक्षण किये जाने के निर्देश दिये।

बैठक में जिलाधिकारी पीलीभीत को निर्देश दिये गये कि फैमिली आई.डी में जनपद की स्थिति पीछे चल रही है जिस पर सुधार करने की आवश्यकता है। बैठक में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वजन नापने व लम्बाई नापने की मशीन कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर उपलब्ध नहीं है, जिस पर जिलाधिकारी बरेली द्वारा बताया गया कि 15 लाख रु फण्ड दिया गया था जिससे उपयुक्त उपकरण मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से क्रय कराया गया है शीघ्र रिसीव करा दिया जायेगा। विभाग द्वारा बताया गया कि लगभग 5 वर्ष पूर्व राज्य सरकार द्वारा उपकरण उपलब्ध कराये गये थे काफी संख्या में खराब हो गये हैं। जिस पर मंडलायुक्त ने विकास खण्डवार उन उपकरणों को प्रयोग करने व फीडिंग करने का प्रशिक्षण कराने व प्रशिक्षण उपरांत निरीक्षण कर कार्य की जानकारी लेने के भी निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि अगले माह की 15 तारीख तक प्रशिक्षण करायें। इसके पश्चात उद्योग विभाग के अंतर्गत ओ.डी.ओ.पी, मुख्यमंत्री युवा रोजगार अभियान, प्रधानमंत्री श्रम सम्मान योजना, निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा में पाया कि पशुपालन विभाग के अन्तर्गत निर्माणाधीन गौशालाओं की समीक्षा की गयी जिसमें यह पाया गया कि बरेली में 2 गौशालाएं हैण्डओवर हो चुकी हैं उसमें विद्युत कनेक्शन भी हो चुका है और गौवंश संरक्षित होने भी आरम्भ हो गये हैं।

सैटेलाईट बस स्टेशन, इज्जतनगर में निर्माणाधीन बस स्टैण्ड की समीक्षा की गयी जिस पर बताया गया कि इज्जतनगर बस स्टैण्ड का निर्माण कार्य पूर्ण करने की मई 2026 की तिथि पुर्ननिर्धारित करा ली गयी है। 200 करोड़ रु से अधिक लागत में निर्माण कार्यों की समीक्षा की गयी जिसमें गर्रा नदी पर सेतु निर्माण, कस्तूरबा विद्यालय में हास्टल निर्माण, बदायूं में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में हास्टल निर्माण, राजकीय महाविद्यालय दातागंज बदायूं, के निर्माण कार्य के बारे में बताया गया कि फायर/विद्युत एन.ओ,सी के लिये आवेदन किया गया है। विद्युत/भवन पर से 33 हजार के.वी की लाइन गयी है जिसकी शिफटिंग करायी जानी है। जल निगम (नगरीय) द्वारा शीशगढ़ परियोजना की हैण्ड ओवर की कार्यवाही की जा रही है।
शाहजहांपुर में नर्सिंग कालेज की कार्यदायी संस्था द्वारा बताया गया कि कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करा लिया जाएगा। सी.एन.डी.एस के कुल 11 कार्य विलम्ब से चल रहे हैं जिस पर बताया गया कि इसका मुख्य कारण है कि विभिन्न निर्माण कार्यो में धनराशि प्राप्त न हो है। भावलखेड़ा में कस्तूरबा गॉधी विद्यालय में निर्माण कार्य मार्च तक पूर्ण हो जायेगा। पी.डब्लू.डी के निर्माण कार्यो की जॉच रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली गयी जिस पर जॉच अधिकारियों द्वारा बताया गया कि भोजीपुरा से अगरास से शंखापुल तक मार्ग के कार्य की जांच करायी गयी कार्य ठीक है पटरी का कार्य अवशेष था जिस पर बताया गया कि पूर्ण करा लिया जायेगा। बरेली से आंवला अलीगंज गैनी मार्ग के बारे में बताया गया नाली आदि का कार्य चल रहा है।

जिलाधिकारी बदायूं ने जानकारी दी कि बदायूं से दातागंज मार्ग खराब स्थिति में है जिस पर मण्डलायुक्त ने उसे ठीक कररवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि समस्त मार्गों मुख्यतः बहेड़ी, चौबारी, दातागंज, आदि मार्गों पर साइनेज आदि पर्याप्त संख्या में लगाया जाए जिससे कि दुर्घटना से बचाव हो सके ।

