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Tripura News सीमा क्षेत्र के भूमि विक्रय अभिलेख जांचें: अमित शाह

June 7, 2026

Tripura News सीमा क्षेत्र के भूमि विक्रय अभिलेख जांचें: अमित शाह

अगरतला ( त्रिपुरा) 07 जून 2026, गृह मंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर वित्तीय लेनदेन, भवन निर्माण और संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने का आह्वान किया है। यह निर्देश श्री शाह की अध्यक्षता में बीएसएफ के त्रिपुरा सीमा मुख्यालय में पूर्वोत्तर राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के संबंध में हुई बैठक के दौरान दिया गया। गृह मंत्री ने पिछले पांच वर्षों के भूमि अभिलेखों की जांच कराने का भी निर्देश दिया।
श्री शाह ने कहा कि मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जाने चाहिए और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना राज्यों की जिम्मेदारी है। श्री शाह ने कलेक्टरों और जीएसटी अधिकारियों को प्रशिक्षित करने और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को नकली मुद्रा का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया। गृह मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मादक पदार्थों और हथियारों के खतरे से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने हेतु शिविर आयोजित किए जाने चाहिए और इन शिविरों में पटवारियों (पहरेदारों), स्थानीय पुलिस और बीएसएफ कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है, साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और सुरक्षा के लिए केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय को बढ़ावा दे रही है। बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा, डीजीपी अनुराग धनखड़ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सभी आठ सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित थे।

June 6, 2026

सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति के समन्वय से ही विश्वगुरु बनेगा भारत : जगद्गुरु रामभद्राचार्य

– अखिल भारतीय संस्कृत परिषद् के विकास के लिए रामभद्राचार्य ने दिए एक लाख रुपये
– सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति का सामंजस्य विषय पर विशिष्ट व्याख्यान
लखनऊ, 06 जून । पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति भारत की अक्षुण्ण धरोहर हैं, जिनमें मानव कल्याण, नैतिक मूल्यों और विश्वबंधुत्व की भावना निहित है। नई पीढ़ी को वैदिक परंपराओं और सनातन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। यही सांस्कृतिक सामंजस्य भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा। इस अवसर पर उन्हाेंने अखिल भारतीय संस्कृत परिषद के विकास के लिए एक लाख रुपये का योगदान देने की घोषणा की। वहीं लखनऊ उत्तर से विधायक नीरज बोरा ने पुस्तकालय एवं अन्य विकास कार्यों के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की।
अखिल भारतीय संस्कृत परिषद लखनऊ के तत्वावधान में शनिवार को परिषद सभागार में सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति का सामंजस्य विषय पर आयोजित विशिष्ट व्याख्यान एवं जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के अभिनंदन समारोह में देशभर के विद्वानों, शिक्षाविदों, संस्कृत प्रेमियों और शोधार्थियों ने सहभागिता की। ज्ञानपीठ, पद्मविभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत जगद्गुरु ने कहा कि प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और वैश्विक शांति का संदेश भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव सभ्यता का अस्तित्व भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने भारतवर्ष और भक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि भारत के प्रति समर्पण ही सच्ची भक्ति और भारतीयता का आधार है। जगद्गुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास ने भी अपने विचार रखे। राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के पूर्व कुलपति प्रो. रामसेवक दुबे ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा रचित भाष्यों की विशिष्टताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
परिषद के मंत्री प्रो. प्रयाग नारायण मिश्र ने संस्था का परिचय प्रस्तुत किया, जबकि अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभूषण त्रिपाठी ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अशोक कुमार शतपथी ने किया। वैदिक मंगलाचरण एवं शांति पाठ कुलवंत और उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
समारोह में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय, डॉ. रविकिशोर त्रिवेदी, डॉ. युग्गीलाल दीक्षित, डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, आईएएस डॉ. नीरज शुक्ल, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, प्रो. हरिशंकर मिश्र, प्रो. रामसुमेर यादव, प्रो. अनिल प्रताप गिरि सहित अनेक विद्वान, शोधार्थी और संस्कृत प्रेमी उपस्थित थे।

