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देवरिया में नवागत डीएम मधुसूदन हुल्गी ने संभाला कार्यभार

May 7, 2026

देवरिया में नवागत डीएम मधुसूदन हुल्गी ने संभाला कार्यभार

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

देवरिया, दिनांक 06 मई ।जनपद देवरिया में आज नवागत जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी (आईएएस) ने शासन के निर्देशानुसार कोषागार पहुंचकर विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। वह वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं तथा मूल रूप से कर्नाटक राज्य के निवासी हैं। देवरिया में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वह मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत रहे हैं। जनपद में उन्होंने 69वें जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला।
पदभार ग्रहण करने के उपरांत

जिलाधिकारी श्री हुल्गी ने कहा कि जनपद में शासन की सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से जमीनी स्तर पर लागू करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन की पूरी टीम समन्वय के साथ कार्य करेगी तथा जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु प्रतिबद्ध रहेगी।

उन्होंने आगे कहा कि आमजन के साथ सतत संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे समस्याओं को समझकर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए टीम भावना के साथ कार्य करने पर उन्होंने विशेष बल दिया। साथ ही उन्होंने जनपदवासियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

पदभार ग्रहण करने के पश्चात जिलाधिकारी ने अपने कक्ष में अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया तथा कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यायालय कक्ष, एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, ई-डिस्ट्रिक्ट कार्यालय, नजारत, संयुक्त कार्यालय, भूलेख, अभिलेखागार एवं नवीन कलेक्ट्रेट सभागार सहित विभिन्न पटलों का जायजा लिया। अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभिलेखों के समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने अपने कार्यकक्ष में बैठकर आमजन से मुलाकात की तथा जनसुनवाई कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त) रामशंकर, उपजिलाधिकारी सदर सीमा पांडेय, उपजिलाधिकारी रुद्रपुर अवधेश कुमार निगम, वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल कुमार पाण्डेय, प्रशासनिक अधिकारी सुशील कुमार, डीआईओ एनआईसी कृष्णानंद यादव, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर राजीव कुमार मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

एटा आंगनवाड़ी भर्ती में पहले बांटे नियुक्ति पत्र, फिर इस्तीफा देने का बनाया दबाव

एटा 06 मई उप्रससे। जनपद में आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दो महिलाओं को पहले विधिवत नियुक्ति पत्र देकर जॉइन कराया गया, बैंक खाते खुलवाए गए और सभी औपचारिकताएं पूरी कराई गई। लेकिन कुछ ही दिनों बाद कथित रूप से दबाव बनाकर उनसे इस्तीफा लिखवा लिया गया।

जांच कमेटी पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे सक्षम न्यायालय की शरण लेंगी।

सकीट ब्लॉक के ग्राम छछैना केंद्र पर मंजू राठौर का चयन आंगनवाड़ी सहायिका पद पर हुआ था। उन्हें नियुक्ति पत्र जारी कर जॉइनिंग कराई गई और बैंक खाता तक खुलवाया गया। जॉइनिंग के बाद अधिकारियों ने यह कहते हुए नियुक्ति निरस्त कर दी कि उनका निवास दूसरी ग्राम पंचायत में है। इसके बाद उन पर दबाव बनाकर इस्तीफा लिखवा लिया गया।

मंजू के पति उमेश ने बताया कि वे कई दिनों से विकास भवन के चक्कर काट रहे हैं। उनका सवाल है कि यदि ग्राम पंचायत को लेकर आपत्ति थी तो नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले जांच क्यों नहीं की गई।
दूसरा मामला मारहरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरनऊ (नगला मानधाती) का है, जहां दामिनी पत्नी रवि कुमार को भी करीब 20 दिन पहले नियुक्ति पत्र दिया गया था। बाद में अधिकारियों ने यह कहते हुए चयन रद्द कर दिया कि उनके पास कक्षा 12 के शैक्षिक प्रमाण पत्र नहीं है। इस मामले में भी आरोप है कि उन पर दबाव बनाकर इस्तीफा लिखवाया गया।
दोनों मामलों में जांच कमेटी की कार्यप्रणाली कटघरे में है। नियमों के अनुसार आवेदन में किसी भी त्रुटि को प्रारंभिक जांच में ही पकड़ा जाना चाहिए था, लेकिन यहां पहले चयन और नियुक्ति के बाद खामियां निकाली गई। जांच में गंभीर लापरवाही हुई या फिर जानबूझकर अनियमितताओं को नजरअंदाज किया गया। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि जांच कमेटी के सदस्यों को निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। पहले भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जब एक अयोग्य अभ्यर्थी को जीआईसी में प्रधानाचार्य नियुक्त कर दिया गया था। बाद में नियुक्ति निरस्त होने पर मामला कोर्ट पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थी के पक्ष में फैसला देते हुए नियुक्ति बहाल करने के आदेश दिए थे। प्रशासनिक लापरवाही के ऐसे मामले न्यायालय तक पहुंचकर सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।