कर करेत्तर की समीक्षा में दिसम्बर के माह में समीक्षानुसार बताया गया कि आबकारी विभाग बरेली व पीलीभीत की स्थिति अच्छी नहीं थी जनवरी में पर्याप्त सुधार कर लिया है। बैठक में बताया गया कि निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों में कार्य करने की आवश्यकता है, सभी संबंधित इस ओर ध्यान दें। आई.जी.आर.एस की समीक्षा में बताया गया कि में किसी भी विभाग को सी नही मिला है तथा संतोष का स्तर भी बढा है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिये कि 10 से 12 जनसुनवाई में सभी अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठें, उक्त समयावधि में कोई मीटिंग आयोजित ना की जाये ।

बैठक में जिलाधिकारी बरेली अविनाश सिंह, जिलाधिकारी बदायूं अवनीश राय, जिलाधिकारी शाहजहांपुर धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी पीलीभीत ज्ञानेन्द्र सिंह, समस्त मुख्य विकास अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित मण्डल स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

एटा में मेडिकल कालेज बना सफेद हाथी, हजारों बीमार रोज लड़ रहे हैं पर्चा बनवाने की जंग

Etah Medical College

Posted on: 03.02.2026 Tuesday, Time : 05.48, by Anuj Mishra, UP Samachar Sewa Correspondent Etah

एटा 03 फरवरी (उप्रससे)। जनपद के वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में डाक्टरों को दिखाने के लिए बीमार हजारों लोग रोजाना पर्चा बनवाने की जंग लड़ते हुए दिखाई देते हैं। लेकिन सबकुछ जानते और देखते हुए भी मेडिकल कालेज प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। क्योंकि मरीजों को पंजीकरण की लाइन में उलझाए रखना मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल की सोची समझी नीति है। प्रतिदिन बहुत से मरीज जब तक पर्चा बनवा पाते हैं तब तक एक बज जाता है और वह डाक्टर को दिखा पाते हैं तब तक फार्मासिस्ट दो बजे दवा वितरण बंद कर चला जाता है।

मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन मरीजों को पंजीकरण (पर्चा) की लाइन में इसलिए उलझाकर रखा जाता है ताकि डाक्टरों के सामने मरीजों की भीड़ इकट्ठी न होने पाये, इसलिए सिर्फ एटा मेडिकल कालेज में पर्चा बनवाने के लिए आधार कार्ड और मोबाइल लाना जरूरी कर दिया गया है। पर्चा बनाने वाला पहले आधार कार्ड मांगता है उसके बाद मोबाइल पर ओटीपी भेजता है। ओटीपी भेजने, आने और बताने में दस मिनट एक पर्चा पर लगना साधारण सी बात है। प्रतिदिन हजारों मरीजों की भीड़ के बीच एक पर्चा पर दस मिनट लगेंगे तो दो से तीन हजार मरीजों को समय से आसानी पूर्वक पर्चा कैसे मिल सकेगा? कभी कभी कुछ लोग दूसरे लोगों का पर्चा बनवाने पहुंच जाते हैं। मरीज घर (गांव) से चला भी नहीं है और परिचित पर्चा बनवा रहे होते हैं। पर्चा पर मरीज का मोबाइल नंबर डलवाते हैं, गांव में किसी कारणवश ओटीपी नंबर नहीं पहुंचता है अथवा नेटवर्क की कमी के कारण मोबाइल से बात नहीं होती है तब तक पर्चा (पंजीकरण) की लाइन रूकी रहती है। ऐसे एक व्यक्ति के कारण सैकड़ों व्यक्ति बेबस होकर लाइन में खड़े रहते हैं। क्या कसूर है इन बेबस मरीजों का जिन्हें आधार कार्ड और ओटीपी नंबर के नाम पर उलझाकर उनकी गरीबी का फायदा मेडिकल कालेज का प्रशासन उठा रहा है?
जवाहरलाल मेडिकल कालेज अलीगढ़, एस एन मेडिकल कालेज आगरा, गुरु तेग बहादुर हास्पीटल (जीटीबी) दिल्ली आदि में कहीं भी पर्चा बनवाने के लिए आधार कार्ड और ओटीपी की जरूरत नहीं होती है तो एटा मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल ही क्यों “तीन लोक से मथुरा न्यारी” वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं। कहीं उनका मकसद इलाज के लिए प्रतिदिन आने वाले हजारों मरीजों को परेशान कर मेडिकल कालेज आने से रोकना तो नहीं है?
इतना ही नहीं, एटा मेडिकल कालेज में तीन दिन की दवा का नियम भी सभी मेडिकल कालेजों से अलग है। एस एन मेडिकल कालेज सहित आस पास के जनपदों में मरीज को 7 दिन की दवा डाक्टर द्वारा लिखी जाती है, कभी कभी ज्यादा चलने वाली दवा को 15 दिन तक के लिए भी लिखते हैं, लेकिन एटा मेडिकल कालेज में डाक्टरों को 3 दिन की ही दवा लिखने का निर्देश दिया गया है जिससे मेडिकल कालेज में मरीजों की संख्या कम नहीं हो पा रही है। कोई भी डाक्टर चाहकर भी 3 दिन से अधिक की दवा नहीं लिख रहे हैं।
आखिर मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल की इस मनमानी के पीछे मंशा क्या है? सरकार जब मरीजों को सहज उपचार सुलभ कराना चाहती है तो फिर मेडिकल कालेज प्रशासन सरकार की सुविधा को असुविधा बनाने में क्यों लगा हुआ है। पर्चा बनाना अति सरल किया जाना चाहिए ताकि वरिष्ठ महिला और पुरुष को लाइन में घंटों खड़े नहीं रहना पड़े।

