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गीता के निष्काम कर्म के सिद्धांत को जीवन में करें आत्मसात: डॉ. कोठारी

February 2, 2026

गीता के निष्काम कर्म के सिद्धांत को जीवन में करें आत्मसात: डॉ. कोठारी

Dr Jagdish Kothari

डा जगदीश कोठारी

Posted on 02.02.2026 Monday, Time: 07.10 PM, Teerthankar Mahaveer University TMU, Shrimad Bhagwadgeeta, Dr Jagdeesh Kothari, Moradabad

 

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के आईकेएस सेंटर की ओर से उद्देश्य, अवसर और व्यावसायिक जीवनः श्रीमद्भगवद्गीता से सीख पर 12वीं राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में प्रतिष्ठित भगवदाचार्य और ज्योतिषाचार्य डॉ. जगदीश कोठारी ने बतौर मुख्य वक्ता की शिरकत

मुरादाबाद, 02 फरवरी 2026, प्रतिष्ठित भगवदाचार्य और ज्योतिषाचार्य डॉ. जगदीश कोठारी ने श्रीमद्भगवद्गीता के चयनित श्लोकों के जरिए जीवन के उद्देश्य, आत्मज्ञान और निष्काम कर्म के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमें निष्काम कर्म के सिद्धांत को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। इससे  न केवल व्यावसायिक सफलता प्राप्त की जा सकती है, बल्कि आंतरिक संतोष और मानसिक शांति भी मिलती है। डॉ. कोठारी तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम- आईकेएस की ओर से उद्देश्य, अवसर और व्यावसायिक जीवनः श्रीमद्भगवद्गीता से सीख पर टिमिट के सभागार में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। इससे पूर्व ज्योतिषाचार्य डॉ. जगदीश कोठारी, आई स्पेशलिस्ट डॉ. उपमा अवस्थी, यूथ मेंटर श्री अरविंदाक्ष माधव दास, इस्कॉन के प्रतिनिधि श्री अरुणोदय कीर्तन दास आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया। इस मौके पर डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन आदि की गरिमामयी मौजूदगी रही। प्रो. मंजुला जैन ने यूनिवर्सिटी की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि गीता का कर्मयोग युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति निष्ठावान रहने, परिणाम की चिंता किए बिना निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आत्मविकास, अनुशासन और सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए ऐसे आयोजनों को भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनर्जागरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कॉन्क्लेव के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने वक्ताओं से जीवन, करियर, नेतृत्व और मूल्य-आधारित शिक्षा से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

आई स्पेशलिस्ट डॉ. उपमा अवस्थी ने मानसिक स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और आंतरिक शांति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कह, गीता के सिद्धांत आज भी तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। यूथ मेंटर श्री अरविंदाक्ष माधव दास ने युवाओं से कहा, जुनून और स्पष्ट उद्देश्य के बिना सफलता अधूरी रहती है। उन्होंने गीता के जरिए नेतृत्व क्षमता, आत्मअनुशासन और सशक्त निर्णय लेने की कला पर बल दिया। उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ प्रतिबद्ध और नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा दिलवाई। इस्कॉन के प्रतिनिधि श्री अरुणोदय कीर्तन दास ने कहा, जब व्यावसायिक जीवन में आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का समावेश हो जाता है, तब व्यक्ति न केवल सफलता प्राप्त करता है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनता है। टीएमयू आईकेएस सेंटर की कोऑर्डिनेटर डॉ. अलका अग्रवाल ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, नेतृत्व, कर्मयोग और नैतिक मूल्यों की एक सशक्त और व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। इस अवसर पर डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. चंचल चावला, डॉ. विभोर जैन, डॉ. विवेक पाठक, डॉ. अमीषा सिंह आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। संचालन डॉ. माधव शर्मा ने किया।

 