उपभोक्ताओं की सहमति के बिना ना लगाए जांए स्मार्ट मीटर-बालेश्वर सिंह

हरिद्वार, 6 जून। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि स्मार्ट मीटर जनता पर थोपा नहीं जाना चाहिए। ऊर्जा निगम पुलिस की सहायता लेकर स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर रहा है। जिन उपभोक्ताओं के मीटर ठीक काम कर रहे हैं। उन्हें बदलने का कोई औचित्य नहीं है। विद्युत विभाग को उपभोक्ताओं की सहमति से ही स्मार्ट मीटर लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाया गया तो कांग्रेस विरोध करेगी। स्मार्ट मीटर के बिलों को लेकर लेकर भी मतभेद बने हुए हैं। बालेश्वर सिंह ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का रोजगार प्रभावित नहीं होना चाहिए व्यापारियों की मांग को भी सुनना चाहिए। व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी एवं सोम त्यागी ने कहा कि शहर भर में पुराने मीटर लगे हुए हैं और सही चल रहे हैं। इसके बावजूद स्मार्ट मीटर लगाने की जोर जबरदस्ती क्यों की जा रही है। जबकि लोग लगातार स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के हितों में फैसले लेने चाहिए। मनोज सैनी ने अवैध अतिक्रमण ही हटाना चाहिए। रसूखदार लोगों के अतिक्रमण पर भी प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों का रोजगार उजाड़ने से पहले बसाने की बात होनी चाहिए। अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न ना किया जाए। वरना कांग्रेस जनता के संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय सैनी ने कहा कि वर्तमान मास्टर प्लान जनता के हितों को देखते हुए नहीं बनाया गया है। लोगों के रोजगार को देखकर योजनाएं लागू होनी चाहिए। मास्टर प्लान में बड़े निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है जो कि विकास में प्रमुख बाधा है। आवास निर्माण, होटल, गेस्ट हाउस, बड़ी गतिविधियां मास्टर प्लान से प्रभावित होंगी। संजय सैनी ने कहा कि भू उपयोग परिवर्तन नियमों के चलते व्यापार निर्माण श्रमिक कार्य प्रभावित होंगे। आवास विभाग द्वारा भू उपयोग शुल्क में 567 प्रतिशत की बढ़ोतरी का शासनादेश तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए। जनता के हितों में फैसला नहीं लिए जा रहे हैं। कैलाश प्रधान एवं सतीश दुबे ने कहा कि महंगाई से जनता परेशान है। सरकार महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि वीआईपी मूवमेंट से लोगों के कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। जनता के काम ना रुके इसको लेकर अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। प्रेस वार्ता के दौरान डा.मेहरबान, सुनील चौहान, अशोक धींगान, राजेंद्र, सुनील चौहान आदि मौजूद रहे।

रील बनाने का जुनून बना जानलेवा, राप्ती नदी में डूबे दो युवक; घंटों चले रेस्क्यू के बाद मिले शव

Posted on 06/06/2026
Time 18:00 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर : 6 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) पीपीगंज थाना क्षेत्र के करतहरी घाट पर शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। राप्ती नदी में रील (Reel) बनाने के चक्कर में नहाने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है।

मिली जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर गाही गांव के सात युवक शनिवार को राप्ती नदी के करतहरी घाट पर नहाने और वीडियो बनाने गए थे। सभी युवक नदी में मस्ती करते हुए मोबाइल से रील बना रहे थे। इसी दौरान, दो युवक नदी के उस हिस्से में चले गए जहाँ पानी गहरा था और बहाव भी काफी तेज था। अचानक संतुलन बिगड़ने से वे नदी में डूबने लगे। उनके साथियों ने बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन नदी की प्रबल धाराओं के आगे वे बेबस नजर आए।

घटना की सूचना पाकर पीपीगंज पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की गई, जिसके बाद पहले युवक शिवम कुमार का शव बरामद हुआ। दूसरे युवक, 19 वर्षीय गोलू कुमार की तलाश के लिए पीएसी की 26वीं वाहिनी के प्रशिक्षित गोताखोरों को बुलाया गया। कई घंटों के गहन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दूसरे युवक का शव भी बरामद कर लिया गया।

दोनों युवकों के शव मिलने की खबर सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और हर किसी की आंखें नम थीं। सदर तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। प्रारंभिक जांच में नदी की गहराई और तेज बहाव को हादसे का मुख्य कारण माना गया है। प्रशासन ने लोगों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लिए कभी भी नदी या जलाशय के पास जोखिम न उठाएं। सुरक्षित रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

June 5, 2026

India’s real GDP growth 7.7 % in FY 2025-26

Posted on 05.06.2026, Time 07.33 PM
New Delhi 05 June 2026, India’s economy has maintained strong momentum in 2025-26 with real Gross Domestic Product (GDP) estimated to grow by 7.7 per cent as compared to 7.1 per cent in 2024-25.  The Ministry of Statistics and Programme Implementation today released the Provisional Estimates of Annual GDP for the Financial Year 2025-26 and quarterly estimates of January to March this year. The real GDP is estimated to attain a level of over 323 lakh crore rupees in 2025-26, against the first revised estimate of GDP for 2024-25 of over 299 lakh crore rupees. The Primary sector has observed 3.2 per cent growth rate mainly driven by the performance of Agriculture and Fishery sectors. The data shows that manufacturing, trade, Hotels, Transport, Communication and Services related to Broadcasting and Real Estate sectors have attained double-digit growth in the last financial year.
In the fourth quarter of 2025-26, the real GDP has been estimated to grow by 7.8 per cent. The Real GDP  in fourth quarter of last fiscal is estimated at 87.77 lakh crore rupees, against 81.40 lakh crore rupess in fourth quarter 2024-25. Secondary and Tertiary sector have been the major driver for the Real and Nominal Gross Value Added growths.
Prime Minister Narendra Modi has said that GDP growth rate of 7.7 per cent in Financial Year 2025-26 and 7.8 per cent in 4th Quarter of Financial Year 2025-26 reflect the inherent strength of Indian economy, the success of reforms and the hard work of 140 crore Indians. In a social media post, Mr Modi said, India’s growth momentum remains strong. He said, Government will leave no stone unturned to further Ease of Living, Ease of Doing Business and increase opportunities for the youth.
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