एटा में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन, संस्कारों पर जोर, श्रेष्ठ भारत निर्माण का आह्वान

Hindu Sammelan Etah

एटा में हिंदू सम्मेलन

एटा 03 फरवरी उप्रससे। जनपद में अलीगंज विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत ससौता गही मंडल की ग्राम पंचायत सुमौर में हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। हिंदू सम्मेलन समिति की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में हिंदू समाज को संगठित होकर श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समीप दीप प्रज्वलित कर किया गया। आयोजन समिति ने मुख्य अतिथियों को शॉल व पटका ओढ़ाकर सम्मानित किया।

सम्मेलन के दौरान मातृशक्ति वक्ता के रूप में ममता सिंह विश्व हिंदू परिषद ने पंच परिवर्तन के विषय में विशेष रूप से पर्यावरण के ऊपर अपनी बात कही। डा. अनूप सिंह राठौर ने सज्जन शक्ति वक्ता के रूप में विकसित भारत और उसकी चुनौतियों के बारे में उद्बोधन देते हुए कहा कि अर्थशास्त्री एंगस मेडिसिन द्वारा लिखा गया था कि 2000 वर्षों के इतिहास में भारत विश्व का 46 प्रतिशत आर्थिक उत्पादों में योगदान देने वाला देश रहेगा। आज भारत में जातिगत भेदभाव व्यवस्था जैसे नैरेटिव समाज में खड़े करने की कोशिश की जा रही है। युवाओं में नशे का प्रचलन अत्यधिक बढ़ता जा रहा है। शिवम गुप्ता जिला उपाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद ने हिंदुत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभिन्न प्रकार से हिंदुत्व के प्रति आज समाज में भ्रम उत्पन्न करने का कार्य और कुचक्र रचे जा रहे हैं। राम को मानने वाला हो या कृष्ण को या मीराबाई को, सब हिंदू हैं। कोई भी उपासना पद्धति होगी, कोई भी परंपरा होगी, हमारा खान पान वेशभूषा अलग होने के बाद भी हम हिंदू हैं।

हिंदुत्व केवल पूजा पद्धति नहीं, समग्र जीवन व्यवस्था है, इसलिए हिंदुत्व वर्तमान में संसार का मार्गदर्शन है।
मुख्य वक्ता के रूप में आए डा. कृष्णवीर प्रांत सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा से लेकर अब तक की उपलब्धियों पर अपना विषय रखा। हिंदू सम्मेलन में सुशील खंड व्यवस्था प्रमुख, देवेंद्र मिश्रा खंड संचालक, सत्यम खंड कार्यवाह विकास, खंड प्रचारक फेरु सिंह, वीरेंद्र प्रताप, कुशल पाल, फूलवती, रचना रेखा सहित सैकड़ों की संख्या में हिंदू समाज के लोग उपस्थित रहे।