January 31, 2026

मंडल में नई रेललाइन और बरेली से मुंबई की ट्रेन का इंतजार

  1. आम बजट आज

धामपुर-काशीपुर और बिजनौर हस्तिनापुर रेललाइन प्रोजेक्ट पर बोर्ड में विचाराधीन

मुरादाबाद, 31 जनवरी(उप्र समाचार सेवा)।
रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करेंगी। आम आदमी की निगाह आयकर सीमा में छूट बढ़ने के अलावा रेल सेवाओं के विस्तार पर रहेगी।
मुरादाबाद मंडल में रेल सुविधा व सुरक्षा पर सरकार की प्राथमिकता रही है। अबकी भी रेल यात्री और विभाग की नजर कल के पेश होने वाले बजट पर टिकी है। माना जा रहा है कि मुरादाबाद मंडल में नई रेललाइन प्रोजेक्ट और तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन पर जोर
है। रेल प्रशासन ने इस साल में आधुनिकीकरण से लेकर स्टेशनों के कायाकल्प और विकास कार्यों पर जोर दिया है। मंडल में अभी कई योजनाओं पर काम चल रही हैं। मंडल प्रशासन ने रेल कनेक्टिविटी को
बढ़ावा देने के नई रेललाइन के प्रस्ताव विचाराधीन है। धामपुर काशीपुर और बिजनौर हस्तिनापुर रेललाइन बिछाने काई योजना है। धामपुर काशीपुर लाइन 58 किमी लंबी है। डीपीआर तैयार की गई है। इस सिलसिले में प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया है। जबकि बिजनौर हस्तिनापुर रेललाइन
63.5 किमी लंबी है। प्रोजेक्ट की स्वीकृति से मेरठ की रेल कनेक्टिविटी का रास्ता साफ होगा।
इसके अलावा मुंबई की डिमांड को देखते हुए रेलवे का लालकुआं से मुंबई बांद्रा के फेरे बढ़ाए जाने का भी प्रस्ताव है। जबकि बरेली से मुंबई के लिए नई ट्रेन का भी प्रस्ताव है।

एटा में हिंदू युवती को बुर्का पहनाकर ले जा रहा था युवक, स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

एटा 31 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में रोडवेज बस स्टैंड पर एक मुस्लिम युवक को हिंदू युवती को बुर्का पहनाकर ले जाते हुए स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। लोगों ने आरोपी युवक को पकड़कर कोतवाली नगर पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलने पर दर्जनों हिंदू संगठन के लोग मौके पर पहुंच गए और आक्रोश व्यक्त किया।

हिंदू संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए लड़की को फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती को नाबालिग बताया जा रहा है। पकड़े गए आरोपी युवक आसिफ पुत्र मुन्ने के हाथ में कलावा बंधा हुआ था। फिलहाल, हिंदू संगठनों के आक्रोश के बाद पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।

सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक मुस्लिम युवक हिंदू लड़की को बुर्का पहनाकर भगा ले जा रहा है। उन्होंने मौके पर पहुंचकर युवक को पकड़ा और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की। अरविंद ने मुख्यमंत्री के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवक के हाथ में बंधा कलावा निश्चित रूप से गुमराह करने के लिए बांधा गया था।

युवती के पिता ने कोतवाली नगर पुलिस को लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने आरोपी आसिफ पर बहला-फुसलाकर भगाने और छेड़खानी का आरोप लगाया है। पिता ने यह भी बताया कि उनकी बेटी कुछ समय से अलग पूजा पद्धति से पूजा-अर्चना कर रही थी। शिकायत के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के दर्जनों कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और तत्काल कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने लड़की की उम्र नाबालिग बताई है।

विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष शिवांग गुप्ता ने बताया कि एक हिंदू लड़की को मुस्लिम युवक बस स्टैंड पर बुर्का पहनाकर ले जा रहा था। सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लड़की एक इंटर कॉलेज की 10वीं कक्षा की छात्रा है और मुस्लिम युवक उसे बहला फुसलाकर ले जा रहा था।

रामसर सूची में शामिल हुआ एटा का पटना पक्षी विहार

एटा को बड़ी सौगात, पटना पक्षी विहार को किया रामसर स्थल घोषित, मिलेगी वैश्विक पहचान क्षेत्र में खुशी का माहौल

Posted on 31.01.2026 Saturday, Time : 09.44 PM, by Anuj Mishra Etah

Patna Bird sanctuary named in Ramsar list

Patna Bird sanctuary etah

पटना पक्षी विहार को मिली वैश्विक पहचान, रामसर सूची में शामिल

एटा 31 जनवरी उप्रससे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी विहार को अन्तर्राष्ट्रीय महत्व का रामसर स्थल घोषित किया है। इसके साथ ही गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित चारी-ढांड को भी रामसर सूची में शामिल किया गया है। इस घोषणा से भारत की आर्द्रभूमि संरक्षण नीति को नई मजबूती मिली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने स्थानीय जनता और आर्द्रभूमि संरक्षण में लगे सभी नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और वैश्विक मंच पर देश की पर्यावरणीय भूमिका को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री की इस घोषणा के साथ ही एटा जिला अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण मानचित्र पर दर्ज हो गया है।
उत्तर प्रदेश के एटा जनपद की जलेसर तहसील में स्थित पटना पक्षी विहार अब भारत की उन चुनिंदा आर्द्रभूमियों में से एक है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है।

