– अखिल भारतीय संस्कृत परिषद् के विकास के लिए रामभद्राचार्य ने दिए एक लाख रुपये
– सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति का सामंजस्य विषय पर विशिष्ट व्याख्यान
लखनऊ, 06 जून । पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति भारत की अक्षुण्ण धरोहर हैं, जिनमें मानव कल्याण, नैतिक मूल्यों और विश्वबंधुत्व की भावना निहित है। नई पीढ़ी को वैदिक परंपराओं और सनातन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। यही सांस्कृतिक सामंजस्य भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा। इस अवसर पर उन्हाेंने अखिल भारतीय संस्कृत परिषद के विकास के लिए एक लाख रुपये का योगदान देने की घोषणा की। वहीं लखनऊ उत्तर से विधायक नीरज बोरा ने पुस्तकालय एवं अन्य विकास कार्यों के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की।
अखिल भारतीय संस्कृत परिषद लखनऊ के तत्वावधान में शनिवार को परिषद सभागार में सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति का सामंजस्य विषय पर आयोजित विशिष्ट व्याख्यान एवं जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के अभिनंदन समारोह में देशभर के विद्वानों, शिक्षाविदों, संस्कृत प्रेमियों और शोधार्थियों ने सहभागिता की। ज्ञानपीठ, पद्मविभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत जगद्गुरु ने कहा कि प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और वैश्विक शांति का संदेश भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव सभ्यता का अस्तित्व भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने भारतवर्ष और भक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि भारत के प्रति समर्पण ही सच्ची भक्ति और भारतीयता का आधार है। जगद्गुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास ने भी अपने विचार रखे। राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के पूर्व कुलपति प्रो. रामसेवक दुबे ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा रचित भाष्यों की विशिष्टताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
परिषद के मंत्री प्रो. प्रयाग नारायण मिश्र ने संस्था का परिचय प्रस्तुत किया, जबकि अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभूषण त्रिपाठी ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अशोक कुमार शतपथी ने किया। वैदिक मंगलाचरण एवं शांति पाठ कुलवंत और उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
समारोह में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय, डॉ. रविकिशोर त्रिवेदी, डॉ. युग्गीलाल दीक्षित, डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, आईएएस डॉ. नीरज शुक्ल, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, प्रो. हरिशंकर मिश्र, प्रो. रामसुमेर यादव, प्रो. अनिल प्रताप गिरि सहित अनेक विद्वान, शोधार्थी और संस्कृत प्रेमी उपस्थित थे।
हरिद्वार, 6 जून। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि स्मार्ट मीटर जनता पर थोपा नहीं जाना चाहिए। ऊर्जा निगम पुलिस की सहायता लेकर स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर रहा है। जिन उपभोक्ताओं के मीटर ठीक काम कर रहे हैं। उन्हें बदलने का कोई औचित्य नहीं है। विद्युत विभाग को उपभोक्ताओं की सहमति से ही स्मार्ट मीटर लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाया गया तो कांग्रेस विरोध करेगी। स्मार्ट मीटर के बिलों को लेकर लेकर भी मतभेद बने हुए हैं। बालेश्वर सिंह ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का रोजगार प्रभावित नहीं होना चाहिए व्यापारियों की मांग को भी सुनना चाहिए। व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी एवं सोम त्यागी ने कहा कि शहर भर में पुराने मीटर लगे हुए हैं और सही चल रहे हैं। इसके बावजूद स्मार्ट मीटर लगाने की जोर जबरदस्ती क्यों की जा रही है। जबकि लोग लगातार स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के हितों में फैसले लेने चाहिए। मनोज सैनी ने अवैध अतिक्रमण ही हटाना चाहिए। रसूखदार लोगों के अतिक्रमण पर भी प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों का रोजगार उजाड़ने से पहले बसाने की बात होनी चाहिए। अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न ना किया जाए। वरना कांग्रेस जनता के संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय सैनी ने कहा कि वर्तमान मास्टर प्लान जनता के हितों को देखते हुए नहीं बनाया गया है। लोगों के रोजगार को देखकर योजनाएं लागू होनी चाहिए। मास्टर प्लान में बड़े निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है जो कि विकास में प्रमुख बाधा है। आवास निर्माण, होटल, गेस्ट हाउस, बड़ी गतिविधियां मास्टर प्लान से प्रभावित होंगी। संजय सैनी ने कहा कि भू उपयोग परिवर्तन नियमों के चलते व्यापार निर्माण श्रमिक कार्य प्रभावित होंगे। आवास विभाग द्वारा भू उपयोग शुल्क में 567 प्रतिशत की बढ़ोतरी का शासनादेश तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए। जनता के हितों में फैसला नहीं लिए जा रहे हैं। कैलाश प्रधान एवं सतीश दुबे ने कहा कि महंगाई से जनता परेशान है। सरकार महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि वीआईपी मूवमेंट से लोगों के कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। जनता के काम ना रुके इसको लेकर अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। प्रेस वार्ता के दौरान डा.मेहरबान, सुनील चौहान, अशोक धींगान, राजेंद्र, सुनील चौहान आदि मौजूद रहे।
Posted on 06/06/2026
Time 18:00 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh
गोरखपुर : 6 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) पीपीगंज थाना क्षेत्र के करतहरी घाट पर शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। राप्ती नदी में रील (Reel) बनाने के चक्कर में नहाने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
मिली जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर गाही गांव के सात युवक शनिवार को राप्ती नदी के करतहरी घाट पर नहाने और वीडियो बनाने गए थे। सभी युवक नदी में मस्ती करते हुए मोबाइल से रील बना रहे थे। इसी दौरान, दो युवक नदी के उस हिस्से में चले गए जहाँ पानी गहरा था और बहाव भी काफी तेज था। अचानक संतुलन बिगड़ने से वे नदी में डूबने लगे। उनके साथियों ने बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन नदी की प्रबल धाराओं के आगे वे बेबस नजर आए।
घटना की सूचना पाकर पीपीगंज पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की गई, जिसके बाद पहले युवक शिवम कुमार का शव बरामद हुआ। दूसरे युवक, 19 वर्षीय गोलू कुमार की तलाश के लिए पीएसी की 26वीं वाहिनी के प्रशिक्षित गोताखोरों को बुलाया गया। कई घंटों के गहन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दूसरे युवक का शव भी बरामद कर लिया गया।
दोनों युवकों के शव मिलने की खबर सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और हर किसी की आंखें नम थीं। सदर तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। प्रारंभिक जांच में नदी की गहराई और तेज बहाव को हादसे का मुख्य कारण माना गया है। प्रशासन ने लोगों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लिए कभी भी नदी या जलाशय के पास जोखिम न उठाएं। सुरक्षित रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।