पंडित नगला बाईंपास पर छोटे वाहनों के लिए आवागमन को करना पड़ेगा इंतजार

Posted on: 03.02.2026 Tuesday, Time: 02.43 PM by Rajesh Bhatia, Moradabad

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मुरादाबाद, 2 फरवरी (उप्र समाचार)।
संभल रोड पर पंडित नगला बाईंपास पर ओवरब्रिज निर्माण
का काम अभी पूरा नहीं हो सका है। इससे लोगों को आवागमन में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। शब ए बारात के चलते रेलवे ओवर ब्रिज का काम रोक दिया गया। हालांकि यातायात पुलिस ने एक साइड से छोटे वाहनों के मंगलवार सुबह से आने जाने की योजना बनाई थी मगर वाहनों का आवागमन शुरू नहीं हो सका है। यातायात पुलिस का कहना है कि शाम तक बाईंपास से छोटे वाहन गुजर सकेंगे।
पंडित नगला बाईंपास पर रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण का काम सेतु निगम विभाग कर रहा है। रेललाइन के ऊपर पुल रेलवे कर रहा है। रेल के हिस्से का काम पूरा न होने से पंडित नगला बाईंपास पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य अटका हुआ है। निर्माण कार्य के कारण ही संभल और चंदौसी रोड पर आवाजाही बाधित है। इससे वाहन बदले मार्ग से गुजर रहे हैं।
अब शब ए बारात के चलते छोटे वाहनों के लिए खोलने की तैयारी की। इसे मंगलवार सुबह से खोला जाना था पर सेतु निगम के बाईं पास पर बीम डाले गए। 15 फरवरी तक काम बंद कर दिया गया। हालांकि पुल निर्माण में बड़ी समस्या बिजली की हाईटेंशन लाइनें हैं। बिजली विभाग ने तारों को हटाने के लिए खर्च का प्रस्ताव सेतु निगम को दिया है।
पुलिस अधीक्षक यातायात सुभाष चंद्र गंगवार का कहना है कि पंडित नगला बाईंपास पर आवागमन छोटे वाहनों के लिए
खोले जाने थे पर शाम तक इस निर्णय हो सकेगा।

February 2, 2026

सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज की थीम पर नेचर एण्ड बर्ड फेस्टिवल हुआ आयोजन