पटना पक्षी विहार में आते हैं हजारों प्रवासी पक्षी

Bird sanctuary

पटना पक्षी विहार में प्रवासी

लगभग 108.86 हेक्टेयर में फैला पटना पक्षी विहार उत्तर प्रदेश की सबसे समृद्ध छोटी वेटलैंड्स में से एक है। यह आर्द्रभूमि हर साल सर्दियों के मौसम में देश-विदेश से आने वाले हजारों प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करती है।

भारत के प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्रों में से एक है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीं शुभकामनाएं

विशेषज्ञों और सर्वेक्षणों के अनुसार, इस पक्षी विहार में अब तक 178 प्रजातियों के पक्षी दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें भारतीय उपमहाद्वीप की 42 प्रजातियों में से 18 प्रजातियां नियमित रूप से देखी जाती हैं। प्रत्येक वर्ष यह क्षेत्र 50 हजार से अधिक पक्षियों का मौसमी आवास बनता है, जिससे यह उत्तर भारत के प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्रों में गिना जाता है। पटना पक्षी विहार की जैव विविधता इसे और भी विशिष्ट बनाती है। यहां 44 से अधिक दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। सर्दियों में जब आसपास के खेत जलमग्न हो जाते हैं, तब यह झील ‘सारस केम’ के रूप में विकसित हो जाती है। इस दौरान यहां बड़ी संख्या में सारस पक्षियों का एकत्रीकरण देखने को मिलता है।

252 पौध प्रजातियां भी पाई जाती हैं

यह आर्द्रभूमि केवल पक्षियों तक सीमित नहीं है। किए गए सर्वेक्षणों में यहां 71 वनस्पति परिवारों की 252 पौध प्रजातियां, जिनमें 24 जलीय पौधें शामिल हैं, दर्ज की गई हैं। इसके अलावा नीलगाय, सियार, नेवला, मॉनिटर लिज़र्ड, जंगली बिल्ली और साही जैसे वन्य जीव इस क्षेत्र की पारिस्थितिक समृद्धि को और सुदृढ़ करते हैं। प्रकृति के साथ विकास विजन को करेगी साकार पटना पक्षी विहार परिसर में स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से क्षेत्र को विशेष महत्व देता है। रामसर स्थल का दर्जा मिलने के बाद यह क्षेत्र अब इको-टूरिज्म, पर्यावरण शिक्षा, शोध कार्य और स्थानीय रोजगार की व्यापक संभावनाओं के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पटना पक्षी विहार को मिली यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता भारत के “प्रकृति के साथ विकास” के विजन को साकार करती है। इसके साथ ही यह उपलब्धि एटा जनपद को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई है।

पटना गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हरेंद्र पाल है जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें बेहद खुशी हुई है कि देश के प्रधानमंत्री ने जलेसर के पटना पक्षी विहार को रामसर घोषित किया है अब जलेसर के पटना पक्षी विहार को वैश्विक पहचान मिल गई है यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा रोजगार के अवसर पैदा होंगे वन्य जीव जंतु पंछियों को संरक्षित किया जाएगा।

महाभारत कालीन मंदिर
महाभारत काल का प्राचीन शिव मंदिर भी इस पटना पक्षी बिहार में स्थापित है करीब 600 वर्ष पुराना यहां महादेव का मंदिर स्थापित है। मंदिर की देखरेख करने वाले किशन ने ये जानकारी दी है उन्होंने बताया पी एम मोदी की इस घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

रेलवे महिला कल्याण संगठन ने महिलाओं को बांटे मुफ्त सैनिटरी नैपकिन

Posted on 31.01.2026, Saturday Time:08.57 PM
मुरादाबाद, 31 जनवरी(उप्र समाचार सेवा)। उत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन की ओर से महिलाओं के स्वास्थ्य व स्वच्छता को देखते हुए सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित एवं आश्रम में महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करना था, साथ ही सेनेटरी नैपकिन बांटे गए।
इस दौरान महिला कल्याण संगठन की समस्त पदाधिकारी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन सुशीला गौतम ने किया। सचिव डॉ. भानुप्रिया वाधवान ने महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने एवं सेनेटरी नैपकिन के सही उपयोग तथा संक्रमण से बचाव के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान कुष्ठ आश्रम में निवासरत महिलाओं को निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए।

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