वर्जन
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि मंजू राठौर का चयन ग्राम पंचायत अलग होने के कारण निरस्त किया गया। दामिनी का चयन शैक्षिक योग्यता अधूरी होने के कारण रद्द किया गया।

एटा में कोतवाली के सामने हाईवे पर अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, बेटी की मौत पिता घायल

एटा 06 मई उप्रससे। जनपद में बुधवार को पिलुआ थाना के सामने हाईवे पर एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार 22 वर्षीय विवाहिता अमना बेगम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता सफा हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां चिकित्सकों ने अमना बेगम पत्नी अफसर हुसैन को मृत घोषित कर दिया। घायल पिता सफा हुसैन को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। सफा हुसैन हाथरस जिले के सासनी थाना क्षेत्र के रगनिया गांव के निवासी हैं। वह अपनी बेटी अमना को उसकी ससुराल जनपद मैनपुरी के गांव इंदरगढ़ छोड़ने जा रहे थे।

पिलुआ थाना प्रभारी संदीप सिंह राणा ने बताया कि पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात वाहन की तलाश में एक टीम को सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए लगाया गया है।

एटा में दो विवाहिता की संदिग्ध मौत, एक फांसी तो दूसरी ने खाया जहर

एटा 06 मई उप्रससे। जनपद में अलग-अलग मामलों में दो विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। एक ने फांसी लगाई और दूसरी ने जहर खाया। पुलिस जांच में जुटी।

जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो विवाहिता महिलाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पहली घटना थाना अवागढ़ क्षेत्र के यादव नगर की है, साधना की शादी यादव नगर निवासी अमित कुमार के साथ हुई थी। जहां 28 वर्षीय विवाहिता साधना का शव घर में फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।

प्रभारी निरीक्षक अखिलेश दीक्षित ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी घटना थाना रिजोर क्षेत्र के गांव नगला विके की है, जहां 26 वर्षीय विवाहिता रीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला ने विषाक्त पदार्थ का सेवन किया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रीता की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व यशपाल के साथ हुई थी।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि मामला घरेलू कलह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। दोनों मामलों में पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।

आईएएस अभिनव गोयल ने जीडीए उपाध्यक्ष का पदभार संभाला

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
06/05/2026

नया गोरखपुर’ योजना, मास्टर प्लान के क्रियान्वयन व अवैध निर्माण पर सख्ती होगी प्राथमिकता

गोरखपुर। 2020 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी अभिनव गोपाल ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष का पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने शहर के सुनियोजित विकास, ‘नया गोरखपुर’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया।
अभिनव गोपाल मूल रूप से प्रयागराज के निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल में हुई, जबकि स्नातक की पढ़ाई प्रयागराज से पूरी करने के बाद उन्होंने आईआईटी मद्रास से बी.टेक/एम.टेक की डिग्री प्राप्त की। वे एक ‘आयरन मैन’ ट्रायथलॉन चैंपियन भी हैं, जो उनके अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
गोरखपुर आने से पूर्व वह गाजियाबाद में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर तैनात थे, जहां उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि गोरखपुर के समग्र और योजनाबद्ध विकास के लिए मास्टर प्लान को सख्ती से लागू किया जाएगा। शहर में अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा और सभी विकास कार्य नियमानुसार सुनिश्चित किए जाएंगे।
उन्होंने ‘नया गोरखपुर’ योजना को तेजी से धरातल पर उतारने पर जोर देते हुए कहा कि इस योजना के तहत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
अभिनव गोपाल ने यह भी कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उनके पदभार ग्रहण करने से जीडीए की योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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