UP Tourism Minister Jayveer Singh

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह

उप्रससे अजय बरया

ललितपुर। सोमवार को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर ललितपुर के देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी वन्यजीव अभ्यरण में नेचर एण्ड वर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जहां उ0प्र0 शासन के मंत्री, पर्यटन एवं संस्कृति जयवीर सिंह, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना एवं राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और झांसी-ललितपुर क्षेत्र में 24 करोड़ से अधिक की पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सभी अतिथियों ने आयोजन स्थल से पहले बनाये गए बर्ड विलेज में ठहरकर प्रकृति के लुभावने दृश्यों का आनन्द लिया, इसके बाद मुख्य आयोजन स्थल की ओर रवाना हुए। यहां पर उन्होंने सर्वप्रथम फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और 24 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का पट्टिकाओं का अनावरण कर लोकार्पण किया। उन्होंने परिसर में लगाये गए फोटो गैलरी, चित्र प्रदर्शनी व स्टॉलों का निरीक्षण कर सराहना की। उन्होंने मंच पर पहुंचकर मॉ सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया तत्तपश्चात प्रधान मुख्य वन संरक्षक/विभागाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी, मण्डलायुक्त बिमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक मो0 मुश्ताक, डीएफओ नवीन शाक्य सहित अन्य अधिकारीगणों ने मंत्रीगणों का बुके भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन विभाग उ0प्र0 मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुश्वाहा, जिलाध्यक्ष भाजपा हरीशचन्द्र रावत, प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन अनिल कुमार सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधिगण, निदेशक इको पुष्प कुमार के० सहित इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड, पर्यटन विभाग एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रकृति प्रेमी, स्थानीय नागरिक, बर्डिंग एवं ट्रैकिंग से जुड़े विशेषज्ञ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कलाकार उपस्थित रहे। राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज सहित अन्य कॉलेजों की छात्राओं के द्वारा स्वागत गीत व सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी।
इसके उपरान्त कार्यक्रम में सारस गणना 2025 कॉफी टेबिल बुक व डॉक्यूमेन्ट्री का विमोचन किया गया, इसके बाद फोटोग्राफी, स्लोगन व चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गए।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विभाग और वन विभाग संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म को शिखर पर पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि वैश्विक इको पर्यटन मानचित्र पर बुंदेलखंड को विशिष्ट स्थान प्राप्त हो, बर्ड फेस्टिवल इसकी आधारशिला है।
मंत्री जयवीर सिंह ने आगे कहा कि श्ललितपुर का देवगढ़ क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। यहां प्राचीन काल के जैन मंदिर, बौद्ध गुफाएं, दशावतार मंदिर के साथ-साथ बेतवा नदी के किनारे जैव-विविधता और वन्यजीवों के सरंक्षण का अद्भुत केंद्र है। केवल देवगढ़ ही नहीं पूरा ललितपुर पर्यटन आकर्षणों से भरा है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल के दौरान आमलोग पक्षियों को देख सकते हैं, प्रकृति के बीच भ्रमण कर सकते हैं तथा आर्द्रभूमि संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा बन सकते हैं।
वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंडश् की दिशा में बढ़ रहे
पर्यटन मंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल वेटलैंड डे पर जानकारी देते हुए हर्ष हो रहा है कि केंद्र सरकार की एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना और राज्य सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन योजना के बाद हम वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड भविष्य के ब्रांड अंबेसडर भी तैयार कर रहा है। युवा टूरिज्म क्लबों के सदस्यों को विभिन्न अवसरों पर विस्टाडोम कोच, विभिन्न पक्षी विहारों सहित नजदीक प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाता है। विद्यालयों में प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में प्रारंभिक स्तर से ही पर्यावरण संरक्षण और ईको टूरिज्म के प्रति जागरूकता विकसित की जा रही है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक जनपद के अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जाए।
रामसर साइट्स-टाइगर रिजर्व के पास पर्यटन विकास
पर्यटन मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों हुई संयुक्त बैठक में वन विभाग ने बताया कि अब तक 52 वेटलैंड सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। इस प्रदेश के प्रत्येक जिले पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। दोनों विभागों के बीच प्रदेश की 11 रामसर साइट्स और 04 टाइगर रिजर्वों के आसपास पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विभिन्न राज्यों और देशों के टूर ऑपरेटरों एवं यात्रा व्यवसायियों की फैम ट्रिप आयोजित की जा रही है। हाल में ही यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से आए प्रतिनिधि न केवल राज्य के सौंदर्य से आकर्षित हुए, बल्कि उत्तर प्रदेश के डेस्टिनेशन को अपनी आइटनरी में शामिल भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बने। पर्यटन स्थलों और पर्यटकों की सुविधाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण सक्सेना, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने कहा, नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 उत्तर प्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता, पक्षी संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह उत्सव न केवल प्रदेश के वेटलैंड्स, वन क्षेत्रों और प्रवासी पक्षियों की महत्ता को रेखांकित करता है, बल्कि नागरिकों विशेषकर युवाओं को प्रकृति के संरक्षण के लिए जागरूक और प्रेरित भी करता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को समृद्ध प्राकृतिक विरासत मिल सके।
नदियां, वेटलैंड्स, प्रवासी पक्षी हमारी धरोहर
वन मंत्री अरुण सक्सेना ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नदियां, वेटलैंड्स, वन क्षेत्र और प्रवासी पक्षी हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आवश्यक है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 यह संदेश देता है कि विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के संतुलन के साथ हो। प्रदेश सरकार जैव-विविधता संरक्षण, पक्षी आवासों के संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
इसके अलावा कार्यक्रम में राज्यमंत्री, सदर विधायक, जिलाध्यक्ष भाजपा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों व अधिकारियों ने अपने सम्बोधन में जिले के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन व भावी पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके उपरान्त मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

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